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Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation

1.रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation)-

रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करने (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation) से पूर्व पुनरावृत्ति सम्बन्ध,अचर गुणांकों वाले रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध,रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध को समझना आवश्यक है।
(1.)पुनरावृत्ति सम्बन्ध (Recurrence Relation)-
संख्यांक फलन (Numeric Function) \left(a_{0}, a_{1}, a_{2},....., a_{n}\right) के लिए एक समीकरण (Equation) अथवा सूत्र (Formula) जो किसी r के लिए a_{r}को उसके एक अथवा अधिक पूर्ववर्ती (Predecessors) \left(a_{0}, a_{1}, a_{2},....., a_{r-1}\right) से सम्बद्ध (relate) करता है, पुनरावृत्ति सम्बन्ध (Recurrence Relation) कहलाता है। पुनरावृत्ति सम्बन्ध को अन्तर समीकरण (Difference Equation) भी कहते हैं।
उदाहरण के लिए-
(i) x_{r}=a_{r-1}+a_{r-2} जहां a_{0} =1 तथा a_{1}=1 तथा r\geq 2

(ii) a_{r}-3 a_{r-1}+2 a_{r-2}=0;r\geq 2 \\ (iii) \left(a_{r}\right)^{2}+\left(a_{r-1}\right)^{2}+1=0;r\geq 1
पुनरावृत्ति सम्बन्ध हैं।उदाहरण (i) में दिए हुए प्रतिबन्ध a_{0} =1 तथा a_{1}=1 परिसीमा प्रतिबन्ध (Boundary Conditions) कहलाते हैं।
अतः कहा जा सकता है कि संख्यांक फलन को दिए हुए परिसीमा प्रतिबन्धों के साथ पुनरावृत्ति सम्बन्ध के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।ऐसे पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल, हमें संख्यांक फलन प्रदत्त करता है।
(2.)अचर गुणांकों वाले रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (Linear Recurrence Relations with Constant Coefficients)-
माना (a_{0}, a_{1}, a_{2}, \cdots a_{r},...) कोई संख्यांक फलन है।
तब पुनरावृत्ति सम्बन्ध,

c_{0}a_{r}+c_{1} a_{r-1}+c_{2} a_{r-2}+\cdots+c_{k} a_{r-k}=f(r), r\geq k.....(1)
जहां c_{0},c_{1},c_{2},\cdots+c_{k} अचर राशियां हैं,अचर गुणांकों वाला एक रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध कहलाता है। उपर्युक्त सम्बन्ध kवीं कोटि का पुनरावृत्ति सम्बन्ध कहलाता है यदि c_{0} \neq 0 तथा c_{k} \neq 0
उदाहरण के लिए,a_{r}-7a_{r-1} =3^{r}
प्रथम कोटि का अचर गुणाकों वाला एक रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध है।

(3.)अचर गुणांकों वाले समघात रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (Homogeneous Linear Recurrence Relations with Constant Coefficients):
रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध

c_{0}a_{r}+c_{1} a_{r-1}+c_{2} a_{r-2}+\cdots+c_{k} a_{r-k}=f(r), r\geq k.....(2)
k वीं कोटि का समघात पुनरावृत्ति सम्बन्ध कहलाता है यदि c_{0} \neq 0 तथा c_{k} \neq 0
उदाहरण के लिए रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध

a_{r}+5 a_{r-2}=0
तथा 3a_{r}+5 a_{r-1}+a_{r-2}=0
द्वितीय कोटि के समघात पुनरावृत्ति सम्बन्ध है
(4.)रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध के हल (Solutions of a Linear Recurrence Relation):
अचर गुणांकों वाले रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (1) का सम्पूर्ण हल दो विभागों में विभाजित होता है,प्रथम भाग समघात (Homogeneous Solution) कहलाता है जो कि समीकरण (2) द्वारा प्रदर्शित समघात रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल होता है;द्वितीय भाग विशेष हल (Particular Solution) कहलाता है तथा यह समीकरण (1) द्वारा प्रदर्शित रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध को सन्तुष्ट करता है।
माना a^{h}=\left(a_{0}^{h}, a_{1}^{h}, a_{2}^{h}, \ldots, a_{r}^{h}, \ldots\right)
तथा a^{p}=\left(a_{0}^{p}, a_{1}^{p}, a_{2}^{p}, \ldots, a_{r}^{p} \cdots\right)
रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध

