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5 Tips for Aptitude Test in Interview

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1 1.साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (5 Tips for Aptitude Test in Interview),जाॅब साक्षात्कार में हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर देने की 5 रणनीतियाँ (5 Strategies for Answering Hobby Questions in Job Interview):

1.साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (5 Tips for Aptitude Test in Interview),जाॅब साक्षात्कार में हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर देने की 5 रणनीतियाँ (5 Strategies for Answering Hobby Questions in Job Interview):

  • साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (5 Tips for Aptitude Test in Interview) के आधार पर तैयारी करके आप अभिरुचि या हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर पूर्ण आत्म-विश्वास से दे सकते हैं।साक्षात्कार चाहे निजी कंपनी,बहुराष्ट्रीय कंपनी,सरकारी सेवा या अर्द्ध-सरकारी सेवा अथवा अन्य किसी संगठन के लिए हो,इन सभी में आवेदन पत्र में एक स्तंभ (कालम) अभिरुचि/अभिरुचियों के बारे में भी होता है।
  • अक्सर यह देखा जाता है कि उम्मीदवार इस कालम को भरने में गलती कर बैठते हैं।मौखिक परीक्षा के दौरान यह गलती और भी बुरी तरह से दोहराई जाती है।’हाॅबी’ अभिरुचि का अर्थ न समझने के कारण ही ऐसा होता है।
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2.अभिरुचि का आशय और उसके तत्त्व (Intent of Interest and Its Elements):

