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Magical teacher of maths Ambuja Iyer

1.मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर का परिचय (Introduction to Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer)-

मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer) के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।अंबुजा अय्यर 80 वर्ष से ऊपर की होने पर भी पूर्ण ऊर्जा व उत्साह के साथ ऑनलाइन गणित शिक्षण का कार्य करती है।
(1.)उसे मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) के नाम से पुकारा जाता है।नीचे आर्टिकल में मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है।
(2.)तमाम कठिनाइयों और समस्याओं को धता बताकर तथा उनका सामना करके अंबुजा अय्यर आज भी उसी ऊर्जा व उत्साह के साथ गणित पढ़ाती है।हजारों छात्र-छात्राओं को वह पढ़ा चुकी है।कभी उसके चेहरे पर थकान व उदासी के लक्षण नजर नहीं आते हैं।
(3.)आज समाज के कुछ बुद्धिवादी नारी की अपेक्षा पुरूष को श्रेष्ठ घोषित करते हैं।वे यह दलील पेश करते हैं कि पुरुष को परमात्मा ने श्रेष्ट रूप में पैदा किया है तथा शारीरिक,मानसिक व भावनात्मक दृष्टि से भी पुरुष ,नारी की अपेक्षा अधिक श्रेष्ठ है।वे अपनी मान्यताओं को बल प्रदान करने हेतु शास्त्रों व परंपराओं की भी दुआई दिया करते हैं।
(4.)इन बुद्धिवादियों की भ्रमपूर्ण मान्यताएं आज समाज के ऊपर इस तरह हावी है कि सर्वत्र नारी को उपेक्षा और तिरस्कार का सामना करना पड़ रहा है।
(5.)जन्म के समय से ही लोगों में यह प्रवृत्ति देखी जा सकती है। पुत्र जन्म होते ही घर में खुशियां मनाई जाती है जबकि पुत्री के जन्म होते ही घर में शोक व्यक्त किया जाता है।जन्म से पूर्व अधिकांश व्यक्ति पुत्र के लिए लालायित रहते हैं।
(6.) नर-नारी के बीच भेदभाव की यह ओछी प्रवृत्ति दहेज प्रथा जैसे कोढ़ को उत्पन्न करने में सफल हुई है।इस कुप्रथा के कारण आज कितनी ही लड़कियां विवाहित जीवन गुजारती हैं।कितनी ही अपने पिता की दयनीय स्थिति को देखकर फांसी लगा लेती या जल मरती है।
कितनी ही दहेज के रूप में विपुल धनराशि समर्पित न कर पाने के कारण ससुराल में सताई जाती है और अंततः आत्महत्या कर लेती हैं।
(7.)प्राचीन काल में नारीयां हर क्षेत्र में पुरुष की भांति ही प्रखरता का परिचय देती थी।पतंजलि ने भाला चलाने वाली महिलाओं का उल्लेख किया है।
(8.)चंद्रगुप्त की अंगरक्षक अमेजन महिलाओं का वर्णन मेगस्थनीज ने किया है।कोटिल्य द्वारा महिला धनुर्धरों का वर्णन किया गया है।
(9.)वेदों में ऐसी नारियों का उल्लेख है जो युद्ध में टांग कटने पर अश्विनी कुमारों से पुनः लोहे की टांग लगवाकर युद्ध स्थल में कूद पड़ी थी।
( 10.)रावण के दुर्गम किले की रखवाली कोई पुरुष नहीं वरन एक नारी ही करती थी।दशरथ की एक युद्ध में प्राण रक्षा कैकेयी ने ही की थी।
(11.)न केवल शौर्य पराक्रम के क्षेत्र में वरन् ज्ञान के क्षेत्र में भी उन्होंने अपना परचम लहराया है।वाल्मीकि के आश्रम में आत्रेयी, लव और कुश के साथ वेदाध्ययन किया करती थी।
(12.)भागवत में दाक्षायण की पुत्रियों का उल्लेख है,जो दर्शन और धर्म के प्रश्नों में बहुत पारंगत थी। अगस्त्य ऋषि के सूक्त,जो ऋग्वेद में संग्रहित हैं उनकी पत्नी लोपामुद्रा के सहयोग से ही रचे जा सके हैं।
(13.)वेदों में घोषा,विश्वारा, अपाला, अदिति,इंद्राणी,सरमा,उर्वशी,लोपामुद्रा,यमी,शाश्वती,सूर्या, सावित्री आदि मंत्रदृष्टा ऋषिकाएं है।जनक की राजसभा में याज्ञवलक्य के बाद गार्गी ही सर्वश्रेष्ठ मानी जाती थी।
(14.)ज्ञान-विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में भारत में अनेक महान विदुषियों को जन्म दिया है।
(15.)अहिच्छत्र की राजकुमारी उदयावती न्याय (तर्कशास्त्र) की प्रकांड पंडित थी।
(16.)वस्तुतः नर और नारी एक दूसरे के पूरक हैं।दोनों एक दूसरे का सहयोग करके प्रगति पथ पर आगे बढ़ सकते हैं।
(17.)हालांकि आधुनिक युग में शिक्षा के प्रसार के साथ पुरुष की मानसिकता में बदलाव आया है।परंतु अभी भी बहुत सी नारियों को सताया व प्रताड़ित किया जाता है।
(18.)जब तक नारी को उसका उचित अधिकार नहीं मिलेगा तब तक समाज व देश प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ सकता है।
(19.)नारी को यदि उचित सम्मान और विकास का अवसर मिल सके तो वह प्राचीन काल की नारियों की तरह विकास में काफी सहयोग दे सकती हैं।
(20.)हमें मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) से सीख लेनी चाहिए तथा नारियों को शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार देना चाहिए।उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
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2.मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer)-

