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What is Benefit of Reading Mathematics?

1.गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?):

  • गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?),यह सोचकर कोई विद्यार्थी गणित का ज्ञान प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए गणित का ज्ञान प्राप्त करना बहुत मुश्किल है।साथ ही जो गणित पढ़ने का सरल और सुगम तरीका जानना चाहता है तो भी उसके लिए गणित पढ़ना,गणित का ज्ञान प्राप्त करना मुश्किल है।हम इसको दो दृष्टांतों के द्वारा समझेंगे।महान् गणितज्ञ यूक्लिड एक प्रसिद्ध विद्यालय में ज्यामिति पढ़ाते थे।एक दिन एक विद्यार्थी ने उनसे पूछा गुरुजी,ज्यामिति पढ़ने से क्या लाभ?
  • यूक्लिड कोई मामूली गणितज्ञ नहीं थे।उन्होंने ज्यामिति के बारे में एक ग्रंथ लिखा है।इस ग्रंथ को एलिमेंट्स (मूलतत्त्व) नाम से जाना जाता था। यूक्लिड के ग्रंथ का असली नाम थाःस्टोइकेइया।यूक्लिड प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो (अफलातून) के विद्यालय में पढ़े-लिखे थे।इस विद्यालय के द्वार पर लिखा हुआ था कि जो व्यक्ति ज्यामिति से अनभिज्ञ है उसे इस विद्यालय में प्रवेश मना है।इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि यूक्लिड एक मामूली गणितज्ञ नहीं थे।
  • यूक्लिड ने उस विद्यार्थी को कुछ भी जवाब नहीं दिया।उन्होंने अपने एक नौकर को बुलाया और उससे कहा कि इस विद्यार्थी को एक ओबोल (यूनानी सिक्के का नाम) दे दो अर्थात् इसे धन दे दो क्योंकि यह ज्ञान से केवल धन कमाने की आशा रखता है।
    आज भी हमारे देश में बहुत से ऐसे विद्यार्थी देखने को मिलेंगे जो धन कमाने के लिए जैसे-तैसे पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं।बहुत से माता-पिता मिलेंगे जो अपने बच्चे को ऐसे ही विषय पढ़ने-पढ़ाने पर जोर देते हैं जिससे बाद में जाकर बहुत-सा धन कमा सके।भले ही बच्चे में गणित और विज्ञान को पढ़ने की जिज्ञासा,योग्यता व रुचि नहीं हो।
  • ज्यामिति का लेखक महान् गणितज्ञ कितना स्पष्टवादी था तथा ज्ञान-विज्ञान के अध्ययन से केवल लाभ खोजने वाले विद्यार्थी को यूक्लिड ने क्या जवाब दिया?
  • आज जो ज्यामिति पढ़ाई जाती है उसकी रचना यूक्लिड ने लगभग 2550 वर्ष पहले की थी।लेकिन आज ज्यामिति की पुस्तक के लेखक का दूसरा नाम ही लिखा हुआ मिलता है।कारण यह है कि यूक्लिड ने अपनी ज्यामिति की पुस्तक यूनानी (ग्रीक) भाषा में लिखी थी।बाद में इस पुस्तक का अरबी भाषा में अनुवाद हुआ।लेटिन भाषा में अनुवाद हुआ।15वीं शताब्दी शताब्दी से इस पुस्तक के यूरोप की अनेक भाषाओं में अनुवाद होने लगे।आज संसार में जहां कहीं भी ज्यामिति पढ़ाई जाती है,वह सब यूक्लिड की ज्यामिति है।
  • तो यूक्लिड थे ही ऐसे। यह बात नहीं है कि वह एक विद्यार्थी को ही ऐसा जवाब दे सकते थे।नहीं, वे एक राजा को भी कड़ा जवाब देने की हिम्मत रखते थे। राजा भी कोई मामूली नहीं।राजा तोलेमी।
  • महान् खगोलवेत्ता तोलेमी (ईसा की दूसरी सदी) ने अपने ज्योतिष सिद्धांत के लिए यूक्लिड की ज्यामिति का इस्तेमाल किया था।तोलेमी अलेक्जेंड्रिया के निवासी थे।उन्होंने ज्योतिष सिद्धांत पर एक महान ग्रंथ की रचना की थी।यह ग्रंथ यूनानी भाषा में सिन्टेक्सिस और अरबी में अल-मजिस्ती के नाम से मशहूर है।
  • तोलेमी ने यूक्लिड की ज्यामिति का गहरा अध्ययन किया था।उन्होंने ‘मूलतत्त्व’ की पांचवी अभिधारणा को भी सिद्ध करने का प्रयास किया था।तोलेमी पहले यूनानी वैज्ञानिक थे जिन्होंने अपने सिद्धांतों के प्रतिपादन में त्रिकोणमिति का उपयोग किया था।
    तोलेमी ने उस समय के सभ्य संसार के बारे में भी ग्रंथ लिखा था।इस ग्रंथ में भारत के बारे में जो जानकारी है,वह बड़े महत्त्व की है।वह यूक्लिड की पुस्तक पढ़ने लगा।लेकिन शीघ्र ही उसे पता लगा कि यह कठिन है और इसे पढ़ने के लिए बहुत समय लगेगा।नौकर चाकरों से घिरे रहने वाले बड़े आदमियों की आदत होती है कि हर काम फौरन पूर्ण हो जाए।इसलिए राजा तोलेमी ने एक दिन यूक्लिड से पूछा कि “क्या ज्यामिति को सीखने का कोई आसान तरीका नहीं है? है तो कृपया बताइए।” यूक्लिड राजा तोलेमी के विश्वविद्यालय में प्राध्यापक थे,जिससे उन्हें वेतन मिलता था।यूक्लिड ने जवाब दिया “राजन्!ज्यामिति सीखने के लिए कोई ‘राजमार्ग’ नहीं है।”सचमुच ही ज्यामिति तथा गणित को सीखने के लिए कोई आसान तरीका नहीं है।
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2.गणित को व्यावसायिक तरीके से पढ़ाना (Teaching Mathematics professionally):