c_{0}a_{r}+c_{1} a_{r-1}+c_{2} a_{r-2}+\cdots+c_{k} a_{r-k}=f(r), r\geq k.....(1)
के क्रमशः समघात हल तथा विशेष हल हैं।तब

c_{0} a_{r}^{h}+c_{1} a_{r-1}^{h}+c_{2} a_{r-2}^{h}+\ldots+c_{k}, a_{r-k}^{h}=0
तथा c_{0} a_{r}^{p}+c_{1} a_{r-1}^{p}+c_{2} a_{r-2}^{p}+\ldots+c_{k}a_{r-k}^{p}=f(r)
अतः c_{0}\left(a_{r}^{h}+a_{r}^{p}\right)+c_{1}\left(a_{r-1}^{h}+a_{r-1}^{p}\right)+c_{2}\left(a_{r-2}^{h}+a_{r-2}^{p}\right)+......+c_{k}\left(a_{r-k}^{h}+a_{r-k}^{p}\right)=f(x)
अतः सम्पूर्ण हल पुनरावृत्ति सम्बन्ध (1) को सन्तुष्ट करता है।
टिप्पणी:रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (1) के समघात हल (Homogeneous Solution) तथा विशेष हल (Particular Solution) को क्रमशः पूरक फलन (Complementary Function) [C.F.] तथा विशेष समाकल (Particular Integral) [P.I.] भी कहते हैं।
(5.) रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation):
समीकरण (3) में जब f(r) को शून्य के बराबर मान लिया जाता है,(I.e.समीकरण (2)) a_{r}= \alpha^{\gamma},a_{r-1}= \alpha^{\gamma-1},... प्रतिस्थापित करने पर

c_{r} \alpha ^{r}+c_{1} \alpha^{r-1}+c_{2} \alpha^{r-2}+\cdots+c_{k} \alpha^{r-k}=0
या c_{0} \alpha^{k}+c_{1} \alpha^{k-1}+c_{2} \alpha^{k-2}+\cdots+c_{k}=0.....(3)
समीकरण (4) दिए हुए रैखिक पुनरावृत्ति सम्बन्ध (अन्तर समीकरण) का अभिलक्षिक समीकरण (Characteristic Equation) कहलाता है, चूँकि यह \alpha में k^{th} कोटि का समीकरण है अतः के k मान प्राप्त होंगे, जिन्हें हम अभिलक्षिक मूल (Characteristic Roots) कहते हैं।
हम निम्नलिखित स्थितियों पर विचार करते हैं:
स्थिति-1.जब अभिलक्षिक समीकरण (3) के मूल (Roots) वास्तविक तथा भिन्न हैं,माना

\alpha_{1},\alpha_{2},.......,\alpha_{k}
तब अन्तर समीकरण (1) का पूरक फलन (Complementary Function),

C.F.=A_{1} \alpha_{1}^{r}+A_{2} \alpha_{2}^{r}+\cdots+A_{k} \alpha_{k}^{r}
स्थिति-2.जब अभिलक्षिक समीकरण (3) के कुछ मूल वास्तविक तथा समान हैं,माना \alpha_{1},\alpha_{2},\alpha_{3},\alpha_{4},=alpha ; तब
C.F=(A_{1}+A_{2} r+A_{3} r^{2}+\cdots+A_{4}r^{3} )\alpha ^{r}+A_{5} \alpha_{5}^{r}+....+A_{k} \alpha_{k}^{r}

