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Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan

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2 (1.)लोगों की प्रतिक्रियाओं का असर (The Impact of People’s Reactions):

1.ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान (Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan),सड़क किनारे ठेले वाले के बेटे आईआईटीयन रोहित चौहान की प्रेरक कहानी (Inspirational story of IITian Rohit Chauhan Who Son of a Roadside Cartman):

  • ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान (Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan) की प्रेरणादायक कहानी जो हर युवा को प्रेरित करने वाली है।बिलासपुर जो कि संभवत छत्तीसगढ़ राज्य में है,का रहने वाला है रोहित चौहान।युवक रोहित चौहान बिलासपुर के बिल्कुल गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है।लेकिन अपने हौसले और दृढ़-आत्मविश्वास के द्वारा उसने आईआईटी में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा का सम्बन्ध अमीरी-गरीबी से नहीं होता है।
  • इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उसने काफी संघर्ष भरा रास्ता तय किया है।रोहित चौहान के अनुसार उसने आईआईटी में चयन के लिए काफी कठिनाईयों का सामना किया है।उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि उसके परिवार वाले उसका दाखिला पब्लिक और कान्वेंट स्कूलों में नहीं करा सके।पब्लिक और कान्वेंट स्कूलों की फीस काफी हाई-फाई होती है और एक निर्धन परिवार का बालक उनमें पढ़ाई नहीं कर पाता है।
  • रोहित के माता-पिता चाट समोसे का ठेला सड़क के किनारे लगाते हैं।यह आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि एक सड़क किनारे मामूली चाट समोसे के ठेले वाले की आय कितनी हो सकती है?उसे अपने परिवार का पेट भरना भी मुश्किल हो जाता है।कोरोनावायरस से फैली महामारी ने इस धन्धे को भी चपेट में ले लिया।रोहित चौहान के पिता के सामने घर के जरूरी सामान जुटाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।महामारी के कारण दुबली और दो आषाढ़ वाली स्थिति पैदा हो गई।
  • कोविड-19 से पहले रोहित के पिता की वार्षिक आय ₹50000 से भी कम थी।आज के जमाने में सब्जी भी 50 से ₹100 प्रति किलो में बिकती है।ऐसी स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि 50000 से कम वार्षिक आय वाले परिवार को घर गृहस्थी चलाने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ते होंगे।
  • कोरोना काल में कार्य पूरी तरह ठप्प होने पर उसके परिवार का खर्चा सरकार से मिलने वाली सब्सिडी पर निर्भर हो गया।इस सब्सिडी के आधार पर परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो गया।
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(1.)लोगों की प्रतिक्रियाओं का असर (The Impact of People’s Reactions):

  • हमारे समाज में सभी तरह के लोग होते हैं।कुछ लोग हमारा हौसला बढ़ाते हैं।परंतु अधिकांश लोग हमें हतोत्साहित करते हैं।बात-बात पर ताने मारते हैं।जब रोहित आईआईटी की तैयारी कर रहा था तो उसे भी ताने सुनने पड़े।यदि कोई कमजोर दिल वाला हो तो हिम्मत हार बैठे तो उसे कामयाबी नहीं मिल सकती है।इन सब के बावजूद उसके माता-पिता रोहित का हौसला बढ़ाते रहे।मां कुसुम व पिता उमेश को मेहनत व मजदूरी से इतनी परेशानी नहीं होती थी बल्कि लोग लोगों के तानों से परेशान हो जाते थे।
  • लेकिन रोहित चौहान का हौसला उन तानों से टूटा नहीं बल्कि ओर बढ़ गया।आखिर रोहित चौहान ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग में ऑल इंडिया में 178वीं रैंक हासिल करके देश के प्रसिद्ध आईआईटी दिल्ली में वैज्ञानिक रिसर्च के लिए चयन हुआ।बिलासपुर निवासी रोहित चौहान ग्रेटर नोएडा (दिल्ली) के नॉलेज पार्क स्थित एसआईटी में सिविल इंजीनियरिंग बीटेक का छात्र है।
  • आईआईटी में चयनित होकर उस पर ताने कसने वालों को उसने करारा जवाब तो दे दिया।परंतु अभी उसके सामने कई प्रकार की समस्याएं खड़ी है।सबसे बड़ी समस्या तो आर्थिक समस्या है और उसको लक्ष्य बहुत बड़ा हासिल करना है।रोहित चौहान को आईटी कंपनी हैदराबाद,चेन्नई,गोवा व मुंबई टूर के पश्चात डिपार्टमेंट एयरपोर्ट प्रोजेक्ट इंजीनियर के लिए तैनात करने के लिए तैयार है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान (Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan) के बारे मे बताया गया है।

