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Mathematician Ritabrata Munshi

1.गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी का परिचय (Introduction to Mathematician Ritabrata Munshi)-

  • गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi)-बोर्न 14 सितंबर 1976 (उम्र 44)
  • मातृ संस्था-प्रिंसटन विश्वविद्यालय
  • व्यवसाय-गणितज्ञ
  • पुरस्कार-विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (2015),ICTP रामानुजन पुरस्कार (2018),इन्फोसिस पुरस्कार (2017)
    Websitehttp: //www.math.tifr.res.in/~rmunshi/ वैज्ञानिक अध्ययन
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च
  • डॉक्टरल सलाहकार-एंड्रयू विल्स (Andrew Wiles)
  • गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) संख्या सिद्धान्त के विशेषज्ञ हैं।
  • उन्होंने गणित में संख्या सिद्धान्त पर विशिष्ट कार्य किया है जिसके लिए उन्हें विज्ञान का सर्वोच्च प्रौद्योगिकी पुरस्कार शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • इसके अतिरिक्त उनको आईसीटीपी रामानुजन पुरस्कार (2018),इंफोसिस पुरस्कार (2017) भी मिल चुके हैं।
  • मात्र 44-45 वर्ष की उम्र में उन्होंने गणित में इतना योगदान दिया है जिसके लिए उन्हें यह पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
  • दरअसल किसी भी महान् कार्य के लिए उम्र इतना मायना नहीं रखती है जितना
  • महत्त्व प्रतिभा,संकल्पशक्ति,ज्ञान,बुद्धि जैसे गुणों का होता है।
    इन गुणों के कारण व्यक्ति छोटी आयु में महान कार्य कर लेते हैं।
  • गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) ने अपने गुणों को तराशा व उभारा है।
  • उनके द्वारा किए गए अथक प्रयासों के कारण उन्होंने 2006 में विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की।
  • 2016 में भारतीय विज्ञान अकादमी के फेलो चुने गए।इस प्रकार से वे आगे से आगे बढ़ते गए और उन्हें कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
  • उन्होंने गणित के क्षेत्र में न केवल पश्चिम बंगाल का बल्कि भारत के गौरव को भी बढ़ाया है।
  • गणित के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यो के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात हो चुके हैं।
  • हालांकि एक गणितज्ञ के रूप में उनकी यात्रा चुनौतियों से भरी हुई है परंतु उन्होंने उन सभी चुनौतियों का सामना किया है।
  • वर्तमान में वे टीआईएफआर, मुंबई में प्रोफेसर और भारतीय सांख्यिकी संस्थान में संबद्ध है।फाउंडेशन लाॅरेट, स्प्रिंगर की पुस्तकों की श्रृंखला ” इंफोसिस साइंस फाउंडेशन  इन मैथमेटिकल साइंसेज ” के संपादकीय बोर्ड में शामिल हो गए हैं।इससे एसोसिएशन श्रृंखला को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • इस प्रकार उनकी गणितीय यात्रा लगातार जारी है और वे आगे से आगे बढ़ते जा रहे हैं।
  • व्यक्ति को अपनी प्रतिभा को निखारने व उभारने के लिए सतत पुरुषार्थ करने की आवश्यकता होती है।गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) ने ऐसा ही किया है जिसके कारण वे लगातार सफलता की सीढियां चढ़ते गए हैं।
  • गणित को कैरियर चुनने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा बल्कि अपने लक्ष्य पर फोकस रहकर कार्य किया।
  • उन्हें लगातार मिल रही सफलता तथा पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि वे किस लगन और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
  • अभी उनके सामने भविष्य के द्वार खुले हुए हैं इसलिए वे आगे भी बहुत कुछ कर सकेंगे।
  • इस आर्टिकल में संक्षिप्त रूप में गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) के बारे में तो बताया गया है साथ ही पीएचडी करने के लिए डॉक्टरेट सलाहकार किस प्रकार नियुक्त किया जाता है उसका भी संदर्भवश वर्णन किया गया है।
  • उन्होंने पीएचडी की डिग्री प्रिंस जाॅनसन विल्स के मार्गदर्शन में 2006 में प्राप्त की थी।
  • उनके उत्कृष्ट योगदान को देखने से उनके द्वारा किए गए पुरुषार्थ का अनुमान लगाया जा सकता है।
  • वर्तमान में गणित के छात्र-छात्राएं उनसे बहुत कुछ सीख व समझ सकते हैं।
    गणित के छात्र-छात्राओं को ऐसे गणितज्ञों की जीवनी पढ़नी चाहिए जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा व मार्गदर्शन मिल सके।
  • ऐसे गणितज्ञों को पढ़ने व जानने से नई ऊर्जा प्राप्त होती है और हम आगे बढ़ पाते हैं।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके ।यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए ।आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

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2.डॉक्टरेट सलाहकार (Doctoral Advisor)-