स्थिति-3.जब अभिलक्षिक समीकरण (3) के कुछ मूल सम्मिश्र(c0mplex)  हैं,माना \alpha_{1}=p+iq, \alpha_{2}=p-iq
तब C.F =\left(p^{2}+q^{2}\right)^{r/ 2} \cdot\left(A_{1} \cos r \theta+A_{2} \sin r \theta\right)+A_{3} \alpha_{3}^{r}+A_{4} \alpha_{4}^{r}+\cdots+A_{k} \alpha_{k}^{r}  जहां \tan \theta=\frac{q}{p}
स्थिति-4.जब समीकरण (3) के कुछ मूल सम्मिश्र तथा समान हैं,माना \alpha_{1}=p+iq, \alpha_{2}=p-iq ,\alpha_{3}=p+iq, \alpha_{4}=p-iq
तब C.F =\left(p^{2}+q^{2}\right)^{r/ 2} \left \{ \left(A_{1} + A_{2}r \right) \cos r +\left(A_{3} + A_{4}r \right) \sin r \theta \right \} +A_{5} \alpha_{5}^{r}+A_{6} \alpha_{6}^{r}+\cdots+A_{k} \alpha_{k}^{r} जहां \tan \theta=\frac{q}{p},

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2.रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करने के उदाहरण (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation Examples)-

हल कीजिए (Solve):
Example-1.a_{r}=a_{r-1}+a_{r-2} ; r\geq 2 , a_{0}=0,a_{1}=1
Solutiona_{r}=a_{r-1}+a_{r-2}
अतः संगत अभिलक्षिक समीकरण है

\alpha^{2}=\alpha+1 \\ \Rightarrow \alpha^{2}-\alpha-1=0 \\ \Rightarrow \alpha=\frac{1 \pm \sqrt{(-1)^{2}-4 \times 1 \times-1}}{2} \\ \Rightarrow \alpha=\frac{1 \pm \sqrt{1+4}}{2} \\ \Rightarrow \alpha=\frac{1 \pm \sqrt{5}}{2}
अतः हल है

a_{r}=c_{1} \left(\frac{1 + \sqrt{5}}{2}\right)^{r}+c_{2}\left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right)^{r}....(1)

जहां c_{1}  तथा c_{2} स्थिरांक है।
परन्तु a_{0}=1,a_{1}=1

a_{0}=c_{1}+c_{2} \Rightarrow 0=c_{1}+c_{2}...(2) \\ a_{1}=c_{1}\left(\frac{1+\sqrt{5}}{2}\right)+c_{2} \left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right) \\ c_{1}\left(\frac{1+\sqrt{5}}{2}\right)+c_{2} \left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right)=1...(3)
समीकरण (2) c_{1}=-c_{2} से समीकरण (3) में मान रखने पर-

-c_{2}\left(\frac{1+\sqrt{5}}{2}\right)+c_{2}\left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right)=1 \\ c_{2}[-1-\sqrt{5}+1-\sqrt{5}]=2 \\ \Rightarrow C_{2}(-2 \sqrt{5})=2 \\ c_{2}=-\frac{1}{\sqrt{5}} अतः c_{1}=\frac{1}{\sqrt{5}}
c_{1}c_{2}का मान समीकरण (1) में रखने पर-
दिए हुए पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल है

a_{r}=\frac{1}{\sqrt{5}}\left(\frac{1+\sqrt{5}}{2}\right)^{r}-\frac{1}{\sqrt{5}}\left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right)^{r}
Example-2.a_{r}=4\left(a_{r-1}-a_{r-2}\right) ; r \geq 2, a_{0}=1=a_{1}
Solutiona_{r}=4\left(a_{r-1}-a_{r-2}\right)
अतः संगत अभिलक्षिक समीकरण है

\alpha^{2}=4(\alpha-1) \\ \Rightarrow \alpha^{2}=4 \alpha-4 \\ \Rightarrow \alpha^{2}-4 \alpha+4=0 \\ \Rightarrow(\alpha-2)^{2}=0 \\ \Rightarrow \alpha=2,2
अतः हल है

a_{r}=\left(A_{1}+A_{2} r\right) 2^{r}
परन्तु दिया हुआ है कि

a_{0}=1=a_{1} \\ a_{0}=A_{1} \Rightarrow A_{1}=1 \\ a_{1}=\left(A_{1}+A_{2}\right) 2 \\ \Rightarrow 1=\left(1+A_{2}\right)2 \\ \Rightarrow A_{2}=-\frac{1}{2}
अतः दिए हुए पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल है

a_{r}=\left[1+\left(-\frac{1}{2}\right) {r}\right] 2^{r} \\ \Rightarrow a_{r}=2^{r}-r \cdot 2^{r-1}
Example-3.a_{r}=7 a_{r-1}+16 a_{r-2}-12 a_{r-3}=0 ; r \geq 3, a_{0}=1,a_{1}=4,a_{2}=8
Solutiona_{r}=7 a_{r-1}+16 a_{r-2}-12 a_{r-3}=0
अतः संगत अभिलक्षिक समीकरण है