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(2.)ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान का निष्कर्ष (Conclusion of Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan):

  • आर्थिक कठिनाइयों में बहुत से प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतिभा छिपी हुई रह जाती है।उनकी प्रतिभा खिलने से पहले मुरझा जाती है।या सड़ गल जाती है।रोहित चौहान जैसे प्रतिभाशाली और कठिनाइयों का सामना करने वाले बहुत कम युवा होते हैं जो आगे बढ़ जाते हैं।
  • अधिकांश युवाओं की प्रतिभा आर्थिक कठिनाइयों के सामने घुटने टेक देती है।देश और संसार को ऐसी प्रतिभाओं का लाभ मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता है।
  • हालांकि कठिनाइयों का सामना करने से ही प्रतिभा निखरती है,उभरती है।यदि कठिनाइयों का सामना नहीं किया जाए तो प्रतिभा नहीं निखरती है।आर्थिक कठिनाइयों या अन्य समस्याओं तथा प्रतिभा निखार, उभार का आपस में चोली दामन का साथ है।
  • कुछ युवा ऐसे होते हैं कि वे यह सोचते हैं कि उनके सामने आर्थिक कठिनाइयां नहीं आए तो वे बहुत आगे बढ़ सकते हैं।पहला कारण हमने ऊपर बता दिया है कि कठिनाइयों में ही प्रतिभा निखरती है।दूसरा कारण है कि आर्थिक सहयोग पाने वाले का स्वाभिमान नहीं रह पाता है।ऐसा व्यक्ति सहयोग देने वाले का एहसान बंद हो जाता है जो उसके स्वतंत्र चिन्तन तथा प्रतिभा के निखार में रोड़ा बन जाता है।
  • हमारा मानना तो यह है कि माता-पिता को शुरू को माता-पिता को बच्चों को बच्चों को पार्ट टाइम कुछ न कुछ हुनर अवश्य सिखाना चाहिए जिसमें उसकी रूचि हो।यदि पार्ट टाइम जॉब ट्यूशन कराना,कहीं पढ़ाना,कोचिंग में पढ़ाना या कोई लेख लिखना या अन्य कोई अपनी रूचि का जाॅब हो सकता है।इससे युवा घर वालों पर ही निर्भर नहीं रहेगा।स्वयं का खर्चा कुछ हद तक पूरा कर सकता है।इसके अलावा वह स्किल सीख जाएगा जिससे डिग्री मिलने पर वह बेकार नहीं बैठेगा बल्कि अपने स्किल के आधार पर जॉब प्राप्त कर लेगा।

2.ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान (Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan),सड़क किनारे ठेले वाले के बेटे आईआईटीयन रोहित चौहान की प्रेरक कहानी (Inspirational story of IITian Rohit Chauhan Who Son of a Roadside Cartman) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.IIT में सेलेक्ट होने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? (What should I do to get selected in IIT?),आईआईटी में कैसे पहुंचे (How to reach into IIT):

उत्तर:प्रवेश प्रक्रिया
चरण 1: जेईई (मुख्य) परीक्षा में एपीयर हों।
चरण 2: जेईई-मेन को क्लीयर करने के बाद जेईई (एडवांस) परीक्षा के लिए में एपीयर हों।
चरण 3: अखिल भारतीय रैंक (AIR) प्राप्त करें
चरण 4: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोसा) [Joint Seat Allocation Authority (JoSAA)] द्वारा एक सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न आईआईटी में सीटों का आवंटन

प्रश्न:2.IIT के लिए कितने छात्रों का चयन किया जाता है? (How many students are selected for IIT?):

