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How to deal with mathematics in JEE?

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1 1.जेईई में गणित से कैसे निपटें? (How to deal with mathematics in JEE?)-
1.2 3.माॅडल पेपर्स व माॅक टेस्ट का अभ्यास करें (Practice model papers and mock test)-

1.जेईई में गणित से कैसे निपटें? (How to deal with mathematics in JEE?)-

जेईई  में गणित से कैसे निपटने (deal with mathematics in JEE) के लिए आपको कुछ खास टिप्स का ध्यान रखना होगा। जेईई में प्रश्नों का पैटर्न वस्तुनिष्ठ प्रकार का होता है। बहुत से विद्यार्थी जेईई की परीक्षा को लेकर चिन्तित रहते हैं कि किस प्रकार की रणनीति व तकनीक की सहायता से तैयारी करें जिससे जेईई में उनका चयन हो सके।
अधिकांश 12वीं कक्षा से पास करनेवाले विद्यार्थियों का सपना होता है कि वे आईआईटी करें। आईआईटी का कोर्स करने के लिए जेईई प्रवेश परीक्षा में चयन होना जरूरी होता है।आज इस आर्टिकल में कुछ ऐसी टिप्स बताएंगे जिनके आधार पर जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) में आसानी होगी।
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2.सेल्फ स्टडी आवश्यक (Self study required)-

आप यदि कोचिंग क्लास जाते हैं तो कोचिंग क्लास में पढ़ाए हुए टाॅपिक को घर पर जरुर अध्ययन करें। केवल कोचिंग क्लास में पढ़ने से ही आपका चयन जेईई में नहीं हो सकता है।जेईई में 11वीं व 12वीं का कोर्स तो सम्मिलित होता ही है। परन्तु जेईई में प्रश्नों का डिफीकल्टी लेवल काफी कठिन होता है इसलिए सेल्फ स्टडी करना आवश्यक है।
आईआईटी का भारत में काफी क्रेज तथा सम्मान है। फलस्वरूप आज हर 12वीं गणित का विद्यार्थी आईआईटी का कोर्स करना चाहता है। वास्तव में यह इतनी ‘ग्लैमरस’ और चुनौतीपूर्ण सेवा है कि गणित के युवाओं में इसकी चयन परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए एक जुनून-सा देखा जाता है। आईआईटी का कोर्स करने वाले अभ्यर्थी विभिन्न नेशनल, मल्टीनेशनल कंपनियों में इंजीनियर जैसे उच्च पदों पर नियुक्त किए जाते हैं। जहां उनको अपनी सम्पूर्ण मानसिक व बौद्धिक क्षमता का उपयोग करने का अवसर प्राप्त होता है।
आईआईटी के बढ़ते क्रेज के साथ-साथ इनमें चयन की प्रक्रिया भी कठिन से कठिनतर होती जा रही है।आज हर विद्यार्थी इस आशंका से त्रस्त है कि क्या आईआईटी करने की उसकी इच्छा पूर्ण हो सकेगी। रिक्तियां बहुत सीमित संख्या में होती है और परीक्षा में सम्मिलित होते हैं उससे 100-200 गुना अभ्यर्थी।यानि सफलता और असफलता के बीच का अनुपात का अन्तर बहुत अधिक है।यह विशाल अनुपात अच्छे अच्छों के हौसले पस्त कर देता है। परन्तु क्या सिर्फ यही सोचकर अभ्यर्थी अपने हथियार डाल दे कि इस परीक्षा में चयन की सम्भावना अत्यल्प है?क्या यह सोचकर कि जब असफल ही होना है तो क्यों इसमें सिर खपाया जाय, अभ्यर्थी निराशा के गर्त में डूब जाय?
जेईई के अभ्यर्थियों के लिए पहला मंत्र है-कभी भी निराश नहीं होना है चाहे रिक्तियों की संख्या कितनी ही हो। अतः प्रत्येक अभ्यर्थी यह मानकर चले कि अंतिम रूप से चयनित होने वाले अभ्यर्थी में एक वह भी है। आवश्यकता है तो सिर्फ प्रयास करने की।
तात्पर्य यह है कि अभ्यर्थी सर्वप्रथम अपने अन्दर आत्म-विश्वास जाग्रत करे तथा अपनी वास्तविक क्षमता को पहचाने और फिर अपने लक्ष्य की प्राप्ति में प्रयासरत हो जाए।
व्यक्ति को निष्काम भाव से अपना कर्त्तव्य पूरा करना चाहिए और फल की इच्छा बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। वास्तविकता भी यही है कि अभ्यर्थी के हाथों में सिर्फ कर्म ही है,फल तो किसी अन्य शक्ति के हाथों में है और वह शक्ति सिर्फ कर्मवानों को ही अपना कृपापात्र बनाती है। अतः आवश्यकता है तो सिर्फ अध्यवसायी बनने की इसलिए सेल्फ स्टडी अवश्य करें।स्कूल में तथा कोचिंग क्लास या आनलाईन क्लास में जो भी अध्ययन कराया जाए उसका घर पर अध्ययन अवश्य करें।
वास्तव में ढुलमुल नीति वाले कुछ भी हासिल नहीं कर पाते और वे कहीं के नहीं रहते।एक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अपना सारा ध्यान केन्द्रित कर देना ही सफलता की कुंजी है।जो लोग सभी लक्ष्यों को बेधना चाहते हैं, उनके हाथ में सबकुछ निकल जाता है।