  • हिंदी भाषा में अभिरुचि शब्द अंग्रेजी से ही ग्रहण किया गया है और प्राय: अपने मूल रूप में व्यवहृत होता है। उर्दू में इसे ‘शुग़ल’ कहा जाता है।अभिरुचि,रुचि इसके समीपवर्ती शब्द अवश्य है किंतु इनसे ‘हाॅबी’ में निहित भाव की सम्यक ध्वनि नहीं निकलती।
  • हाॅबी शब्द से तात्पर्य किसी ऐसे शुग़ल या क्रिया से है जो अपने मुख्य जाॅब या व्यवसाय के अलावा बहुत कुछ नियमित रूप से की जाती है और इसका मुख्य उद्देश्य विश्रांति या आनंद प्राप्त करना है।
  • (1.)हॉबी के रूप में जो शुग़ल या कार्य किया जाता है वह मुख्य जाॅब,नौकरी या व्यवसाय से भिन्न होता है।यदि किसी व्यक्ति का प्रोफेशन शिक्षण,वकालत,डॉक्टरी,दुकानदारी,इंजीनियरिंग या शिक्षा,खेल,स्वास्थ्य है तो इसे हाॅबी या अभिरुचि नहीं कहना चाहिए।आजीविका का प्रमुख साधन होने के कारण उन्हें प्रोफेशन,जाॅब,नौकरी,व्यवसाय या धंधा कहा जाता है।किंतु जब एक इंजीनियर अपने खाली समय में आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ने,योग साधना करने अथवा योगासन-प्राणायाम करने का कार्य करता है तो उसका ऐसा करना हाॅबी या अभिरुचि कहा जाएगा।
  • ऐसा भी देखा जाता है कि बाल्यकाल में कोई कार्य किसी व्यक्ति की हाॅबी रहा है किंतु कालांतर में वही कार्य आजीविका का साधन बन गया।ऐसी स्थिति में हाॅबी का मुख्य व्यवसाय बन जाना हाॅबी नहीं रह जाता।इसी प्रकार यदि आरंभ में कोई व्यक्ति भजन,संगीत,नृत्य या गाने-बजाने को एक शौक के रूप में अपनाता है और उसके माध्यम से अपनी आजीविका नहीं चलाता तो उसे हाॅबी माना जाएगा किंतु गायक या अन्य बन जाने पर उसके माध्यम से कमाई करके अपना भरण-पोषण करना उसका व्यवसाय कहा जाएगा।
  • (2.)हाॅबी का दूसरा तत्त्व यह है कि हॉबी के रूप में अभीष्ट कार्य बहुत कुछ नियमित रूप से किया जाता है।कोई व्यक्ति यदि यह कहे की पुस्तकें पढ़ना मेरी अभिरुचि या हाॅबी है और वह वर्ष में केवल 2-4 पुस्तकें ही पढ़ पाता है।ऐसी स्थिति में उसकी यह क्रिया हाॅबी नहीं मानी जा सकती क्योंकि उसके कार्य में निरंतरता नहीं रही।एक विद्यार्थी परीक्षा पास करने के लिए पढ़ाई करता है तो उसका वह कार्य भी हाॅबी के अंतर्गत नहीं माना जाएगा।पाठ्य पुस्तकें पढ़ना और उनको पढ़कर सफलता प्राप्त करना तो विद्यार्थी का लक्ष्य है।उससे उम्मीद ही यह की जाती है कि वह अपनी कक्षा के लिए निर्धारित पुस्तकें पढ़ें।
  • (3.)हाॅबी का तीसरा तत्त्व है कि इसके अंतर्गत शारीरिक या मानसिक जो भी कार्य किया जाता है,उससे कर्त्ता को आनंद की प्राप्ति होती है इस प्रकार प्राप्त होने वाला आनंद मानसिक अथवा शारीरिक किसी भी प्रकार की थकावट दूर करने के लिए हो सकता है।एक व्यक्ति जॉब करने के अलावा सुबह या शाम योगासन-प्राणायाम करता है।योगासन-प्राणायाम से संबंधित पुस्तकें पढ़ता है,ज्ञान अर्जित करता है।इस प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कार्य से उसे आत्मिक संतोष या आनंद की अनुभूति होती है।उसका यह कार्य एक हाॅबी है।
  • कुछ लोग शाम को फुटबॉल या क्रिकेट खेलते हैं अथवा दैनिक मनोरंजन करते हैं।उनके द्वारा यह कार्य शारीरिक या मानसिक श्रम के रूप में किया जाता है फिर भी इसे हाॅबी की ही संज्ञा दी जाएगी।तात्पर्य यह है कि हॉबी के रूप में किया जाने वाला कार्य शारीरिक अथवा मानसिक किसी भी प्रकार का हो सकता है।
  • कुछ उम्मीदवार यह समझते हैं कि फॉर्म में अभिरुचि का स्तंभ (कालम) भरना एक औपचारिकता मात्र है।उनका यह समझना भूल है।वस्तुतः इससे उम्मीदवार की मनोवृत्ति अथवा उसकी पसंद के स्तर का पता लगाया जाता है।इसलिए यदि किसी उम्मीदवार की कोई अभिरुचि हो तो उसी का उल्लेख करना ठीक होता है।हाॅबी न होने पर झूठ-मूठ किसी बात को अपनी हाॅबी लिख देना अच्छा नहीं होता है।
  • क्योंकि हाॅबी के बारे में प्रश्न किए जाने पर कलई खुल जाती है जो उम्मीदवार के लिए लाभकारी नहीं होती।आज का जीवन इतना अधिक व्यस्त तथा उलझन भरा है कि हर आदमी को हाॅबी पालने का मौका नहीं मिल पाता।व्यस्त दिनचर्या वाले उम्मीदवार यदि हाॅबी के कॉलम में शून्य लिख देते हैं तो ऐसा करना अनुचित नहीं कहा जाएगा।

3.प्रमुख अभिरुचियों का विवरण (Details of Major Interests):