उत्तर:लगभग 20000 से 25000 उम्मीदवार अर्हता प्राप्त करते हैं,जिनमें से केवल 10000 उम्मीदवारों को 23 विभिन्न IIT में सीट पाने में सफलता मिलती है।जैसे-जैसे IIT की संख्या बढ़ रही है,IIT में सीटें भी बढ़ रही हैं।जेईई एडवांस में प्राप्त रैंक के आधार पर उम्मीदवारों को ऊपर से नीचे तक आईआईटी की सूची के आधार पर आईआईटी में प्रवेश मिलता है।

प्रश्न:3.आईआईटी में चयन का प्रतिशत कितना है? (What is the percentage of selection in IIT?):

उत्तर:परीक्षा हर साल एक आईआईटी द्वारा राउंड-रॉबिन रोटेशन पैटर्न (round-robin rotation pattern) पर आयोजित की जाती है।इसकी योग्यता दर बहुत कम है (2012 में 479,651 में लगभग 9,369; ~1.95%) 2017 में जेईई-एडवांस्ड की योग्यता दर लगभग 0.92% थी (जेईई मेन के लिए आवेदन करने वाले 1,200,000 में से लगभग 11,000)।

प्रश्न:4.IIT छात्रों का चयन कैसे करता है? (How do IIT select students?):

उत्तर:IIT/ISM धनबाद की चयन प्रक्रिया 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से शुरू होती है।जो छात्र इन संस्थानों में सीट सुरक्षित करना चाहते हैं,उन्हें इन संस्थानों में प्रवेश के लिए पात्र होने के लिए अपनी कक्षा 12 वीं या समकक्ष योग्यता परीक्षा में शीर्ष 20% छात्रों में रैंक हासिल करनी चाहिए।

प्रश्न:5.IIT के लिए न्यूनतम रैंक क्या है? (What is the minimum rank for IIT?):

उत्तर:आईआईटी बॉम्बे में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की जेईई मेन में रैंक लगभग 3000 या उससे कम होनी चाहिए।कंप्यूटर साइंस में प्रवेश के लिए,उम्मीदवारों को जेईई मेन प्रवेश परीक्षा में 100 से कम रैंक की आवश्यकता होती है।

प्रश्न:6.IIT दिल्ली के लिए न्यूनतम रैंक क्या है? (What is the minimum rank for IIT Delhi?):

उत्तर:IIT दिल्ली कटऑफ 2020 के अनुसार,CSE विशेषज्ञता में प्रवेश के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की रैंक 105 से कम होनी चाहिए।CSE के राउंड 1 और राउंड 6 कटऑफ में केवल थोड़ा सा बदलाव था,ओपनिंग रैंक समान (31) रही और अंतिम राउंड में क्लोजिंग रैंक 105 थी।

प्रश्न:7.आईआईटी की फीस कितनी है? (What is the fee of IIT?):

उत्तर:बी टेक के लिए आईआईटी शुल्क
IIT B.Tech फीस का नाम (प्रति सेमेस्टर)
आईआईटी बॉम्बे (आईआईटीबी) 1.15 लाख रुपये
आईआईटी कानपुर (आईआईटीके) 1.13 लाख रुपये
आईआईटी मद्रास (आईआईटीएम) 1.09 लाख रुपये
आईआईटी दिल्ली (आईआईटीडी) 1.16 लाख रुपये

प्रश्न:8.क्या कोई गरीब छात्र IIT में पढ़ सकता है? (Can a poor student study in IIT?):

उत्तर:योजना के माध्यम से क्या होता है कि IIT में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों की ट्यूशन फीस माफ कर दी जाती है।जिन छात्रों के माता-पिता 1 लाख रुपये से कम कमाते हैं,उन्हें आईआईटी में फीस की पूरी छूट मिल सकती है।ध्यान रखें कि शुल्क माफी योजनाओं की पात्रता को पूरा करने के लिए आपके पास आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।

प्रश्न:9.क्या मुझे IIT में स्कॉलरशिप मिल सकती है? (Can I get scholarship in IIT?):

उत्तर:वर्तमान में शोधकर्ता-छात्रों को IIT में मासिक छात्रवृत्ति के रूप में ₹25,000।आईआईटी बॉम्बे द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट में प्रकाशित सूची के अनुसार, पीएचडी विद्वानों को रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।नवाचार को बढ़ावा देने के लिए चुने गए आईआईटी के छात्रों को पांच साल के लिए 60,000 प्रति माह।

