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6 Tips for Building a Good Career

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1.अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career),अच्छा भविष्य बनाने के टिप्स (6 Tips for Making a Good Career):

  • अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career) से पहले यह सवाल पूछा जा सकता है कि नौकरियां कहां हैं जो करियर को अच्छा बनाने के बारे में सोचा जाए।यह प्रश्न ऑनलाइन सर्विस तथा ऑटोमेटिक मशीनों द्वारा उद्योग में प्रयोग किए जाने के कारण उत्पन्न होता है।ऑनलाइन सर्विस के कारण नौकरियाँ समाप्त हो रही हैं तो ऑटोमेटिक मशीनों के कारण श्रमिक की आवश्यकता कम हो रही है।वस्तुत: यह तर्क ऊपरी तौर से ही ताकतवर लगता है।परंतु गहराई से विचार करने पर इस तर्क में इतना दम नहीं है।ऑनलाइन सर्विस के कारण नए-नए जाॅब के क्षेत्र बढ़ रहे हैं। जैसे वेबसाइट डवलप का कार्य करने वाले,वेबसाइट डिजाइन का कार्य,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा विभिन्न सॉफ्टवेयर के निर्माण में इंजीनियरों की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
  • इसके अलावा आन्त्रप्रेन्योरशिप में भी जॉब के बहुत से अवसर पैदा हो रहे हैं।युवावर्ग परंपरागत क्षेत्रों में जॉब के अवसर ढूंढता है तो निश्चित ही वहां अवसर कम हो रहे हैं।परंतु जाॅब के नए अवसरों में पार्ट टाइम व फुल टाइम जाॅब के अवसर पैदा हो रहे हैं।इन जाॅब के अवसरों के अनुसार हुनर तथा स्किल होगी तभी वे जाॅब प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह जरूरी नहीं है कि डिग्री प्राप्त करने के लिए सरकारी नौकरी ही मिले।सरकारी नौकरी प्राप्त करने के चक्कर में युवाओं का काफी समय उनकी तैयारी करने में तथा प्रयासों में गुजर जाता है।इस प्रकार तब तक उनकी उम्र 35-40 वर्ष हो जाती है अर्थात् जीवन का आधा हिस्सा तो यूं ही निकल जाता है।क्योंकि आजकल व्यक्ति का जीवनकाल 65-70 वर्ष होता है।इसके बजाय अपने विद्यार्थी काल से ही रुचि के क्षेत्र में पार्ट टाइम हुनर सीखने में लगाया जाए तो डिग्री प्राप्त करते ही कोई भी छोटा-मोटा उद्यम शुरू किया जाए तो भविष्य उज्वल बनाया जा सकता है।अब भविष्य अच्छा अर्थात् करियर को अच्छा बनाने के लिए निम्न टिप्स का पालन करेंगे तो भविष्य निश्चित रूप से अच्छा बन जाएगा।
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2.लक्ष्य का निर्धारण करें (Set the Goal):

