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3 Tips for Expressing Your Knowledge

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1.अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge),अपनी जानकारी को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Information):

  • अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge) के आधार पर आप प्रतियोगिता परीक्षाओं में साक्षात्कार का सामना ठीक से कर सकते हैं।कई बार कैंडिडेट को जानकारी भी होती है तथा उसके अंदर ज्ञान भी होता है परंतु जानकारी व ज्ञान को अभिव्यक्त न करने के कारण वह असफल हो जाता है।विचारों को व्यक्त करने की आवश्यकता केवल इंटरव्यू में ही नहीं पड़ती है बल्कि किसी उत्सव,जन्मदिन की पार्टी,वाद-विवाद प्रतियोगिता,गोष्ठी इत्यादि में भी पड़ती है।
  • ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप बिना तैयारी बोलने लग जाएं,इससे आपके विचारों में तारतम्यता नहीं रहती है।क्या कहना चाहिए,क्या नहीं बोलना चाहिए,किस प्रकार बोलना चाहिए? ये बातें महत्वपूर्ण है।लगातार अभ्यास करने,तैयारी करने तथा अवसर के अनुकूल जानकारी रखना ये बातें सभी कैंडिडेट्स में नहीं पाई जाती है बल्कि कुछ विशिष्ट व्यक्तियों में ही पाई जाती है।
  • अभिव्यक्ति का तात्पर्य यह नहीं है कि मन में जो आए वही बोलते चले जाएं।सारगर्भित,ठोस जानकारी,तथ्यों व आँकड़ों का तालमेल तथा गूढ़ चिन्तन-मनन व अभ्यास करने की आवश्यकता होती है।केवल किसी जानकारी को रटकर बोलने से अभिव्यक्त करने की कला नहीं आ जाती है बल्कि अपने सहज बोध तथा मस्तिष्क में सुनिश्चित रूपरेखा तैयार करनी होती है।इस आर्टिकल में कुछ ऐसी टिप्स बताई जा रही हैं जिनका पालन करने से आप अभिव्यक्त कला में निपुण हो सकते हैं।
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2.विषय का पूर्ण ज्ञान हो (Have Complete Knowledge of the Subject):

  • जिस विषय पर भी बोलना हो,वाद-विवाद करना हो,तर्कयुक्त अपनी बात को रखना हो तो विषयों का पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक है।वस्तुतः गणित के विद्यार्थी सवालों व समस्याओं को हल करने में तो पारंगत होते हैं।परंतु उनमें अभिव्यक्त करने की क्षमता बहुत कम होती है।क्योंकि भले ही गणित के किसी टाॅपिक पर बोलना हो तो भी गणित के ज्ञान के अतिरिक्त उसमें व्यावहारिक जानकारी तथा अन्य विषयों का ज्ञान भी होना चाहिए।कुछ कैंडिडेट भले ही यह समझते हों कि इसमें कौनसी बड़ी बात है? परन्तु कहने और करने में बहुत फर्क होता है। कहना आसान है और करना बहुत कठिन है।
  • जानकारी और ज्ञान और अभिव्यक्त करने में बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए।जैसे जो कुछ बोला जाए वह सारगर्भित हो,संक्षिप्त हो,रुचिकर हो तथा जो पूछा जाए उसके संगत हो।
  • इंटरव्यू अथवा काउंसलिंग व किसी अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से मिलते समय बोलते हुए यदि हंसी,मजाक की बात की जाए तो यह ध्यान रखना चाहिए कि वह बात प्रासंगिक हो तथा उससे पूछी जाए उस बात को गति प्रदान करने वाली हो।इसके लिए विषय का न केवल पूर्ण ज्ञान होना चाहिए बल्कि पूर्ण तैयारी व अभ्यास होना चाहिए।

3.अपने ज्ञान को स्पष्ट करने की क्षमता हो (Have the Ability to Clarify your Knowledge):

