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Mathematicians of Forgetful Nature

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1.भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature),गणितज्ञों का भूल्लकड़ स्वभाव (Oblivious Nature of Mathematicians):

  • भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature) रहे हैं जो उच्च कोटि के गणितज्ञ थे।आप लोग तथा विद्यार्थी यह सोचते होंगे कि महान गणितज्ञों और वैज्ञानिकों में विलक्षण स्मरणशक्ति होती है।यह बात सही है कि महान गणितज्ञ विलक्षण प्रतिभा और विलक्षण स्मृति के धनी होते हैं।परंतु आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह महान गणितज्ञ उतने ही विलक्षण भुल्लकड़ स्वभाव के होते हैं।यह भुलक्कड़ स्वभाव छोटे-छोटे गणितज्ञों में ही नहीं बल्कि विश्व के महान गणितज्ञों में पाया गया है।
  • सामान्य विद्यार्थी शायद गणित में इसलिए कठिन परिश्रम तथा अभ्यास नहीं करते हैं क्योंकि गणित के लिए बहुत अच्छी स्मरणशक्ति की आवश्यकता होती है।बहुत अच्छी स्मरणशक्ति प्रखर तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में पाई जाती है।यदि आप ऐसा सोचते हैं तो गलत सोचते हैं।उदाहरणस्वरूप विश्व के प्रथम ज्ञात महान गणितज्ञ थेल्स (Thales of Miletuss),महान् गणितज्ञ और गणित के जनक आर्किमिडीज (Mathematician Archimedes),महान् गणितज्ञ आइजक न्यूटन (Mathematician Isaac Newton) अपने भुलक्कड़ स्वभाव के कारण जाने जाते हैं।इन गणितज्ञों ने गणित और विज्ञान में इतना अद्भुत कार्य किया है कि ये हमेशा संपूर्ण मानव जाति को याद रहेंगे।
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2.गणितज्ञ थेल्स (Mathematician Thales of Miletuss):

  • आज से लगभग 2500 वर्ष पूर्व गणितज्ञ थेल का (Thale) जन्म हुआ था।यूक्लिड की ज्यामिति के कुछ प्रमेय थेल ने खोजे थे।महान गणितज्ञ पाइथागोरस थेल्स के शिष्य थे।ये प्रमेय निम्न है:
  • (1.)वृत्त का व्यास वृत्त को दो समान भागों में बाँटता है।
  • (2.)समदिबाहु त्रिभुज के आधार-कोण समान होते हैं।
  • (3.)जब दो रेखाएं एक दूसरे को छेदती हैं तो उर्ध्वाधर कोण समान होते हैं।
  • ये सभी प्रमेय यूक्लिड की ज्यामिति में दिए हुए हैं इसलिए आज की ज्यामिति की पुस्तकों में भी मिलेंगे।वास्तव में आज से ढाई हजार साल पहले थेल्स को ज्यामिति की इन बातों का ज्ञान था।
  • थेल अपने समय में यूनान में सबसे बड़े विद्वान थे। बड़े विद्वान विशेषतः गणित का अध्ययन करने वाले विद्वान बड़े भुलक्कड़ स्वभाव के हुआ करते हैं। थेल के बारे में एक किस्सा है:
  • रात का समय था।थेल आकाश के तारों को देखते हुए चल रहे थे।जब आकाश की ओर देख रहे थे तो धरती पर क्या है,यह कैसे दिखाई देता।इसलिए एक गड्ढे में गिर पड़े।एक लड़की पास ही खड़ी थी।उसे हंसी आ गई।थेल को जब खड्डे के बाहर निकाला गया तो उन्होंने उस लड़की से पूछा, “तुम हंसी क्यों थी?”
  • लड़की ने भी साफ उत्तर दिया, “मुझे यही देखकर हंसी आ गई कि आपको पैरों के नीचे की जमीन तो दिखाई नहीं देती,इतने दूर के आकाश में क्या दिखाई देता होगा?ऐसे थे थेल।

3.महान् गणितज्ञ आर्किमिडीज (The Great Mathematician Archimedes):