  • युवाओं को अपना करियर बढ़िया बनाने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।कोई भी क्षेत्र अपने आप में बढ़िया नहीं होता है।हर क्षेत्र में सफल होने वाले व्यक्ति मिल जाएंगे।जैसे महान् क्रिकेटर विराट कोहली,महान गणितज्ञ आर के श्रीवास्तव,डॉ एपीजे अब्दुल कलाम आजाद ये सभी अपने कैरियर में सफल हैं परंतु क्या इन सभी का एक ही क्षेत्र रहा है?ये सभी भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से हैं।आपको भी अपनी रुचि,जिज्ञासा व लगन तथा जो डिग्री आपने हासिल की है उस पर विचार करते हुए उसके अनुकूल जॉब का क्षेत्र चुनना है।उस जॉब के अनुकूल डिग्री भी हासिल होनी चाहिए।
  • लक्ष्य के निर्धारण में छोटी सी गलती से पूरा जीवन प्रभावित होता है।हालांकि यह आवश्यक नहीं है कि जो लक्ष्य आपने चुना है उसमें डिग्री आवश्यक हो ही।लेकिन रुचि,जिज्ञासा व लगन का होना आवश्यक है।अपने लक्ष्य का निर्धारण करने के लिए अपनी प्रतिभा व रुचि को पहचाने।खूब सोच-विचारकर फिर अपने लक्ष्य(जाॅब) का निर्धारण करें।कई ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास बहुत बड़ी डिग्री नहीं थी लेकिन रुचि,लगन व जिज्ञासा बल्कि कहें कि जुनून के बल पर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहे हैं।डिग्री न होने पर उस क्षेत्र की आवश्यक सैद्धान्तिक जानकारी न होने से आपको अनेक कठिनाइयों व समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।ऐसी स्थिति में आपको संघर्ष करने की क्षमता तथा अटूट धैर्य से ही सफलता मिल सकती है।
  • उदाहरणार्थ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किंग सुभाष चंद्रा के पास कौनसी डिग्री थी।न तो उनके पास कोई डिग्री थी और न ही आवश्यक व्यावसायिक योग्यता थी।वे 12वीं पास है,उसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी।सुभाष चंद्रा की कोई बहुत बड़ी सार्वजनिक छवि भी नहीं थी और न ही मीडिया का ज्ञान उन्होंने विरासत में हासिल किया था।आज जी नेटवर्क (जी टीवी,जी इंडिया टीवी,ज़ी सिनेमा,ज़ी न्यूज इत्यादि) को उस मुकाम पर स्थापित कर दिया है जो एक चमत्कार लगता है।आज विश्व स्तर पर जी कार्यक्रम अपने उच्चतम स्तर पर है।सबसे प्रमुख बात यह है कि उन्होंने अपने पिता प्रसिद्ध उद्योगपति गोयनका के उपनाम अथवा गोयल शब्द का अपनी पहचान बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया।राष्ट्रीय भावना उनमें कूट-कूट कर भरी हुई है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कितना संघर्ष किया है इसे वे ही जान सकते हैं।हम तो ऊपरी तौर पर उसका मूल्यांकन ही कर सकते हैं।

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3.श्रेष्ठ आचरण और कर्त्तव्य का पालन करें (Follow the Best Practices and Duties):

  • कर्त्तव्य का अर्थ है जाॅब को करने की अनिवार्यता, जाॅब में डूब कर कार्य करना।परंतु यह तो बाद की बात है।मूलभूत बात है कि विद्यार्थी काल में क्या किया जाए।
  • कोई भी व्यक्ति रातोंरात टाॅप पर नहीं पहुँच जाता है और न ही कोई व्यक्ति टाॅप पर जन्म के आधार पर महान् व्यक्ति बनता है।बल्कि अपना भविष्य उज्जवल बनाने के लिए युवाओं को अपना आचरण उत्तम बनाना पड़ता है,समय का सदुपयोग करके बनता है,विद्या के बल पर योग्यता प्राप्त करने पर बनता है,सुदृढ़ संकल्प का पालन करने से बनता है और अपने कर्तव्यों व अनुशासन का पालन करने से बनता है।
  • विद्यार्थी काल को मौज-मजे,पार्टी में मशगूल होने,अय्याशी करने, फैशनपरस्त होकर व्यतीत न करके गुणों को धारण करने में कठिन परिश्रम करेंगे तो भविष्य निश्चित् ही उज्जवल बनेगा।यह कार्य लक्ष्य तय करते ही उसी दिशा में जुट जाना चाहिए।
  • सामान्यत: कक्षा आठ के बाद अपने लक्ष्य का निर्धारण किया जा सकता है।अपने लक्ष्य के अनुरूप ही ऐच्छिक विषय व डिग्री अथवा व्यावसायिक स्किल प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।ताकि डिग्री व व्यावसायिक डिग्री हासिल करते ही आप कोई भी उद्यम शुरू कर सकें।पार्ट टाइम जाॅब अपनी डिग्री से संबंधित विषय में ही प्राप्त करना चाहिए।ऐसा ना हो कि पार्ट टाइम जॉब करने के चक्कर में डिग्री प्राप्त करने से वंचित रह जाएं।

