Menu

How Do Students Write Articles?

Contents hide

1.छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Students Write Articles?),गणित के छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Mathematics Students Write Articles?):

  • छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Students Write Articles?) विशेषकर गणित के छात्र-छात्राओं के लिए लेख लिखना मुश्किल कार्य है।गणित के छात्र-छात्राओं को गणित के सवाल व समस्याओं का अभ्यास करना होता है अतः गणित की विषयवस्तु व लेख लिखने की विषयवस्तु में अंतर है।वास्तव में लेख लिखना भी एक कला है।ऑनलाइन जॉब तथा वेबसाइट्स पर आए दिन ढेरों लेख लिखकर डाले जाते हैं।बहुत सी वेबसाइट्स को संचालित करने वाले लेख लिखने वाले (content writer) को हायर करते हैं और उसकी एवज में मेहनताना देते हैं।
  • अद्वितीय लेख लिखने के लिए काफी अभ्यास,अनुभव एवं ज्ञान की आवश्यकता होती है।लेख लिखने से हमारा व्यक्तित्त्व निखरता है।एक तरह से लेख हमारे व्यक्तित्त्व का मूल्यांकन है।हजारों वेबसाइट्स पर रोजाना लेख अपलोड किए जाते हैं परंतु गुणवत्तापूर्ण लेख बहुत कम वेबसाइट्स पर डाले जाते हैं।
  • हर पढ़े-लिखे छात्र-छात्राओं में निबन्ध लिखने की क्षमता तो होती ही है।परंतु निबन्ध जहां एक सुनिश्चित बिन्दु पर लिखे जाते हैं वहां लेख अनजाने विषय पर भी लिखे जाते हैं।जिस विद्यार्थी में विश्लेषण,चिन्तन-मनन और तार्किक क्षमता होती है वह बेहतरीन लेख लिख सकता है।
  • यों हर विद्यार्थी में विश्लेषण व चिन्तन-मनन करने की थोड़ी-बहुत क्षमता होती है।जरूरत है तो उसे तराशने की।जैसे पढ़ना-लिखना तो हर विद्यार्थी जानता है परंतु प्रश्न-पत्र को हल वही कर सकता है जिसने अध्ययन किया है और कठिन परिश्रम किया है।लेख लिखने की क्षमता को सतत अभ्यास से विकसित करने की जरूरत होती है।जिसे अपने ऊपर आत्म-विश्वास है वह किसी भी प्रकार के लेख लिखने में सिद्धहस्त हो जाता है।
  • लेख केवल निबंध मात्र नहीं होता है बल्कि एक सृजनात्मक रचना होता है।क्या लिखा जाए,कैसे लिखा जाए,कितना लिखा जाए यानि यह आपकी बौद्धिक क्षमता पर निर्भर करता है।दूसरा पक्ष है कला का।बौद्धिक क्षमता के साथ लेख लिखने की कला भी विकसित होनी चाहिए।इस प्रकार लेखक का संपूर्ण व्यक्तित्व किसी भी लेख में प्रगट हो जाता है।
  • एक अच्छे व्यक्तित्त्व का धनी व्यक्ति ऐसा लेख लिख सकता है जो पाठक पर प्रभाव न छोड़े परंतु एक कम व्यक्तित्त्व का धनी अच्छे अभ्यास के बल पर ऐसा लेख लिख सकता है जिससे पाठक पर बेहतरीन प्रभाव पड़ता हो।अभ्यास के बल पर लेखक का व्यक्तित्त्व निखरता जाता है।लेख कई प्रकार के होते हैं।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

Also Read This Article:7 Tips to write best study notes

2.विवरणात्मक लेख (Descriptive Articles):

  • यह लेख का सबसे सरल रूप है।इसमें सामान्यतः महान गणितज्ञों,महान वैज्ञानिकों अथवा महापुरुषों के जीवन चरित्र,आत्म-कथा,पर्व-त्यौहार इत्यादि पर लेख लिखे जाते हैं।इसमें सामान्यतः लेखक को अपनी ओर से कुछ जोड़ना नहीं होता है बल्कि जो तथ्यात्मक तथा वास्तविकता होती है उसका विवरण लिखना होता है।परंतु यदि इस लेख की गुणवत्ता बढ़ानी हो तो निष्कर्ष में अपने विचार लिख सकता है।
  • जैसे किसी गणितज्ञ के बारे में लिखना है तो जो भी उसके साथ घटना घटित हुई,उसकी शिक्षा,गणित में योगदान,उसे कोई पुरस्कार मिला हो तो उसका विवरण,कोई पुस्तक लिखी हो तो उसका उल्लेख इत्यादि बातें तो लिखी जानी ही है।परंतु निष्कर्ष में यह लिखा जा सकता है कि विदेशों में पढ़ने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।अपने परिवारों व मित्रों से बिछोह हो जाता है।वातावरण भी भिन्न प्रकार का होता है।यहां अपनों की सहायता-सहयोग मिल जाता है परंतु विदेश में पढ़ाई करने पर सहायता-सहयोग से वंचित रहना पड़ता है।इस प्रकार लेख की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है।निष्कर्ष में अपना अनुभव काम आता है।निष्कर्ष में विदेश जाने वाले छात्र-छात्राओं को नसीहत भी दी जा सकती है।