  • अभिरुचियाँ कई प्रकार की हो सकती हैं यद्यपि इनको सूचीबद्ध करना आसान काम नहीं है।कुछ प्रमुख प्रचलित अभिरुचियाँ इस प्रकार की हो सकती हैं:(1.)आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ना,स्वाध्याय करना,सत्संग करना (2.)योगासन-प्राणायाम (3.)भजन,संगीत,नृत्य (4.)टीवी,फिल्में देखना (5.)आंतरिक और बाह्य खेल (Indoor and outdoor) खेल खेलना (6.)संगीत श्रवण और गायन (7.)भ्रमण और पर्यटन करना (8.)लेख लिखना पत्रिकाएं पढ़ना आदि।
  • एक सुशिक्षित व्यक्ति जब अपनी कोई हाॅबी बना लेता है तो वह उसके बारे में ज्ञान प्राप्त करता रहता है और काफी निपुण हो जाता है।इसलिए कोई भी उम्मीदवार किसी जॉब,सेवा,नौकरी के फॉर्म में अपनी किसी हाॅबी का उल्लेख करता है तो उसका कुछ महत्त्व होता है और उससे यह आशा की जाती है कि उसे अपने हाॅबी के बारे में अच्छा ज्ञान होगा।यहां कुछ प्रमुख हाॅबियों का उल्लेख किया जा रहा है:

(1.)पुस्तकें पढ़ने की अभिरुचि (Aptitude for Reading Books):

  • किस प्रकार की पुस्तकें पढ़ने में रुचि है।हाल में कौनसी नई पुस्तक पढ़ी है।यदि किसी ने वर्ष में दो-चार पुस्तकें ही पढ़ी हैं तो इसे हाॅबी नहीं कहा जाएगा।पढ़ी गई पुस्तक/पुस्तकों के लेखक का नाम,उसकी संक्षिप्त विषयवस्तु,प्रकाशन का वर्ष,पुस्तक का मूल्य आदि याद रखना चाहिए।ये ऐसी बातें हैं जिनके बताने से पाठक की रुचि तथा उसकी जागरूकता का पता चलता है।पुस्तकें पढ़ने के बारे में यह भी पूछा जा सकता है कि उम्मीदवार पुस्तकें खरीदकर पढ़ता है,पुस्तकालय से लेकर पढ़ता है अथवा मांग-मांगकर काम चला लेता है।अच्छी पुस्तकें खरीदना और उनको पढ़ना एक अच्छी आदत है किंतु इसमें अपनी जेब का भी ध्यान रखना पड़ता है।

(2.)लेखन कार्य (Writing Assignments):

  • एक अच्छी हाॅबी है इसके बारे में सीधा-सादा प्रश्न तो यही हो सकता है कि उम्मीदवार की हाॅबी अंग्रेजी में लिखने की है अथवा भारतीय भाषाओं में? वह गद्य में लिखता है अथवा पद्य में? लेखन की अनेक विधाएं हैं: कविता,कहानी,उपन्यास,नाटक,निबंध आदि में उसने क्या-क्या लिखा है,अब तक कितनी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।यदि वह कवि है तो राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में भी भाग लेता है अथवा नहीं।किन-किन पत्र-पत्रिकाओं अथवा कॉलेज की मैगजीनों में उसकी रचनाएं छप चुकी हैं।क्या उसकी विचारधारा अन्य किसी कवि,लेखक या उपन्यासकार आदि से मिलती है।क्या वह स्वतंत्र चिंतन भी करता है? अथवा उसकी रुचि अनुवाद कार्य में अधिक है।

(3.)खेल-खिलाड़ी एवं स्वास्थ्य (Sports And Health):