प्रश्न:10.क्या मैं IIT में फ्री में पढ़ाई कर सकता हूँ? (Can I study in IIT for free?):

उत्तर:वर्तमान में IIT अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और शारीरिक रूप से वंचित छात्रों के लिए शिक्षण शुल्क में पूर्ण छूट के अलावा उन सभी छात्रों के लिए शैक्षिक ऋण पर ब्याज सबवेंशन (subvention) प्रदान करते हैं जिनकी वार्षिक घरेलू आय पांच साल की अवधि के लिए 9 लाख रुपये से अधिक नहीं है।

प्रश्न:11.क्या मुझे 100% IIT छात्रवृत्ति मिल सकती है? (Can I get 100% IIT scholarship?):

उत्तर:जिन छात्रों के माता-पिता की वार्षिक आय 4,50,000/- रुपये से अधिक नहीं है।इसके लिए आवेदन करने के पात्र हैं।यह 25,000 रुपये/सेमेस्टर के भुगतान से छूट के साथ,भर्ती हुए 25% छात्रों के लिए उपलब्ध है।प्रत्येक सेमेस्टर में छात्रवृत्ति का नवीनीकरण भी संभव है,जो 5.0 के न्यूनतम जीपीए के अधीन है।

प्रश्न:12.क्या लड़कियों को IIT में स्कॉलरशिप मिलती है? (Do girls get scholarship in IIT?):

उत्तर:IIT मंडी (IIT Mandi) ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस सेमेस्टर की शुरुआत करने वाली सभी महिला छात्रों के लिए 1,000 रुपये की मासिक छात्रवृत्ति के साथ शुल्क माफी को मंजूरी देकर नेतृत्व किया।इसमें मौजूदा छात्रों को भी शामिल किया जाएगा,बशर्ते वे सेमेस्टर पास कर लें।

प्रश्न:13.IIT में कितने सेमेस्टर होते हैं? (How many semesters are there in IIT?):

उत्तर:8 सेमेस्टर
B.Tech. एक 4 साल (8 सेमेस्टर) का कार्यक्रम है।

प्रश्न:14.क्या एससी के लिए आईआईटी मुफ्त है? (Is IIT free of cost for SC?):

उत्तर:मंत्रालय के बयान के अनुसार,सरकार आईआईटी में प्रत्येक छात्र पर औसतन प्रति वर्ष लगभग 6 लाख रुपये खर्च कर रही है।विकलांग और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित छात्रों को पूर्ण शुल्क माफी और सबसे अधिक आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों (जिनके परिवार की आय 5 लाख रुपए कम है) उनकी फीस 66% तक माफ होगी।

प्रश्न:15.क्या IIT एक सरकारी कॉलेज है? (Is IIT a government college?):

उत्तर:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भारत भर में स्थित स्वायत्त सार्वजनिक तकनीकी विश्वविद्यालय हैं।वे प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम,1961 द्वारा शासित हैं, जिसने उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में घोषित किया है और शासन के लिए उनकी शक्तियों,कर्तव्यों और ढांचे को निर्धारित किया है।

प्रश्न:16.बिट्स पिलानी की फीस कितनी है? (What is the fees of BITS Pilani?):

उत्तर:बिट्स पिलानी (BITS Pilani) फीस स्ट्रक्चर के अनुसार,उम्मीदवारों को प्रवेश शुल्क के रूप में 39,800 रुपये और सेमेस्टर 1 और 2 के लिए 1,78,000 रुपये का भुगतान करना होगा। दूसरे वर्ष के लिए शुल्क 1,94,000, तीसरे वर्ष के लिए 2,11,500 और 2 रुपये है।चौथे वर्ष के लिए 30,500।

प्रश्न:17.बिट्स पिलानी किस लिए प्रसिद्ध है? (What is BITS Pilani famous for?):

उत्तर:बिट्स पिलानी अपने लचीले और मॉड्यूलर शैक्षणिक पाठ्यक्रम (modular academic curriculum) के लिए जाना जाता है,जिसमें यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री लिंकेज (Unversity-Industry linkages) पर जोर दिया जाता है।गणित विभाग की स्थापना 1944 में तत्कालीन मौजूदा बिड़ला साइंस कॉलेज के एक हिस्से के रूप में की गई थी,जिसे 1964 में बिट्स पिलानी में शामिल किया गया था।

