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QS Employability Rankings 2022

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1.क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022),क्वाक्वारेली सिमंड्स इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (Quacquarelli Symonds Employability Rankings 2022):

  • क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022 (23 सितंबर 2021) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई (IIT Bombay) सहित भारतीय संस्थान में पहले नंबर पर है जिससे 101-110 वीं रैंक दी गई है। आईआईएससी बेंगलुरु (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस) को 301-500 रैंक केटेगरी में जगह दी गई है।इस प्रकार भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर,6 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी सहित कुल 12 संस्थानों को क्यूएस 2022 की रैंकिंग में वर्ल्ड के टॉप 500 यूनिवर्सिटी में जगह दी गई है।
  • आईआईटी दिल्ली (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) की रैंक 151-160,आईआईटी खड़कपुर की 201-250 रैंक,आईआईटी कानपुर की 251-300 रैंक और आईआईटी रुड़की की 500 रैंक है।आईआईएससी बेंगलुरु को 301-500 रैंक की केटेगरी में जगह दी गई है।
  • यूनिवर्सिटी के मामले में क्यूएस एम्प्लाॅएबिलिटी रैंकिंग 2022 में तीन सेंट्रल यूनिवर्सिटी क्रमशः दिल्ली यूनिवर्सिटी,मुंबई यूनिवर्सिटी और कोलकाता यूनिवर्सिटी है।निजी यूनिवर्सिटी में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी,सोनीपत और बीआईटीएस यानी बिट्स पिलानी को भी क्यूएस 2022 रैंकिंग में स्थान मिला है।बिट्स पिलानी और मुंबई यूनिवर्सिटी को 251-300 के बीच रैंकिंग दी गई है।
  • क्यूएस इम्प्लाॅएबिलिटी रैंकिंग 2022 को जारी करने वाली कंपनी क्वाक्वारेली सिमंडस (Quacquarelli Symonds) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन के अनुसार जैसे-जैसे वर्ल्ड कोविड-19 महामारी के इफेक्ट से उबर रहा है वैसे-वैसे आज के एंपलॉयर के लिए जरूरी स्किल (Skill) और क्वालिटी (Quality) के साथ ग्रेजुएट की एम्पलाॅएबिलिटी पर विश्वास बढ़ रहा है।रैंकिंग में जगह प्राप्त प्रत्येक इंस्टिट्यूट में मॉडर्न वर्कप्लेस के लिए आवश्यक ‘सॉफ्ट स्किल्स’ के साथ ग्रैजुएट कैंडिडेट तैयार करने की कैपेसिटी का प्रदर्शन किया है।वर्ल्ड में ग्रेजुएट को मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्टूडेंट्स को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि कैसे उनकी यूनिवर्सिटी उन्हें विश्व स्तर के एंपलॉयर के साथ जोड़कर और जरूरी स्किल और नॉलेज प्राप्त करके ही फुलटाइम जॉब के लिए पर्याप्त रूप से तैयार कर सकता है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022),क्वाक्वारेली सिमंड्स इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (Quacquarelli Symonds Employability Rankings 2022) के बारे में बताया गया है।
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2.संस्थान का उपयोग करने में बुद्धि का योगदान और बुद्धि के विकास हेतु टिप्स (Contribution of intelligence to using the institute and tips for the development of intelligence):