3.माॅडल पेपर्स व माॅक टेस्ट का अभ्यास करें (Practice model papers and mock test)-

पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के बाद बार-बार माॅडल पेपर्स व माॅक टेस्ट का अभ्यास करें। माॅडल पेपर्स व माॅक टेस्ट हल करते समय,समय का भी ध्यान रखें। धीरे-धीरे माॅडल पेपर्स को हल करने की गति बढ़ाएं,साथ ही शुद्धता का भी ध्यान रखें।
जितना आप माॅडल पेपर्स और माॅक टेस्ट का अभ्यास करेंगे,उतना ही आपको फायदा होगा। माॅडल पेपर्स व मॉक टेस्ट को पाठ्यक्रम पूरा करने व पुनरावृत्ति करने के बाद ही हल करें। धीरे-धीरे आपकी स्पीड में वृद्धि होती जाएगी। माॅडल पेपर्स को हल से शुद्धता में भी सुधार होगा।

4.पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति (Repetition of the course)-

पाठ्यक्रम को एक बार ठीक तरह और गम्भीरता से पढ़ने के बाद उसमें आनेवाली कठिनाइयों को हल करें
पाठ्यक्रम में आनेवाली कठिनाइयों को या तो पुस्तक में अन्डर लाईन कर लें या किसी नोटबुक में उतार लें। तत्पश्चात् उन कठिनाइयों को अपने मित्रों तथा शिक्षकों से डिस्कस करके हल करें।डिस्कस करने से दिमाग खुलता है, कठिनाइयों का समाधान होता है और नई-नई जानकारी प्राप्त होती है।
यदि मित्रों व शिक्षकों से डिस्कस करना सम्भव नहीं हो तो आनलाईन अपनी समस्याओं का समाधान करें। आजकल आनलाईन कई ऐसी वेबसाइट है जहां आप अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति करते समय आप अपनी सभी समस्याओं को हल कर लें।

5.गणित के सूत्रों की नोटबुक तैयार करें (Prepare a notebook of math formulas)-

आपके सिलेबस में जो-जो टाॅपिक है उनसे सम्बन्धित सभी सूत्रों की एक नोटबुक तैयार कर लें। आपको जब भी मौका मिले तो उन सूत्रों की बार-बार पुनरावृति करते रहे और याद करते रहे।
धीरे-धीरे आपको गणित के सूत्र ठीक से याद हो जाएंगे। सूत्रों को किसी तकनीक के जरिए भी याद रख सकते हैं। जैसे गणित में सरलीकरण के सवालों को हल करने के BODMAS का सूत्र याद रख सकते हैं।समाकलन में प्रथम व द्वितीय समाकलन को चुनने के लिए ILATEC के द्वारा याद रख सकते हैं। त्रिकोणमिति में त्रिकोणमितीय अनुपातों को LAL/KKA से याद रख सकते हैं।इस प्रकार आप गणित के सूत्रों को याद कर लें।