  • उम्मीदवार से पूछा जा सकता है कि वह किसी विशिष्ट खेल में अधिक रुचि क्यों लेता है।खेल विशेष को खेलने के लिए मैदान की लंबाई-चौड़ाई कितनी होनी चाहिए। खेल के प्रमुख उपकरण कौन-कौनसे हैं।किस स्थिति में खिलाड़ी आउट हो जाता है।देश-विदेश में उस खेल से संबंधित प्रमुख खिलाड़ियों के नाम।ओलंपिक तथा अखिल भारतीय कीर्तिमान आदि।क्या वह स्वयं ओलंपिक या भारतीय स्तर का खिलाड़ी रह चुका है।
  • महर्षि स्वामी रामदेव,सचिन तेंदुलकर,महेंद्र सिंह धोनी,विराट कोहली,ध्यानचंद,गुरु हनुमान,कपिल देव,सैय्यद मोदी,विश्वनाथन आनंद,गीत सेठी,नीरज चोपड़ा,पीटी उषा,एमसी मैरीकॉम,कर्णम मल्लेश्वरी,मिल्खा सिंह,परगट सिंह,सानिया मिर्जा,विजय अमृतराज,प्रकाश पादुकोण आदि के बारे में आप क्या जानते हैं।

(4.)भजन-संगीत (Hymns-Music):

  • भजन,संगीत सुनने या गाने में अभिरुचि रखने वाले व्यक्ति से यह आशा की जाती है कि वह प्रमुख संगीतज्ञों के विषय में जानकारी रखें।मसलन लता मंगेशकर,आशा भोंसले,मुकेश,रफी अहमद,अनुराधा पौडवाल,अनूप जलोटा,सोनू निगम,ए आर रहमान,कविता कृष्णमूर्ति,श्रेया घोषाल,अभिजीत,कुमार सानू,उदित नारायण,अन्नु मलिक,आदेश श्रीवास्तव आदि के अतिरिक्त इंडी पाॅप के सहारे लोकप्रिय होने वाले दलेर मेहंदी,बाबा सहगल,लक्की अली,मलकीत सिंह,अलीशा चिनॉय,श्वेता शेट्टी,अनामिका,फाल्गुनी पाठक,कमाल खान,जसविंदर जस्सी के बारे में पूछा जा सकता है।सुगम या शास्त्रीय संगीत के भेदोपभेदों के ज्ञान के साथ शास्त्रीय संगीत में रुचि होने पर राग-रागिनियों तथा उनके गायकों का ज्ञान होना चाहिए।वे कौन-कौन से वाद्ययंत्र हैं जिनका उपयोग राग-रागनियों के गायन में किया जाता है।भारतीय संगीत शास्त्र के अनुसार राग-रागनियों के गाने का समय,संगीत शास्त्र के संक्षिप्त इतिहास का ज्ञान होना भी आवश्यक है।

(5.)सिनेमा-फिल्म एवं टीवी (Cinema-Film And TV):

