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Unique solution of mumbai math teacher

1.मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान का परिचय (Introduction to Unique solution of mumbai math teacher)-

मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher) कोरोनावायरस के कारण फैली महामारी में लाॅकडाउन के कारण सम्भव हुआ है।यह गणित शिक्षिका है जयेश्वरी आर नादर (Jeyaishwari R Nadar)।
जयेश्वरी ने बच्चों को आनलाईन पढ़ाने के लिए पहले व्हाइट बोर्ड से प्रयास किया लेकिन उसके पश्चात् रेफ्रिजरेटर ट्रे का इस्तेमाल किया।
उनके इस अनोखे और रचनात्मक तरीके को इतना पसन्द किया गया कि सोशल मीडिया पर जयेश्वरी का पढ़ाने का यह तरीका वायरल हो गया।
जयेश्वरी आर नादर ने ज्योंही सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी तो वह आश्चर्यचकित रह गई। उसे इस बात का आश्चर्य हुआ कि रेफ्रिजरेटर ट्रे पर पढ़ाने के इस छोटे से प्रयास को इतनी प्रसिद्धि मिलेगी।
जयेश्वरी आर नादर का गणित पढ़ाने के इस तरीके से यह सिद्ध होता है कि उनका गणित से कितना प्रेम है।
वह बच्चों को लाॅकडाउन की स्थिति में भी किसी न किसी प्रकार पढ़ाने का प्रयास करती है।
हालांकि जयेश्वरी आर नादर ने कहा है कि क्लास में बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पढ़ाने का आनन्द ओर ही है। अर्थात् उनके कहने का तात्पर्य है कि क्लास में बच्चों से प्रत्यक्ष संवाद होता है।
बच्चों की तात्कालिक समस्याओं का समाधान उसी समय हो जाता है।साथ ही क्लास में बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पढ़ाने के कारण कई गुणों का विकास होता है।
जैसे क्लास में बच्चे एक दूसरे का सहयोग करते हैं,आपस में अपनी समस्याएं साझा करते हैं।इस प्रकार उनमें सहयोग,समन्वय, भाईचारा,सद्भाव,मित्रता,तार्किक शक्ति और अन्य कई गुणों का विकास होता है।
स्पष्ट है कि क्लासरूम में बच्चों को पढ़ाने का विकल्प आनलाईन शिक्षा नहीं हो सकती है। परन्तु क्लासरूम शिक्षा के पूरक के रूप में आनलाईन शिक्षा को लागू किया जा सकता है।
मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher) से एक बात ओर स्पष्ट होती है कि गणित शिक्षा में नवाचार का प्रयोग करने से गणित के प्रति रुचि, जिज्ञासा तो बढ़ती ही है।साथ ही गणित का सौन्दर्य भी बढ़ता है।
परम्परागत तरीके जो आउटडेटेड हो चुके हैं अर्थात् आधुनिक युग के अनुसार प्रासंगिक नहीं है उनको छोड़ने में ही फायदा है।तथा जिन आधुनिक तथा नवीन तरीकों से बालकों को गणित ठीक से समझ में आती है उनको अपनाना चाहिए।
गणित में जो शिक्षक नवाचार प्रस्तुत करते हैं,उन शिक्षकों को प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे गणित के प्रति बच्चों का भय समाप्त हो सके।
आधुनिक युग तकनीकी का युग है फिर भी तकनीकी में भी गणित के ज्ञान की आवश्यकता है।
पुरातन काल से लेकर आधुनिक युग का अवलोकन करें तो गणित का महत्त्व बढ़ता ही जा रहा है।आगे भी तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ गणित के ज्ञान की आवश्यकता महसूस की जाती रहेगी।
इसलिए गणित का क्षेत्र भविष्य में भी बढ़नेवाला है।मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher)से गणित शिक्षकों को सीख लेनी चाहिए।आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें ।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके ।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए ।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं। इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

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2.मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher)-

मुंबई शिक्षक के अद्वितीय समाधान से ऑनलाइन प्रशंसा प्राप्त होती है,जल्द ही कक्षा में लौटने की उम्मीद है।
तस्वीर में, गणित की शिक्षक जेयाश्वरी आर नादर को अपने फोन को रखने के लिए एक पारदर्शी रेफ्रिजरेटर ट्रे का उपयोग करते हुए फोटो खींचा गया था ताकि वह अपने छात्रों से समस्या का समाधान करते हुए बात कर सके।
नई दिल्ली ।15 अगस्त, 2020
जेयेश्वरी आर नादर को एक रेफ्रिजरेटर ट्रे पर मोबाइल फोन के साथ एक कक्षा का संचालन करते हुए फोटो खींचा गया, जो बदले में दो कंटेनरों पर संतुलित था।
वर्चुअल क्लास संचालित करने के लिए एक रेफ्रिजरेटर ट्रे का उपयोग करने वाले मुंबई के एक शिक्षक की तस्वीर सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई थी कि कैसे महामारी के कारण शिक्षकों को नवाचारों के साथ आने के लिए मजबूर किया गया है।गणित की शिक्षिका जेयाश्वरी आर नादर ने कहा कि वह सिर्फ अपने छात्रों को चीजें समझाने में सक्षम होना चाहती थीं क्योंकि वे उनकी समस्याओं को हल करती थीं।
माटुंगा के गांधी मेमोरियल इंग्लिश हाई स्कूल में पढ़ाने वाली नादर ने एक रेफ्रिजरेटर ट्रे पर मोबाइल फोन के साथ एक कक्षा का संचालन करते हुए फोटो खिंचवाई, जो बदले में दो कंटेनरों पर संतुलित थी।
पांचवीं और छठी कक्षा में छात्रों को पढ़ाने वाली नादर ने कहा, “मैंने सोचा था कि एक पारदर्शी सामग्री काम करेगी, ताकि मैं उस पर अपना फोन रख सकूं ताकि मैं समस्याओं को हल कर सकूं और समझा सकूं।”
नादर ने बताया कि उसने अपरंपरागत व्यवस्था पर समझौता करने से पहले व्हाइटबोर्ड और पूर्व रिकॉर्ड किए गए वीडियो का उपयोग करने की कोशिश की थी।
“मैंने पारदर्शी ट्रे में बसने से पहले कई अन्य विकल्पों की कोशिश की थी”, उसने कहा।
34 वर्षीय ने कहा कि सभी शिक्षक इस स्थिति को देखते हुए अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे और वे जिस छोटी-सी तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, उसका सबसे अधिक उपयोग कर रहे हैं।
नादर की तस्वीर सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई थी और उनकी रचनात्मकता और समर्पण के लिए उन्हें बहुत प्रशंसा मिली थी।
गणित की शिक्षिका ने कहा कि वह अचानक हुई प्रसिद्धि से हैरान थीं।
“यह मेरे लिए एक आश्चर्य था। मुझे नहीं पता था कि इतनी छोटी सी चीज इतनी प्रशंसा और प्रसिद्धि लाएगी, ”उसने कहा।

नादर का कहना है कि वह जानती है कि यह एक अस्थायी सेट अप है और वह केवल खुश है कि उसके छात्र अपने पाठों को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम हैं।उसने कहा कि वह वास्तविक कक्षाओं में लौटने की उम्मीद करती है क्योंकि उसे अपने छात्रों के साथ आमने-सामने बातचीत करने में मज़ा आता है।
मुबंई गणित शिक्षिका का अद्वितीय समाधान (Unique solution of mumbai math teacher) के बारे में बताया गया है।आपको यह आर्टिकल कैसा लगा?

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