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11th Mathematics Archive

Equation of Straight Lines

1.सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines)- सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines) में (1.) सरल रेखा (Straight Line)-सरल रेखा एक चर बिंदु का बिंदुपथ है जिस पर किन्हीं दो बिंदुओं को सीधे मिलाने पर बिंदुपथ के अन्य सभी बिंदु भी इस पर स्थित हो।(2.)सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines)-एक

Sum of First n Natural Numbers

1.प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योगफल (Sum of First n Natural Numbers)- प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योगफल (Sum of First n Natural Numbers),प्रथम n प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योगफल,प्रथम n प्राकृत संख्याओं के घनों का योगफल के सूत्रों की स्थापना तथा कुछ उदाहरणों के द्वारा योगफल ज्ञात करेंगे।(1.)प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योगफल

Sum of Series by Difference Method

1.अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method)- अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method) गुणोत्तर श्रेढ़ी के पद युग्मों के अंतर वाली श्रेणी में प्रयोग किया जाता है अर्थात् यदि किसी श्रेणी में क्रमागत युग्मों का अंतर गुणोत्तर श्रेढ़ी में हो ऐसी श्रेणी का योगफल

Sum of Terms of Geometric Progression

1.गुणोत्तर श्रेढ़ी के पदों का योगफल (Sum of Terms of Geometric Progression),अनन्त गुणोत्तर श्रेढ़ी का योगफल के लिए सूत्र (Formula for Sum of Infinite Geometric Series)- गुणोत्तर श्रेढ़ी के पदों का योगफल (Sum of Terms of Geometric Progression) से तात्पर्य है कि गुणोत्तर श्रेढ़ी के प्रथम n पदों का योगफल ज्ञात करना।माना कि किसी गुणोत्तर

Limit of a Function

1.फलन की सीमा (Limit of a Function),फंक्शन की सीमा की परिभाषा (Limit of a Function Definition)- फलन की सीमा (Limit of a Function) ज्ञात करने की कई विधियां हैं। इनमें मुख्य रूप से प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method),व्यंजक सरलीकरण विधि (Expressions Simplification Method),परिमेयकरण या द्विपरिमेयकरण विधि (Rationalization or Birationalization Method),प्रसार विधि (Expressions Method), सरलीकरण विधि (Simplification

Existence of Limit

1.सीमा का अस्तित्व (Existence of Limit)- सीमा का अस्तित्व (Existence of Limit)-एक नियमित बहुभुज जो एक वृत्त के अन्तर्गत है,के क्षेत्रफल पर विचार करने पर हम देखते हैं कि(i) बहुभुज की भुजाओं की संख्या कितनी भी हो उसका क्षेत्रफल वृत्त के क्षेत्रफल से अधिक नहीं होता है।(ii) जैसे-जैसे बहुभुज की भुजाओं की संख्या बढ़ाते जाते

Sum of Series by Binomial Theorem

1.द्विपद प्रमेय से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Binomial Theorem)- द्विपद प्रमेय से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Binomial Theorem) ज्ञात करने के लिए उसके पदों की तुलना मानक द्विपद श्रेणी के संगत पदों से करते हैं। सर्वप्रथम दी गई श्रेणी को मानक द्विपद प्रसार में व्यवस्थित करने के लिए द्विपद

Application of Binomial Theorem

1.द्विपद प्रमेय के अनुप्रयोग (Application of Binomial Theorem)- द्विपद प्रमेय के अनुप्रयोग (Application of Binomial Theorem)-प्रमेय और इसके सामान्यीकरण का उपयोग परिणाम को साबित करने और काम्बीनेट्रिक्स विज्ञान, बीजगणित, कलन और गणित के कई अन्य क्षेत्रों में समस्याओं को हल करने के लिए किया जा सकता है।द्विपद प्रमेय भी संगठित तरीके से संभावना का पता

Binomial Theorem for Any Index

1.किसी भी घातांक के लिए द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem for Any Index)- किसी भी घातांक के लिए द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem for Any Index) में घातांक धनात्मक, ऋणात्मक,परिमेय हो सकती है। (1.)आप भिन्नों के साथ द्विपद विस्तार कैसे करते हैं? (How do you do binomial expansion with fractions?)- किसी द्विपद में जब घात भिन्नात्मक अथवा

Mathematical Induction

1.गणितीय आगमन (Mathematical Induction), गणितीय आगमन सिद्धान्त (Principle of Mathematical Induction)- गणितीय आगमन (Mathematical Induction) को समझने के लिए हमें आगमन और निगमन को समझना होगा। (1.)आगमन (Induction)- आगणन सामान्यतः अनुमान की वह विधि है जिसके द्वारा विज्ञानों में पाए जाने वाले सामान्य वाक्यों (Universal or General prepositions) की स्थापना होती है। ऐसे वाक्यों की