  • सभी छात्र-छात्राएं उच्च अध्ययन करने के लिए (जैसे इंजीनियरिंग,मास्टर्स डिग्री) अच्छे संस्थान का चयन करना चाहते हैं।आधुनिक युग में अधिकांश विश्वविद्यालय भौतिक सुविधाएं जैसे अच्छी बिल्डिंग,बैठने के लिए अच्छा फर्नीचर,वाचनालय,लाइब्रेरी,सुसज्जित कार्यालय इत्यादि प्रदान कराती है।इसलिए छात्र-छात्राएं भौतिक सुख-सुविधाओं की चकाचौंध में अच्छे संस्थान का चयन नहीं कर पाता है।अच्छा संस्थान वह है जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से तात्पर्य है कि छात्र-छात्राओं में उचित स्किल का डवलप करें जिससे उससे कैरियर के चुनाव करने और किसी भी अच्छी कप्पनी या अच्छे डिपार्टमेंट में नियुक्ति आसानी से मिल सके।साथ ही उसे व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कराएं जिससे जीवन में आने वाली कठोर सच्चाइयों,परेशानियों तथा समस्याओं का सामना सफलतापूर्वक कर सके।
  • इस प्रकार के संस्कार तथा नाॅलेज प्रदान करे जिससे जीवन में छात्र-छात्राएं कोई भी कार्य करें तो उसमें उसे आत्मसंतुष्टि मिल सके।इसलिए केवल छात्र-छात्राओं को जॉब मिल जाए या उनको डिग्री हासिल करते ही प्लेसमेंट हो जाए इतना ही छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त नहीं है।बल्कि उसको इस स्तर का ज्ञान प्राप्त हो कि वह प्रतिस्पर्धा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ सके।
  • इसलिए अच्छी यूनिवर्सिटी के लिए कुछ संस्थानों द्वारा विश्व स्तर पर तथा राष्ट्र के स्तर पर रैंकिंग प्रदान की जाती है।इस रैंकिंग के अनुसार छात्र-छात्राएं अपने लिए अनुकूल संस्थान का चयन कर सकता है।लेकिन अच्छे संस्थान के चयन के बावजूद एक फेक्टर ऐसा है जिसके बिना इन वर्ल्ड रैंकिंग के विश्वविद्यालयों,आईआईटीज का उपयोग नहीं कर पाते हैं।इसलिए अच्छे संस्थान के साथ-साथ आपमें बुद्धि का होना,प्रतिभा का होना भी आवश्यक है।
  • बौद्धिक कौशल न केवल आपके अध्ययन तथा जीवन में काम आता है बल्कि बौद्धिक कौशल उच्च स्तर का हो तो यह अच्छे संस्थान का चयन करने में भी मदद करता है।इस आर्टिकल में बुद्धि के विकास के उपाय बताएंगे जिनको अमल में लाने से आपकी बुद्धि का जल्दी विकास हो सकता है।आप अच्छी तरह अध्ययन में अपने मन को लगा सकते हैं।उचित आचरण,अच्छी संगति,स्वाध्याय तथा श्रेष्ठ कार्यों में बुद्धि का उपयोग करना सद्बुद्धि का लक्षण है।चोरी करना,परीक्षा में नकल करना,अध्यापकों को डराना-धमकाना,शराब पीना,अय्याशी,नशा करना,बोर्ड में अंकतालिका में अंक बढवाने हेतु कर्मचारियों को रिश्वत देना,उपद्रव करने तथा अनुशासनहीनता में भी अपनी बुद्धि का प्रयोग कर सकते हैं तब यह कुबुद्धि (दुर्बुद्धि) का लक्षण है।इस प्रकार के कार्य विद्यार्थी तब करता है जब उसमें काम,क्रोध,लोभ,स्वाद,श्रृंगार,खेल-तमाशे,अधिक सोना (आलसी जीवन व्यतीत करना) जैसे अवगुण विद्यमान होते हैं।वास्तव में इस प्रकार के अवगुणों वाले को विद्यार्थी कहा ही नहीं जा सकता है बल्कि ऐसा व्यक्ति विद्यार्थी के वेष में कुटिल,कपटी,दुराचारी है।
  • जिसके पास सद्बुद्धि है वह बड़ी से बड़ी विपत्ति को पार कर जाता है।बुद्धि बल को शारीरिक बल,धनबल,शस्त्रबल आदि पर शासन करने वाला माना जाता है।सद्बुद्धि आती है अनुभव से,आचरण से।जिस चीज का अनुभव याकि जिस बात को हम आचरण में नहीं लाते हैं उससे बुद्धि का विकास नहीं होता है।जैसे पानी-पानी करने से प्यास नहीं बुझती है तथा रोटी रोटी करने से रोटी मुँह में नहीं आती है और नहीं भूख मिटती है।इसलिए प्यास बुझाने या भूख मिटाने के लिए आचरण में लाना ही होगा,अनुभव से गुजरना ही होगा।इसलिए मन को वश में रखकर उचित आचरण करना ही होगा।