  • गणित को पढ़ाने का लक्ष्य ज्ञान प्रदान करना या ज्ञान प्राप्त करने का होना ठीक (ज्ञान को उपलब्ध होना) है।गणित को पढ़ाकर धन कमाने का लक्ष्य मानना या धनार्जन करना गणित व ज्ञान की गरिमा को कम करना है।धनार्जन या जीविका चलाना बायोप्रोडक्ट है न कि लक्ष्य है।एक बोध कथा से इसका अर्थ स्पष्ट हो जाएगा।
  • एक अध्यापक थे।वे रोज अपने शिष्यों को गणित पढ़ाया करते थे।उनकी पढ़ाने की शैली इस प्रकार की थी कि उनके गणित पढ़ाने के तरीके से उनके शिष्य दंग रह जाते थे।शिष्यों को गणित पढ़ने में रूचि हो जाती थी।वे गणित को दुगने उत्साह से पढ़ते थे।अध्यापक महोदय छात्र-छात्राओं को प्रेरित और उत्साहित करते थे।सबसे अच्छा शिक्षक वही होता है जो छात्र-छात्राओं को निराशा में आशा की किरण दिखाता है।हताश तथा असमर्थ छात्र-छात्राओं को प्रेरित करके उनको गणित पढ़ने के लिए तैयार करता है और योग्य बनाता है।
  • गणित पढ़ाने तथा कक्षा समाप्त होने के बाद अध्यापक महोदय अपने शिष्यों को रोज कहते थे कि कल आएं तो एक मुट्ठी चावल लेकर आना।
  • छात्र-छात्राएं उनके पढ़ाने के तरीके को तो बहुत पसंद करते थे परंतु रोज उनको एक मुट्ठी चावल के लिए कहना उन्हें अखरता था।एक दिन छात्र-छात्राओं से रहा नहीं गया और उन्होंने अध्यापक महोदय से कहा कि आपका पढ़ाना हमें बेहद पसंद है परंतु आप द्वारा रोज-रोज एक मुट्ठी चावल के लिए कहना जायज नहीं है।तब अध्यापक महोदय ने उनको समझाया कि यह एक मुट्ठी चावल मेरे शरीर तथा जीवन का निर्वाह करने के लिए आवश्यक है।बिना भोजन किए शरीर नहीं रहेगा और बिना आवश्यकताओं की पूर्ति के जीवन का निर्वाह नहीं होगा।बिना शरीर और आवश्यकताओं की पूर्ति के मैं पढ़ाने में समर्थ न रहूंगा।इसलिए शरीर व जीवन के निर्वाह के लिए यह आवश्यक है।छात्र-छात्राओं को उनकी बात समझ में आ गई।उनको यह भी समझ में आ गया कि अध्यापक महोदय आत्मनिर्भर रह कर अपना जीवन निर्वाह करना चाहते हैं।शरीर निर्वाह के लिए किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं।इसलिए अपने लक्ष्य पर तो नजर रखें अर्थात् आपका लक्ष्य छात्र-छात्राओं को पढ़ाने पर रखें परन्तु उनसे अनुचित लाभ उठाने का प्रयास न करें।उनके हित का पूरा ध्यान रखें ।साथ ही जीविका निर्वाह हेतु लोभी प्रवृत्ति न रखें बल्कि आटे में नमक जितना प्रोफेशनल होना बुरा नहीं है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?) के बारे में बताया गया है।

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3.निष्कर्ष (Conclusion):