6.जेईई में गणित से निपटने के लिए (deal with mathematics in JEE ) रेफरेन्स बुक-

यहां आपको 11वीं व 12वीं की पुस्तकों का अध्ययन तो करना ही है।इसके अलावा नीचे कुछ रेफरेंस बुक का वर्णन किया गया है जिनकी सहायता से आप जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) में मददगार साबित होगी।
गणित में एक मजबूत आधार और बेसिक बातों पर मजबूत पकड़ ऐसी चीजें हैं जो आपके स्कोर और रैंक को निर्धारित करने में लम्बा रास्ता तय करेगी।
जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) के लिए एक मजबूत समझ और कैलकुलस, बीजगणित तथा निर्देशांक ज्यामिति का ज्ञान होना आवश्यक है।यदि आप पिछले पेपरों में प्रश्नों के व्यवहार को ट्रैक करते हैं तो ये ऐसे प्रश्न है जिनसे प्रश्न उत्पन्न हुए हैं-
–  Sets, relations and functions
–  Complex numbers and quadratic equations
–  Matrices and determinants
–  Permutations and combinations
–  Mathematical induction
–  Sequences and series
–  Limit, continuity and differentiability
–  Integral calculus
–  Differential equations
–  Co-ordinate geometry
– Three dimensional geometry
–  Vector algebra
–  Statistics and probability
–  Trigonometry
–  Mathematical reasoning

           Textbook for references:
—————————————————————-
–  NCERT class XI and class XII books (all students should start with these early)
–  For best concepts you can purchase ‘IIT Mathematics’ by ML Khanna
–  New Pattern IITJEE Mathematics of Arihant Publications by Dr SK Goyal
–  Books by SL Loney (Good for coordinate Geometry and Trigonometry)
–  Tata McGraw Hill (TMH) books
–  6GN Bernnam – only use it for calculus as other sections are too advanced for JEE

उपर्युक्त टिप्स के आधार पर आप जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) सहायक होंगे।

7.जेईई में मैथ्स में 100 का स्कोर कैसे करें?(How to score 100 in maths in JEE?)-

आप ऊपर बताए गई रणनीति और तकनीक से तैयारी करेंगे तथा समय पर गणित की तैयारी करना प्रारम्भ करेंगे तो आप जेईई में मैथ्स में 100 का स्कोर कर सकते हैं अथवा अच्छे नम्बर प्राप्त कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम का सूक्ष्म अध्ययन व की गई स्टडी का मूल्यांकन करते रहे।अपनी बौद्धिक क्षमता को बढाते रहे धीरे-धीरे आपकी गणित पर इतनी मजबूत पकड़ हो जाएगी कि आप अच्छा स्कोर प्राप्त कर सकते हैं।
निम्न प्रश्नों के जवाब के आधार पर भी जेईई में गणित से निपट (deal with mathematics in JEE) सकते हैं।

8.जेईई के लिए गणित की पुनरावृत्ति कैसे करें?(How to revise maths for JEE?)-

सर्वप्रथम सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को पढ़ लें तथा उसमें आनेवाली कठिनाइयों को मित्रों, शिक्षकों या आनलाईन टूल्स की सहायता से हल करें।इसके पश्चात पाठ्यक्रम के नोट्स तैयार करें। नोट्स के आधार पर सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति करें।अधिक से अधिक अभ्यास करें।केवल मानसिक अभ्यास ही न करें बल्कि पेन और कागज की सहायता ले अर्थात् कागज पर पेन से अभ्यास करें। कहने का तात्पर्य है कि मानसिक व लिखित गणित का अभ्यास करें।

9.जेईई के लिए मैथ्स की पढ़ाई कैसे करें?(How to study maths for JEE?)-

उपर्युक्त बिन्दुओं 1 से 6 में बताई गई विधि से जेईई के लिए मैथ्स की पढ़ाई करें। पढ़ाई के लिए समय सारणी अवश्य बनाएं और उसका दृढ़ता से पालन करें। जहां तक हो सके रात को 10-11 बजे तक अपनी स्टडी समाप्त करके और सुबह जल्दी चार-पांच बजे तक उठ जाए।सुबह में की गई स्टडी दिमाग में अधिक स्थायी होती है क्योंकि सुबह का वातावरण शान्त व शुद्ध होता है तथा वातावरण में किसी प्रकार का कोलाहल नहीं होता है।

