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50 year old mathematics problem solved

1.गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझी का परिचय (Introduction to 50 year old mathematics problem solved)-

गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी  सुलझी(50 year old mathematics problem solved) और इसको सुलझाया लीसा पिचिरिल्लो ने।हालांकि यह समस्या टोपोलॉजी से संबंधित थी।लीसा पिचिरील्लो ने टोपोलॉजी का अध्ययन नहीं किया था इसके बावजूद भी लीसा पिचिरिल्लो ने गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझा (50 year old mathematics problem solved) ली। दरअसल किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए व्यक्ति में दृढ़ संकल्पशक्ति, जूनून और समर्पण की आवश्यकता होती है।
गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझी (50 year old mathematics problem solved) ,इसके लिए लीसा पिचिरिल्लो ने कठिन परिश्रम ,दृढ़ संकल्पशक्ति के साथ कार्य किया।जब हम किसी समस्या को नेक इरादे के साथ सुलझाना चाहते हैं तो अस्तित्व अर्थात् परमात्मा का सहयोग भी मिलता है।किसी भी कठिन समस्या में हमारे मस्तिष्क का निष्क्रिय भाग सक्रिय हो जाता है।
सामान्य हालातों में हम सोए हुए से रहते हैं परंतु किसी विशिष्ट समस्या के समाधान में हम जागरूक रहते हैं।हमारे सामने एक मात्र लक्ष्य उस समस्या का समाधान करने की धुन सवार होती है।हमे सोते जागते हुए एक मात्र वही लक्ष्य दिखाई देता है।
अमेरिका के टेक्सास यूनिवर्सिटी की छात्रा लीसा पिचिरिल्लो ने गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई (50 year old mathematics problem solved) वरना यह समस्या 50 साल से अनसुलझी हुई थी।
ऐसी बात नहीं है कि गणितज्ञों का अकाल पड़ा हुआ था। परंतु जब किसी गणितज्ञ को ऐसा लगता है कि उसे यह समस्या सुलझाना है तभी उस समस्या के प्रत्येक पहलू से हम जुड़ते हैं।यदि हम ऊपरी तौर से उस समस्या को देखते हैं तो वह समस्या नहीं सुलझ पाती है।
यह समस्या ब्रिटेन की गणितज्ञ जाॅन होर्टन काॅन्वे ने 1970 में प्रस्तुत की थी।इस समस्या का नाम है ‘ काॅन्वे’ज नाॅट प्रॉब्लम ‘।परंतु लीसा पिचिरिल्लो ने एक सप्ताह के कठिन प्रयास से गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई (50 year old mathematics problem solved) ।इसके आधार पर यह तो निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि हमारे दिमाग की कार्य करने की क्षमता को अनंत गुना बढ़ाया जा सकता है।
दिमाग का जितना भाग सक्रिय होता है उतना ही यह समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होता है।
हर गणित की समस्या को सुलझाने के बाद गणितज्ञों के इस दावे को सही ठहराया जा सकता है कि गणित की कोई ऐसी समस्या नहीं है जिससे सुलझाया नहीं जा सकता है।
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2.गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझी (50 year old mathematics problem solved)-

गणित की एक विशेष शाखा टोपोलॉजी में मैथमेटिकल नाॅट्स (गणितीय गांठें) एक विषय है। टोपोलॉजी की पढ़ाई में यह जाना जाता है कि कोई वस्तु कैसे बिना तोड़े ,बिगाड़े घुमाई और फैलाई जा सकती है।टोपोलॉजी की एक शाखा नाॅट थ्योरी है।टेक्सास विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाली लीसा ने गणित की गुत्थी सुलझाई।काॅन्वे’ज नाॅट (गांठ )के सवाल को ब्रिटेन के गणितज्ञ जॉन होर्टन काॅन्वे ने 1970 में पेश किया था।
अमेरिका के टेक्सास यूनिवर्सिटी की छात्रा लीसा पिचिरिल्लो ने गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई (50 year old mathematics problem solved)।
अमेरिका की एक छात्रा ने गणित से जुड़े एक सवाल को एक सप्ताह से भी कम समय में हल कर दिया है।लीसा पिचिरिल्लो टेक्सास विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही है। उन्होंने बहुचर्चित ‘ काॅन्वे’ज नाॅट प्रॉब्लम ‘ को हल कर दिया। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कैमर गोर्डोन से उसने अपनी गणना के बारे में बताया।प्रोफेसर कैमर खुद भी एक गणितज्ञ हैं।’ काॅन्वे’ज नाॅट ‘(गांठ) के सवाल को ब्रिटेन के गणितज्ञ जॉन होर्टन काॅन्वे ने 1970 में पेश किया था, लेकिन लीसा ने इस गुत्थी के बारे में पहली बार 2018 में एक संगोष्ठी में सुना था।प्रोफेसर गाॅर्डन कहते हैं ,मुझे नहीं लगता है कि उसे मालूम था कि यह कितनी पुरानी और प्रसिद्ध पहेली है।लीसा के काम को इस साल की शुरुआत में ‘एनल्स ऑफ मैथमेटिक्स जर्नल ‘ में प्रकाशित किया गया था और इस गुत्थी को हल करने के बाद उन्हें मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी ) में असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया।
‘ काॅन्वे’ज नाॅट ‘लंबे समय से अनसुलझी हुई थी और बहुत से प्रसिद्ध गणितज्ञों ने इसको हल करने की कोशिश की थी।

