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Mathematics teacher conducts classes despite coronavirus

1.गणित शिक्षक कोरोनावायरस के बावजूद कक्षाएं आयोजित करता है(Mathematics teacher conducts classes despite coronavirus)-

दुनिया भर में कोरोनावायरस के कारण खौफ का माहौल कायम है।चीन से फैले इस वायरस के कारण कई मौतें हो गई है।Mathematics teacher conducts classes despite coronavirus परंतु खौफ के बावजूद एक गणित शिक्षक ने विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए ऐसा तरीका खोज निकाला जिससे विद्यार्थियों को गणित शिक्षा प्राप्त करने का नुकसान न उठाना पड़े।गणित शिक्षक के इस जुनून को सुनकर व देखकर हर कोई उनका कायल हो गया है।जिन विद्यार्थियों को कोरोनावायरस के कारण अस्पताल के अलग कमरे में रखा गया था उनको वीडियो चैट के माध्यम से शिक्षक ने गणित को पढ़ाना प्रारंभ किया है।

कुछ लोग तथा देश अपने निवासियों को ऐसी बीमारी से लड़ने के लिए उनको अपनी मौत मरने के लिए छोड़ देते हैं। पाकिस्तान ने चीन से अपने निवासियों को लेने से मना कर दिया जबकि भारत ने अपने निवासियों के प्रति संवेदना दर्शाते हुए एक विशेष विमान से उन लोगों को भारत में लेकर आए और उनका इलाज कर रहे हैं।

कहने का तात्पर्य है कि कुछ लोग किसी भी समस्या से लड़ने के लिए संघर्ष करते हैं,उसका समाधान ढूंढते हैं। कुछ लोग समस्या पैदा करते हैं और उसी का हिस्सा बने रहते हैं। जबकि कुछ लोग समाधान का हिस्सा बनते हैं और जो समस्याएं आती हैं उनका समाधान ढूंढते हैं।अब यह हमारे ऊपर निर्भर है कि हम समस्या का हिस्सा बनते हैं या समाधान का हिस्सा बनते हैं।

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गणित के शिक्षक ने बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए वीडियो चैट के माध्यम से पढ़ाने-लिखाने का जो कार्य किया है उससे उनका गणित के प्रति प्रेम तथा जुनून का पता चलता है।साथ ही यह दर्शाता है कि कोरोनावायरस से लड़ते हुए भी अपने पैशन को जारी रखा जा सकता है।हम भी गणित के इस शिक्षक से यह सीख ले सकते हैं। हमारे साथ तो ऐसी कोई समस्या नहीं है कि विद्यार्थी कोरोनावायरस से पीड़ित हैं लेकिन विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने में कोई दिलचस्पी नहीं लेते हैं।विद्यार्थी पढ़ते हैं तो ठीक, नहीं पढ़ते हैं तो ठीक है, इस प्रकार की लापरवाही से गणित के प्रति विद्यार्थियों में नकारात्मक भावना पैदा होती है और वे गणित पढ़ने से डरते हैं,गणित नहीं पढ़ना चाहते हैं।
गणित को पढ़ने के लिए हमें अपने अंदर पेशन पैदा करना होगा चाहे वे विद्यार्थी हों या शिक्षक हों। इसमें शिक्षक की भूमिका अधिक होती है क्योंकि शिक्षक में परिपक्वता होती है,उसे गणित में आने वाले उतार-चढ़ावों का अनुभव होता है।जबकि विद्यार्थी अनुभवहीन होता है।यदि विद्यार्थी अपने बलबूते गणित पढ़ना चाहता है तो उसे बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है,ऐसी स्थिति में कमजोर संकल्पशक्ति वाले विद्यार्थी गणित में आनेवाली समस्याओं से घबराकर गणित पढ़ना नहीं चाहते हैं जबकि सुदृढ़ संकल्पशक्ति वाले विद्यार्थी गणित में आनेवाली समस्याओं से डटकर मुकाबला करते हैं और आगे बढ़ते जाते हैं।