(1.)मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer) 80 वर्ष से ज्यादा उम्र की होने पर भी फ्री ऑनलाइन क्लासेज ले रही है।
(2.)अब तक अंबुजा अय्यर हजारों छात्र-छात्राओं को गणित की शिक्षा प्रदान कर चुकी है।
(3.)मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।वह स्वभाव से विनम्र, सरल तथा अहंकार से रहित है।
(4.)अंबुजा अय्यर गणित इसलिए नहीं पढ़ाती है कि वह उसका प्रोफेशन है बल्कि इसलिए पढ़ाती है कि वह गणित पढ़ाना पसंद करती है।
(5.)वह बिना किसी लोभ-लालच तथा स्वार्थ के लोगों की भलाई तथा कल्याण की भावना रखते हुए पढ़ाती है।
(6.)अधिकांशत व्यक्ति 60-65 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हो जाना चाहते हैं तथा कई नव युवा गणित को ऑनलाइन पढ़ाने में कठिन संघर्ष करते हैं।
वही अंबुजा अय्यर पूर्ण जोश और उत्साह के साथ ऑनलाइन गणित शिक्षा प्रदान करा रही है।
(7.)अंबुजा अय्यर ने जब देखा कि कुछ शिक्षक ऑनलाइन गणित पढ़ाने में समस्याओं व कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं तो उसने शिक्षकों के साथ कुछ उपयोगी टिप्स साझा करने का निश्चय किया।
(8.)उसने व्हाट्सएप पर 50 गणित शिक्षकों के साथ एक मैथ फोरम की शुरुआत की और उसके द्वारा गणित शिक्षकों के साथ गणित पढ़ाने की टिप्स साझा की।
(9.)मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) से गणित के टीचर काफी खुश हैं।आज उस फोरम में लगभग 200 सदस्य हैं।
(10.) अंबुजा अय्यर ने कक्षा छठी से दसवीं कक्षा के लिए ऑनलाइन गणित पढ़ना शुरू किया।
(11.) गणित शिक्षकों को उसने इस तरह से टिप्स देना शुरू किया कि गणित के लिए रोचक सामग्री किस प्रकार तैयार की जाए?