4.आशावादी दृष्टिकोण रखें (Have an Optimistic Outlook):

  • नकारात्मक विचार हमारी कार्यक्षमता को कम कर देता है।जाॅब मार्केट में जाॅब प्राप्त करने हेतु गला काट प्रतिस्पर्धा को देखकर अपने मन में नकारात्मक विचारों को बिल्कुल प्रश्रय न दें।अपने आप पर आत्मविश्वास रखें,परमात्मा पर अटलविश्वास रखें तथा हमेशा आशावादी दृष्टिकोण रखें।
  • सादा जीवन और उच्च विचार रखें।यदि आपको पॉकेट मनी मिलती है तो उसकी बचत करें ताकि डिग्री प्राप्त करते हुए कोई छोटा-मोटा उद्यम शुरू कर सकें।विद्यार्थी को अवगुणों से दूर रहना चाहिए। अधिक से अधिक समय अध्ययन करने में लगाएं। मैच,सिनेमा,दूरदर्शन आदि देखने तथा शादी-विवाह,अन्य पार्टियों तथा भ्रमण इत्यादि में जाने से परहेज करें।जीवन में बहुत से अवसर आएंगे जब इनका प्रयोग कर सकेंगे।
  • आशावादी दृष्टिकोण रखने के लिए विद्यार्थियों को इन आठ अवगुणों से दूर रहना चाहिए:काम,क्रोध,लोभ,स्वाद,श्रृंगार,फिल्मों,खेलों, बहुत ज्यादा सोना तथा अत्यधिक सेवा कार्य।
    इनका पालन करने से भविष्य अच्छा और सुखद होगा क्योंकि शुभ कार्य का परिणाम अवश्य मिलता है भले ही देर से मिले।

5.एकाग्रता का अभ्यास करें (Practice Concentration):

  • विद्यार्थियों की सबसे बड़ी समस्या स्थित चित्त न होना है।वे आज किसी जाॅब का चुनाव करते हैं तो कल अन्य किसी जाॅब को करने का निश्चय करते हैं। यह स्थिति एकाग्रता का अभ्यास न होने के कारण होती है।एकाग्रता के बिना कैरियर को अच्छा तो क्या आप अपने दैनिक जीवन के कार्य भी ठीक प्रकार से नहीं कर सकते हैं।
  • उचित मार्गदर्शन न लेने तथा मन में उच्चाटन (Absense Of Mind) होने से विद्यार्थी किसी एक जॉब के चुनाव करने का निर्णय नहीं ले पाते हैं। यदि विद्यार्थी स्वयं करियर या लक्ष्य का चुनाव करने में सक्षम नहीं है तो अपने कैरियर काउंसलर से परामर्श लेना चाहिए।हमारी नजर में माता-पिता,अभिभावक,मित्र,सहपाठी,शिक्षक तथा छात्र स्वयं कैरियर काउंसलर हो सकते हैं।
  • रोजाना विद्यार्थी काल से ही एकाग्रता का अभ्यास किया जाए।किसी लक्ष्य की प्राप्ति में समय का सही सदुपयोग और किसी कार्य को पूर्ण दक्षतापूर्वक (Responsibility) के साथ करने के लिए मन का एकाग्र होना जरूरी है।जब विद्यार्थी का मन एकाग्र नहीं होता है तो उसकी ऊर्जा भिन्न-भिन्न दिशाओं में बँट जाती है जिससे हम जो कार्य कर रहे होते हैं वहाँ हमारा मन नहीं होता है बल्कि कुछ ओर सोचने की उधेड़बुन में लगा रहता है।ऐसी स्थिति में हम कहीं के नहीं रहते हैं।जिस कार्य को शरीर द्वारा करते हैं उसमें पूर्णता नहीं आती है और मन जिसके बारे में विचार कर रहा होता है उसका भी निर्णय नहीं कर पाता है।मन और शरीर का एक कार्य पर टिका रहना जरूरी है।भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए एकाग्रता का अभ्यास करना ही होगा।