  • ईसा से लगभग 300 वर्ष पहले की बात है।साइराक्यूज के राजा हीरो ने सुनार को एक मुकुट बनाने के लिए सोना दिया।जब सुनार ने मुकुट तैयार करके राजा हीरो को प्रस्तुत किया तो राजा हीरो के मन में संदेह हुआ।कहीं सुनार ने मुकुट में मिलावट तो नहीं कर दी।महान गणितज्ञ आर्किमिडीज राजा हीरो के मित्र थे।राजा हीरो ने प्रसिद्ध गणितज्ञ को मिलावट का पता लगाने के लिए कहा।कुछ दिन आर्कमिडीज सोचता रहा।एक दिन वे नगर के सार्वजनिक स्नानागार में स्नान करने के लिए उतरे। त्यों ही किनारों का पानी उछल कर बाहर गिर पड़ा। इसका कारण महान गणितज्ञ को पता चल गया।वह भूल गए थे कि वह नंगे हैं।
  • सिसली द्वीप के शहर साइराक्यूज की सड़कों पर दौड़ पड़ते हैं।यह कहते हुए कि यूरेका! यूरेका! अर्थात मैंने पा लिया! मैंने पा लिया!लोगों ने समझा कोई पागल होगा।परंतु जब उन्हें पता चला कि यह तो महान गणितज्ञ आर्कमिडीज थे तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।
  • आर्किमिडीज का जन्म 287 और मृत्यु 212 ईस्वी पूर्व में हुई थी।आर्कमिडीज घंटों समुद्र के किनारे बैठकर बालू पर रेखाएं खींचकर ज्यामिति के सवाल करने में खो जाते थे।नहाने जाते और उनके बदन पर तेल मला जाता तो बदन पर ही उंगलियों से ज्यामिति की आकृतियों बनाने लग जाते।आर्किमिडीज हमेशा ज्यामिति के विचारों में खोए रहते तथा अपने आप को भूल जाते थे।भुल्लकड़ स्वभाव होने के साथ-साथ गणित के प्रति उनकी दीवानगी थी।

4.महान गणितज्ञ सर आइज़क न्यूटन (Mathematician Isaac Newton):

  • महान गणितज्ञ सर आइज़क न्यूटन का जन्म 25 दिसंबर सन् 1642 ईस्वी में बूल्सथोर्य नामक गाँव में जो कि इंग्लैंड में है,हुआ था।उनके भुल्लकड़ स्वभाव का किस्सा यों है:
  • एक बार उनका मित्र स्टू-ले उनसे मिलने आया। उसने न्यूटन को व्यस्त देखा तथा न्यूटन का ध्यान बँटाना चाहा।जब न्यूटन ने ध्यान नहीं दिया तो स्टू-ले ने न्यूटन का खाना जो मेज पर रखा था,खा लिया।अतः न्यूटन को जब कटोरदान खाली मिला तो उसने कहा, “अरे मैं तो समझ बैठा कि मैंने भोजन नहीं किया है।परंतु मैंने तो भोजन खा लिया है।
  • इन घटनाओं से अनुमान लगाया जा सकता है कि ये गणितज्ञ कितने भुल्लकड़ स्वभाव के थे।अपने काम में इतने तल्लीन रहते थे कि बाकी सब कुछ भूल जाते थे।
  • उपर्युक्त आर्टिकल में भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature),गणितज्ञों का भूल्लकड़ स्वभाव (Oblivious Nature of Mathematicians) के बारे में बताया गया है।

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5.शरारती छात्र (हास्य-व्यंग्य) (Naughty Student)(Humour-Satire):

  • एक छात्र (दिनेश) कक्षा में बहुत शरारत करता था। कभी टेबल पर थपकी देकर टेबल (मेज) को बजाने लग जाता था।कभी ब्लैक बोर्ड पर चाॅक फेंक देता था।कभी ब्लैक बोर्ड पर ऊल-जलूल तथा बेसिर पैर की बातें लिख देता था।कभी ब्लैकबोर्ड को गंदा कर देता था।एक दिन उसने गणित शिक्षक की कुर्सी तोड़ दी।
  • गणित शिक्षक ने तंग आकर कहा कि दिनेश तुम मेरा सिर क्यों खा रहे हो।
  • दिनेश (गणित अध्यापक से):सर (Sir) मैं शाकाहारी हूं।मांसाहारी नहीं हूं।मैं आपका सिर क्यों खाऊंगा?

