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12th Mathematics Archive

Integration of Product of Functions

1.फलनों के गुणनफल का समाकलन (Integration of Product of Functions),खण्डश: समाकलन (Integration by Parts): फलनों के गुणनफल का समाकलन (Integration of Product of Functions):कुछ फलनों का समाकल त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं,प्रतिस्थापन विधियों तथा बीजीय फलनों के समाकल ज्ञात करने की विधियों से ज्ञात करना या तो कठिन होता है या फिर संभव नहीं होता।ऐसे में हम दिए

Integration of Rational Functions

1.परिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Rational Functions): परिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Rational Functions) ज्ञात करने के लिए परिमेय फलन को पूर्ण वर्ग विधि से मानक सूत्र और प्रतिस्थापन विधि से समाकलन करने वालों फलनों में परिवर्तित कर लिया जाता है।फिर मानक सूत्र तथा प्रतिस्थापन विधि से समाकलन कर लिया जाता है।जब  

Integration with Trig Identities

1.त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं के साथ समाकलन (Integration with Trig Identities),त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं द्वारा समाकलन (Integration by Trigonometric Identities): त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं के साथ समाकलन (Integration with Trig Identities ):कई बार समाकलन में ऐसे त्रिकोणमितीय फलन विद्यमान होते हैं जिन्हें त्रिकोणमिति सर्वसमिकाओं का उपयोग कर समाकलन योग्य बना लिया जाता है,फिर आवश्यकता अनुसार प्रतिस्थापन कर समाकलन किया जाता है।त्रिकोणमितीय

Integration of Irrational Functions

1.अपरिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Functions),अपरिमेय बीजीय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Algebraic Functions): अपरिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Functions):यदि किसी फलन में चर की घात भिन्नात्मक हो तो उसे अपरिमेय फलन कहते हैं।अपरिमेय बीजीय फलन का समाकलन करने के लिए जिसमें केवल एक अपरिमेय व्यंजक होता हो तो हम

Derivative of Parametric Function

1.फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज (Derivative of Parametric Function),प्राचलिक अवकलन कक्षा 12 (Parametric Differentiation Class 12): फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज (Derivative of Parametric Function) तब ज्ञात किए जाते हैं जब दी गई प्राचलिक समीकरण से प्राचल का विलोपन कठिन हो।यदि चरों x तथा y दोनों किसी अन्य चरों (जैसे t के पदों

Inverse Trigonometric Functions

1.प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions),प्रतिलोम वृत्तीय फलन (Inverse Circular Functions)- प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions):हम जानते हैं कि किसी फलन f का प्रतिलोम फलन ज्ञात करने के लिए फलन f ज्ञात होना आवश्यक है।अतः फलन f ज्ञात करने के लिए f का एकैकी-आच्छादक होना आवश्यक है।त्रिकोणमितीय फलनों के अध्ययन से स्पष्ट है कि

Derivative of Logarithmic Functions

1.लघुगुणकीय फलनों के अवकलज (Derivative of Logarithmic Functions),लघुगुणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation)- प्रारम्भिक फलन y=f(x) के लघुगुणकीय अवकलन को लघुगुणकीय फलनों के अवकलज (Derivative of Logarithmic Functions) कहा जाता है।यह अवकलन विधि चर-घातांकीय फलनों को प्रभावी ढ़ंग से ज्ञात करने में सहायक है।जब फलन चर-घातांकीय रूप में हो तब ऐसे फलन का अवकलन ज्ञात करने के

Tangents and Normals

1.स्पर्श रेखाएं और अभिलम्ब (Tangents and Normals)- स्पर्श रेखाएं और अभिलम्ब में स्पर्शरेखा(Tangents and Normals) वह सरल रेखा है जो किसी दिए गए बिंदु पर वक्र को स्पर्श करती है। अभिलम्ब ऐसी सरल रेखा है जो स्पर्शरेखा के लंबवत है।यहां हम अवकलन के प्रयोग से किसु दिए गए वक्र के किसी बिन्दु पर स्पर्शरेखा तथा

Differentiation

1.अवकलन (Differentiation),कक्षा 12 में अवकलन (Differentiation class 12)- अवकलन (Differentiation) की कई विधियों के द्वारा हम समझ चुके हैं।इस आर्टिकल में कुछ उदाहरणों के अवकलन को ओर समझेंगे। इसमें अवकलज का श्रृंखला नियम,दो फलनों के गुणनफल का अवकलज तथा दो फलनों के भागफल का अवकलज के द्वारा अवकलन ज्ञात करना सीखेंगे।आपको यह जानकारी रोचक व

Differentiability

1.अवकलनीयता (Differentiability),अवकलनीयता तथा सांतत्यता (Differentiability and Continuity)- अवकलनीयता (Differentiability) को हम एक विशेष सीमा प्रक्रिया के प्रयोग से ज्ञात करने की विधि का अध्ययन करेंगे।यदि वक्र का समीकरण y=f(x) है तब फलन f(x) इस वक्र के किसी बिन्दु x=a पर अवकलनीय कहलाता है यदि वक्र के इस बिन्दु पर स्पर्श रेखा खींची जा सके।यदि बिन्दु