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Discrete Mathematics Archive

Solve by Method of Generating Function

1.जनक फलन की विधि से हल कीजिए (Solve by Method of Generating Function),रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्धों का जनक फलनों की विधि से हल (Solution of Linear Recurrence Relation by Method of Generating Functions)- जनक फलन की विधि से हल कीजिए (Solve by Method of Generating Function),इस विधि के अन्तर्गत दिए हुए रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (अन्तर समीकरण)

Solution of Linear Recurrence Relation

1.रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल (Solution of Linear Recurrence Relation),रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का विशेष हल ज्ञात करना (Finding Particular Solution of Linear Recurrence Relation)- रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल (Solution of Linear Recurrence Relation),रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का विशेष हल ज्ञात करने (Finding Particular Solution of Linear Recurrence Relation) के लिए समीकरण में उपस्थित फलन f(r)

Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation

1.रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation)- रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करने (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation) से पूर्व पुनरावृत्ति सम्बन्ध,अचर गुणांकों वाले रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध,रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध को समझना आवश्यक है।(1.)पुनरावृत्ति सम्बन्ध (Recurrence Relation)-संख्यांक फलन (Numeric Function) के लिए एक समीकरण

Inclusion-Exclusion Principle

1.आविष्टि-अपवर्जन सिद्धान्त (Inclusion-Exclusion Principle )- आविष्टि-अपवर्जन सिद्धान्त (Inclusion-Exclusion Principle ) का उपयोग संयुक्त समुच्चयों की समस्याओं को हल करने में किया जाता है।यदि समुच्चय असंयुक्त है तब इन असंयुक्त समुच्चयों के संघ में उपस्थित अवयवों की गणना,योग नियम (Sum rule) द्वारा आसानी से की जा सकती है। परन्तु यदि समुच्चय असंयुक्त नहीं है तो योग

Mathematical Induction

1.गणितीय आगमन (Mathematical Induction), गणितीय आगमन सिद्धान्त (Principle of Mathematical Induction)- गणितीय आगमन (Mathematical Induction) को समझने के लिए हमें आगमन और निगमन को समझना होगा। (1.)आगमन (Induction)- आगणन सामान्यतः अनुमान की वह विधि है जिसके द्वारा विज्ञानों में पाए जाने वाले सामान्य वाक्यों (Universal or General prepositions) की स्थापना होती है। ऐसे वाक्यों की

Generating Functions

1.जनक फलन (Generating Functions)- (1.)जनक फलन (Generating Functions)- जनक फलन (Generating Functions) -वह फलन F है जिसे किसी प्रकार की अनन्त श्रेणी के रूप में निरूपित करने पर प्राप्त गुणांकों का अनुक्रम किसी विशेष अचर या फलन का अनुक्रम होता है।उदाहरणार्थ: को के रूप में प्रसार करने पर लेजांद्रे बहुपद के क्रमागत पदों का अनुक्रम

Discrete Numeric Function

1.विविक्त संख्यांक फलन (Discrete Numeric Function)- विविक्त संख्यांक फलन  (Discrete Numeric Function) का अध्ययन विविक्त गणित में किया जाता है।विविक्त संख्यांक फलन (Discrete Numeric Function) उसे कहते हैं जिनका प्रान्त पूर्ण संख्याओं का समुच्चय तथा परिसर वास्तविक संख्याओं का कोई समुच्चय है।इसे संख्यांक फलन भी कहते हैं।आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने

Modal Paper Discrete Mathematics

माॅडल पेपर विविक्त गणित (Modal Paper Discrete Mathematics): माॅडल पेपर विविक्त गणित (Modal Paper of Discrete Mathematics) परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया क्योंकि (1.)इन दिनों विद्यालय और महाविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएँ प्रारम्भ हो चुकी है ऐसी स्थिति में हमें हमारे अध्यापकों ,माता-पिता तथा विद्यार्थियों हमारे वर्षभर की मेहनत की चिन्ता होने

Numeric Function

संख्यांक फलन का परिचय (Introduction to Numeric Function): संख्यांक फलन (Numeric Function):फलन (Function) जिसका प्रान्त (domain) पूर्ण संख्याओं का समुच्चय (Set of Whole Numbers) तथा परिसर (Range) वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है विविक्त संख्यांक फलन (Discrete numeric Function) अथवा संख्यांक फलन कहलाता है। आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ

Generating function

जनक फलन का परिचय (Introduction to Generating Function): जनक फलन (Generating Function):जनक फलन और संख्यांक फलन आपस में परस्पर सम्बन्धित होते हैं।यदि संख्यांक फलन दिया हुआ हो तो उससे जनक फलन ज्ञात किया जा सकता है तथा यदि जनक फलन दिया हुआ हो तो उससे संख्यांक फलन ज्ञात किया जा सकता है। आपको यह जानकारी