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Due to Students Being Weak Students

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2 2.छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students),स्टूडेंट्स के मैथेमेटिक्स में वीक होने के कारण (Due to Students Being Weak in Mathematics),गणित में कमजोर छात्रों की कमजोरी दूर करने के उपाय (Measures to remove weakness of weak students in mathematics) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

1.छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students),स्टूडेंट्स के मैथेमेटिक्स में वीक होने के कारण (Due to Students Being Weak in Mathematics):

  • छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students) बहुत से हैं।यदि समय रहते हुए तथा प्रारंभिक अवस्था में ही ध्यान दिया जाए तो उनकी कमजोरी को दूर किया जा सकता है।लेकिन सर्वप्रथम यह जानना जरूरी है कि छात्र-छात्राएं गणित में कमजोर किस कारण से हैं।यह आवश्यक नहीं है कि मन्द बुद्धि बालक ही गणित में कमजोर होते हैं बल्कि प्रखर बुद्धि बालक भी गणित में पिछड़ जाते हैं।छात्र-छात्राओं के गणित में पिछड़ने के निम्नलिखित कारण होते हैं:
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  • (1.)प्रखर बुद्धि वाले विद्यार्थी गणित में इसलिए पिछड़ जाते हैं क्योंकि कक्षा में उनके स्तर के अनुसार विषय-सामग्री नहीं पढ़ाई जाती है।जो विषय सामग्री पढ़ाई जाती है उसके लिए वे विद्यार्थी यह समझते हैं कि यह सब तो उन्हें पहले से ही आता है।परिणामस्वरूप वे गणित कक्षा में रुचि नहीं लेते हैं एवं पिछड़ जाते हैं।
    ऐसी स्थिति में प्रखर बुद्धि बालकों का भी शिक्षक को पर्याप्त ध्यान देते हुए उनकी प्रतिभा तथा बुद्धि के अनुसार गणित से संबंधित विषय-वस्तु पढ़ाई जानी चाहिए।यदि संभव हो तो उनको व्यक्तिगत ध्यान देकर उनके स्तर के अनुसार शिक्षण सामग्री तथा गणित की समस्याएं देनी चाहिए।
  • (2.)मंदबुद्धि बालक गणित में इसलिए पिछड़ जाते हैं क्योंकि वे शिक्षक द्वारा बताई गई बातों को समझ नहीं पाते हैं तथा कक्षा में शिक्षक द्वारा पढ़ाई जाने वाली विषय-वस्तु की गति के साथ नहीं चल पाते हैं।उन्हें गणित की विषय-वस्तु समझने में समय लगता है जबकि कक्षा में विषयवस्तु व पाठ्यक्रम को पूरा कराने के कारण साथ चलने में कठिनाई महसूस होती है।
    इस प्रकार के मन्द बुद्धि वाले बालकों की पहचान करके उनकी अतिरिक्त कक्षाएं ली जा सकती है। अतिरिक्त कक्षा में उनके स्तर के अनुसार तथा गणित को सरल भाषा में रूपांतरित करके पढ़ाया जाना चाहिए।
  • (3.)कभी-कभी स्टूडेंट्स की घरेलू समस्याएं भी गणित के अध्ययन के पिछड़ने का कारण बन जाती है।घरेलू समस्याएं जैसे:भाई-बहनों में आपस में झगड़ा,अशिक्षित परिवार,घर पर या अन्य कहीं पर गरीबी के कारण कोई जाॅब करना,माता-पिता में आपस में झगड़ा,माता-पिता का बच्चों के अध्ययन में सहयोग न कर पाना,कलहपूर्ण वातावरण हैं जो छात्र-छात्राओं का ध्यान भंग करते हैं।
  • अध्यापक को इस प्रकार के छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत समस्याओं को जान-समझकर उनको हल करने का प्रयास करना चाहिए।यदि संभव हो तो उनके माता-पिता से संपर्क करके उन समस्याओं को हल करने में अपना योगदान देना चाहिए।ऐसे छात्र-छात्राओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।अध्यापक ऐसा तभी कर पाएगा यदि वह अपने अध्यापन के प्रति पूर्ण निष्ठा तथा छात्र-छात्राओं के प्रति समर्पण भाव से कार्य करेगा।
  • (4.) गणित में पिछली कक्षाओं तथा प्रारंभिक कक्षाओं की कमजोरी भी आगे की कक्षाओं में पिछड़ने का कारण बन जाती है।पिछली कक्षाओं की कमजोरी के कारण छात्र-छात्राएं आगे की कक्षाओं में गणित की विषय-वस्तु को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं।जैसे:यदि छात्र-छात्राओं को संयुक्त संख्याओं के अभाज्य गुणनखंड करना (1331=11×11×11,9261=3×3×3×7×7×7 इत्यादि) नहीं सीखा होगा तो वे बीजीय बहुपदों के गुणनखण्ड करना नहीं समझ पाएंगे।इसी प्रकार अनेक छात्रों को संख्याओं का स्थानीय मान,जोड़,गुणा,भाग,बाकी,भिन्नों के जोड़,गुणा,भाग,बाकी,लघुत्तम समापवर्त्य,महत्तम समापवर्त्य नहीं जानते हैं तो आगे की कक्षाओं में वे परिमेय संख्याओं,अपरिमेय संख्याओं,संख्या प्रणाली इत्यादि को नहीं समझ पाएंगे।