  • सिनेमा एवं फिल्म देखने की हाॅबी बताने में शर्म नहीं करनी चाहिए वरन यदि किसी की ऐसी हाॅबी है तो उसे स्वीकार कर लेने में कोई बुराई नहीं है।यदि कोई आदमी सिनेमा देखता है तो वह फिल्मों के बारे में अच्छी टिप्पणी कर सकता है।आजकल जो फिल्में बन रही हैं उन पर पश्चिमी सभ्यता की छाया रहती हैं।फिर भी कई ऐसी फिल्में भी बन ही जाती है जिनमें भारतीय आंचलिक जन-जीवन चित्रित किया जाता है।कुछ सामाजिक तथा धार्मिक फिल्में भी बनाई जाती हैं।सिनेमा देखना यदि किसी की हाॅबी है तो उससे यह पूछा जा सकता है कि वह कैसी फिल्में देखना पसंद करता है और ऐसा करने का क्या कारण है।टीवी देखने वाला व्यक्ति सामयिक गतिविधियों पर पैनी नजर रख सकता है और इस प्रकार माध्यम की सभी सरकारी नीतियों को सही तरीके से समझ सकता है और उन पर टिप्पणी कर सकता है।
  • अभिनेता-अभिनेत्री अमिताभ बच्चन-जया बच्चन,अजय देवगन-काजोल,अक्षय कुमार-ट्विंकल खन्ना,अभिषेक बच्चन-ऐश्वर्या,दिव्या भारती-साजिद नाडियावाला,करीना कपूर-सैफ अली खान,रणबीर कपूर-आलिया भट्ट,राजेश खन्ना-डिंपल कपाड़िया,धर्मेंद्र हेमा-मालिनी,ऋषि कपूर-नीतू सिंह,शिल्पा शेट्टी (राज कुंद्रा),सुनील शेट्टी,रानी मुखर्जी,विद्या बालन,प्रियंका चोपड़ा,सन्नी देओल,सलमान खान,आमिर खान,शाहरुख खान,नवाजुद्दीन सिद्दीकी,सोनम कपूर,सोनाक्षी सिन्हा,सुनील दत्त,शत्रुघ्न सिन्हा,जैकी श्रॉफ,ऋतिक रोशन,दीपिका पादुकोण,कंगना रनौत,गोविंदा,रवीना टंडन आदि की श्रेष्ठ फिल्मों के बारे में जानकारी पूछी जा सकती है।
  • अभिरुचि (Hobby) से संबंधित जिन विषयों का उल्लेख ऊपर किया गया है।वे बहुत लोकप्रिय हैं तथा अनेक उम्मीदवार अपने आवेदन पत्र में उनका उल्लेख करते हैं।दूसरे,प्रकार की अभिरुचियों में फोटोग्राफी,विभिन्न स्थानों पर भ्रमण,तीर्थ-स्थानों की यात्रा,चित्रकारी,मूर्तिकला,भोजन व पाक कला,हास्य-व्यंग्य आदि को शामिल किया जा सकता है।तात्पर्य यह है की हॉबी के कॉलम में जिस बात को दर्शाया जाए उसकी विधिवत तैयारी अवश्य होनी चाहिए क्योंकि साक्षात्कार मंडल के सदस्य इससे संबंधित प्रश्न पूछने में पारंगत होते हैं और कभी-कभी विस्तार से प्रश्न पूछे जाने की अनेक संभावनाएं रहती है।

4.साक्षात्कार की तैयारी हेतु अन्य सुझाव (Other Tips for Interview Preparation):

  • वस्तुतः साक्षात्कार अभ्यर्थी के संपूर्ण व्यक्तित्व का परीक्षण होता है।व्यक्तित्व का विकास और निर्माण एक दिन में नहीं हो जाता है।साक्षात्कार के लिए विवादास्पद मुद्दों के बारे में समीक्षा,टिप्पणी,अभ्यर्थी की तर्कशीलता,अभिरुचियों,शैक्षिक विवरण,पूर्व-व्यवसाय,जॉब,इस जाॅब में क्यों आना चाहते हैं,पिछले जाॅब को क्यों छोड़ना चाहते हैं,वेशभूषा और शिष्टाचार,नेतृत्व का गुण,वर्तमान राजनीतिक एवं विभिन्न घटनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
  • संवेदनशील मुद्दों पर सतर्कता एवं शालीनता से अपना विचार दें।अपने विचार पर अनावश्यक रूप से दृढ़ न रहें।स्वतंत्र,बिना पक्षपात के तथा निडर होकर अपने विचारों को अभिव्यक्त करें।
  • साक्षात्कार कोई लिखित परीक्षा नहीं है बल्कि व्यक्तित्व का परीक्षण है।यदि गलत जवाब दे दिए हों तो तुरंत उसे स्वीकार कर लें यह भी आपके निर्भीक,नम्र और ईमानदार होने का सूचक है।
  • साक्षात्कार बोर्ड के सदस्यों के साथ कुतर्क न करें।अपने तर्कसंगत विचारों से अवगत कराकर उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास करें।
  • साक्षात्कार के दौरान आपका ध्यान सूचना के स्रोत पर,देश और जनता पर,आप क्या कहना चाहते हैं उस पर,साक्षात्कार की प्रक्रिया पर तथा साक्षात्कार को कैसे प्रभावित करें आदि बातों पर केंद्रित होना चाहिए।
  • यदि आप पहले किसी साक्षात्कार में उपस्थित हो चुके हैं तो उसे ध्यान में रखकर अपनी सफलता या असफलता का विश्लेषण करें।
  • साक्षात्कार में असफल होने को भी “सीखने का अवसर” जैसे विचार मन में रखें।
  • किसी अच्छी नौकरी के साक्षात्कार से पहले यदि छोटे या निजी संगठन का साक्षात्कार देने का अवसर आता है तो उसे अवश्य दें।आगे आने वाले साक्षात्कार के लिए यह लाभकारी सिद्ध होगा।
  • साक्षात्कार के लिए एक लंबे अरसे तक सतत तैयारी की जरूरत पड़ती है।अतः आप अपने आसपास और देश-विदेश की महत्त्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी समय से पूर्व ही इकट्ठा करना शुरू कर दें तथा अपने दोस्तों के साथ उस पर सकारात्मक वाद-विवाद करें।

