Menu

12th Mathematics Archive

Definite Integration by substitution method

प्रतिस्थापन विधि से निश्चिंत समाकलन का परिचय (Introduction to Definite Integration by substitution method): प्रतिस्थापन विधि से निश्चिंत समाकलन (Definite Integration by substitution method):किसी फलन के निश्चित समाकल का मान ज्ञात करने के लिए पहले उस फलन का ज्ञात विधियों से अनिश्चित समाकलन निकाला जाता है फिर परिणाम में चर के स्थान पर उच्च सीमा

Logarithmic Differentiation

लघुगणकीय अवकलन का परिचय (Introduction to Logarithmic Differentiation): लघुगणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation):जब फलन की घात के रूप में चर हो तो ऐसे फलन का अवकलन ज्ञात करने के लिए सर्वप्रथम फलन का लघुगणक (Logarithmic) लेते हैं और इससे प्राप्त परिणाम का अवकलन करते हैं।इस विधि को लघुगणकीय अवकलन कहते हैं।यदि फलन गुणनखण्डों का गुणनफल हों

Differentiation of Implicit function

अस्पष्ट फलन का अवकलन का परिचय (Introduction to Differentiation of Implicit function): अस्पष्ट फलन का अवकलन (Differentiation of Implicit function):स्पष्ट फलन (Explicit Function)-यदि किसी समीकरण में x तथा y दोनों चर हों तथा इसमें y को x के (या x को y के) के फलन के रूप में व्यक्त किया जा सके तो y को