\alpha^{3}-7 \alpha^{2}+16 \alpha-12=0 \\ \Rightarrow \alpha^{3}-2 \alpha^{2}-5 \alpha^{2}+10 \alpha+6 \alpha-12=0 \\ \Rightarrow \alpha^{2}(\alpha-2)-5 \alpha(\alpha-2)+6(\alpha-2)=0 \\ \Rightarrow(\alpha-2)\left(\alpha^{2}-5 \alpha+6\right)=0 \\ \Rightarrow(\alpha-2)\left(\alpha^{2}-3 \alpha-2 \alpha+6\right)=0 \\ \Rightarrow(\alpha-2)[\alpha(\alpha-3)-2(\alpha-3)]=0 \\ \Rightarrow(\alpha-2)(\alpha-2)(\alpha-3)=0 \\ \Rightarrow \alpha=2,2,3
अतः दिए हुए सम्बन्ध का हल है,

a_{r}=\left(A_{1}+A_{2} r\right) 2^{r}+A_{3} 3^{r} \cdots(1)
परन्तु दिया हुआ है कि

a_{0}=1,a_{1}=4,a_{2}=8 \\ a_{0}=A_{1}+A_{3} \Rightarrow A_{1}+A_{3}=1...(2) \\ a_{1}=\left(A_{1}+A_{2}\right) 2+A_{3} \cdot 3 \\ \Rightarrow \quad 2 A_{1}+2 A_{2}+3 A_{3}=4 \quad \cdots(3) \\ a_{2}=\left(A_{1}+A_{2} \cdot 2\right) z^{2}+A_{3} \cdot 3^{2} \\ \Rightarrow \quad 4 A_{1}+8 A_{2}+9 A_{3}=8 \quad \cdots \cdot\left(4\right)
समीकरण (2) को 2 से गुणा करके समीकरण (3) में से घटाने पर-

2 A_{1}+2 A_{2}+3 A_{3}=4 \ldots(3) \\ 2 A_{1} \quad \quad \quad \quad+ 2 A_{3}=2 \ldots(5) \\ - \quad \quad - \quad \quad - \\ 2 A_{2}+A_{3}=2 \ldots . .(6)
समीकरण (2) को 4 से गुणा करके समीकरण (4) में से घटाने पर-

4 A_{1}+8 A_{2}+9 A_{3}=8 \ldots(4) \\ 4 A_{1}+ \quad \quad \quad \quad 4 A_{3}=4 \ldots(7) \\ - \quad \quad - \quad \quad - \\ 8 A_{2}+5 A_{3}=4 \ldots(8)
समीकरण (6) को 4 से गुणा करके समीकरण (8) में से घटाने पर-

8 A_{2}+5 A_{3}=4....(8) \\ 8 A_{2}+4 A_{3}=8....(9) \\ - \quad \quad - \quad \quad -\\ A_{3}=-4
समीकरण (2) में A_{3} का मान रखने पर-

A_{1}-4 =1 \\ \Rightarrow A_{1} =5
समीकरण (6) में A_{3} का मान रखने पर-

2 A_{2}-4=2 \\ \Rightarrow 2 A_{2}=6 \\ \Rightarrow A_{2}=3 \\ A_{1}=5, A_{2}=3, A_{3}=-4 समीकरण (1) में  रखने पर-

a_{r}=(5+3r) 2^{r}-4 (3^{r})
अतः दिए हुए पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल है

\Rightarrow a_{r}=5\left(2^{2}\right)+3r \left(2^{r}\right)-4\left(3^{r}\right)
Example-4.a_{r}-2 \left(a_{r-1}-a_{r-2}\right)=0 ;r \geq 2 ; a_{0}=1,a_{1}=2
Solutiona_{r}-2 \left(a_{r-1}-a_{r-2}\right)=0
अतः संगत अभिलक्षणिक समीकरण है