  • इसलिए गणित के अध्यापक को पिछली कक्षाओं की कमजोरी को भी गणित के पाठ्यक्रम को पढ़ाते समय दूर करते रहना चाहिए।हो सके तो कुछ कालांश पिछली कक्षाओं की बेसिक बातें बतानी चाहिए।जैसे कक्षा 9 व कक्षा 10 में प्रमेय पढ़ाई जानी है तो छात्र-छात्राओं को पहले रेखा,रेखाखंड,किरण,वक्र रेखा,क्षैतिज रेखा (Horizontal Line),समांतर रेखाएं (Parallel Lines),असमांतर रेखाएं (Converging Lines),उर्ध्वाधर रेखाएंँ (Vertical Lines),सरल कोण (Straight Line),पुनर्युक्त कोण (Reflex Angles),पूरक कोण (Complementary Angles),संपूरक कोण (Supplementary Angles),कोण (Angles),समकोण (Right Angle),न्यून कोण(Acute Angle),अधिक कोण (Obtuse Angle),शीर्षाभिमुख कोण या सम्मुख कोण (Vertically Opposite Angles),संगत कोण (Corresponding Angels),एकांतर कोण (Alternate Angels),अंतः कोण (Interior Opposite Angles),बहिष्कोण (Exterior Opposite Angles),समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle),समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle),विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle),न्यून कोण त्रिभुज (Acute Angled Triangle),अधिक कोण त्रिभुज (Obtuse Angled Triangle),समकोण त्रिभुज (Right Angled Triangle),कर्ण (Hypotenuse),परिमाप (Perimeter),समरूप त्रिभुज (Similar Triangle),सर्वांगसम त्रिभुज (Congruent Triangle),माध्यिका (Median),लम्ब (Altitude),परिकेन्द्र (Orthocentre),बाह्य केन्द्र (Circumcentre),अन्त:केन्द्र (Incentre),केन्द्रक (Centroid) इत्यादि के प्रत्ययों को स्पष्ट करना चाहिए।
  • (5.)विद्यालय में लंबी अवधि तक अनुपस्थिति के कारण भी स्टूडेंट पिछड़ जाता है।लंबी अवधि तक अनुपस्थिति का कारण बीमार होना,परिवार में आकस्मिक निधन,छात्र-छात्रा का दुर्घटनाग्रस्त हो जाना इत्यादि कोई भी कारण हो सकता है।
    शिक्षक को इस प्रकार के विद्यार्थियों को गणित के वर्तमान टॉपिक्स के साथ-साथ उनके छूटे हुए टॉपिक्स को भी क्लियर करते रहना चाहिए। अतिरिक्त कालांश में भी ऐसे बच्चों को शामिल करके उनकी कमजोरी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
  • (6.)गणित विषय की प्रकृति के कारण भी कई बच्चे पिछड़ जाते हैं।गणित अमूर्त संकल्पनाओं,प्रक्रियाओं तथा प्रत्ययों का विषय है। इसलिए इस विषय को इतिहास,भूगोल,सामाजिक ज्ञान विषय इत्यादि की तरह नहीं पढ़ाया जा सकता है।
    गणित अध्यापक को गणित को दैनिक जीवन,घटनाओं तथा मूर्त प्रत्ययों से संबंधित करके पढ़ाया जाना चाहिए।
  • (7.)गणित फोबिया के कारण भी कई बच्चे कमजोर रह जाते हैं।विद्यार्थियों में गणित विषय का डर बैठा दिया जाता है।उनको बार-बार यह कहकर कि गणित विषय बहुत कठिन है,इसमें उत्तीर्ण होना कठिन है,गणित विषय को समझना कठिन है,गणित विषय को समझना तुम्हारे बस की बात नहीं है इत्यादि बातें कहकर उनके मन में गणित का डर पैदा कर दिया जाता है जिससे छात्र-छात्राओं की गणित विषय में अरुचि हो जाती है।
  • अध्यापक को गणित को वैज्ञानिक तरीके से पढ़ाना चाहिए।छात्र-छात्राओं के साथ मनोवैज्ञानिक व्यवहार करना चाहिए।उनके मन से गणित के भय को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
  • (8.)गणित में छात्र-छात्राओं के कमजोर होने के अन्य कारण:कई शिक्षक गणित पढ़ाने की योग्यता नहीं रखते हैं।इस कारण भी छात्र-छात्राएँ पिछड़ जाते हैं।अध्यापक का कठोर अनुशासन,गणित शिक्षकों की कमी,कक्षा में अनुशासनहीनता,बच्चों के शारीरिक दोष जैसे ऊंचा सुनना,कम सुनना,हकलाना,बहरापन,दृष्टि क्षीणता,विकलांगता,अधिक अंक लाने का दबाव,गणित को रटने की प्रवृत्ति पर जोर देना इत्यादि।शिक्षा संस्थान,अभिभावकों तथा शिक्षक को यथोचित कारण का पता लगाकर उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students),स्टूडेंट्स के मैथेमेटिक्स में वीक होने के कारण (Due to Students Being Weak in Mathematics) के बारे में बताया गया है।