6.उचित तरीका अपनाएं (Take the Proper Approach):

  • आधुनिक युग आर्थिक,तकनीकी व विज्ञान का युग है।इस युग में धन कमाने के पीछे व्यक्ति पागल बना हुआ है।डिग्री प्राप्त करने के बाद युवाओं पर माता-पिता का धन कमाने व जाॅब करने का दबाव रहता है।अधिकांश युवक-युवतियाँ जल्दी से जल्दी धन सम्पन्न होने का ख्वाब पाले होते हैं।वे अनैतिक तरीकों भ्रष्टाचार,घूसखोरी,सरकारी नीति नियमों की खामी ढूंढकर टैक्स की चोरी जैसे अनेक अनैतिक तरीकों से धन कमाने में परहेज नहीं करते हैं।अधिकांश लोग अथवा युवा ऐसा करते हैं इसलिए उनको गलत तरीके से धन कमाने का अपराध बोध नहीं होता है।कुछ लोगों को गलत तरीके से धन कमाने में सफलता मिल भी जाती है तो उनका अंत बुरा होता है।अधिकांश युवाओं को निराशा,कुंठा तथा असफलता ही हाथ लगती है।ऐसा धन गलत कार्यों में ही खर्च होता है होता है।जैसे अय्याशी,फैशनपरस्ती,विलासितापूर्ण जीवन जीने में ऐसा धन खर्च होता है।
  • गलत तरीके से कमाए गए धन का सदुपयोग नहीं होता है।सही तरीके से धन कमाने में सफलता देर से मिलती है तथा युवाओं में इतना धैर्य नहीं होता है।लेकिन सही मार्ग से कमाया गया धन नेक कार्यों में खर्च होता है।जितना कमाता है उतने धन से ही बरकत हो जाती है।साथ ही उचित तरीके से कमाए गए धन से अपराध बोध नहीं होता है बल्कि जीवन सुख-शान्ति से गुजरता है,आत्म संतुष्टि मिलती है।

7.अपने क्षेत्र में कैरियर में कौशल को तराशें (Hone Skills in Your Area of Interest):

  • अच्छा करियर बनाने में शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण व अहम योगदान होता है।शिक्षा प्राप्त करने का अर्थ यह नहीं है कि केवल डिग्री प्राप्त ली जावे।बल्कि जिस विषय में डिग्री हासिल कर रहे हैं अथवा व्यावसायिक डिग्री हासिल कर रहे हैं उससे सम्बन्धित व अपनी रुचि के अनुसार उसके विषय में आवश्यक जानकारी और अनुभव प्राप्त करते रहें तो डिग्री हासिल करने के बाद आप उद्योग को सफलतापूर्वक कर सकेंगे।
  • किसी भी उद्यम को खड़ा करने के लिए बहुत अधिक पूंजी निवेश की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि कठिन परिश्रम,सूझबूझ,कर्मठता,ईमानदारी,व्यवहार कुशलता तथा व्यवसाय को बढ़ाने की विधि को जानते रहने की लगन इत्यादि गुणों की आवश्यकता होती है।इन गुणों को देखकर ऐसा लगता है जैसे हम कोई सन्यासी,विरक्त तथा योगी बनने का रास्ता बता रहे हैं।वस्तुतः भौतिक सुविधाओं का भोग करना बुरा नहीं है यदि उसमें अति न की जाए।
  • भौतिक सुख-सुविधा का भोग करने के बारे में तीन श्रेणियां हैं:आवश्यकता (Necessity),सुविधा (Comfort) और विलासिता (Luxury)।अपनी रोजीरोटी का प्रबन्ध कर सकें, इतनी धन सम्पत्ति तो अर्जित कर ही लेनी चाहिए।इसके लिए अनैतिक व गलत कार्य करने की जरूरत नहीं है।सुविधा वाली श्रेणी में हम आवश्यकताएँ सुविधा के साथ पूर्ण करें।इसके लिए बौद्धिक क्षमता,सूझबूझ तथा कठोर परिश्रम करने की जरूरत होती है।तीसरी श्रेणी विलासिता की है जिसका कोई ओर-छोर और अंत नहीं है।विलासिता पूर्ण जीवन जीने का अर्थ है अपने आपको धन के जाल में,धन कमाने में अपने आपको उलझा लेना।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career),अच्छा भविष्य बनाने के टिप्स (6 Tips for Making a Good Career) के बारे में बताया गया है।