3.तार्किक लेख (Logical Article):

  • इस प्रकार लेख लिखने के लिए अच्छी तार्किक क्षमता होनी चाहिए।तार्किक लेख में न केवल तथ्यात्मक तथा वास्तविक जानकारी होनी चाहिए बल्कि उसके सभी पक्ष और विपक्ष में तर्कयुक्त विषयवस्तु लिखनी चाहिए।जैसे प्रतिभा पलायन (ब्रेन ड्रेन) पर लेख लिखना है तो पहले ब्रेन ड्रेन क्या होता है इसके बारे में बताया जाएगा।ब्रेन ड्रेन के प्रकार बताए जाएंगे जैसे पिछड़े देशों से विकसित देशों में,विकासशील देशों से विकसित देशों में,विकसित देशों से विकसित देशों में प्रतिभा पलायन होता है।प्रतिभा पलायन के कारण बताए जाएंगे।प्रतिभा पलायन किस सीमा तक लाभप्रद है और किस सीमा तक हानिप्रद है।किन देशों को प्रतिभा पलायन से पूर्णतः हानि तथा किन देशों को पूर्णतः लाभ होता है।
  • इसके पश्चात प्रतिभा पलायन को कैसे रोका जा सकता है इसमें तर्कयुक्त शैली का प्रयोग करना होता है।समस्त पक्षों को समझाना होता है।इस प्रकार के लेखों में पूर्वाग्रह नहीं रखना चाहिए। ब्रेन ड्रेन से होनेवाली हानियां बताते समय उसके उदाहरण देने चाहिए।जैसे डाॅक्टर हरगोविन्द खुराना के भारत छोड़कर अमेरिका बस जाने से अपार क्षति हुई है।उन्हें नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ है तथा अपनी विशिष्ट सेवाओं से अमेरिका को बहुत लाभ पहुंचा है।इस प्रकार की एक उच्च कोटि के प्रतिभा पलायन से ही अपार क्षति होती है जबकि भारत से हजारों गणितज्ञ,वैज्ञानिक व अन्य प्रतिभाएं पलायन कर चुकी है।
  • इस प्रकार तार्किक लेख जितना तथ्यपरक और वस्तुनिष्ठ होगा उतना ही प्रभावी होगा।तार्किक लेख में वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया जाता है अतः इसमें तर्क प्रस्तुत करते समय यथासम्भव पूर्वाग्रहों से बचना चाहिए।

4.मनन-चिंतन प्रधान लेख (Thought-provoking Article):

  • इस प्रकार के लेखों में मनन-चिंतन का प्रयोग होता है इसलिए यह लेख मौलिक होते हैं।जैसे सफलता का रहस्य,जीवन का लक्ष्य,अध्ययन की उपयोगिता,अवकाश का उपयोग,जाॅब का चुनाव कैसे करें? इस प्रकार के लेखों में लेखक की स्पष्ट विचारधारा होती है तभी लिखा जा सकता है।
  • मनन-चिन्तन करने की क्षमता तभी बढ़ती है जबकि लेखक अपने मस्तिष्क का उपयोग करता है।यदि मस्तिष्क का उपयोग नहीं करता है तो चिन्तन-मनन करने की क्षमता घटती जाती है।
  • मस्तिष्क ही नहीं शरीर के किसी भी अंग को काम में नहीं लेंगे तो वह अंग निष्क्रिय हो जाता है।इसलिए चिंतन प्रधान लेखों के लिए लेखक को अध्ययन-मनन व चिन्तन करते रहना चाहिए।इससे लेखक के मौलिक गुण का विकास होता है।
  • उदाहरणार्थ सफलता के रहस्य में कोई लेखक आत्म-विश्वास,कठिन परिश्रम को बताता है तो कोई बुद्धि,एकाग्रता,समय प्रबन्धन को तो कोई अन्य स्मार्ट वर्क,मानसिक सन्तुलन,कल्पना शक्ति का उपयोग,जिज्ञासा व रुचि के फैक्टर को बताता है।
    मनन-चिन्तन प्रधान लेख में ज्ञान,अनुभव,समझदारी तथा विवेक के प्रयोग करने पर लेख अत्यधिक प्रभावी बन पड़ता है।अतः चिन्तन-मनन के साथ-साथ लेख को लिखने के अभ्यास का भी फर्क पड़ता है।धीरे-धीरे अभ्यास से लेख में प्रौढ़ता और मौलिकता बढ़ती जाती है।
  • चिन्तन को उन्नत करने के लिए लेखक को ऐसी चीजों के बारे में सोचना चाहिए जो घटित नहीं हुई हो।हमेशा सजग व सचेत रहना चाहिए क्योंकि पता नहीं कब कोई नई बात मस्तिष्क में आ जाए।नई बात मस्तिष्क में आते ही उसे लिख लेना चाहिए।
    मौलिक चिन्तन उन्नत तब भी अधिक होता है जब लेखक अपने रुचि के विषय में सोचता है।लेखक को नए-नए तरीके व नई बात के बारे में चिंतन-मनन करते रहना चाहिए परंतु यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नई बात व्यावहारिक हो अर्थात् पालन की जा सकने योग्य हो।