  • कई कैंडिडेट्स को विषय की पूर्ण जानकारी होती है परंतु वे उसको स्पष्ट तथा सशक्त भाषा में व्यक्त नहीं कर पाते हैं।कहीं बोलने जाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किस प्रकार के लोगों में उसे बोलना होगा तथा अपनी बात करनी होगी।
  • भाषा अपनी क्षमता तथा सामर्थ्य के अनुसार चयन करना चाहिए।यदि कैंडिडेट पहली बार बोल रहा है तो अपनी बात को सीधे-सरल शब्दों में व्यक्त करना चाहिए।धीरे-धीरे अभ्यास करने से कैंडिडेट की भाषा प्राञ्जल होती जाएगी।कैंडिडेट जो कुछ कहे उसे अपने विश्वास और मान्यताओं के आधार पर कहनी चाहिए।परंतु जहां तथ्यात्मक व आंकड़ों की जरूरत हो तो तथ्यात्मक तथा आँकड़ों को भी हृदयंगम कर लेना चाहिए।
  • ऐसी भाषा व जानकारी प्रकट नहीं करनी चाहिए कि सुननेवाला समझ ही नहीं सके।बोलने की शैली स्पष्ट हो तथा आवाज में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना चाहिए।साथ ही वाक्यों को व्याकरण सम्मत बोलना चाहिए।ऐसा न हो कि आधी बात अंग्रेजी में तथा आधी बात हिंदी में हो।इस प्रकार से बोलने पर सुननेवाले पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

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4.ज्ञान को अभिव्यक्त करने का पूर्वाभ्यास करें (Practice Expressing Knowledge):

  • आपको जिस विषय पर बोलना तथा जिस विषय की आपने तैयारी की है उसका पूर्वाभ्यास भी कर लेना चाहिए।एक कागज पर शीर्षकवार लिख लेना चाहिए।जैसे किसी गणितज्ञ पर बोलना है तो निम्न प्रकार शीर्षकवार कागज पर नोट कर लें:
  • (1.)गणितज्ञ की जीवनी:जन्म,मृत्यु,शिक्षा इत्यादि।
  • (2.)गणितज्ञ का पद:किस-किस संस्थान में किस पद पर कार्य किया।
  • (3.)गणित में योगदान:गणित के क्षेत्र में कौनसी खोज,खोज पर लिखी पुस्तक उसका विवरण।
  • (4.)गणितज्ञ का सम्मान:देश-विदेश में उसको कौनसा पुरस्कार मिला,पुरस्कार का नाम तथा उस पर मिलने वाली राशि।
  • (5.)गणितज्ञ के सम्मान में स्मारक:जैसे कोई प्रतियोगिता परीक्षा का नाम रखना,किसी भवन तथा कार्यालय का नाम गणितज्ञ के नाम पर रखना।
  • उपर्युक्त बातों की जानकारी,तथ्यों तथा आँकड़ों के संग्रह पुस्तकों से,समाचार पत्र-पत्रिकाओं से, शिक्षक से अथवा मित्रों से बातचीत से संग्रह किया जा सकता है।इसके अलावा इण्टरनेट से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।पुस्तकें या तो खरीद लें अथवा पुस्तकालय से ली जा सकती हैं।
  • उपर्युक्त स्रोतों से जानकारी को क्रमबद्ध करके नोटबुक में उतार लें।उसका गम्भीरतापूर्वक अध्ययन करें और उस पर चिन्तन-मनन करें।
  • पूर्वाभ्यास दो तरह से किया जा सकता है।जैसे किसी एकांत स्थान में बोलने का अभ्यास करें।यदि एकांत स्थान उपलब्ध नहीं है तो कमरे को बंद कमरे अंदर बोलकर अभ्यास करें।दूसरा तरीका यह है कि दर्पण के सामने खड़े होकर बोलने का अभ्यास करें।इस प्रकार धीरे-धीरे अभ्यास करने से ज्ञान को अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित होता जाएगा।
  • इंटरव्यू में जरूरी नहीं है कि किसी एक विषय पर पूछा जाए बल्कि विभिन्न विषयों पर आपसे पूछा जा सकता है।परंतु आपमें अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित हो गया तथा विषय की पूर्ण जानकारी है तो इंटरव्यू में अथवा कहीं भी धाराप्रवाह तथा प्रभावी तरीके से अपनी बात को रख सकते हैं,बोल सकते हैं।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge),अपनी जानकारी को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Information) के बारे में बताया गया है।

5.अधिक गणित पढ़ना हानिकारक (हास्य-व्यंग्य) (It is Harmful to Read More Mathematics):

  • गणित अध्यापिका (छात्र से):तुम प्रतिदिन गणित के कितने सवाल हल करते हो?
  • छात्र (गणित अध्यापिका से):मैडम मैं रोजाना छह गणित के सवाल हल करता हूं।
  • गणित अध्यापिका:सिर्फ छह सवाल ही क्यों? आपको पता है बोर्ड की परीक्षा है।इसमें पुस्तक की कई बार पुनरावृति करनी पड़ती है।डेसवर्क निकालनी होती है और तब जाकर गणित पर पकड़ मजबूत होती है।
  • छात्र:मैडम,हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि अति हर चीज की खराब होती है।जैसे अत्यधिक दान देने के कारण बलि को बंधन में बंधना पड़ा,अत्यधिक सुंदरता के कारण सीता का हरण हुआ,अत्यधिक अहंकार के कारण रावण के कुल का नाश हो गया।

6.अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge),अपनी जानकारी को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Information) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न:1.अभिव्यक्ति में दक्षता के लिए कौन-कौनसी बातें ध्यान रखनी चाहिए? (What are the Things to Keep in Mind for Efficiency in Expression?):

उत्तर:(1.)यदि चयन की स्वतंत्रता हो वहां अपने अनुकूल विषय का चुनाव करना चाहिए।
(2.)विषय की पूर्व तैयारी हेतु विभिन्न स्रोतों से जानकारी जुटाएं और उनको क्रमबद्ध व्यवस्थित करें।
(3.)सार-संक्षेप (Resume) में उन्हें किसी कागज पर नोट करके बिना देखे बोलने का अभ्यास करें।
(4.)एकांत में अथवा दर्पण के सामने बोलने का अभ्यास करें।
(5.)विषय को रोचक बनाने के लिए उसमें व्यक्तिगत अनुभव,संस्मरण,बोधकथा,सुभाषित, तथ्यों तथा आंकड़ों का प्रसंगानुसार प्रयोग करें।
(6.)भाषा में भाव के अनुसार उतार-चढ़ाव का प्रयोग करें।

प्रश्न:2.अभिव्यक्ति में क्या-क्या नहीं करें? (What not to do in the Expression?):

उत्तर:किसी बिंदु पर भावनात्मक तर्क प्रस्तुत न करें।व्यंग्य व कटाक्ष का प्रयोग न करें।आत्मविश्वास न खोएं तथा हीन भावना प्रकट न करें।बिना जानकारी के न बोलें बल्कि उसके बजाय यह कहना उचित होगा कि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।अपनी बात को बहुत जोर से या बहुत धीरे से न कहें। जानकारी रटे नहीं बल्कि उस पर विचार-चिंतन करें तथा अपनी शैली में बोले।

प्रश्न:3.विद्यार्थी को अभिव्यक्ति की तैयारी किस प्रकार करनी चाहिए? (How Should the Student Prepare for the Expression?):

उत्तर:विद्यार्थी को ज्ञान व जानकारी का अनुभव नहीं होता है इसलिए उन्हें कुछ बातों को हृदयंगम करना चाहिए जिसके वे अभ्यस्त नहीं है।यदि उन्होंने अच्छी तरह विचारों और भाषा की तैयारी नहीं की है तो तो वे इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।इसके लिए उन्हें एकांत में बोलकर अभ्यास तो करना ही चाहिए।साथ ही प्रसंगवश उसकी चर्चा अपने मित्रों के बीच भी करनी चाहिए।इस प्रकार उनकी छद्म तैयारी हो सकेगी।बोलने पर जहां आप अटकते हैं उन बिंदुओं को पुनः स्मृति में सजाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थी जो बात बोले वह बात उसके मस्तिष्क से निकली हुई बात हो,चिंतन-मनन से निकली हुई बात हो।दिलचस्पी बनाए रखने के लिए विचारों में मोड भी देना चाहिए।एकरसता शिथिलता पैदा करती है।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge),अपनी जानकारी को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Information) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

3 Tips for Expressing Your Knowledge

अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स
(3 Tips for Expressing Your Knowledge)

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अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करने की 3 टिप्स (3 Tips for Expressing Your Knowledge)
के आधार पर आप प्रतियोगिता परीक्षाओं में साक्षात्कार का सामना ठीक से कर सकते हैं।
कई बार कैंडिडेट को जानकारी भी होती है तथा उसके अंदर ज्ञान भी होता है
परंतु जानकारी व ज्ञान को अभिव्यक्त न करने के कारण वह असफल हो जाता है।

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