\alpha^{2}-2(\alpha-1)=0 \\ \Rightarrow \alpha^{2}-2 \alpha+2=0 \\ \Rightarrow \alpha=\frac{2 \pm \sqrt{(-2)^{2}-4(1)(2)}}{2} \\ \Rightarrow \alpha=\frac{2 \pm \sqrt{4-8}}{2} \\ \Rightarrow \alpha=2 \pm \sqrt{-4} \\ \Rightarrow \alpha=1 \pm \sqrt{-1} \\ \Rightarrow \alpha=1 \pm i
अतः दिए हुए सम्बन्ध का हल है,

a_{r}=\left(1^{2}+1^{2}\right)^{r / 2}\left[c_{1} \cos r \theta+c_{2} \sin r {\theta}\right] \theta=\tan ^{-1}(\frac{1}{1})=\frac{\pi}{4}

परन्तु दिया हुआ है कि

a_{0}=1,a_{1}=2 \\a_{r}=(2)^{r/ 2}\left[c_{1} \cos r \theta+c_{2} \sin r \theta\right] \\ a_{0}=(2)^{0}\left[c_{1} \cos 0+c_{2} \sin 0\right] \\ \Rightarrow 1=c_{1} \\ a_{1}=\sqrt{2}\left[4 \cos \pi / 4+c_{2} \sin \pi / 4\right] \\ \Rightarrow 1=\sqrt{2}\left[\frac{c_{1}}{\sqrt{2}}+\frac{c_{2}}{\sqrt{2}}\right] \\ \Rightarrow c_{1} +c_{2}=1 \\ \Rightarrow c_{2}=0
अतः दिए हुए पुनरावृत्ति सम्बन्ध का हल है

a_{r}=(2)^{r / 2} \cos \left(\frac{r \pi}{4}\right)
Example-5.a_{r}+3 a_{r-1}+3 a_{r-2}+a_{r-3} =0 ;{r \geq 3} , a_{0} =1, a_{1}=-2,a_{2}=-1
Solutiona_{r}+3 a_{r-1}+3 a_{r-2}+a_{r-3} =0
अतः संगत अभिलक्षणिक समीकरण है

\alpha^{3}+3 \alpha^{2}+3 \alpha+1=0 \\ \Rightarrow(\alpha+1)^{3}=0 \\ \Rightarrow \alpha=-1,-1,-1
अतः दिए हुए सम्बन्ध का हल है

a r=\left(A_{1}+A_{2} r+A_{3} r^{2}\right)(-1)^{r}...(1)
परन्तु दिया हुआ है कि a_{0}=1,a_{1}=-2, a_{2}=-1 \\ a_{0}=A_{1} \Rightarrow A_{1}=1 \\ a_{1}=\left(A_{1}+A_{2}+A_{3}\right)(-1) \\ \Rightarrow-2=-\left(A_{1}+A_{2}+A_{3}\right) \\ \Rightarrow A_{2}+A_{3}+1=2 \\ \Rightarrow A_{2}+A_{3}=1 \cdots(2) \\ a_{2}=\left(A_{1}+2 A_{2}+4 A_{3}\right) \\ \Rightarrow-1=1+2 A_{2}+4 A_{3} \\ \Rightarrow 2 A_{2}+4 A_{3}=-2 \\ \Rightarrow A_{2}+2 A_{3}=-1 ....(3)
समीकरण (2) व (3) से-

A_{3}=-2, A_{2}=3
अतः दिए हुए सम्बन्ध का हल है

a_{r}=\left(1+3 r-2 r^{2}\right)(-1)^{r}
उपर्युक्त उदाहरणों से रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation) को समझ सकते हैं।

3.रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करने की समस्याएं (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation Problems)।
निम्नलिखित पुनरावृत्ति सम्बन्धों को हल कीजिए:

(Solve the following recurrence relations:)

(1.) a_{r}=a_{r-1}+a_{r-2} ; r \geq 2, a_{0}=1, a_{1}=1 \\ (2) a_{r}=6 a_{r-1}-11a_{r-2}+6 a_{r-3}; a_{0}=1, a_{1}=2, a_{3}=6 \\ (3.)4 a_{r}-20 a_{r-1}+17 a_{r-2}-4 a_{r-3}=0 \\ (4.)a_{r}+2 a_{r-1}+2 a_{r-2}=0; r \geq 2,a_{0}=1,a_{7}=3
उत्तर (Answer):