5.भावात्मक लेख (Emotional Articles):

  • इस प्रकार का लेख वे छात्र-छात्राएं तथा व्यक्ति लिख सकते हैं जो संवेदनशील होते हैं।जैसे वर्षा का एक सुहाना दिन,देशभक्ति,परोपकार,मित्रता,सत्संगति इत्यादि। इस प्रकार के लेखों को शुष्क व कठोर हृदय के आधार पर नहीं लिखा जा सकता है।लेकिन भावात्मक लेख प्रभावी तभी बनता है जबकि भावनाओं पर विवेक का नियन्त्रण हो।तात्पर्य यह है कि अति संवेदनशील भी नहीं होना चाहिए होना चाहिए और न कठोर हृदय का होना चाहिए।भाव शुद्ध होने चाहिए विकारग्रस्त नहीं और इसका निर्णय हमारा विवेक करता है।
  • उदाहरणार्थ देशभक्ति पर लेख लिखना है तो मातृभूमि को केवल भूमि का टुकड़ा समझता है ऐसे पाषाण हृदय में मातृभूमि हेतु भाव और उद्गार उसके मन में उत्पन्न नहीं हो सकते हैं।परंतु जो संवेदनशील है,जिसके भाव शुद्ध है वह मातृभूमि को स्वर्ग से भी बढ़कर स्वीकार करता है और उसके मन में मातृभूमि के प्रति आदर,पूजा के भाव उत्पन्न हो सकते हैं।

6.वाद-विवाद लेख (Debate Article):

  • इस प्रकार के लेख तभी लिखे जा सकते हैं जब लेखक को उसके पक्ष और विपक्ष की पूर्ण जानकारी होती है।यदि उसके पक्ष में जिस कुशलता से लिख सकता है उसी कुशलता से विपक्ष में लिख सकता है और दोनों की निष्पक्ष समीक्षा कर सकता है तो वह लेख प्रभावी और पाठक को रुचिकर लगता है।
  • जैसे भारत में सौंदर्य प्रतियोगिताओं को प्रतिबंधित कर देना चाहिए।इसके पक्ष में भी लिखा जा सकता है तो विपक्ष में भी लिखा जा सकता है।इस पर समीक्षा के रूप में अपने विचार भी लिखे जा सकते हैं।इसमें विभिन्न मतों को रखते हुए अपने विचार रखने से लेख प्रभावित करते हैं।

7.लेख लिखने के बारे में महत्वपूर्ण बातें (Important Things About Writing Articles):