गणित की एक विशेष शाखा टोपोलाॅजी में मैथमेटिकल नाॅट्स (गणितीय गांठें) एक विषय है।टोपोलाॅजी की पढ़ाई में यह जाना जाता है कि कोई वस्तु कैसे बिना तोड़े,बिगाड़े घुमाई और फैलाई जा सकती है।
वास्तविक जीवन के उदाहरण से अलग एक गणितीय गांठ के दोनों सिरे जुड़े होते हैं।असल में एक साधारण गांठ एक अंगूठी की तरह होती है और जिसे कभी खोला नहीं जा सकता है।लेकिन इसमें यह बेहद जटिल थी क्योंकि इसमें गांठ कई जगहों पर एक दूसरे के ऊपर से गुजरती थी।
विज्ञान के कई क्षेत्रों में टोपोलॉजी की खास अहमियत है और वैज्ञानिक इसका इस्तेमाल कई तरह से करते हैं।बाजार के व्यवहार से लेकर डीएनए मॉलिक्यूल के आकार को दिखाने के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।इस गुत्थी को पेश करने वाले ब्रिटेन के गणितज्ञ जाॅन होर्टन काॅन्वे की अप्रैल में 82 वर्ष की आयु में कोविड-19 से मौत हो गई थी। लिवरपूल में पैदा हुए शिक्षाविद् जॉन को प्रभावशाली और करिश्माई गणितज्ञ माना जाता है।उन्होंने कैम्ब्रिज और प्रिंसटन जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में काम किया था।
लीसा ‘ काॅन्वे’ज नाॅट ‘ की पहेली को सुलझाने में लगी थी जिसमें 11 घुमाव या गांठें थी,जो उसे ‘ सिबलिंग नाॅट ‘जैसे बना रहा था।सिबलिंग नाॅट के अध्ययन को साबित करना कम जटिल होता है। सिबलिंग नाॅट पर काम करते हुए उन्होंने उस अध्ययन में जो पाया उन्होंने वो काॅन्वेज नाॅट पर लागू किया।लीसा के मुताबिक इस पर पूरा दिन काम करती थी क्योंकि मैंने इसे असली गणित जैसा नहीं माना था।मैं इसे अपने होमवर्क की तरह देखती थी।मैं घर जाती थी और यह करती थी।
लीसा ने बाॅस्टन कॉलेज में गणित की पढ़ाई की।2013 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए नेशनल साइंस फाउंडेशन की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता को जीता।बाॅस्टन कॉलेज से लीसा की प्रोफेसर एलिसेंडा ग्रिब्सी ने कहा ,’जब उन्होंने शुरुआत की थी तब नाॅट थ्योरी में उनका कोई अध्ययन नहीं था और न ही लीनियर अलजेब्रा को छोड़कर उनकी गणित की ट्रेनिंग थी। लेकिन एक सप्ताह के अंदर उन्होंने सफलतापूर्वक गणना करनी शुरू कर दी जिसने कई छात्रों को झटका दिया।
लीसा का काॅन्वेज नाॅट को सफलतापूर्वक सुलझाना गणित के क्षेत्र में कैरियर बनाने में मदद करेगा, क्योंकि इस क्षेत्र में लैंगिक अंतर आना शुरू हो गया है।
अमेरिका श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कंप्यूटर और गणित के पैशे में 36 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।
इस प्रकार लीसा पिचिरिल्लो द्वारा गणित की 50 साल पुरानी गुत्थी सुलझी (50 year old mathematics problem solved)।

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