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Dynamics Archive

Simple Harmonic Motion Formula

1.सरल आवर्त गति सूत्र (Simple Harmonic Motion Formula),सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion)- सरल आवर्त गति सूत्र (Simple Harmonic Motion Formula),सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion)-जब कोई कण एक सरल रेखा में एक ऐसे बल के अधीन गमन करे जो सरल रेखा पर स्थित किसी स्थिर बिन्दु से कण की दूरी के समानुपाती हो तथा

Tangential and normal components of acceleration

1.त्वरण के स्पर्शरेखीय तथा अभिलाम्बिक घटक (Tangential and normal components of acceleration,Tangential and normal components of velocity and acceleration)- त्वरण के स्पर्शरेखीय तथा अभिलाम्बिक घटक (Tangential and normal components of acceleration),स्पर्शरेखीय तथा अभिलाम्बिक वेग पर निर्भर करता है।स्पर्शरेखीय त्वरण वेग वेक्टर के परिमाण में परिवर्तन की दर का माप है, अर्थात गति और अभिलाम्बिक त्वरण

Motion in vertical elastic string

1.उर्ध्वाधर प्रत्यास्थ डोरी में गति (Motion in vertical elastic string,Rectillinear motion in vertical elastic string)- उर्ध्वाधर प्रत्यास्थ डोरी में गति  (Motion in vertical elastic string,Rectillinear motion in vertical elastic string)के बारे में इस आर्टिकल में अध्ययन करेंगे। इससे पूर्व आर्टिकल में हम सरल आवर्त गति,प्रत्यास्थ डोरियों के लिए हुक्स नियम,क्षैतिज प्रत्यास्थ डोरी में गति के

Vertical motion of particle under resistance

1.प्रतिरोध के अधीन ऊर्ध्वाधर गति (Vertical motion of particle under resistance)- प्रतिरोध के अधीन ऊर्ध्वाधर गति  (Vertical motion of particle under resistance) का अध्ययन हम पूर्व में कर चुके हैं।इसके पूर्व आर्टिकल में प्रतिरोधी माध्यम में सरल रेखीय गति को थ्योरी और उदाहरणों के द्वारा समझाया गया है। इसलिए इस आर्टिकल को पढ़ने से पूर्व

Vertical motion under resistance

1.प्रतिरोध के अधीन उर्ध्वाधर गति का परिचय (Introduction to Vertical motion under resistance)- प्रतिरोध के अधीन उर्ध्वाधर गति  (Vertical motion under resistance) का अध्ययन करेंगे।यदि कोई कण निर्वात में गति करता है तो उसकी गति का प्रतिरोध नहीं होता है। परन्तु कण किसी माध्यम जैसे जल,वायु इत्यादि में गति करता है तो उसकी गति का

Rectilinear Motion in Resisting Medium

1.प्रतिरोधी माध्यम में सरल रेखीय गति का परिचय (Introduction to Rectilinear Motion in Resisting Medium)- प्रतिरोधी माध्यम में सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion in Resisting Medium) का अध्ययन इस आर्टिकल में करेंगे।यदि कोई पिण्ड निर्वात में गति करता है तो उस पर कोई प्रतिरोधी बल कार्य नहीं करता है अर्थात् निर्वात में गति का विरोध

Radial and Transverse velocities and Accelerations

1.अरीय एवं अनुप्रस्थ वेग व त्वरण का परिचय (Introduction to Radial and Transverse velocities and Accelerations)- अरीय एवं अनुप्रस्थ वेग व त्वरण (Radial and Transverse velocities and Accelerations) ज्ञात करने से पूर्व अरीय एवं अनुप्रस्थ वेग व त्वरण (Radial and Transverse velocities and Accelerations) को समझना आवश्यक है। (1.)अरीय वेग (Radial Velocity)- किसी वक्र के

Hooke’s law for elastic string

1.प्रत्यास्थ डोरियों के लिए हुक्स का नियम का परिचय (Introduction to Hooke’s law for elastic string)- प्रत्यास्थ डोरियों के लिए हुक्स नियम (Hooke’s law for elastic string) को जानने व समझने के लिए प्रत्यास्था व हुक्स के बारे में जानना आवश्यक है। साधारण भाषा में किसी वस्तु पर बाह्य बल लगाने पर कोई वस्तु फैलती

Radial and transverse velocities and accelerations

Radial and transverse velocities and  accelerations  अरीय और अनुप्रस्थ वेग व त्वरण (Radial and transverse velocities and accelerations) – अरीय और अनुप्रस्थ वेग व त्वरण (Radial and transverse velocities and accelerations) का अध्ययन शुध्द गतिकी और गतिकी (kinematics and kinetics )के अंतर्गत किया जाता है । किसी गतिशील कण के समतल में स्थिर बिंदु से वक्र

Tangential and normal velocity (Intrinsic form)

Tangential and normal velocity (Intrinsic form) स्पर्शरेखीय और अभिलाम्बिक वेग (Tangential and normal velocity)- इस आर्टिकल में स्पर्शरेखीय और अभिलाम्बिक वेग (Tangential and normal Velocity) को उदाहरण के द्वारा समझाया गया है।एक कण जो समतल में किसी वक्र के अनुदिश गमन करता है तो स्पर्शरेखा के अनुदिश वेग को स्पर्शरेखीय वेग तथा  स्पर्शरेखा के लम्बवत