  • (1.)लेख तो हर कोई लिख सकता है परंतु प्रभावी,रुचिकर और आकर्षक लेख लिखना हर किसी के बूते की बात नहीं है।जो छात्र-छात्राएं सकारात्मक चिंतन करते हैं और प्रकृति में सौंदर्य का बोध कर सकते हैं उन्हें लेख लिखने में कठिनाई महसूस नहीं होती है।
  • (2.)लेख में जहाँ आवश्यक हो मुहावरों,लोकोक्ति तथा सूक्तियों का प्रयोग करना चाहिए।इससे लेख की सुंदरता बढ़ती है।
  • (3.)भाषा व वाक्य शुद्धि,अल्पविराम व पूर्ण विराम का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इनका ध्यान न रखने से अर्थ का अनर्थ हो जाता है।जैसे शौक (पसन्द) को शोक (दुःख) लिखने पर बिल्कुल अलग ही अर्थ निकल जाता है।
  • (4.)तार्किक लेख में सभी पक्षों की सारी परतें खोलनी पड़ती है विविध पक्षों को उजागर करना होता है।दायरा व्यापक बनाना होता है,संकुचित नहीं।सारी बातों को समेटा न जाए तो लेख अपूर्ण सा लगता है।लेख के विभिन्न पक्षों को लिखते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पूरा लेख एक संगीत की तरह लगना चाहिए।
  • (5.)हिंदी भाषा में लेख लिखते समय एक विरोधाभास देखने को मिलता है कि प्रत्येक अंचल में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर स्थानीय भाषा बोली जाती है जाती है इसलिए सही और शुद्ध हिन्दी भाषा नहीं लिखी जाती है।मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग कम होता जा रहा है।सूक्तियों का ठीक जगह पर प्रयोग नहीं किया जाता है।
  • (6.)लेख लिखना आ जाए तो कोई भी अभ्यर्थी बेरोजगार और बेकारी का सामना नहीं करेगा क्योंकि अधिकांश वेबसाइट्स आर्टिकल लिखने के लिए लेखक को हायर करती है और अच्छा-खासा मेहनताना मिल जाता है।(7.)लेख कहीं से नकल करके नहीं लिखना चाहिए क्योंकि ऑनलाइन में नकल या काॅपी किया हुआ लेख तत्काल पकड़ में आ जाता है।दूसरी बात यह है कि आपके व्यक्तित्त्व का विकास नहीं हो पाएगा।अतः शुरू में भले ही परेशानी होगी परंतु सतत अभ्यास,प्रयत्न करते रहने पर लेख लिखना आ जाएगा।अच्छे लेखकों के लेख पढ़कर प्रेरणा लेनी चाहिए और सीखना चाहिए कि वे इतने बेहतरीन तरीके से लेख कैसे लिखते हैं।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Students Write Articles?),गणित के छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Mathematics Students Write Articles?) के बारे में बताया गया है।

Also Read This Article:7 benefits of reading books

8.छात्र का लड़की से प्यार (हास्य-व्यंग्य) (Student’s Love for Girl) (Humour-Satire):

  • छात्र (दूसरे छात्र से):क्या बात है मित्र,आजकल तुम गणित के सवाल हल करने में रुचि नहीं ले रहे हो,बिल्कुल उदास रहते हो।क्या गणित विषय कठिन लगता है?
  • दूसरा छात्र:क्या करूं मित्र मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है।
    पहला छात्र:तो शादी कर लो न।
  • दूसरा छात्र:ज्योंही शादी करने का विचार करता हूं तो मन में ख्याल आता है कि इससे सुंदर लड़की ओर मिल गई तो।

9.छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (Frequently Asked Questions Related to How Do Students Write Articles?),गणित के छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Mathematics Students Write Articles?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.लेख लिखने की आवश्यकता क्यों है? (Why Do I Need to Write an Article?):

उत्तर:छात्र-छात्राओं को विभिन्न परीक्षाओं में तो आवश्यकता है ही इसके अलावा लेखक को भी लेख लिखने की आवश्यकता है।पुस्तक लिखने,समाचार पत्र,विभिन्न वेबसाइट्स पर लेख लिखने वालों की आवश्यकता होती है।शुरू में निबंध लिखने से प्रारंभ करते हैं यह प्रयास कुछ वैसा ही है जैसे उंगली के सहारे बालकों को चलना सिखाया जाता है।आगे चलकर इससे परिपक्वता आने पर वह कन्टेन्ट राइटर या लेखक बन जाता है।

प्रश्न:2.सर्वोत्तम लेख की पहचान क्या है? (What is the Best Article Identity?):

उत्तर:सर्वोत्तम लेख की पहचान यह है कि पाठक उसको शुरू से लेकर अंत तक पढ़े बिना रहता है।लेख को पढ़ते ही पाठक प्रफुल्लित हो जाता है।जिस प्रकार एक माला में फूल पिरोये जाते हैं और वह माला बहुत प्यारी लगती है उसी प्रकार लेख में प्रत्येक वाक्य लेख की सुंदरता बढ़ा देता है।

प्रश्न:3.लेख की कितनी कोटिया होती हैं? (How Many Categories Does an Article Have?):

उत्तर:लेख यों तो कई प्रकार के होते हैं उपर्युक्त लेखों के अलावा राजनीतिक लेख,सामाजिक लेख,कल्पना संबंधी लेख,यात्रा संबंधी लेख,शिक्षा संबंधी लेख,विज्ञान लेख इत्यादि प्रकार के लेख होते हैं।आपकी जिसमें रुचि,योग्यता हो वही लेख लिखने चाहिए।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Students Write Articles?),गणित के छात्र-छात्राएं लेख कैसे लिखें? (How Do Mathematics Students Write Articles?) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
No. Social Media Url
1. Facebook click here
2. you tube click here
3. Instagram click here
4. Linkedin click here
5. Facebook Page click here
6. Twitter click here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *