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9th Mathematics Archive

Law of Exponents for Real Numbers

1.वास्तविक संख्याओं के लिए घातांक नियम (Law of Exponents for Real Numbers),रीयल नम्बर्स के लिए घातांक नियम (Law of Indices for Real Numbers): वास्तविक संख्याओं के लिए घातांक नियम (Law of Exponents for Real Numbers) सर्वप्रथम फ्रांसीसी गणितज्ञ रेने देकार्त ने ज्ञात किया था।सत्रहवीं शताब्दी में रेने देकार्त ने एक ही संख्या का कई बार

Rationalisation of Denominator

1.हर का परिमेयकरण (Rationalisation of Denominator),वर्गमूलों से सम्बन्धित सर्वसमिकाएँ (Identities Related to Square Roots): हर का परिमेयकरण (Rationalisation of Denominator) तथा वर्गमूलों से सम्बन्धित सर्वसमिकाओं (Identities Related to Square Roots) का उपयोग अपरिमेय संख्याओं के सरलीकरण में किया जाता है।वर्गमूलों से सम्बन्धित कुछ सर्वसमिकाएँ (Identities) हैं विभिन्न विधियों से उपयोगी हैं।(1.)वर्गमूलों से सम्बन्धित सर्वसमिकाएँ (Identities

Irrational Numbers

1.अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers),अपरिमेय संख्याएँ परिभाषा (Irrational Numbers Definition): एक अपरिमेय संख्या (Irrational Numbers) का दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती होता है।विलोमत: वह संख्या जिसका दशमलव प्रसार अनवसानी अनावर्ती (Non-terminating non-recuring) होता है,अपरिमेय होती है।अतः अपरिमेय संख्याएँ (Irrational Numbers) वे होती है जिन्हें के रूप में न लिखा जा सकता हो जहां p और q पूर्णांक

Rational Numbers

1.परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers),परिमेय संख्याएँ परिभाषा (Rational Numbers Definition): ऐसी संख्या परिमेय संख्या (Rational Numbers) कहलाती है जिसे के रूप में लिखा जा सकता हो जहां p और q पूर्णांक हैं तथा है। उदाहरणार्थ परिमेय संख्याएं हैं।0,2,-3 भी परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers) हैं क्योंकि इनको के रूप में अर्थात् के रूप में लिखा जा सकता

Formula of Heron

1.हीरोन का सूत्र (Formula of Heron),हीरो का सूत्र (Formula of Hero): हीरोन का सूत्र (Formula of Heron) त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने में प्रयोग किया जाता है।यह सूत्र उस स्थिति में सहायक होता है जब त्रिभुज की ऊँचाई सरलता से ज्ञात न हो सकती हो।हीरोन का जन्म संभवतः मिस्र में अलेक्जेंड्रिया नामक स्थान पर हुआ।उन्होंने

Factors of Polynomials

1.बहुपदों के गुणनखण्ड (Factors of Polynomials): बहुपदों के गुणनखण्ड (Factors of Polynomials) ज्ञात करने की कई विधियाँ हैं।इस आर्टिकल में गुणनखण्ड प्रमेय का उपयोग करके बहुपद के गुणनखण्ड ज्ञात करना सीखेंगे।गुणनखण्ड प्रमेय:यदि p(x) एक या उससे अधिक घातवाला बहुपद हो और a इस प्रकार की वास्तविक संख्या हो कि p(a)=0 तो x-a,p(x) का एक गुणनखण्ड

Angle and Measurement

1.कोण एवं माप (Angle and Measurement): कोण एवं माप (Angle and Measurement):कोण (Angle):कोई किरण OA अपनी प्रारंभिक स्थिति OX से OA तक जाने में जितना घुमाव उत्पन्न करती है उसे कोण कहते हैं।इस प्रकार चित्र में XOA एक कोण है।कोण के लिए हम संकेत   का प्रयोग करते हैं।साधारणतया कोणों के शीर्षों को अंग्रेजी वर्णमाला

How to Find Mean Mode and Median?

1.माध्य, बहुलक और मध्यका कैसे ज्ञात करें? (How to Find Mean Mode and Median?),समान्तर माध्य, बहुलक और मध्यका (Arithmetic Mean Mode and Median): माध्य, बहुलक और मध्यका कैसे ज्ञात करें? (How to Find Mean Mode and Median?):-समान्तर माध्य, बहुलक और मध्यका (Arithmetic Mean Mode and Median) सभी प्रकार के माध्यों में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।समान्तर

Zeroes of polynomial

1.बहुपद के शून्यक (Zeroes of polynomial),कक्षा 9 में बहुपद के शून्यक (Zeros of a Polynomial Class 9): बहुपद के शून्यक (Zeroes of polynomial):सर्वप्रथम हमें ज्ञात होना चाहिए कि चर राशि को एक संकेत यथा x,y,z,……के रूप में व्यक्त किया जाता है।इसी प्रकार जब किसी अचर और चर को चारों मूलभूत संक्रियाओं के साथ व्यक्त किया

Remainder Theorem

1.शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem),शेषफल प्रमेय क्या है? (What is remainder theorem?): शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem) बहुपदों के विभाजन से संबद्ध प्रमेय है जिसमें स्वतन्त्र चर x के किसी बहुपद f(x) को x-h से भाग देने पर प्राप्त शेषफल f(h) होता है।अर्थात् f(x)=(x-h) q(x)+f(h) यहाँ q(x) भागफल है।शेषफल (Remainder):भाजन में विभाजन के पश्चात् जो बचे उसे