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शिक्षक का साथ हो तो विद्यार्थियों को गणित पढ़ने में आसानी होती है। जैसे एक चींटी मुंबई से दिल्ली जाना चाहे तो उसे कई वर्ष लग जाएंगे और शायद वह पहुंच ही न पाए अर्थात् बीच में दम तोड़ दे परंतु यदि किसी दिल्ली जाने वाले व्यक्ति के शरीर पर चढ़ जाए और व्यक्ति हवाई जहाज से दिल्ली जा रहा हो तो बहुत जल्दी और आसानी से दिल्ली पहुंच जाएगी।इसी प्रकार गणित के विद्यार्थियों को अगर शिक्षक का साथ मिल जाए तो गणित में आने वाली समस्याओं का आसानी से मुकाबला कर सकते हैं,साथ ही वे जल्दी से जल्दी आगे बढ़ते जाते हैं।
गणित शिक्षक के इस उदाहरण से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। गणित शिक्षा को आगे बढ़ाने में ऐसे ही विद्यार्थियों और शिक्षकों का योगदान होता है,जो हर परिस्थिति में,हर कठिनाइयों में भी अपने पैशन को जारी रखते हैं,उसमें कोई बहाना नहीं बनाते हैं और न ही विलम्ब करते हैं।गणित के शिक्षक के इस प्रकार का गणित के प्रति पैशन प्रशंसनीय है।
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2.गणित शिक्षक कॉरोनोवायरस संगरोध में वीडियो चैट के माध्यम से कक्षाएं आयोजित करता है(Mathematics teacher conducts classes despite coronavirus via video chat in coronovirus quarantine)-

कोरोनोवायरस, दुनिया भर में अपने बेकाबू प्रसार के बावजूद, इस चीनी शिक्षक को उसकी कक्षाएं आयोजित करने से नहीं रोक सकता है।
एक आदमी कोरोनोवायरस संक्रमण से बचने के लिए एक हवाई जहाज पर एक व्यक्तिगत तम्बू पहनता है,
के रूप में कोरोनावायरस निरंतर फैलता है, अस्पताल चिकित्सा सहायकों के रूप में रोबोट का उपयोग करते हैं।
कोरोनोवायरस की वजह से, युगल अपनी शादी को लिवस्ट्रीम के माध्यम से शामिल करते हैं।
एक गणित शिक्षक जिसने हाल ही में चीन का दौरा किया, वह अपने छात्र को एक अनोखे तरीके से पढ़ाने में सक्षम रहा है, जबकि वह उन चिंताओं के कारण स्व-लगाए गए संगरोध में रखा है, जो 2019-nCoV कोरोनावायरस के उच्च सांद्रता वाले देश से वापस आए थे। इसलिए अपनी कक्षाओं को रद्द नहीं करना पड़ता, शिक्षक घर पर बैठकर वीडियो चैट के माध्यम से पढ़ाते थे।
विचाराधीन शिक्षक विक्टर सन ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ चंद्र नववर्ष के अवसर पर यात्रा करने के लिए शंघाई गए थे। इसके बाद शुक्रवार को वह डार्विन, ऑस्ट्रेलिया लौट आए। जबकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने हुबेई से निकाले गए लोगों के लिए संगरोध क्षेत्रों को तैयार किया, जो लोग चीन के अन्य हिस्सों से वापस आते हैं उन्हें 2 सप्ताह के लिए स्व-संगरोध की सलाह दी जाती है।
अपने छात्रों के बारे में बात करते हुए, सूर्य ने कहा:
सन ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि युवा छात्र अपने सेट-अप के साथ अधिक व्यस्त हैं, लेकिन पुराने लोग वास्तव में अंतर के बारे में परवाह नहीं करते हैं और केवल चीजों को प्राप्त करना चाहते हैं। सन ने यह भी बताया कि वह नहीं चाहते थे कि छात्र ११ और १२ वीं कक्षा के छात्रों के पीछे पड़ें, क्योंकि जल्द ही महत्वपूर्ण परीक्षाएँ होंगी।
सेट-अप में एक लैपटॉप, एक वेबकैम और साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए ज़ूम खाता शामिल है। इसके अलावा, एक माइक्रोफोन है जिसे छात्र प्रश्न पूछने के लिए पास कर सकते हैं।
अब तक, दुनिया भर में लोगों को आतंकित करते हुए कोरोनोवायरस फैलने के 31,000 से अधिक संक्रमित मामलों के साथ दुनिया भर में 630 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि, कोरोनावायरस के प्रसार को कम करने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाया गया है।
चीन में, शिक्षक प्रौद्योगिकी समाधानों का सहारा ले रहे हैं ताकि छात्रों को कोरोनावायरस के प्रसार के बावजूद पीछे नहीं रहना पड़े। लॉकडाउन पर 50 मिलियन से अधिक लोगों के साथ, सरकार ने देश में बहुत से क्षेत्रों में व्यक्तिगत कक्षाओं में देरी की है।

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