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2.छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students),स्टूडेंट्स के मैथेमेटिक्स में वीक होने के कारण (Due to Students Being Weak in Mathematics),गणित में कमजोर छात्रों की कमजोरी दूर करने के उपाय (Measures to remove weakness of weak students in mathematics) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.बच्चों के बीच गणित में कमजोरी के शीर्ष सबसे अधिक कारण क्या हैं? (What are the top most reasons for weakness in math among children?): 

उत्तर:गणितीय अवधारणाओं की कल्पना करने के लिए एक बच्चे के लिए असमर्थता।
रटने सीखने के तरीके- जहां एक बच्चे को दिल से सीखने के लिए फार्मूले और कथन दिए जाते हैं। उच्च अंक प्राप्त करने का तनाव।

प्रश्न:2.गणित में कुछ लोग कमजोर क्यों हैं? (Why some people are poor in mathematics?):

उत्तर:वैज्ञानिक दुनिया में इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक आनुवंशिक विकलांगता है जिसके कारण कुछ लोगों को संख्या और उससे जुड़े मुद्दों के साथ भारी कठिनाइयां होती हैं।कभी-कभी,ऐसी समस्याओं को डिस्कलकुलिया (dyscalculia) और एडीएचडी (ADHD) जैसी विकलांगताओं के साथ देखा जा सकता है,कभी-कभी वे अपने दम पर दिखाई देते हैं।

प्रश्न:3.मैं गणित के साथ इतना संघर्ष क्यों करता हूँ? (Why do I struggle so much with math?):

