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Numerical Analysis Archive

Difference of factorial function

1.क्रमगुणित फलन के अन्तर (Difference of factorial function)- क्रमगुणित फलन के अन्तर (Difference of factorial function) का संख्यात्मक विश्लेषण में प्रयोग किया जाता है।यहां हम एक x के फलन को परिभाषित करेंगे जो परिमित अन्तर कलन में काफी लाभदायक सिद्ध होगा।इस प्रकार का फलन क्रमगुणित फलन (या क्रमगुणित बहुपद) कहलाता है। (1.)क्रमगुणित फलन (Factorial Function)-

Properties of Difference Operators

1.अन्तर संकारकों के गुणधर्म (Properties of Difference Operators),संख्यात्मक विश्लेषण में अन्तर संकारकों के गुणधर्म तथा सम्बन्ध (Properties and Relations of Difference Operators in Numerical Analysis)- अन्तर संकारकों के गुणधर्म (Properties of Difference Operators),संख्यात्मक विश्लेषण में अन्तर संकारकों के गुणधर्म तथा सम्बन्ध (Properties and Relations of Difference Operators in Numerical Analysis) के द्वारा विभिन्न प्रकार के

Central Differerence Operators

1.केन्द्रीय अन्तर संकारक (Central Differerence Operators)- Central Differerence Operators केन्द्रीय अन्तर संकारक (Central Differerence Operators) तथा सम्बन्ध के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।डाॅ.शेपर्ड ने दो संकारकों तथा का प्रयोग किया,इनको क्रमशः केन्द्रीय अन्तर संकारक (Central Differerence Operators) तथा औसत संकारक कहते हैं।इन संकारकों का प्रयोग केन्द्रीय अन्तर अन्तर्वेशन सूत्रों में किया जा

Lagrange interpolation formula

1.लग्रांज अन्तर्वेशन सूत्र का परिचय (Introduction to Lagrange interpolation formula)- लग्रांज अन्तर्वेशन सूत्र (Lagrange interpolation formula) का प्रयोग तब किया जाता है जबकि स्वतन्त्र चर के मान समदूरस्थ नहीं हो,तो विभिन्न अन्तर स्वतन्त्र चर के मानों से प्रभावित होंगे। अतः स्वतन्त्र चर के मानों में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए परिभाषित अन्तर (Divided differerence)

Use method of separation of symbols

1.संकेतों को पृथक करने की विधि का प्रयोग करें (Use method of separation of symbols)- संकेतों को पृथक करने की विधि का प्रयोग कर (Use method of separation of symbols) ,हम कुछ सर्वसमिकाओं को सिद्ध कर सकते हैं।इस विधि का प्रयोग संख्यात्मक विश्लेषण में किया जाता है।ऐसी विधियां जिनमें दो संकारकों के मध्य सम्बन्ध अर्थात्

Newton-Gregory formula for backward interpolation

1.पश्च अन्तर्वेशन के लिए न्यूटन-ग्रैगोरी सूत्र का परिचय (Introduction to Newton-Gregory formula for backward interpolation )- पश्च अन्तर्वेशन के लिए न्यूटन-ग्रैगोरी सूत्र (Newton-Gregory formula for backward interpolation ) के आधार पर स्वतन्त्र चर के परिसर ( range) के बाहर x के किसी मान के संगत f(x) का मान ज्ञात किया जाता है।यहां परिसर के बाहर

Newton-Gregory forward difference interpolation formula

1.न्यूटन-ग्रैगोरी अग्रान्तर अंतर्वेशन सूत्र का परिचय (Introduction to Newton-Gregory forward difference interpolation formula)- न्यूटन– ग्रैगोरी अग्रान्तर अंतर्वेशन सूत्र(Newton-Gregory forward difference interpolation formula) ऐसी विधि है जिसमें स्वतंत्र चर x के किसी मध्यवर्ती (intermediate) मान के संगत f(x) का मान ज्ञात करना होता है।जबकि स्वतंत्र चर x के विभिन्न मानों के संगत f(x) के मान (