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JEE MAINS Maths Archive

Differential Equation Reducible to LDE

1.रैखिक अवकल समीकरण में समानेय अवकल समीकरण (Differential Equation Reducible to LDE)रैखिक अवकल समीकरण में परिवर्तित होने योग्य अवकल समीकरण (Differential Equation Reducible to Linear Differential Equation): रैखिक अवकल समीकरण में समानेय अवकल समीकरण (Differential Equation Reducible to LDE) से तात्पर्य ऐसी अवकल समीकरण से है जिनमें y और x में किसी चर को अन्य

Kinds of Sets

1.समुच्चयों के प्रकार (Kinds of Sets),समुच्चय कक्षा 11 (Sets Class 11): समुच्चयों के प्रकार (Kinds of Sets) में एकल समुच्चय,परिमित समुच्चय,अपरिमित समुच्चय (अनन्त समुच्चय),समान समुच्चय,रिक्त समुच्चय, उपसमुच्चय,उचित उपसमुच्चय,सार्वत्रिक समुच्चय (समष्टीय समुच्चय),पूरक समुच्चय,अन्तर समुच्चय,तुल्य समुच्चय,घात समुच्चय इत्यादि का अध्ययन किया जाता है।(1.)रिक्त समुच्चय (Void or The Empty Set):परिभाषा (Definition):एक समुच्चय जिसमें एक भी अवयव नहीं होता

Probability Examples

1.प्रायिकता के उदाहरण का परिचय (Introduction to Probability Examples),प्रायिकता (Probability): प्रायिकता के उदाहरण (Probability Examples) के इस आर्टिकल से पूर्व सप्रतिबन्ध प्रायिकता,प्रायिकता का गुणन नियम,स्वतन्त्र घटनाएं,कुल प्रायिकता,बेज प्रमेय,यादृच्छिक चर का माध्य तथा प्रसरण,बरनौली परीक्षण तथा द्विपद बंटन की थ्योरी तथा उस पर आधारित उदाहरणों का अध्ययन कर चुके हैं।इस आर्टिकल में उपर्युक्त पर आधारित केवल

Sets Class 11

1.समुच्चय कक्षा 11 (Sets Class 11),गणित में समुच्चय (Sets in Maths): समुच्चय कक्षा 11(Sets Class 11):वर्तमान समय में गणित के अध्ययन में समुच्चय की परिकल्पना आधारभूत है।आजकल इस परिकल्पना का प्रयोग गणित की प्राय: सभी शाखाओं में होता है।समुच्चय का प्रयोग संबंध एवं फलन को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।ज्यामिति,अनुक्रम,प्रायिकता आदि के अध्ययन

Bernoulli Trial

1.बरनौली परीक्षण (Bernoulli Trial),बरनौली परीक्षण और द्विपद बंटन (Bernoulli Trials and Binomial Distribution): बरनौली परीक्षण (Bernoulli Trial): अनेक प्रयोगों की प्रकृति द्विपरिणामी होती है।उदाहरणार्थ उछाला गया सिक्का एक ‘चित’ या एक ‘पट’ दर्शाता है,किसी प्रश्न का उत्तर ‘हां’ या ‘नहीं’ हो सकता है,एक अंडे से बच्चा ‘निकल चुका है’ या ‘नहीं निकला है’, एक निर्णय

Bernoulli Trials

1.बरनौली परीक्षण (Bernoulli Trials),बरनौली परीक्षण सूत्र (Bernoulli Trials Formula): किसी यादृच्छिक प्रयोग के परीक्षणों को बरनौली परीक्षण (Bernoulli Trials) कहते हैं यदि वे निम्नलिखित शर्तों को संतुष्ट करते हैं:(i)परीक्षणों की संख्या निश्चित (परिमित) होनी चाहिए।(ii)परीक्षण स्वतंत्र होने चाहिए।(iii)प्रत्येक परीक्षण के तथ्यत: दो ही परिणाम सफलता या असफलता होने चाहिए।(iv)प्रत्येक परीक्षण में किसी परिणाम की प्रायिकता

System of Logarithms

1.लघुगणक की पद्धतियाँ (System of Logarithms): लघुगणक की पद्धतियाँ (System of Logarithms) में लघुगणक का आधार कोई भी राशि हो सकती है परंतु e तथा 10 आधार वाली दो पद्धतियां सर्वाधिक उपयोग में लाई जाती है।(i) स्वाभाविक या नैपियर की पद्धति (Natural or Napierian System of Logarithm):इस पद्धति का नाम गणितज्ञ नैपियर के नाम पर

Trigonometry

1.त्रिकोणमिति (Trigonometry): त्रिकोणमिति (Trigonometry) या त्रिभुज मापन ज्यामिति की एक महत्त्वपूर्ण शाखा है।त्रिभुजों के कुछ कोण या भुजाएं ज्ञात होने पर शेष कोणों और भुजाओं का मान हम त्रिकोणमिति की सर्वसमिकाओं तथा न्यून कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों द्वारा निकाल सकते हैं।इस तरह हम बहुत प्रकार के सवालों के हल ज्ञात कर सकते हैं। आर्यभट ने

Mean of a Random Variable

1.यादृच्छिक चर का माध्य (Mean of a Random Variable),यादृच्छिक चर का प्रसरण (Variance of a Random Variable): कई व्यावहारिक समस्याओं में किसी यादृच्छिक चर का माध्य (Mean of a Random Variable) के माध्य,माध्यिका व बहुलक को एकल संख्या से निरूपित करना आवश्यक होता है।इसे चर के प्रायिकता बंटन से ज्ञात कर सकते हैं।माध्य अवस्थिति या

Fundamental Law of Logarithms

1.लघुगणक के मूल नियम (Fundamental Law of Logarithms),लघुगणक के मौलिक नियम की व्याख्या करें (Explain Fundamental Laws of Logarithms): लघुगणक के मूल नियम (Fundamental Law of Logarithms) निम्नलिखित हैं:नियम (Rule):1.दो संख्याओं के गुणनफल उनके अलग-अलग लघुगणक के बराबर होता है अर्थात् उपपत्ति (Proof):मान लीजिए तथा अब या (3) में लघुगणक की परिभाषा का उपयोग करने