3.ऑनलाइन गणित पढ़ाने वाली अंबुजा अय्यर (Ambuja Iyer teaching math Online)-

(1.) अंबुजा अय्यर सप्ताह में दो घंटे की आनलाईन गणित कोचिंग चलाती है।
(2.)उसने यूट्यूब पर चैनल शुरू किया है जिसके माध्यम से पाठ का वीडियो बनाकर अपलोड करती है।
(3.)आज यूएई(दुबई से अधिक),संयुक्त राज्य अमेरिका ,ब्रिटेन, इंडोनेशिया तथा भारत देश के बहुत से शिक्षक जुड़े हुए हैं।
(4.)वह छात्र-छात्राओं को गणित फोबिया से बाहर निकलने में मदद करती है।साथ ही वह ऐसे शिक्षकों की भी मदद करती है जिन्हें गणित को ऑनलाइन पढ़ाना चुनौतीपूर्ण लगता है।
(5.)मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) को गणित को आफलाईन और आनलाईन पढ़ाने में कोई बड़ा अंतर नजर नहीं आता है।
(6.)वह शिक्षकों को रोचक सामग्री उपलब्ध कराती है तो गणित के शिक्षक आत्मविश्वास हासिल करते हैं।
(7.)अंबुजा अय्यर गणित पढ़ाने में किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है।वह हर वर्ग ,जाति ,पंथ या रंग से ऊपर उठकर सबको पढ़ाती है।
(8.)गणित पढ़ाने में अंबुजा अय्यर को आनंद की अनुभूति होती है। गणित पढ़ाना उनके लिए सीमा से परे है तथा यह दुनिया में समान है।
(9.)बहुत से निर्धन छात्र उनके पास गणित पढ़ने आते हैं।उसे निर्धन छात्रों की आंखों में दिखने वाली आशा और आकांक्षा गणित सिखाने के लिए प्रेरित करती है।
(10.)कोरोनावायरस के कारण फैली वैश्विक महामारी में अंबुजा अय्यर के कारण बहुत से लोगों को गणित पढ़ना आसान हो गया है।
(11.)80 वर्ष की उम्र में भी उन्हें समाज को वापस देने का गणित के माध्यम से जुनून सवार है।अन्य माध्यमों से भी गणित पढ़ाती है।

4.मैथ मेजिक अंबुजा अय्यर (Math magic Ambuja Iyer)-

(1.)उन्नीस सौ अस्सी के दशक में किसी भी लड़की के लिए शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल था परंतु अंबुजा अय्यर की मां ने यह निश्चित कर लिया था कि उनकी लड़की के साथ ऐसा ना हो।
(2.)अंबुजा अय्यर को उनकी बड़ी बहन की देखरेख में भेजा गया जो कि अंबुजा अय्यर की प्रथम शिक्षक और मार्गदर्शक बनी।
(3.)जब अंबुजा अय्यर मात्र ढाई साल की थी तो उसकी बड़ी बहन के मार्गदर्शन और कठिन प्रयासों से उन्हें सीधे कक्षा दो में भर्ती कराया गया।
(4.)अंबुजा अय्यर ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था।
(5.)उनका चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में भी हो गया था परंतु दुर्भाग्यवश उनके पिता का निधन हो गया।
(6.)जिंदगी हमेशा सभी के लिए खुशगवार नहीं होती है, वही अंबुजा अय्यर के साथ हुआ।
(7.)पिता के असामयिक निधन के कारण उनके परिवार को गंभीर वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ा।
(8.) उन्हें अपने पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने की जरूरत महसूस हुई।
(9.)उन्होंने काम की तलाश प्रारंभ कर दी तथा जल्दी ही उन्हें प्रोबेशन शिक्षक के रूप में पहली नियुक्ति मिली।
(10.)उनको अपनी पहली कक्षा की यादें आज भी ताजा है। गणित की शिक्षिका अनुपस्थित थी, ऐसी स्थिति में उन्हें लड़कियों की एक कक्षा में ज्योमेट्री पढ़ाने के लिए कहा गया।
वे लड़कियां उससे ज्यादा छोटी नहीं थी। उस दिन उन्हें जो प्रशंसा मिली उससे उन्हें अपने अंदर के गणित शिक्षक का परिचय हुआ।
(11.)अंबुजा अय्यर मानती है कि यह नियति थी कि उन्होंने जीवनभर के लिए एक गणित शिक्षक के रूप में अपने कदम बढ़ाए।
(12.) अंबुजा अय्यर के अनुसार वह बिना किसी विशेष प्रयास के शिक्षिका बन गई थी परंतु शिक्षण की कला के लिए उन्हें विशेष प्रयास करना पड़ा।
(13.)भारत में 1982 में जब कंप्यूटर का दौर शुरू हुआ तो उन्हें कंप्यूटर करने की चुनौती का सामना करना पड़ा।
उनके बच्चों ने उन्हें कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया।
(14.)अंबुजा अय्यर ने कंप्यूटर में बेसिक और वर्ड स्टार जैसे सॉफ्टवेयर से खुद को परिचित कराया।
(15.)आगे सीखने की उत्सुकता के कारण प्राथमिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के पुरस्कार विजेता का पैकेज तैयार किया जो आज भी उपयोग किए जाते हैं।उन्होंने यह सब छात्रों की सुविधा के लिए किया।
(16.)अंबुजा अय्यर की खासियत है कि उन्होंने छात्र-छात्राओं को कभी भी होमवर्क नहीं दिया।
(17.)अंबुजा अय्यर के अनुसार शिक्षकों को गणित इस प्रकार पढ़ानी चाहिए कि गणित को पढ़ाने से लेकर उसकी पुनरावृत्ति कराने का कार्य स्कूल में हो।साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि छात्र अपना संपूर्ण कार्य कक्षा में करें।
(18.)सकारात्मक फीडबैक तथा प्रोत्साहन के कारण छात्र हमेशा अपना अच्छे से अच्छा कार्य करते थे।
(19.)शिक्षक के लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा यही है कि वह छात्रों को जो पढ़ाए वह उनकी स्मृति में रहना चाहिए।
(20.) गणित शिक्षक का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि छात्र-छात्राओं की गणित में रूचि बढ़ाना है।
(21.)मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer) कहती है कि
उसका सौभाग्य है कि उसे ऐसी बेटियां मिली हैं जिन्होंने मुझे गणित के शिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया।
(22.)आज देशभर में अंबुजा अय्यर ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाती है,उसके लिए दिन में 5 घंटे कंटेंट तैयार करने में लगाती है। खुद ही कंटेंट लिखती है और उसे पैशेवरों से टाइप करवाती है।ऐसा करने के लिए उसके पास टाइपिंग सहायक है।
(23.)अंबुजा अय्यर के गणित शिक्षण का कैरियर उपलब्धि भरा तथा सफल रहा है क्योंकि यह अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।
(24.)कई बार उनको साक्षात्कार में पूछा गया कि आपको यह जो उत्साह और ऊर्जा कहां से मिलती है? इसके प्रत्युत्तर में अंबुजा अय्यर कहती है कि मेरे लिए यह प्रोफेशन नहीं है बल्कि यह मेरा जुनून है।जो उसे हमेशा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
(25.)उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट है कि अंबुजा अय्यर को मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer) यूं ही नहीं कहा जाता है। इसके लिए उन्होंने बहुत तप व साधना की है।
(26.)आज भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में भी मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) विख्यात है।
(27.)आज उन्हें यह प्रसिद्धि मिली है तो इसके पीछे गणित शिक्षा तथा छात्र-छात्राओं के प्रति उनका समर्पण है।
(28.)उनका वेबैक्स में खुद का पर्सनल रूम है।
तो देखा आपने मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer,Magical teacher of mathematics Ambuja Iyer) की गणित पढ़ाने की कार्यशैली।