प्रश्न:18.क्या बिट्स प्रवेश शुल्क वापसी योग्य है? (Is bits admission fee refundable?):

उत्तर:आवेदन शुल्क,प्रवेश शुल्क,गतिविधि शुल्क और वीज़ा संबंधी (Visa related) सभी शुल्क गैर-वापसी (non-refundable) योग्य हैं

प्रश्न:19.बिट्स पिलानी का मालिक कौन है? (Who is owner of Bits Pilani?):

उत्तर:जी. डी. बिरला (G. D. Birla)
जी डी बिड़ला संस्थापक अध्यक्ष के रूप में।इंजीनियरिंग और विज्ञान में गुणवत्तापूर्ण स्नातकों की अधिक आवश्यकता को महसूस करते हुए, बिट्स ने अपनी छात्र क्षमता को 2500 से बढ़ाकर 4000 कर दिया।

प्रश्न:20.बिट्स के लिए सीट स्वीकृति शुल्क क्या है? (What is the seat acceptance fee for bits?):

उत्तर:66,880/- के प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होगा और बाद में यदि प्रवेश की पेशकश की जाती है तो उन्हें निर्धारित समय के भीतर प्रस्ताव पत्र में उल्लिखित प्रथम सेमेस्टर की फीस का भुगतान करना चाहिए।यदि प्रतीक्षा सूची वाले उम्मीदवार को प्रवेश नहीं दिया जाता है,तो संपूर्ण प्रवेश शुल्क वापस कर दिया जाएगा।

प्रश्न:21.मैं पिलानी कैसे पहुँच सकता हूँ? (How can I reach Pilani?):

उत्तर:पिलानी तक सड़क या रेल मार्ग से पहुंचा जा सकता है।निकटतम रेलवे स्टेशन पश्चिमी रेलवे पर चिरावा (16 किमी) और उत्तर रेलवे पर लोहारू (24 किमी) हैं।दिल्ली और पिलानी और जयपुर और पिलानी के बीच नियमित बस सेवाएं हैं।बसें दिल्ली से इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) और कश्मीरी गेट से निकलती हैं।

प्रश्न:22.मुझे बिट्स पिलानी में प्रवेश कैसे मिल सकता है? (How can I get admission in BITS Pilani?):

उत्तर:बिट्स पिलानी में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों को कक्षा 12 की परीक्षा में उत्तीर्ण या उपस्थित होना आवश्यक है और प्रत्येक विषय में कम से कम 60% अंकों के साथ भौतिकी,रसायन विज्ञान और गणित में कुल मिलाकर 75% अंक प्राप्त करने चाहिए।

प्रश्न:23.बिट्स पिलानी के लिए कितने प्रतिशत की आवश्यकता है? (How much percentage is required for BITS Pilani?):

उत्तर:उम्मीदवारों को अर्हक परीक्षा में कम से कम 60% कुल अंक प्राप्त करने चाहिए और प्रत्येक विषय में कम से कम 50% अंकों के साथ भौतिकी,रसायन विज्ञान और गणित विषयों में न्यूनतम 60% अंक होने चाहिए।

प्रश्न:24.क्या मुझे बिट्स पिलानी में बिना बिटसैट के प्रवेश मिल सकता है? (Can I get admission in BITS Pilani without Bitsat?):

उत्तर:बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस या बिट्स,कक्षा 12 के बोर्ड टॉपर्स को सीधे प्रवेश देगा।जिन उम्मीदवारों ने अपनी संबंधित बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है,वे BITSAT 2020 के बिना प्रवेश ले सकते हैं।
उक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan के बारे में ओर जान सकते हैं।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा ठेले वाले का बेटा आईआईटीयन रोहित चौहान (Son Of Cartman IITian Rohit Chauhan),सड़क किनारे ठेले वाले के बेटे आईआईटीयन रोहित चौहान की प्रेरक कहानी (Inspirational story of IITian Rohit Chauhan Who Son of a Roadside Cartman) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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