10.जेईई गणित के लिए गणित कैसे सुधारें?(How to improve maths for JEE?)-

निरन्तर अभ्यास, कठिन परिश्रम और सतत अध्ययन के द्वारा आप अपनी गणित में सुधार कर सकते हैं।यदि आप लगातार मन लगाकर तथा सतत अध्ययन नहीं करेंगे तो गणित पर आपकी पकड़ ढीली पड़ जाएगी। इसलिए गणित में सुधार करने के लिए निरन्तर अभ्यास, कठिन परिश्रम और सतत अध्ययन को अपना मूल मंत्र बना ले।

11.क्या जेईई में गणित कठिन है?(Is JEE maths tough?)-

कोई भी विषय तथा कार्य तभी तक कठिन होता है जब तक हम उसका अभ्यास नहीं करते हैं।सरल से सरल विषय भी अभ्यास व अध्ययन के बिना कठिन हो जाता है।जिस प्रकार रस्सी के बार-बार रगड़ से पत्थर पर निशान बन जाते हैं।उसी प्रकार बार-बार अभ्यास से कठिन से कठिन कार्य सरल हो जाता है। इसलिए जेईई में गणित से डरने की आवश्यकता नहीं है। शुरू-शुरू में ऐसा लगेगा कि जेईई में गणित कठिन है परन्तु धीरे-धीरे अभ्यास से सरल होती जाएगी।

12.क्या जेईई के लिए एनसीईआरटी गणित पर्याप्त है?(Is NCERT maths enough for JEE?)-

JEE गणित के लिए NCERT MATHS पर्याप्त नहीं है। इसलिए गणित पर अच्छी पकड़ बनाने तथा पेचीदा सवालों को हल करने के लिए रेफरेंस बुक का अध्ययन करना आवश्यक है जिसकी सूची हमने ऊपर दे दी है।

13.एक माह में JEE के लिए मैथ्स कैसे तैयार करे?(How to prepare maths forJEE?)-

माॅडल पेपर्स,माॅक टेस्ट तथा बने बनाए नोट्स के आधार पर एक माह में JEE के लिए मैथ्स को तैयार कर सकते हैं।

14.जेईई एडवांस्ड के लिए मैथ्स कैसे तैयार करें?(How to prepare maths for JEE advanced?)-

जेईई एडवांस्ड तैयारी के लिए आप रेफरेंस बुक में दिए गए प्रेक्टिस सैट का अधिक से अधिक अभ्यास करें। जहां तक हो सके सवालों को आप अपने दिमाग से हल करने की कोशिश करें। दिमाग पर दबाव पड़ने से दिमाग़ अधिक सक्रिय, जागरुक और सतर्क होता है।आप कठिन से कठिन सवालों के जवाब व हल करने में सक्षम होते हैं।अपने मित्रों को प्रोत्साहित करें कि वे आपको सवाल पूछे और उनका जबाव देने की कोशिश करें। विभिन्न प्रकार के जैसे रेफरेन्स बुक में प्रैक्टिस सैट, माॅडल पेपर्स,माॅक टेस्ट, आनलाईन स्टडी टूल्स तथा मित्रों व शिक्षकों से वार्ता के द्वारा आप जेईई एडवांस्ड के लिए मैथ्स तैयार कर सकते हैं।

15.क्या जेईई के लिए गणितीय तर्क महत्त्वपूर्ण है?(Is mathematical reasoning important for JEE?)-

जेईई में सीबीएसई बोर्ड तथा राज्य बोर्ड परीक्षाओं की तरह सवाल नहीं पूछे जाते हैं।बल्कि जेईई में जो सवाल पूछे जाते हैं उनमें तार्किक सवाल अधिक होते हैं। इसलिए आप मनन,चिन्तन व तर्क करने की क्षमता का जितना विकास करेंगे,उतना ही सटीक गणितीय तार्किक प्रश्नों के उत्तर आप ठीक से दे पाएंगे।अपनी तर्क व बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए नई-नई व जटिल समस्याओं को हल करते रहना चाहिए।
इस प्रकार आप उपर्युक्त टिप्स से जेईई में गणित से निपटें (deal with mathematics in JEE).प्रश्न पत्र कितना कठिन आ जाए यदि उक्त आधार पर तैयारी करेंगे तो जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) में आसानी होगी। इससे पूर्व हमने जेईई से संबंधित ओर भी आर्टिकल पोस्ट किए हैं उनके आधार पर जेईई में गणित से निपटने (deal with mathematics in JEE) के सहायता ले सकते हैं।

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