उत्तर:गणित सीखने के दौरान सबसे आम समस्या यह है कि छात्रों को बुनियादी अवधारणाओं की समझ की कमी है।गणित के रूप में ब्लॉक के निर्माण के रूप में के बारे में सोचने से पहले,आप आगे बढ़ने से पहले नींव रखने की जरूरत है।और अगर नींव ठीक से नहीं रखी गई तो ब्लॉक अलग हो जाएंगे ।

प्रश्न:4.आप गणित में कमजोर के साथ कैसे व्यवहार करते हैं? (How do you deal with weak in math?):

उत्तर:हालांकि कोई कठिन और तेज नियम नहीं हैं,ऐसे तरीके हैं जो कमजोर छात्रों को गणित में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं:
सकारात्मकता और आत्मविश्वास पैदा करना (Instilling Positivity and Confidence)।
शेड्यूलिंग अभ्यास (Scheduling Practice)।
मेमोरी के साथ मदद करने के लिए उपकरण (Tools to Help with Memory)।
समझ का परीक्षण करने के लिए प्रश्न पूछें (Ask Questions to Test Understanding)।
मजबूत बुनियादी बातों को सुनिश्चित करें (Ensure Strong Fundamentals)।
कमजोर विषयों पर ध्यान केंद्रित करना (Focusing on Weaker Topics)।

प्रश्न:5.क्यों कई छात्र गणित में नफरत और संघर्ष करते हैं? (Why do many students hate and struggle in mathematics?):

उत्तर:गणित की चिंता के साथ छात्रों को सिर्फ गणित नापसंद नहीं है-उनके लिए,गणित डर और विफलता है कि उनके प्रदर्शन करने की क्षमता को चोट की दुर्बल भावनाओं का कारण बनता है । दबाव और विश्वास की कमी इन छात्रों को लगता है जब गणित के साथ सामना करना पड़ा उनके मस्तिष्क फ्रीज करने के लिए और यहां तक कि बातें वे जानते है भूल का कारण बनता है ।

प्रश्न:6.छात्र गणित को नापसंद क्यों करते हैं? (Why do students dislike mathematics?):

उत्तर:कुछ छात्रों को गणित नापसंद है क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सुस्त है।वे संख्या और सूत्रों के बारे में उत्साहित नहीं हो जिस तरह से वे इतिहास,विज्ञान, भाषाओं या अन्य विषयों है कि व्यक्तिगत रूप से कनेक्ट करने के लिए आसान कर रहे है के बारे में उत्साहित हो।वे गणित को अमूर्त और अप्रासंगिक आंकड़े के रूप में देखते हैं जिन्हें समझना मुश्किल है।

प्रश्न:7.कमजोर छात्रों को गणित कैसे पढ़ाते हैं? (How do you teach maths to weak students?):

उत्तर:आप कमजोर छात्रों के लिए इन टिप्पणियों का पालन करने के लिए उंहें गणित में अच्छा कर सकते हैं:
बच्चे को विषय का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करें (Encourage the child to enjoy the subject)।
बच्चे के दिमाग से निशान का दबाव लें (Take the pressure of marks off the child’s mind)।
बच्चे को पता लगाने और गलतियां करने के लिए प्रोत्साहित करें (Encourage the child to explore and make mistakes)।
बच्चे को स्कूल में बहुत कुछ पूछने के लिए प्रोत्साहित करें (Encourage the child to ask a lot of why’s in school)।
अपने बच्चे के साथ परिप्रेक्ष्य और धैर्य रखें (Have perspective and patience with your child)।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students),स्टूडेंट्स के मैथेमेटिक्स में वीक होने के कारण (Due to Students Being Weak in Mathematics) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Due to Students Being Weak Students

छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण
(Due to Students Being Weak Students)

Due to Students Being Weak Students

छात्र-छात्राओं के गणित में कमजोर होने के कारण (Due to Students Being Weak Students) बहुत से हैं।
यदि समय रहते हुए तथा प्रारंभिक अवस्था में ही ध्यान दिया जाए तो उनकी कमजोरी को दूर किया जा सकता है।लेकिन सर्वप्रथम यह

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