  • आचरण के बिना ज्ञान और विद्या व्यर्थ है।आप अच्छे आईआईटी में पढ़कर बिना सद्बुद्धि और आचरण के केवल डिग्री हासिल कर सकते हैं तब आप एक डिग्रीधारी कहलाएंगे,शिक्षित नहीं कहलाएंगे।बुद्धि का सही विकास जीवन के प्रारंभिक काल में यानी विद्यार्थी जीवन में ही हो सकता है।
  • बुद्धि तीन प्रकार की होती है सात्विक बुद्धि (सद्बुद्धि) ,राजसिक बुद्धि और तामसिक बुद्धि।श्री कृष्ण भगवान ने गीता में कहा है कि
    “प्रवृत्ति च निवृत्तिं च कार्यों कार्य भयाभये।
    बन्धं मोक्षं च या वेत्ति बुद्धि:सा पार्थ सात्विकी।।
    यथा धर्ममधर्मं च कार्यं च कार्यमेवच।
    अयथावत् प्रजानाति बुद्धि: सा पार्थ राजसी।।
    अधर्मं धर्ममिति या मन्यते तमसावृताः।
    सर्वांथान् विपरीतांश्च बुद्धि: सा पार्थराजसी।।
                      -श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय-18
  • अर्थात् किस काम से हित होगा,किससे अहित होगा,क्या काम करना चाहिए,क्या नहीं करना चाहिए ,भय कौनसी चीज है और निर्भयता क्या है,बंधन किन बातों से होता है और स्वतंत्रता (मोक्ष) किन बातों से मिलती है।यह जिससे जाना जाता है वह उत्तम अर्थात् सात्विकी बुद्धि (सद्बुद्धि) है।इसी प्रकार जिस बुद्धि से धर्म-अधर्म और कार्य-अकार्य का कुछ ठीक ज्ञान नहीं होता,भ्रम में आकर काम करता है,भाग्यवश कोई कार्य सही हो जाए ऐसी बुद्धि राजसी बुद्धि कहलाती है।जो बुद्धि अधर्म को धर्म मानती है तथा तमोगुण के प्रभाव के कारण जो बुद्धि सब कामों को उल्टा ही समझती है वह तामसी बुद्धि है।
  • अब सत्वगुण वाली बुद्धि या बुद्धि का विकास करने के लिए पतंजलि के अष्टांगयोग:यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि का पालन करना होगा।
  • (1.)यम के भी पांच अंग है:अहिंसा,सत्य,अस्तेय,ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह
    अहिंसा:मन,वचन,कर्म से किसी भी प्राणी का वध न करना,कष्ट न देना,बुरा न करना,बदला लेने की भावना न रखना।
    सत्य:मन,वचन,कर्म से जो जैसा है वैसा ही करना,कहना।किसी कर्म से किसी का अपकार न हो।मन,वचन,कर्म में समान व्यवहार हो।काम,क्रोध,लोभ,मोह,राग,द्वेष,भय से ग्रस्त होकर असत्य बात न करना और ऐसा आचरण न करना।
    अस्तेय: दूसरों के पदार्थों,धन को अनुचित रूप से न लेना।इसका भी मन,वचन,कर्म से पालन आवश्यक है।
    ब्रह्मचर्य: परस्त्री संसर्ग से दूर रहना।मन,वचन,कर्म से संयम का पालन करना।इंद्रियों को वश में रखना।
    अपरिग्रह:अनावश्यक भौतिक पदार्थों,धन,दौलत को इकट्ठा न करना।उचित व्यवहार तथा अपने लिए आवश्यकता जितना ही पदार्थों का संग्रह करना।
  • (2.)नियम के भी पांच अंग है:शौच,संतोष,तप,स्वाध्याय,भगवद् भक्ति।
    शौच:मन,वचन,कर्म से अपने शरीर को शुद्ध रखना। आत्मा को ज्ञान से शुद्ध रखना।तप से आत्मा शुद्ध रहती है।
    संतोष:धन जितना हो उतने से संतुष्ट रहना।विद्या प्राप्ति,भक्ति तथा भजन में असंतोष रखना। पुरुषार्थ द्वारा प्राप्त धन से अधिक की लालसा न रखना।
    तप:भूख-प्यास,सर्दी-गर्मी,सुख-दुख,मान-अपमान,हानि-लाभ,निंदा-स्तुति इत्यादि में सम रहना।
    स्वाध्याय:खूब मन लगाकर अध्ययन करना,विद्यार्जन करना।भौतिक तथा आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना।
    भगवद् भक्ति:समस्त कर्मों को और उनके फलों को भगवान को समर्पित करना।निष्काम भाव से कर्म करना।भगवान के विधि-विधान में आस्था व श्रद्धा रखना।
  • “य: पठति लिखती पश्यति परिपृच्छति पंडितानुपाश्रयति।
    तस्य दिवाकर किरणै-नलिलीदलमिव विकास्यते बुद्धि:।।
    जो पढ़ता है,लिखता है,देखता है,प्रश्न पूछता है,विद्वानों के पास बैठता है,उसकी बुद्धि उसी प्रकार विकसित होती है जैसे सूर्य की किरणों से कमल विकसित होता है।