5.साक्षात्कार आपके व्यक्तित्व का परीक्षण (Interviews Test Your Personality):

  • साक्षात्कार के लिए चयन होने के समाचार से जहां आपकी बांछे खिल जाती है,वहां दूसरी ओर साक्षात्कार में उपस्थित होने की घड़ी को याद कर आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं।गर्मी के मौसम में भी हाथ-पैर ठंडे होने लगते हैं।आप में से कुछ बौद्धिक रूप से परिपक्व होते हुए भी कभी-कभी साक्षात्कार बोर्ड के सामने असहज हो जाते हैं,जिससे आपकी सकारात्मक छवि सामने नहीं आ पाती है।साक्षात्कार का आतंक,मन-मस्तिष्क पर हावी ना हो सके और व्यक्तिगत परीक्षण के लिए जाते समय आप उत्साहित एवं सहज बने रहें,इसके लिए इससे पूर्व साक्षात्कार से संबंधित लेख इस वेबसाइट पर पोस्ट किए हुए हैं।इन लेखो में दिए गए दिशा-निर्देशों पर अमल कर आप साक्षात्कार के समय होने वाली तमाम मुश्किलों से निजात पा सकेंगे।
    बोर्ड के सदस्य आपके व्यक्तित्व (सामान्य ज्ञान,जागरूकता,आत्मविश्वास,शारीरिक स्वच्छता),आपके दृष्टिकोण,आपकी स्मृति,आपकी सोच एवं विचारों की अभिव्यक्ति तथा इन सभी में समन्वयता का परीक्षण करते हैं।
  • जाॅब के लिए व्यक्तित्व की दृष्टि से आपकी उपयुक्तता परखना।मानसिक क्षमता के साथ-साथ सामाजिक घटनाओं में आपकी रुचि का मूल्यांकन करना।आपकी स्पष्ट और तर्कसंगत प्रतिपादन की शक्ति,आलोचनात्मक ग्रहण,नेतृत्व का गुण,संतुलित निर्णय की शक्ति एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति ईमानदारी की जांच करना।अपने राज्य तथा देश के भीतर एवं बाहर की घटनाओं,आधुनिक विचारधारा एवं नए-नए अन्वेषण के प्रति आपकी सजगता को परखना आदि व्यक्तित्व परीक्षण करने का उद्देश्य रहता है।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (5 Tips for Aptitude Test in Interview),जाॅब साक्षात्कार में हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर देने की 5 रणनीतियाँ (5 Strategies for Answering Hobby Questions in Job Interview) के बारे में बताया गया है।

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6.परीक्षा हाल में पीछे देखने का कारण (हास्य-व्यंग्य) (Reason to Look Back in Examination Hall) (Humour-Satire):

  • परीक्षिक (छात्र से):क्यों उमराव बार-बार पीछे क्यों देख रहे हो,अपने प्रश्न पत्र को हल क्यों नहीं कर रहे हो?
    उमराव:जी प्रश्न-पत्र के ऊपर लिखा हुआ है कि पीछे पलट कर देखिए और सवालों को हल कीजिए।इसलिए पीछे देखकर सवालों को हल कर रहा हूं।