(1.)a_{r}=\frac{1}{\sqrt{5}}\left(\frac{1+\sqrt{5}}{2}\right)^{r}-\frac{1}{\sqrt{5}}\left(\frac{1-\sqrt{5}}{2}\right)^{r} \\ (2)a_{r}=1-2^{r}+3^{r} \\ (3.) a_{r}=c_{1}-4^{r}+\left(c_{2}+c_{3} r\right) \cdot\left(\frac{1}{2}\right)^{r} \\ (4.) a_{r}=2^{r / 2}\left[\cos \left(\frac{3 \pi r}{4} \right)+4 \sin \left(\frac{3 \pi r}{4} \right)\right]
उपर्युक्त सवालों के हल द्वारा रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation) को ठीक से समझ सकते हैं।
उपर्युक्त उदाहरणों, सवालों को हल करके तथा प्रश्नों के उत्तर द्वारा रैखिक पुनरावृत्ति संबंध का पूरक फलन ज्ञात करना (Finding Complementary Function of Linear Recurrence Relation) को भली-भांति समझ सकते हैं।

4.आप रैखिक पुनरावृत्ति संबंधों को कैसे हल करते हैं ? (How do you solve linear recurrence relations?)-

एक रेखीय पुनरावृत्ति संबंध एक समीकरण है जो एक अनुक्रम में एक पद या पुनरावृत्ति का उपयोग करके पिछले पदों के लिए एक बहुआयामी सरणी से संबंधित है।रैखिक पद का उपयोग इस तथ्य को संदर्भित करता है कि पिछले पदों को पुनरावृत्ति संबंध में प्रथम घात बहुपद के रूप में व्यवस्थित किया जाता है।
एक रेखीय पुनरावृत्ति संबंध एक समीकरण है जो nth टर्म को एक क्रम में k पिछले पदों के क्रम में परिभाषित करता है।पुनरावृत्ति संबंध फॉर्म में है:
x_{n}=c_{1}x_{n-1}+c_{2} x_{n-2}+c_{3} x_{n-3}+\cdots+c_{k} x_{n-k}
जहां प्रत्येक एक c_{i}स्थिर गुणांक है।
परिभाषा
पुनरावृत्ति संबंध का समाधान n के संदर्भ में  x_{n} का मान देता है, और किसी भी पिछले पदों के मूल्य की आवश्यकता नहीं होती है।

5.आप पुनरावृत्ति संबंधों की गणना कैसे करते हैं? (How do you calculate recurrence relations?)-

विविक्त गणित – पुनरावृत्ति संबंध
एक पुनरावृत्ति संबंध एक समीकरण है जो पुनरावर्ती अनुक्रम को परिभाषित करता है जहां अगला पद पिछले पदों का एक फ़ंक्शन है (f_{n} के साथ कुछ संयोजन के रूप में f_{i} को व्यक्त करना i<n)।
घात k या ऑर्डर k का एक रैखिक पुनरावर्तन समीकरण एक पुनरावृत्ति समीकरण है जो प्रारूप x_{n}=A_{1}x_{n-1}+A_{2} x_{n-2}+A_{3} x_{n-3}+...... में है।

6.पुनरावृत्ति संबंध क्रम क्या है? (What is recurrence relation order?)-

पुनरावृत्ति संबंध एक समीकरण है जो एक नियम के आधार पर एक अनुक्रम को परिभाषित करता है जो अगले पद को पिछले पद (पदों) के एक फ़ंक्शन के रूप में देता है।
पहले क्रम के लिए पुनरावर्तन x_{n+1}=f(x_{n}), किसी को प्रारंभिक मूल्य x_{0} के साथ शुरुआत करने की आवश्यकता है और पुनरावृत्ति संबंध का उपयोग करके सभी शेष शर्तें उत्पन्न कर सकते हैं।

7.पुनरावृत्ति संबंध का क्रम कैसे खोजें? (How to find order of recurrence relation)-

डिग्री k या ऑर्डर k का एक रैखिक पुनरावर्तन समीकरण एक पुनरावृत्ति समीकरण है जो प्रारूप x_{n}=A_{1}x_{n-1}+A_{2} x_{n-2}+A_{3} x_{n-3}+...... में है।

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