  • गणित से प्रेम करने वालों ने गणित को कई प्रकार से परिभाषित किया है।किसी ने गणित को मानव की अनुपम उपलब्धि कहा है।किसी ने उसे शुद्ध सौंदर्य का प्रतीक कहा है।किसी ने उसमें सत्य का दर्शन किया है।किसी ने उसमें अनन्त ज्योति का आभास किया है।तो किसी ने उसे भगवान की प्राप्ति का साधन माना है।कई गणित में सत्य और सौंदर्य के दर्शन करके आनंद की अनुभूति करते हैं।
  • शुद्ध गणित के प्रेमी गणित-जगत् को स्थूल-जगत् के लिए किसी प्रकार उपयोगी होना आवश्यक नहीं मानते हैं।आर्कमिडीज जो कि अपने समय के महान् गणितज्ञ ही नहीं बल्कि अब तक के महान गणितज्ञों में उनकी गणना होती है।उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि भगवान करे गणित कभी किसी के काम ना आए। प्रोफेसर जी एच हार्डी बीसवीं शताब्दी के बहुत बड़े गणितज्ञ हुए हैं।उन्होंने भी कहा है कि मेरा विश्वास है संभवतः मैंने अपने जीवन में कोई उपयोगी कार्य नहीं किया।उन्होंने जिन विद्यार्थियों को पढ़ाया होगा वे उन्हीं की भांति अनुपयोगी कार्य में व्यस्त रहे होंगे।यही शुद्ध गणित की सबसे बड़ी साधना है।
  • शुद्ध गणितज्ञ अपने को सौंदर्य और सत्य का पुजारी मानता है।उसके अनुसार गणित केवल विचारों से ही संबंधित होता है,स्थूल जगत की वस्तु से नहीं।विचार स्थूल जगत से अधिक स्थाई हैं। गणितीय ज्ञान शाश्वत है।5+5=10 सदा सत्य था, वर्तमान में भी और सदा सत्य ही रहेगा।प्रोफेसर हार्डी का कहना है कि कोई वस्तु विचार-जगत् से जितनी अधिक संबंधित होगी वह उतनी ही अधिक सुंदर होगी।द्वितीय वह जितनी अधिक अनुपयोगी होगी उतना ही उसका सौंदर्य निखर उठता है।सौंदर्य और उपयोगिता परस्पर विरोधी है।
  • उपर्युक्त विवरण के द्वारा गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?) का निष्कर्ष निकाला गया है।

4.गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.गणित पढ़ने का क्या उपयोग है? (What is the use of reading mathematics?):

उत्तर:पढ़ना,लिखना और गणित अविभाज्य हैं,या होना चाहिए।छात्रों द्वारा विषय के बारे में पढ़ने या लिखने से पहले हैंड्स-ऑन गणित जिज्ञासा को उत्तेजित कर सकता है,छात्रों की रुचि को जोड़ सकता है और महत्वपूर्ण पूर्व ज्ञान (prior knowledge) का निर्माण कर सकता है।जितना अधिक छात्र किसी विषय के बारे में जानते हैं, उतना ही बेहतर वे उस विषय के पाठ को समझते और सीखते हैं।

प्रश्न:2.गणित पढ़ने के क्या फायदे हैं? (What are the benefits of studying mathematics?):

उत्तर:गणित का अध्ययन करने के लाभ
गणित उपयोगी है।वस्तुतः सभी को कुछ गणित करने में सक्षम होने की आवश्यकता है।
गणित मजेदार है।अधिकांश लोगों ने गणित के कठिन प्रश्न का सही उत्तर पाकर आनंद का अनुभव किया है।
गणित मन को प्रशिक्षित करता है।
गणित हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
गणित सुंदर है।

प्रश्न:3.पढ़ना आपको गणित में कैसे मदद कर सकता है? (How can reading help you with math?):

उत्तर:रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन अभ्यास के एक कोर्स के बाद,नाइसली (Nicely) ने पाया कि बीजगणित II और प्री-कैलकुलस में छात्रों ने एक वर्ष के दौरान अपने गणित के अंकों में क्रमशः 14.8 प्रतिशत और 5.4 प्रतिशत का सुधार किया।उन परिणामों से पता चलता है कि हाई स्कूल के छात्रों के गणित कौशल में सुधार करने में कभी देर नहीं होती है,नाइसली कहते (Nicely says) हैं।

प्रश्न:4.पढ़ना या गणित अधिक महत्वपूर्ण क्या है? (What is more important reading or math?):

उत्तर:यह पता चला है,दोनों बुद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।गणित और पढ़ने की क्षमता दोनों समान रूप से द्रव बुद्धि (fluid intelligence) से सह-संबंधित (correlated) हैं।गणित पढ़ने की तुलना में थोड़ा अधिक सहसंबद्ध (correlated) है,हालाँकि यह अंतर इतना छोटा है कि यह इन विषयों (disciplines) के भीतर विभिन्न कौशलों के बीच के अंतर से ढका हुआ (overshadowed) है।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।What is Benefit of Reading Mathematics?

What is Benefit of Reading Mathematics?

गणित पढ़ने से क्या फायदा है?
(What is Benefit of Reading Mathematics?)

What is Benefit of Reading Mathematics?

गणित पढ़ने से क्या फायदा है? (What is Benefit of Reading Mathematics?),यह सोचकर कोई विद्यार्थी गणित का ज्ञान प्राप्त करना चाहता है तो उसके लिए गणित का ज्ञान प्राप्त करना बहुत मुश्किल है।साथ ही जो गणित पढ़ने का सरल और सुगम तरीका जानना चाहता है तो भी उसके लिए गणित पढ़ना,गणित का ज्ञान प्राप्त करना मुश्किल है।

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