7.साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (Frequently Asked Questions Related to 5 Tips for Aptitude Test in Interview),जाॅब साक्षात्कार में हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर देने की 5 रणनीतियाँ (5 Strategies for Answering Hobby Questions in Job Interview) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.साक्षात्कार हेतु किन-किन प्रश्नों की तैयारी करनी चाहिए? (What Questions Should Be Prepared for the Interview?):

उत्तर:साक्षात्कार में किस तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे? उन प्रश्नों का जवाब किस तरह देना चाहिए? साक्षात्कार के समय किस तरह का व्यवहार करना चाहिए? किस तरह की पोशाक पहननी चाहिए? क्या करना चाहिए? क्या नहीं करना चाहिए? इन सब बातों की पूर्ण तैयारी करनी चाहिए।इन सब बातों की जानकारी के अभाव में कई अभ्यर्थियों का साक्षात्कार सही नहीं हो पाता है और वे यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि उनसे कहां गलती हो गई जिससे उनका चयन नहीं हो पाया।

प्रश्न:2.व्यक्तित्व उभारने में महत्वपूर्ण कारक कौन से हैं? (What Are the Important Factors in Personality Development?):

उत्तर:व्यक्तित्व उभारने में महत्वपूर्ण योगदान होता है: आपकी पोशाक,भाषा,शिष्टाचार एवं ज्ञान का।साक्षात्कार के दिन आप ऐसे सादे व स्वच्छ वस्त्र पहनें,जो आपके व्यक्तित्व में निखार ला सकें,जिससे शालीनता तो झलके,पर फैशनपरस्ती लेशमात्र भी न लगे।
प्रश्न:3.साक्षात्कार के समय दृष्टिकोण कैसा रखना चाहिए? (How Should the Approach Be at the Time of the Interview?):
उत्तर:साक्षात्कार की तैयारी करते समय आपको अपना दृष्टिकोण अत्यधिक व्यावहारिक बनाना चाहिए,ताकि आपके विचारों से यह प्रदर्शित हो सके कि आप अपने समाज,अपने राज्य सहित देश-विदेश में घट रही घटनाओं के प्रति कितने सतर्क रहते हैं।भारतीय समाज की बुनियादी प्राथमिकताओं की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।तभी आप साक्षात्कार कक्ष में अपना स्पष्ट और तर्कसंगत विचार प्रतिपादित करने की शक्ति तथा सामुदायिक नेतृत्व एवं सामाजिक संगठन की योग्यता प्रदर्शित कर सकेंगे।

प्रश्न:3.साक्षात्कार के समय दृष्टिकोण कैसा रखना चाहिए? (How Should the Approach Be at the Time of the Interview?):

उत्तर:साक्षात्कार की तैयारी करते समय आपको अपना दृष्टिकोण अत्यधिक व्यावहारिक बनाना चाहिए,ताकि आपके विचारों से यह प्रदर्शित हो सके कि आप अपने समाज,अपने राज्य सहित देश-विदेश में घट रही घटनाओं के प्रति कितने सतर्क रहते हैं।भारतीय समाज की बुनियादी प्राथमिकताओं की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।तभी आप साक्षात्कार कक्ष में अपना स्पष्ट और तर्कसंगत विचार प्रतिपादित करने की शक्ति तथा सामुदायिक नेतृत्व एवं सामाजिक संगठन की योग्यता प्रदर्शित कर सकेंगे।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा साक्षात्कार में अभिरुचि परीक्षण हेतु 5 टिप्स (5 Tips for Aptitude Test in Interview),जाॅब साक्षात्कार में हाॅबी विषयक प्रश्नों के उत्तर देने की 5 रणनीतियाँ (5 Strategies for Answering Hobby Questions in Job Interview) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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