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12th Mathematics Archive

Theorem of Total Probability

1.सम्पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability),बेज प्रमेय (Baye’s Theorem): सम्पूर्ण प्रायिकता का प्रमेय (Theorem of Total Probability):(1.)एक प्रतिदर्श समष्टि का विभाजन (Partition of a Sample Space):घटनाओं का समुच्चय प्रतिदर्श समष्टि S के विभाजन को निरूपित करता है यदि: (i)(ii) तथा(iii) प्रत्येक i=1,2,3,……,nके लिए दूसरे शब्दों में घटनाएं प्रतिदर्श समष्टि S के विभाजन को

Multiplication Theorem on Probability

1.प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem on Probability): प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem on Probability):माना एक प्रतिदर्श समष्टि S की दो घटनाएँ A तथा B हैं।तब समुच्चय घटनाओं A तथा B के युगपत घटित होने को प्रदर्शित करता है।घटना को AB से निरूपित किया जाता है।हम जानते हैं कि घटना A की सप्रतिबन्ध प्रायिकता

Conditional Probability

1.सप्रतिबन्ध प्रायिकता (Conditional Probability),सप्रतिबन्ध प्रायिकता सूत्र (Conditional Probability Formula): सप्रतिबन्ध प्रायिकता (Conditional Probability) का अध्ययन करने से पूर्व समसंभाव्य परिणामों की अवस्था में प्रायिकता के अभिगृहीत दृष्टिकोण तथा चिरसम्मत सिद्धान्त का अध्ययन करना आवश्यक है।इस आर्टिकल में किसी घटना की सप्रतिबन्ध प्रायिकता (जब एक घटना घटित हो चुकी हो तथा दूसरी घटित हो रही हो)

Basic Properties of Definite Integrals

1.निश्चित समाकलों के मूल गुणधर्म का परिचय (Introduction to Basic Properties of Definite Integrals),निश्चित समाकलों के गुणधर्म (Properties of Definite Integrals): निश्चित समाकलों के मूल गुणधर्म (Basic Properties of Definite Integrals):समाकलन की प्रक्रिया को अवकलन की प्रतिलोम प्रक्रिया के रूप में समझा जाता है।वास्तव में समाकलन गणित की खोज तल क्षेत्रों के क्षेत्रफल ज्ञात करने

Definite Integral

1.निश्चित समाकल (Definite Integral): निश्चित समाकल (Definite Integral):यदि f(x) अन्तराल [a,b] में परिभाषित एक वास्तविक मानों का संतत फलन हो तथा f(x) का प्रतिअवकलज (Antiderivative) F(x) हो तो F(b)-F(a) निश्चित समाकल (Definite Integral) कहलाता है।।जहाँ a व b निश्चित समाकल (Definite Integral) की क्रमशः निम्न व उच्च सीमाएं हैं तथा अन्तराल [a,b] को समाकल्य का

Integration of Product of Functions

1.फलनों के गुणनफल का समाकलन (Integration of Product of Functions),खण्डश: समाकलन (Integration by Parts): फलनों के गुणनफल का समाकलन (Integration of Product of Functions):कुछ फलनों का समाकल त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं,प्रतिस्थापन विधियों तथा बीजीय फलनों के समाकल ज्ञात करने की विधियों से ज्ञात करना या तो कठिन होता है या फिर संभव नहीं होता।ऐसे में हम दिए

Integration of Rational Functions

1.परिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Rational Functions): परिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Rational Functions) ज्ञात करने के लिए परिमेय फलन को पूर्ण वर्ग विधि से मानक सूत्र और प्रतिस्थापन विधि से समाकलन करने वालों फलनों में परिवर्तित कर लिया जाता है।फिर मानक सूत्र तथा प्रतिस्थापन विधि से समाकलन कर लिया जाता है।जब  

Integration with Trig Identities

1.त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं के साथ समाकलन (Integration with Trig Identities),त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं द्वारा समाकलन (Integration by Trigonometric Identities): त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं के साथ समाकलन (Integration with Trig Identities ):कई बार समाकलन में ऐसे त्रिकोणमितीय फलन विद्यमान होते हैं जिन्हें त्रिकोणमिति सर्वसमिकाओं का उपयोग कर समाकलन योग्य बना लिया जाता है,फिर आवश्यकता अनुसार प्रतिस्थापन कर समाकलन किया जाता है।त्रिकोणमितीय

Integration of Irrational Functions

1.अपरिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Functions),अपरिमेय बीजीय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Algebraic Functions): अपरिमेय फलनों का समाकलन (Integration of Irrational Functions):यदि किसी फलन में चर की घात भिन्नात्मक हो तो उसे अपरिमेय फलन कहते हैं।अपरिमेय बीजीय फलन का समाकलन करने के लिए जिसमें केवल एक अपरिमेय व्यंजक होता हो तो हम

Derivative of Parametric Function

1.फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज (Derivative of Parametric Function),प्राचलिक अवकलन कक्षा 12 (Parametric Differentiation Class 12): फलनों के प्राचलिक रूपों के अवकलज (Derivative of Parametric Function) तब ज्ञात किए जाते हैं जब दी गई प्राचलिक समीकरण से प्राचल का विलोपन कठिन हो।यदि चरों x तथा y दोनों किसी अन्य चरों (जैसे t के पदों