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Why follow word limit in board exam?

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1 1.बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है?(Why follow word limit in board exam?):
1.2 2.बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है?(Why follow word limit in board exam?) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1.बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है?(Why follow word limit in board exam?):

  • बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करने (to follow word limit in board exam) के पीछे कुछ खास वजह है। सबसे प्रमुख कारण तो यह है कि विद्यार्थी किसी सवाल का उत्तर बिल्कुल सटीक व टू द प्वाइंट लिखें अर्थात् उत्तर में इधर-उधर की बातें न लिखें जिनका प्रश्न के उत्तर से कोई संबंध ही नहीं है ।कई विद्यार्थी यह समझते हैं कि ज्यादा लंबा व विस्तृत उत्तर लिखने से अच्छे अंक प्राप्त होते हैं।ऐसी मानसिकता के कारण वे इस तरह की कहानियां व इधर-उधर की बातें लिख देते हैं जिनका प्रश्न के उत्तर से कोई संबंध ही नहीं होता है।
  • हर विद्यार्थी को प्रश्न के उत्तर के लिए जो शब्द सीमा है ,उससे अधिक कुछ भी नहीं लिखना चाहिए।परीक्षक विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका में ऐसे कीवर्ड का पता लगाना चाहता है जिनका संबंध प्रश्न के उत्तर से है।जैसे यदि बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन (to follow word limit in board exam)100 शब्दों की दी गई है तो 100 शब्दों तक ही अपना उत्तर लिखना चाहिए।इसका अर्थ यह नहीं है कि बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन (to follow word limit in board exam) शब्दों को गिनकर करें।आप सौ शब्दों से एक-दो लाईन ऊपर नीचे भी लिख सकते हैं लेकिन एक-दो लाईन ऊपर लिखी हैं उनका संबंध प्रश्न से संबंधित ही होना चाहिए।यदि 100 शब्दों के ऊपर एक-दो लाईन लिखी हैं,उसका संबंध प्रश्न से है ही नहीं तो आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है ।अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने के लिए प्रश्न से संबंधित दो-तीन लाइन ऊपर लिख सकते हैं जिससे परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़े।यदि आपने एक-दो लाइन अधिक लिखी है और उसमें कोई महत्त्वपूर्ण जानकारी नहीं है बल्कि बेकार की चीजें लिखी है जो पूछे गए प्रश्न के अनुसार उचित नहीं है तो इन एक्स्ट्रा शब्दों से आपके अंक भी काटे जा सकते हैं।
  • बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना ( to follow word limit in board exam) इसलिए भी आवश्यक है कि हो सकता है कि महत्त्वपूर्ण जानकारी उस शब्द सीमा में ही दी जा सकती हो । बहुत से विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को जांच करते समय परीक्षक हमेशा महत्त्वपूर्ण व प्रमुख शब्दों की तलाश करते हैं जिसके आधार पर आपको अंक दिए जा सके। इसलिए बड़े-बड़े उत्तर लिखने से आपका समय ही बर्बाद होगा तथा परीक्षक पर इसका प्रभाव अच्छा नहीं पड़ता है ,साथ ही आपके अंक भी काटे जा सकते हैं।
  • विशेष सूचना (SPECIAL INFORMATION)-
  • दिल्ली हिंसा: CBSE ने जारी की 10वीं 12वीं की नई परीक्षा डेट, यहां चेक करें एग्जाम शेड्यूल
    CBSE New Exam Dates released 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राजधानी दिल्ली के उत्तरी-पूर्व जिले में हुई हिंसा के कारण स्थगित की गई 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए नई परीक्षा तिथि घोषित कर दी है. CBSE की 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 21 मार्च 2020 से शुरू होकर 30 मार्च 2020 तक चलेगी, वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 31 मार्च 2020 से शुरू होकर 14 अप्रैल 2020 तक चलेंगी. वे सभी छात्र/छात्राएं जो दिल्ली हिंसा के कारण परीक्षाएं नहीं दे पाए थे वे परीक्षा का नया शेड्यूल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं.
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उन सभी स्कूलों, जिनके छात्र दिल्ली हिंसा के कारण परीक्षा नहीं दे सके थे, को यह निर्देश दिए थे कि वे ऐसे बच्चों की लिस्ट व रिकॉर्ड तैयार करें जिनकी परीक्षाएं हिंसा की वजह से छूट गई हैं. 
    विदित हो कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा की वजह से तनावग्रस्त इलाकों में स्थित केंद्रों पर 10वीं और 12वीं कक्षा की 26 फरवरी, 27 फरवरी, 28 फरवरी और 29 फरवरी की परीक्षाएं स्थगित कर दी थी. अब सीबीएसई ने इन परीक्षाओं के लिए दिनांक 9 मार्च 2020 को नया परीक्षा शेड्यूल जारी कर दिया है. हालांकि पहले से निर्धारित शेड्यूल पर 2 मार्च 2020 से परीक्षाएं आयोजित कराई गई हैं.
  • नए एग्जाम शेड्यूल के अनुसार सीबीएसई 12वीं का फिजिक्स का पेपर 31 मार्च 2020 को, अंग्रेजी इलेक्टिव व कोर का पेपर 1 अप्रैल 2020 को, रसायन विज्ञान विषय का पेपर 4 अप्रैल 2020 को, संस्कृत इलेक्टिव विषय का 7 अप्रैल को, इतिहास का पेपर 9 अप्रैल 2020 को आयोजित किया जाएगा. जबकि अकाउंटेंसी का पेपर 11 अप्रैल 2020 को और पॉलिटिकल साइंस का पेपर 14 अप्रैल 2020 को होगा.
  • वहीं नए कार्यक्रम के अनुसार सीबीएसई 10वीं कक्षा का इंग्लिश पेपर 21 मार्च 2020 को, साइंस का पेपर 24 मार्च को और संस्कृत व हिन्दी का पेपर क्रमशः 27 मार्च को और 30 मार्च 2020 को होगा.
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(1.)बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन करना ,आपके ज्ञान को प्रदर्शित करता है (to follow word limit in board exam ,demonstrate your knowledge)-

