JEE MAINS Maths Archive

Linear Differential Equation
August 26, 2020
No Comments
1.रैखिक अवकल समीकरण का परिचय (Introduction to Linear Differential Equation)- रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equation) उसे कहते हैं जिस अवकल समीकरण में आश्रित चर (Dependent Variable) y तथा उसके अवकल गुणांक केवल प्रथम घात में ही आते हों।ऐसे समीकरण में y तथा उसके अवकलनों (derivatives) के गुणांक स्वतन्त्र चर x के कोई भी फलन

Differential equation in which variables can separate
August 21, 2020
No Comments
1.अवकल समीकरण जिनमें चर पृथक हो सकते हैं का परिचय (Introduction to Differential equation in which variables can separate)- अवकल समीकरण जिनमें चर पृथक हो सकते हैं (Differential equation in which variables can separate) का अध्ययन इस आर्टिकल में थ्योरी को उदाहरणों के द्वारा समझाया गया है। अवकल समीकरण जिनमें चर पृथक हो सकते हैं

Solution of differential equation
August 14, 2020
No Comments
1.अवकल समीकरण का हल का परिचय (Introduction to Solution of differential equation)- अवकल समीकरण का हल (Solution of differential equation) को ज्ञात करने के लिए अवकल समीकरण को समझना आवश्यक है। (1.)अवकल समीकरण (Differential equation)- एक ऐसी समीकरण जिसमें स्वतन्त्र चर,आश्रित चर एवं आश्रित चर में स्वतन्त्र चर के सापेक्ष अवकलन विद्यमान हो अवकल समीकरण

find square root of complex number
August 6, 2020
No Comments
1.सम्मिश्र संख्या का वर्गमूल ज्ञात करना का परिचय (Introduction to find square root of complex number)- सम्मिश्र संख्या का वर्गमूल ज्ञात करने के लिए (To find square root of complex number) सम्मिश्र संख्या को जानना आवश्यक है।a+ib के रूप की कोई भी संख्या अथवा व्यंजक जहां a और b वास्तविक संख्याएं है और होता है।इस

To find value of definite integrals
August 1, 2020
No Comments
1.निश्चित समाकलनों का मान ज्ञात करना (To find value of definite integrals)- निश्चित समाकलनों का मान ज्ञात करने (To find value of definite integrals) के लिए अनिश्चित समाकलन में प्रयुक्त विधियों का प्रयोग करते हुए हम निश्चित समाकल का मान ज्ञात कर (To find value of definite integrals) सकते हैं।अनिश्चित समाकलन में सामान्यतः निम्न विधियों

Definite Integral as limit of sum
July 24, 2020
No Comments
1.योगफल की सीमा के रूप में निश्चित समाकल (Definite Integral as limit of sum)- योगफल की सीमा के रूप में निश्चित समाकल (Definite Integral as limit of sum) को समझने के लिए हमे निश्चिंत समाकल को समझना आवश्यक है।समाकल में निश्चित और अनिश्चित समाकल के पदों का प्रयोग किया जाता है। अंग्रेजी में निश्चित समाकल

Differential Co-efficient of function
July 13, 2020
No Comments
1.फलन का अवकल गुणांक (Differential Co-efficient of function)- फलन का अवकल गुणांक (Differential Co-efficient of function) ज्ञात करने का तात्पर्य है कि फलन का प्रथम कोटि अर्थात् प्रथम क्रम का अवकल गुणांक ज्ञात करना। यहां हम विभिन्न प्रकार के फलन अर्थात् अस्पष्ट फलन,लघुगुणकीय फलन,त्रिकोणमितीय फलन तथा प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के फलन का अवकल गुणांक (Differential

Integration by Parts in Mathematics
July 4, 2020
1 Comment
1.गणित में खण्डश: समाकलन (Integration by Parts in Mathematics)- गणित में खण्डश: समाकलन (Integration by Parts in Mathematics) की थ्योरी का वर्णन पूर्व में खण्डश: समाकलन वाले आर्टिकल में किया जा चुका है। इसलिए इस आर्टिकल को पढ़ने से पूर्व उस आर्टिकल को पढ़ना चाहिए।इस आर्टिकल में गणित में खण्डश: समाकलन (Integration by Parts in

Integration by substitution
June 26, 2020
No Comments
1.प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन का परिचय (Introduction to Integration by substitution)- (1.)प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन (Integration by substitution) में चरों के प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन का अध्ययन करेंगे।दिए हुए चर के प्रतिस्थापन द्वारा स्वतन्त्र चर में परिवर्तन करके समाकल्य को मानक रूप में बदलकर समाकलन करना,प्रतिस्थापन द्वारा समाकलन (Integration by substitution) कहलाता है। सामान्यतः प्रतिस्थापन करने का कोई

Derivative of parametric functions
June 8, 2020
No Comments
1.फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज का परिचय (Introduction to Derivative of parametric functions)- फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज (Derivative of parametric functions) को जानने के लिए यह जानना आवश्यक है कि प्राचल तथा प्राचलिक समीकरण किसे कहते हैं?यदि चरों x तथा y दोनों चर एक-दूसरे से सम्बन्धित न होकर एक तीसरे चर t









