JEE MAINS Maths Archive

Differentiation
April 3, 2021
No Comments
1.अवकलन (Differentiation),कक्षा 12 में अवकलन (Differentiation class 12)- अवकलन (Differentiation) की कई विधियों के द्वारा हम समझ चुके हैं।इस आर्टिकल में कुछ उदाहरणों के अवकलन को ओर समझेंगे। इसमें अवकलज का श्रृंखला नियम,दो फलनों के गुणनफल का अवकलज तथा दो फलनों के भागफल का अवकलज के द्वारा अवकलन ज्ञात करना सीखेंगे।आपको यह जानकारी रोचक व

Differentiability
March 20, 2021
No Comments
1.अवकलनीयता (Differentiability),अवकलनीयता तथा सांतत्यता (Differentiability and Continuity)- अवकलनीयता (Differentiability) को हम एक विशेष सीमा प्रक्रिया के प्रयोग से ज्ञात करने की विधि का अध्ययन करेंगे।यदि वक्र का समीकरण y=f(x) है तब फलन f(x) इस वक्र के किसी बिन्दु x=a पर अवकलनीय कहलाता है यदि वक्र के इस बिन्दु पर स्पर्श रेखा खींची जा सके।यदि बिन्दु

Sum of Series by Difference Method
March 18, 2021
No Comments
1.अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method)- अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method) गुणोत्तर श्रेढ़ी के पद युग्मों के अंतर वाली श्रेणी में प्रयोग किया जाता है अर्थात् यदि किसी श्रेणी में क्रमागत युग्मों का अंतर गुणोत्तर श्रेढ़ी में हो ऐसी श्रेणी का योगफल

Height and Distance in Trigonometry
March 16, 2021
No Comments
1.त्रिकोणमिति में ऊँचाई और दूरी (Height and Distance in Trigonometry)- त्रिकोणमिति में ऊँचाई और दूरी (Height and Distance in Trigonometry) का अध्ययन करने के लिए त्रिकोणमिति सर्वसमिकाओं और कुछ विशेष कोणों के लिए त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन आवश्यक है।इस आर्टिकल में त्रिकोणमितीय परिणामों का प्रयोग कर ऊंचाई एवं दूरी पर आधारित सरल समस्याओं के बारे

Differentiability and Continuity
March 6, 2021
No Comments
1.अवकलनीयता और सांतत्य (Differentiability and Continuity)- अवकलनीयता और सांतत्य (Differentiability and Continuity) से पूर्व सीमा का अध्ययन करना आवश्यक है।पूर्व आर्टिकल में हम सीमा का अध्ययन कर चुके हैं।यहां हम सीमा की सहायता से संतत फलनों का अध्ययन करेंगे।(1.)सांतत्य की कोशी परिभाषा (Cauchy’s Definition of Continuity)-कोई फलन f(x) इसके प्रान्त D के किसी बिन्दु a

Integration
February 20, 2021
No Comments
1.समाकलन (Integration),समाकलन का अर्थ (Integration Meaning)- समाकलन (Integration),समाकलन का अर्थ (Integration Meaning)-समाकलन (Integration) एक समाकल की गणना है।गणित में इंटीग्रल का उपयोग कई उपयोगी मात्राओं जैसे क्षेत्रों, वॉल्यूम, विस्थापन, आदि को खोजने के लिए किया जाता है।जब हम इंटीग्रल्स के बारे में बात करते हैं, तो यह आमतौर पर निश्चित इंटीग्रल्स से संबंधित होता है।अनिश्चितकालीन

Limit of a Function
February 18, 2021
No Comments
1.फलन की सीमा (Limit of a Function),फंक्शन की सीमा की परिभाषा (Limit of a Function Definition)- फलन की सीमा (Limit of a Function) ज्ञात करने की कई विधियां हैं। इनमें मुख्य रूप से प्रतिस्थापन विधि (Substitution Method),व्यंजक सरलीकरण विधि (Expressions Simplification Method),परिमेयकरण या द्विपरिमेयकरण विधि (Rationalization or Birationalization Method),प्रसार विधि (Expressions Method), सरलीकरण विधि (Simplification

Some Special Integration by Parts
December 6, 2020
No Comments
1.कुछ विशिष्ट खण्डश: समाकलन (Some Special Integration by Parts)- कुछ विशिष्ट खण्डश: समाकलन (Some Special Integration by Parts) में उन फलनों के समाकल का अध्ययन करेंगे जिनमें कई बार दो फलनों के गुणनफल का खण्डश: समाकलन विधि से समाकलन करते समय समाकल का अन्त नहीं होता,चाहे किसी भी फलन को प्रथम या द्वितीय चुनें। ऐसा

Binomial Theorem
November 30, 2020
No Comments
1.द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem,Binomial Theorem of Class 11th)- (1.)द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem)-किसी द्विपद के प्रसार करने की विधि को बताने वाले प्रमेय को कहते हैं।(2.)द्विपद (Binomial)-दो पद वाला कोई भी बीजीय व्यंजक,द्विपद व्यंजक अथवा केवल द्विपद कहलाता है। दोनों परस्पर धन अथवा ऋण चिन्ह द्वारा जुड़े रहते हैं।(3.)द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem),द्विपद प्रमेय परिभाषा (Binomial Theorem

Coefficient in binomial expansion
November 12, 2020
No Comments
1.द्विपद विस्तार में गुणांक (Coefficient in binomial expansion)- द्विपद विस्तार में गुणांक (Coefficient in binomial expansion) से तात्पर्य है किसी विशिष्ट घात का गुणांक ज्ञात करना।द्विपद प्रसार में विशिष्ट घात का गुणांक ज्ञात करने के लिए व्यापक पद के सूत्र का प्रयोग किया जाता है।व्यापक पद के सूत्र द्वारा विशिष्ट घात के पद को ज्ञात