  • जो विद्यार्थी बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन करता (to follow word limit in board exam) है उससे उसकी ज्ञान की गहराई का पता चलता है और परीक्षक ऐसे विद्यार्थी से प्रभावित भी होता है।बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन करने का यह भी फायदा होता है कि आपका समय बचता है क्योंकि हर एक्स्ट्रा लाइन लिखने में समय अधिक लगता है।बोर्ड परीक्षा में समय का अभाव रहता है तो उसके पीछे प्रमुख वजह यही है कि आप प्रश्न के उत्तर बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन करने का प्रयास नहीं करते हैं और लम्बे-चौड़े उत्तर लिख देते हैं।
  • यदि बोर्ड एग्जाम में आपको अंक अर्जित करने हैं तो आपको बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन (to follow word limit in board exam) अवश्य ही करना चाहिए।विद्यार्थी को पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सभी पक्षों को शामिल करना चाहिए।
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  • बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा ऐसे ही तय नहीं कर दी जाती है बल्कि बोर्ड एग्जाम में तय शब्द सीमा का पहले व्यावहारिक रूप से परीक्षण किया जाता है और बोर्ड एग्जाम को तैयार करने वाले अध्यापक भली-भांति संतुष्ट होते हैं तभी उनकी अनुशंसा पर शब्द सीमा तय की जाती है।
  • यदि आने वाली बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं और बेहतरीन परिणाम की अपेक्षा रखते हैं तो लिखते समय शब्द सीमा का ख्याल अवश्य रखें।बोर्ड एग्जाम में शब्द सीमा का पालन करने (to follow word limit in board exam) की उपर्युक्त खास वजह है जिनकी वजह से आपको शब्द सीमा का अवश्य पालन करना चाहिए।

2.बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है?(Why follow word limit in board exam?) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.शब्द सीमा क्यों महत्वपूर्ण है? (Why is word limit important?):

उत्तर:शब्द सीमा यह सुनिश्चित करती है कि समान कक्षा लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पता हो कि उनसे क्या अपेक्षित है।आपके ज्ञान का परीक्षण करने के साथ-साथ,कॉलेज के पेपर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से संवाद करने के बारे में हैं।  एक शब्द सीमा निर्धारित करने से आप जो कह रहे हैं उस पर अधिक ध्यान से विचार करने के लिए मजबूर होते हैं, जिससे आपको अपने लेखन कौशल को विकसित करने में मदद मिलती है।

प्रश्न:2.क्या सीबीएसई बोर्ड शब्द सीमा से अधिक के अंक काटता है? (Does CBSE board cut marks for exceeding word limit?):

उत्तर:यह तभी तक ठीक है यदि आप शब्द सीमा से कुछ अधिक हैं या कुछ शब्दों से कम लिखतें हैं,तो सुनिश्चित करें कि यह पर्याप्त रूप से ध्यान देने योग्य नहीं है।इस प्रकार, बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर प्रतियों की जांच करने वाले शिक्षकों के लिए सीबीएसई द्वारा उल्लिखित आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार,शब्द सीमा पार करने के लिए कोई अंक नहीं काटा जाना चाहिए।
क्या सीबीएसई परीक्षा के प्रश्नपत्रों में निर्धारित शब्द सीमा का पालन करना महत्वपूर्ण है? 
उत्तर:सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में हर प्रश्न के लिए शब्द सीमा निर्धारित करने का एक कारण है।दरअसल,वे चाहते हैं कि आप एक आकर्षक (crisp) और सटीक उत्तर लिखें,लेकिन अर्थहीन कहानियां नहीं।