8.गणितज्ञ बनने के बेहतरीन फाॅर्मूले (The Best Formulas to Become a Mathematician):

  • (1.)हमेशा गणित के सवालों का पीछा करो।उन्हें छोड़ो मत।इसलिए उन्हें हल मत करो बल्कि पकड़े रहो।
  • (2.)गणित रूपी गाड़ी के ब्रेक मत रखो ताकि जल्दी से जल्दी ऊपर पहुंच सको।
  • (3.)जिंदगी में गणित में आगे रहने की जरूरत नहीं है क्योंकि गणितज्ञ होते हैं तो अकेले ही रहते हैं।
  • (4.)गणित में प्रेक्टिस करने की जरूरत नहीं है क्योंकि जब संसार में कुछ भी परफेक्ट है ही नहीं तो प्रेक्टिस करने से क्या फायदा।
  • (5.)गणितज्ञ जल्दी से बनना है तो किसी का आईडिया चुरा लो और उस पर अपना लेबल चिपका दो।
  • (6.)यदि छात्र सवाल पूछे तो उन्हें पासबुक,गाइड या कुंजी के लिए सजेस्ट कर दो लेकिन खुद सवाल बिल्कुल भी मत बताओ।
  • (7.)कोशिश कभी नहीं छोड़नी चाहिए।मुझे देखो मैं गणित की पुस्तकों को हवा में उछालता हूँ।हरबार गिरकर फट जाती है लेकिन कोशिश जारी है।सफलता झक मारकर मिलेगी।

9.अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career),अच्छा भविष्य बनाने के टिप्स (6 Tips for Making a Good Career) के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.क्या युवावर्ग को महत्त्वाकांक्षा रखनी चाहिए? (Should the Youth Have Aspirations?):

उत्तर:जीवन में कुछ बनने व करने की इच्छा को महत्त्वाकांक्षा कहते हैं।यदि अच्छे उद्देश्य को लेकर महत्त्वाकांक्षा रखी जाए तो बुरी नहीं है।अच्छा खिलाड़ी बनना,कक्षा में प्रथम आना,गणितज्ञ बनना इत्यादि महत्त्वाकांक्षा के रूप हैं।लेकिन इच्छा से ही कुछ नहीं होता है जब तक उसको साकार रूप न दिया जाए।

प्रश्न:2.करियर में सफलता के लिए युवा क्या करें? (What do Young People do for Success in Career?):

उत्तर:आत्मविश्वास के साथ निरन्तर प्रयत्न करते रहना चाहिए।एक बार एक कम्पनी में गणितज्ञ को साॅफ्टवेयर इंजीनियर को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया।साक्षात्कार कर्त्ता ने उसे पूछा आप कौनसा समाचार पत्र पढ़ते हैं?उसने उत्तर दिया कोई नहीं।तब पूछा कि “क्यों”?
तब गणितज्ञ ने कहा कि महत्त्वपूर्ण समाचार मोबाइल एप से देख लेता हूँ।तब गणितज्ञ से एक कठिन

प्रश्न:3.करियर में ऊँचाइयाँ प्राप्त करने का तरीका क्या है? (What is the Way to Achieve Highs in Career?):

उत्तर:कठिन परिश्रम,संकल्प शक्ति,विवेक,धैर्य, साहस,सच्ची लगन,आत्मविश्वास,एकाग्रता इत्यादि गुणों की आवश्यकता है।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career),अच्छा भविष्य बनाने के टिप्स (6 Tips for Making a Good Career) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स
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अच्छा करियर बनाने के 6 टिप्स (6 Tips for Building a Good Career) से पहले यह सवाल पूछा जा सकता है
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