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Differential Calculus Archive

How to Find Envelope of a Curve?

1.एक वक्र का अन्वालोप कैसे ज्ञात करें? (How to Find Envelope of a Curve?): एक वक्र का अन्वालोप कैसे ज्ञात करें? (How to Find Envelope of a Curve?),इसके लिए अनवलोप की परिभाषा और इसको ज्ञात करने की विधि जानना आवश्यक है।अन्वालोप की परिभाषा (Definition of Envelope):वह वक्र जो किसी वक्र कुल (Family of Curves) के

Derivative of Length of an Arc

1.चाप की लम्बाई का अवकलज (Derivative of Length of an Arc): चाप की लम्बाई का अवकलज (Derivative of Length of an Arc):यदि वक्र के किसी स्थिर बिन्दु से मापी गई चाप की लम्बाई s को x का फलन मान लें अर्थात् s=f(x) तो s का x के सापेक्ष अवकलज ज्ञात किया जा सकता है।समीकरण x=g(y)

Formula of Radius of Curvature

1.वक्रता त्रिज्या का सूत्र (Formula of Radius of Curvature),वक्रता त्रिज्या के लिए सूत्र (Formula for Radius of Curvature): त्रिज्या का सूत्र (Formula of Radius of Curvature):माना LM एक दिया हुआ वक्र है तथा इस पर एक बिन्दु P है,साथ ही वक्र पर Q एक अन्य बिन्दु है।अब P तथा Q पर अभिलम्ब खींचे।माना यह दोनों

Angle Between Radius Vector and Tangent

1.ध्रुवान्तर रेखा तथा स्पर्श रेखा के मध्य कोण (Angle Between Radius Vector and Tangent): ध्रुवान्तर रेखा तथा स्पर्श रेखा के मध्य कोण (Angle Between Radius Vector and Tangent):किसी वक्र के किसी बिन्दु P को ध्रुव O से मिलाने वाली रेखा ध्रुवान्तर रेखा कहलाती है।इस बिन्दु P पर स्पर्शरेखा खींची जाती है।इस प्रकार ध्रुवान्तर रेखा तथा

Total Differential Formula

1.सम्पूर्ण अवकल सूत्र‌ (Total Differential Formula),अवकल गुणांक क्या है? (What is Differential Coefficient?)- सम्पूर्ण अवकल सूत्र‌ (Total Differential Formula) को सम्पूर्ण अवकल गुणांक (Total Differential Coefficient) भी कहते हैं।यदि u=f(x,y) तथा x,y का मान t के पदों में हो तो x,y के मान u=f(x,y) में रखने पर u का मान t के पदों में आ

Euler Theorem on Homogeneous Functions

1.समघात फलनों पर ऑयलर प्रमेय (Euler Theorem on Homogeneous Functions)- समघात फलनों पर ऑयलर प्रमेय (Euler Theorem on Homogeneous Functions) का श्रेय ऑयलर‌ को दिया जाता है जिसे समघात फलनों पर हम उपयोग कर सकते हैं।चर x, y, z की डिग्री n का एक समघात फलन एक ऐसा फलन है जिसमें सभी पद डिग्री n

Partial Differentiation

1.आंशिक अवकलन (Partial Differentiation)- आंशिक अवकलन (Partial Differentiation) की आवश्यकता तब होती है जब कोई फलन दो चर अथवा अधिक चर वाला हो।अभी तक हमने पूर्व कक्षाओं में एक ही स्वतन्त्र चर (Independent Variable) वाले फलनों पर विचार किया था और उन्हीं के अवकलन ज्ञात किए थे।परन्तु व्यवहार में बहुधा हमको ऐसे फलनों का सामना

Equation of Circle of Curvature

1.वक्रता-वृत्त का समीकरण (Equation of Circle of Curvature)- वक्रता-वृत्त का समीकरण (Equation of Circle of Curvature) ज्ञात करने से पूर्व वक्रता वृत्त को जानना आवश्यक है।वक्रता वृत्त (Circle of Curvature):किसी वक्र के किसी बिन्दु P पर वक्रता वृत्त वह वृत्त कहलाता है जिसका केन्द्र वक्रता केन्द्र तथा जिसकी त्रिज्या वक्रता-त्रिज्या होती है।आपको यह जानकारी रोचक

Radius of Curvature

1.वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature)- वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature),वक्रता वृत्त की त्रिज्या को कहते हैं। वक्रता त्रिज्या की परिभाषा (Radius of Curvature Definition)-माना LM एक दिया हुआ वक्र है तथा इस पर एक बिन्दु P है,साथ ही वक्र पर Q एक अन्य बिन्दु है।अब P तथा Q पर अभिलम्ब खींचे।माना यह दोनों अभिलम्ब N

Pedal Equation of Curve

1.वक्र का पदिक समीकरण (Pedal Equation of Curve)- वक्र का पदिक समीकरण (Pedal Equation of Curve)-किसी दिए हुए वक्र के लिए p तथा r के सम्बन्ध को उस वक्र का पदिक समीकरण कहते हैं, जहां p ध्रुव से वक्र के किसी बिन्दु p पर खींची गई स्पर्श रेखा पर लम्बवत दूरी है। (1.)पदिक समीकरण ज्ञात