6.भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature),गणितज्ञों का भूल्लकड़ स्वभाव (Oblivious Nature of Mathematicians) के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.थेल्स कौन थे? (Who was Thales?):

उत्तर:थेल्स ज्ञात गणितज्ञों में सबसे प्रथम गणितज्ञ माने जाते हैं।इसके अलावा वह एक बहुत बड़े व्यापारी थे,विद्वान थे,वैज्ञानिक थे,राजनीतिज्ञ थे।प्राचीन यूनान के सात महापुरुषों में उनकी गणना की जाती है।नील नदी के जल-प्रवाह को देखकर उनका विश्वास पक्का हो गया कि इस विश्व में सब कुछ जलमय है।

प्रश्न:2.गणितज्ञ आर्किमिडीज ने गणित में कौनसी खोज की है? (What is Discovery Made by Mathematician Archimedes in Mathematics?):

उत्तर:आर्किमिडीज ने परवलय (पैराबोला) को वर्गाकार देने का प्रयास किया।यूदोक्सु तथा यूक्लिड ने गोल तथा सिलेंडर पर जो बातें लिखी थी,आर्कमिडीज ने उन बातों को आगे बढ़ाया। यूक्लिड के ‘मूलतत्व’ की ज्यामिति को आगे बढ़ाकर आर्किमिडीज ने वक्र रेखाओं से आबद्ध समतल आकृतियों के क्षेत्रफलों को ज्ञात करने की विधि खोज निकाली।इसी विधि का विकास न्यूटन तथा लाइबनिट्ज ने किया और कलनशास्त्र को जन्म दिया।सिलेंडर तथा गोल के आयतन की खोज की।उनके यांत्रिकी तथा ज्यामिति में किए गए कार्यों ने उन्हें प्रसिद्ध कर दिया।उत्तोलक,घिरनी तथा पहिया और धुरी के विषय में उनके ज्ञान ने ग्रीक सेना को रोमन सेना के विरुद्ध लड़ाई में बहुत सहायता की।

प्रश्न:3.गणितज्ञ आइज़क न्यूटन ने गणित में कौनसी खोज की? (What Discovered by Isaac Newton in Mathematics?):

उत्तर:विज्ञान के इतिहास में न्यूटन प्रायः सबसे अधिक मौलिक तथा प्रभावशाली सिद्धांतवादी के रूप में जाने जाते हैं।एक निर्धन कृषक परिवार में जन्मे थे।लेकिन वे खेती के काम में कुशल नहीं थे। 1661 में शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्हें कैंब्रिज विश्वविद्यालय भेज दिया गया।सन् 1665 में कैंब्रिज में प्लेग फैल गया और न्यूटन को एक वर्ष की छुट्टी मिल गई।ऐसा कहा जाता है कि इसी वर्ष उनके ऊपर सेब गिरने की घटना घटित हुई।इस घटना ने न्यूटन को चंद्रमा को उसकी कक्षा में बनाए रखने वाले बल तथा गुरुत्व बल के बीच संबंध की संभावना की खोज को प्रेरित किया।इससे उन्होंने गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम खोज निकाला। विशिष्ट बात यह है कि उनसे पहले भी बहुत से महान वैज्ञानिक गुरुत्व के बारे में जानते थे किंतु वे उसके महत्व को समझने में असफल रहे।
न्यूटन ने गति के प्रसिद्ध नियमों का प्रतिपादन किया।उन्होंने प्रकाश तथा तरंगों के सिद्धांतों पर कार्य किया।उन्होंने खगोलीय प्रेक्षणों के लिए खगोलीय दूरदर्शी की रचना की।
न्यूटन एक महान गणितज्ञ भी थे।उन्होंने गणित की एक नई शाखा की खोज की।जिसे कलन (Calculus) कहते हैं।इसका उपयोग उन्होंने यह सिद्ध करने के लिए किया कि किसी एक समान घनत्व वाले गोले के बाहर स्थित वस्तुओं के लिए गोले का व्यवहार इस प्रकार का होता है जैसे कि उसका संपूर्ण द्रव्यमान केंद्र पर स्थित हो।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature),गणितज्ञों का भूल्लकड़ स्वभाव (Oblivious Nature of Mathematicians) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Mathematicians of Forgetful Nature

भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ
(Mathematicians of Forgetful Nature)

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भुलक्कड़ स्वभाव के गणितज्ञ (Mathematicians of Forgetful Nature) रहे हैं
जो उच्च कोटि के गणितज्ञ थे।आप लोग तथा विद्यार्थी
यह सोचते होंगे कि महान गणितज्ञों और वैज्ञानिकों में विलक्षण स्मरणशक्ति होती है।

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