प्रश्न:3.क्या शब्द सीमा से अधिक होने पर अंक काटे जाते हैं? (Are marks deducted for exceeding word limit?):

उत्तर:नहीं,शब्द सीमा से अधिक होने पर अंक काटने का ऐसा कोई नियम नहीं है।कोई परीक्षक ऐसा नहीं कर सकता।परीक्षक केवल अतिरिक्त भाग को नहीं पढ़ सकता है और इसलिए छोड़े गए अनुभाग में महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के कारण आप कुछ अंक खो सकते हैं।

प्रश्न:4.शब्द सीमा क्या है? (What is word limit?):

उत्तर:एक शब्द सीमा का उद्देश्य पूरे विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को,मूल्यांकन किए गए लिखित कार्य की अधिकतम लंबाई,अपेक्षित कार्य की मात्रा और इसलिए उन्हें कितना विवरण देना चाहिए और उन्हें कैसे आवंटित करना चाहिए, का स्पष्ट संकेत देना है।दूसरों के संबंध में मूल्यांकन किए गए कार्य के एक टुकड़े के लिए समय।

प्रश्न:5.क्या वर्तनी की गलतियों के लिए सीबीएसई अंक काटता है? (Does CBSE cut marks for spelling mistakes?):

उत्तर:हमारी जानकारी के अनुसार SSC,ICSE,CBSE और IGCSE (इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) सहित सभी स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड,बोर्ड परीक्षाओं में वर्तनी की गलतियों के लिए अंक नहीं काटते,जब तक कि त्रुटि शब्द का अर्थ नहीं बदल देती।

प्रश्न:6.हमें 20 अंकों के लिए कितने पृष्ठ लिखने चाहिए? (How many pages we should write for 20 marks?):

उत्तर:आमतौर पर,20 अंकों के लिए,अपेक्षित लंबाई कम से कम 9-10 पृष्ठ होती है।

प्रश्न:7.250 शब्द सीमा क्या है? (What is a 250 word limit?):

उत्तर:250 शब्द ½ पेज सिंगल स्पेस या 1 पेज डबल स्पेस है।

प्रश्न:8.2000 शब्द कितने पृष्ठ हैं? (How many pages is 2000 words?):

उत्तर:4 पृष्ठ
2,000 शब्द A4 पेपर साइज के लगभग 4 पृष्ठ हैं जिनमें सिंगल स्पेसिंग है या पेपर साइज A4 के 8 पेज डबल स्पेसिंग के साथ हैं।

प्रश्न:9.200 250 शब्दों में कितने पैराग्राफ होते हैं? (How many paragraphs is 200 250 words?):

उत्तर:निबंध के लिए 2 पैराग्राफ 200-400 शब्द,
आसान लेखन के लिए 100 – 200 शब्द हैं।
निबंध के लिए 3 पैराग्राफ 300-600 शब्द,आसान लेखन के लिए 150-300 शब्द हैं।
निबंध के लिए 4 पैराग्राफ 400-800 शब्द,आसान लेखन के लिए 200-400 शब्द हैं।
निबंध के लिए 5 पैराग्राफ 500-1,000 शब्द,आसान लेखन के लिए 250-500 शब्द हैं।

प्रश्न:10.क्या 250 शब्दों का निबंध बिल्कुल 250 शब्दों का होना चाहिए? (Does a 250 word essay have to be exactly 250 words?):

उत्तर:इसे छोटा,लेकिन स्पष्ट लिखें
आप जानते हैं कि आपके निबंध में 250 से अधिक शब्द नहीं होने चाहिए,इसलिए पहले सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख करना अनिवार्य है।यदि आपके निबंध में अंतराल है तो आप हमेशा जानकारी जोड़ सकते हैं।

प्रश्न:11.2000 शब्द का पेपर लिखने में कितना समय लगता है? (How long does it take to write a 2000 word paper?):

उत्तर:एक कीबोर्ड पर औसत लेखक टाइपिंग के लिए 2,000 शब्द लिखने में लगभग 50 मिनट और हस्तलेखन (Handwriting) के लिए 1.7 घंटे लगेंगे।हालाँकि,यदि सामग्री में गहन शोध (in-depth research),लिंक (links),उद्धरण (citations) या ग्राफिक्स (graphics) जैसे ब्लॉग लेख या हाई स्कूल निबंध शामिल करने की आवश्यकता है,तो लंबाई 6.7 घंटे तक बढ़ सकती है।

प्रश्न:12.क्या 2 घंटे में निबंध लिखना संभव है? (Is it possible to write an essay in 2 hours?):

उत्तर:एक अच्छी तरह से लिखित अकादमिक निबंध (Academic Essay) बनाने के लिए 2 घंटे पर्याप्त हैं।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा बोर्ड परीक्षा में शब्द सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है?(Why follow word limit in board exam?) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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