  • एक डॉक्टरेट सलाहकार (शोध प्रबंध निदेशक या शोध प्रबंध सलाहकार) एक विश्वविद्यालय के संकाय का एक सदस्य है, जिसकी भूमिका स्नातक छात्रों का मार्गदर्शन करने की है, जो एक डॉक्टरेट के लिए उम्मीदवार हैं, जो उन्हें पाठ्यक्रम का चयन करने में मदद करते हैं,साथ ही छात्रों की पसंद को आकार देने, परिष्कृत करने और निर्देशन करते हैं।उप-अनुशासन जिसमें उनकी जांच की जाएगी या जिस पर वे एक शोध प्रबंध लिखेंगे।छात्र आम तौर पर अपने अनुशासन के भीतर रुचि के क्षेत्रों के आधार पर सलाहकार चुनते हैं,विशेष रूप से स्नातक संकाय के साथ मिलकर काम करने की इच्छा और उनके साथ काम करने के लिए उन संकायों की इच्छा और उपलब्धता।
  • कुछ देशों में, छात्र का सलाहकार शोध प्रबंध समिति या परीक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है।  हालांकि, कुछ मामलों में, जो व्यक्ति उन भूमिकाओं को निभाते हैं, वे संकाय सदस्य से भिन्न हो सकते हैं जिन्होंने छात्र को सबसे अधिक सलाह दी है।उदाहरण के लिए डच शैक्षणिक प्रणाली में, केवल पूर्ण प्रोफेसर (hoogleraren) और एसोसिएट प्रोफेसर (2017 से) डॉक्टरेट परीक्षाओं की अध्यक्षता कर सकते हैं,इसलिए जिन छात्रों को कम रैंक वाले संकाय सदस्यों द्वारा सलाह दी गई है,उनके आधिकारिक सलाहकार के लिए एक पूर्ण या एसोसिएट प्रोफेसर होगा (या प्रमोटर) और सह-प्रमोटर के रूप में उनके वास्तविक सलाहकार।स्पेन जैसे अन्य देशों में, डॉक्टरेट सलाहकार की एक संरक्षक की भूमिका है,लेकिन परीक्षा समिति का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं है।यह पाँच विशेषज्ञों का एक निकाय है जो विश्वविद्यालय के विभाग द्वारा प्रस्तावित दस उम्मीदवारों में से स्वतंत्र रूप से चयनित है।
  • एक अकादमिक वंशावली का पता छात्र के डॉक्टरेट सलाहकारों के आधार पर लगाया जा सकता है,जो एक पारंपरिक वंशावली के अनुरूप एक प्रकार से अकादमिक “वंश” की तर्ज पर चल सकता है।

3.गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi)-

  • गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) (जन्म 14 सितंबर 1976) एक बंगाली भारतीय गणितज्ञ हैं जो संख्या सिद्धांत के विशेषज्ञ हैं।उन्हें गणितीय विज्ञान श्रेणी में वर्ष 2015 के लिए भारत में विज्ञान के सर्वोच्च प्रौद्योगिकी पुरस्कार शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई और भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता से संबद्ध हैं।मुंशी ने प्रिंस जॉनसन विल्स के मार्गदर्शन में 2006 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
  • गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) को 2012 में भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्वर्ण-जयंती फैलोशिप से सम्मानित किया गया था।उन्होंने बी.एम.  2013 में बिड़ला विज्ञान पुरस्कार और 2016 में भारतीय विज्ञान अकादमी के फेलो चुने गए।संख्या सिद्धांत के विश्लेषणात्मक पहलुओं में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें गणितीय विज्ञान में इन्फोसिस पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया गया।
  • वेद जर्नल ऑफ़ द रामानुजन मैथमेटिकल सोसाइटी के संपादकीय बोर्ड और हार्डी-रामानुजन पत्रिका में कार्य करते हैं।
  • 8 नवंबर 2018 को, उन्हें आईसीटीपी के बुदिनीच लेक्चर हॉल में आयोजित एक समारोह में ICTP रामानुजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • उपर्युक्तआर्टिकल में गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) के बारे में बताया गया।

4.ऋतब्रत मुंशी सी.वी. (Ritabrata Munshi cv)-

  • संख्या सिद्धांत के विश्लेषणात्मक पहलुओं में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ऋतब्रत मुंशी।Diophantine समस्या में सरल योगदान के अलावा उनका संख्या सिद्धान्त में भी उनका में भी उनका अतुलनीय योगदान रहा है।
  • ऋतब्रत मुंशी जो राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन द्वारा प्रदान की गई निधि से संबद्ध है। राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन गणित के लिए स्थापित है।

5.ऋतब्रत मुंशी शिक्षा (Ritabrata Munshi Eduation)-

  • ऋतब्रत मुंशी ने अपनी स्नातक और प्रारंभिक स्नातक शिक्षा भारतीय सांख्यिकी संस्थान,कोलकाता में प्राप्त की।उन्होंने सर एंड्रयू विल्स के साथ अमेरिका में प्रिंसटन विश्वविद्यालय (Princeton University) में डॉक्टरेट की पढ़ाई की।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में गणितज्ञ ऋतब्रत मुंशी (Mathematician Ritabrata Munshi) के बारे में बताया गया है।

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