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Satyam Archive

Conditional Probability

1.सप्रतिबन्ध प्रायिकता (Conditional Probability),सप्रतिबन्ध प्रायिकता सूत्र (Conditional Probability Formula): सप्रतिबन्ध प्रायिकता (Conditional Probability) का अध्ययन करने से पूर्व समसंभाव्य परिणामों की अवस्था में प्रायिकता के अभिगृहीत दृष्टिकोण तथा चिरसम्मत सिद्धान्त का अध्ययन करना आवश्यक है।इस आर्टिकल में किसी घटना की सप्रतिबन्ध प्रायिकता (जब एक घटना घटित हो चुकी हो तथा दूसरी घटित हो रही हो)

JEE Main Session 4 Final Answer Key

1.जेईई-मेन सेशन 4 परीक्षा की फाइनलआंसर की जारी (JEE Main Session 4 Final Answer Key),जेईई-मेन 2021 सेशन 4 परीक्षा की फाइनलआंसर की जारी (JEE Main 2021 Session 4 Final Answer Key): जेईई-मेन सेशन 4 परीक्षा की फाइनल आंसर की जारी (JEE Main Session 4 Final Answer Key) कर दी गई है।अब फाइनल आंसर की जारी

Probability

1.प्रायिकता (Probability),प्रायिकता का अर्थ (Probability Meaning): प्रायिकता (Probability) के सिद्धान्त की उत्पत्ति 17वीं शताब्दी में यूरोप में हुई।वहाँ के उद्योगपतियों एवं व्यापारियों ने उनसे सम्बन्धित व्यवसाय के परिणामों के पूर्वानुमान करने के प्रयास किए जिससे अधिक से अधिक लाभ हो सके।इन लोगों ने अपनी समस्याओं को तत्कालीन गणितज्ञों गैलीलियो,पास्कल,फर्मा कारडेनो आदि के सामने रखा।गणितज्ञों ने

Non Euclidean Geometry

1.अ-यूक्लिडीय ज्यामितियाँ (Non Euclidean Geometry): अ-यूक्लिडीय ज्यामितियाँ (Non Euclidean Geometry)!यूक्लिड के विरोध में निर्मित ज्यामितियाँ!एक नहीं अनेक!किन्तु यूक्लिड का विरोध कैसा?यह जानने के लिए हमें पुनः यूक्लिड की ज्यामिति की ओर लौटना होगा;यूक्लिड की ज्यामिति का गहराई से परीक्षण करना होगा।यूक्लिड की ज्यामिति का आरम्भ आधारशिलाओं-परिभाषाओं,अभिधारणाओं तथा स्वयंतथ्यों से होता है।ज्यामिति की ये आधारशिलाएं ही

Zeroes of Quadratic Polynomial

1.द्विघात बहुपदों के शून्यक (Zeroes of Quadratic Polynomial): द्विघात बहुपदों के शून्यक (Zeroes of Quadratic Polynomials) को ज्ञात करनेवाले के लिए द्विघात,द्विघात बहुपद को जानना आवश्यक है।(1.)द्विघात (Quadratic):द्विघात का शाब्दिक अर्थ वर्ग (Square) है तथा द्विघात शब्द का अर्थ वर्ग के समान से है।अतः बहुपद जिसमें अज्ञात राशि (चर) की उच्चतम घातक (Index) 2 हो,

Mathematician Pythagoras

1.गणितज्ञ पाइथागोरस (Mathematician Pythagoras): गणितज्ञ पाइथागोरस (Mathematician Pythagoras) बहुत प्रसिद्ध गणितज्ञ हुए हैं।गणित के क्षेत्र में अनेक विद्वान हुए हैं जिनमें पाइथागोरस भी एक उच्चकोटि के गणितज्ञ थे।इनका जन्म ग्रीस के निकट,एजियन सागर के मध्य,सामोस (Samos) नामक द्वीप में ईसा से लगभग 580 वर्ष पूर्व हुआ था।यह सामोस द्वीप थेल के जन्म नगर मिलेटस से

Job Interview

1.जाॅब साक्षात्कार (Job Interview): जाॅब साक्षात्कार (Job Interview) का महत्त्व दिनोदिन बढ़ता जा रहा है।निजी व सरकारी सेवाओं में जाॅब साक्षात्कार का विशिष्ट महत्त्व है।आधुनिक युग प्रतिस्पर्धा का युग है।इसलिए हर कम्पनी कर्मचारियों की नियुक्ति में सक्षम,योग्य और कुशल कर्मचारियों को वरीयता देती है।इसलिए ऐसे कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षाएं आयोजित की जाती

Mode

1.बहुलक (Mode): बहुलक (Mode):सांख्यिकी में बहुलक (या भूयिष्ठक) उस मूल्य को कहते हैं जो समंकमाला में सबसे अधिक बार आता हो अर्थात् जिसकी सबसे अधिक आवृत्ति हो।यह सर्वाधिक घनत्व की स्थिति (Position of Greatest Density) या मूल्यों का अधिक संकेन्द्रण का बिन्दु (Point of Highest Concentration of Values) कहलाता है।क्राक्सटन एवं काउडेन के अनुसार एक

CBSE Class 10 and 12 Term 1 Study Plan

1.सीबीएसई कक्षा 10 और 12 टर्म 1 स्टडी प्लान घोषित (CBSE Class 10 and 12 Term 1 Study Plan),सीबीएसई कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए स्पेशल टर्म 1 स्टडी प्लान घोषित (Special Term 1 Study Plan for CBSE Class 10 and 12 Students Declared): सीबीएसई कक्षा 10 और 12 टर्म 1 स्टडी प्लान

Simplification

1.सरलीकरण (Simplification),सरलीकरण के सवाल (Simplification Questions): सरलीकरण (Simplification) एक ऐसी गणितीय संक्रिया है जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजकों के मान निकालने के लिए गणित के मूलभूत चिन्हों का नियमानुसार पालन किया जाता है।सरलीकरण में सामान्यतः BODMAS के नियम का पालन किया जाता है।अतः सरलीकरण के सवालों को हल करने के लिए BODMAS के नियम तथा