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3.क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022),क्वाक्वारेली सिमंड्स इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (Quacquarelli Symonds Employability Rankings 2022) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 (QS World University Rankings 2022)
उत्तर:मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) [Massachusetts Institute of Technology (MIT)],स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University),कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (UCLA) [University of California, Los Angeles (UCLA)],सिडनी विश्वविद्यालय (The University of Sydney)

प्रश्न:1.क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 (QS World University Rankings 2022):

उत्तर:मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) [Massachusetts Institute of Technology (MIT)],स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University),कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (UCLA) [University of California, Los Angeles (UCLA)],सिडनी विश्वविद्यालय (The University of Sydney)

प्रश्न:2.क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2022 इंडिया (QS World University Rankings 2022 India):

उत्तर:क्यूएस ग्रेजुएट रोजगारपरक रैंकिंग 2022 पर 12 भारतीय संस्थान।1.इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (आईआईटीबी) को 101-110 वीं रैंक दी गई है।
आईआईटी दिल्ली (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) की रैंक 151-160,आईआईटी खड़कपुर की 201-250 रैंक आईआईटी कानपुर की 251-300 रैंक और आईआईटी रुड़की की 500 रैंक है।आईआईटी मद्रास (IIT Madras) को 151-160 रैंक दी गई है।
आईआईएससी बेंगलुरु को 301-500 रैंक की केटेगरी में जगह दी गई है।

प्रश्न:3.क्यूएस कीओ विश्वविद्यालय वर्ल्ड विश्वविद्यालय रैंकिंग 2022 (QS Keio University World University Rankings 2022):

उत्तर:Keio विश्वविद्यालय (Keio University) QS स्नातक रोजगार रैंकिंग 2022 में दुनिया भर में 56 वें स्थान हासिल किया है,23 सितंबर को QS द्वारा की घोषणा की।

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022),क्वाक्वारेली सिमंड्स इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (Quacquarelli Symonds Employability Rankings 2022) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

QS Employability Rankings 2022

क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022
(QS Employability Rankings 2022)

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क्यूएस इम्प्लॉएबिलिटी रैंकिंग 2022 (QS Employability Rankings 2022 (23 सितंबर 2021)
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई (IIT Bombay) सहित भारतीय संस्थान में पहले नंबर पर है जिससे 101-110 वीं रैंक दी गई है।

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