5.गणित पढ़ाने के लिए कौन सा तरीका सबसे अच्छा है? (Which method is best for teaching mathematics?)-

बुनियादी गणित कौशल सिखाने की कुंजी जो छात्र भविष्य के निर्देश के लिए आवेदन कर सकते हैं और याद रख सकते हैं, वह कई शिक्षण रणनीतियों का उपयोग करना है।
(1.)दोहराव-गणित के कौशल को सुधारने के लिए एक सरल रणनीति शिक्षक दोहराव का उपयोग कर सकते हैं।
(2.)समय परीक्षण किया गया।
(3.)जोड़ी कार्य।
(4.)हेरफेर उपकरण।
(5.)गणित का खेल।

6.गणित के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए? (What are the qualification required for a math?)-

गणित के पाठ्यक्रमों के लिए पात्रता मानदंड
(1.)उम्मीदवार ने 10 + 2 पूरा किया होगा।
(2.)स्नातक पाठ्यक्रम में सफलतापूर्वक दाखिला लेने वाले व्यक्ति के लिए, गणित और अंग्रेजी का अध्ययन किया जाना चाहिए।
7.मैथ्स टीचर uk कैसे बनें?(How to become a maths teacher uk?)-
आप गणित के शिक्षक बन सकते हैं भले ही गणित आपकी पहली डिग्री का विषय न हो।जिनके पास ए-स्तर के गणित हैं, लेकिन उन्हें किसी अन्य विषय से संक्रमण की आवश्यकता है, या शायद एक गणित की डिग्री है, लेकिन दूसरे पेशे से शिक्षण के लिए आ रहे हैं, एक विषय ज्ञान संवर्धन (एसकेई) पाठ्यक्रम लें।
इस आर्टिकल में हमने मैथ्स की जादुई टीचर अंबुजा अय्यर (Magical teacher of maths Ambuja Iyer) के बारे में पढ़ा।

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