How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way
1.गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में: 6 आसान तरीके और सही तरीका (How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way):
- क्या आपको गणित का डर लगता है? आप गणित को हल करने में रुचि नहीं लेते हैं,तो जानिये “गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में (How to Overcome Fear of Maths in Hindi) स्टेप-बाइ-स्टेप सम्पूर्ण डिटेल,आपका गणित का भय छूमंतर हो जाएगा।
Also Available in Hindi:6 Unique Ways for Teachers to Learn from Students
2.गणित के भय पर काबू पाएं (Overcome the fear of mathematics):
- भय मानसिक विकृति के अलावा और कुछ नहीं है। मानसिक विकृति को नियंत्रित करना तथा उसे नई दिशा देना विद्यार्थी के अपने हाथ में है।
विद्यार्थी जब तक अपने अन्तःकरण में आए किसी विचार को जन्म नहीं देता,वह तब तक कुछ भी निर्माण नहीं कर सकता।विद्यार्थी के अन्तःकरण में आए विचार चाहे वे इच्छित हों या अनिच्छित उनमें बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो जानी है।अंतःकरण विचार की बातें जो संयोगवश दिमाग में आ जाती हैं किसी के लिए आर्थिक समृद्धि,सामाजिक प्रतिष्ठा,व्यापार आदि में सहायक हो सकती हैं जैसे कि खुद के द्वारा निर्मित विचार ऐसा करने में सहायक होते हैं। - हम आपको एक महत्त्वपूर्ण बात बताना चाहते हैं कि कुछ लोग भाग्यशाली क्यों नजर आते हैं जबकि अन्य व्यक्ति उतनी ही काबिलीयत रखने के बावजूद भाग्यहीन कहलाते हैं।इस सच्चाई को हम इस प्रकार कह सकते हैं कि प्रत्येक विद्यार्थी में अपने दिमाग को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने की योग्यता होती है तथा इस नियंत्रण के द्वारा वह अपने मस्तिष्क को मनचाही दिशा दे सकता है।
- प्रकृति ने विद्यार्थी को जिस चीज पर पूर्ण नियंत्रण की छूट दी है,वह है उसके विचार।इसके साथ एक सच्चाई यह भी जुड़ी है कि विद्यार्थी जो भी निर्माण करता है उसका विचार पहले उसके मस्तिष्क में उपजता है।इस दौरान यह भी हो सकता है कि भय अपनी गिरफ्त में ले ले।यह भी सच है कि सभी विचारों में शारीरिक समता की प्रवृत्ति होती है तथा यह भी उतना ही सच है कि अंतःकरण में समाए एवं गरीबी को साहस और आर्थिक लाभ में नहीं बदला जा सकता।
3.नकारात्मक सोचना क्यों गलत है? (Why is negative thinking detrimental?):
- जब विद्यार्थी विचारों को अपने मस्तिष्क में बैठाता है तथा भावनाओं के साथ उसका तालमेल करता है तो प्रेरणादायक शक्ति का निर्माण होता है,जो विद्यार्थी के प्रत्येक कार्य,क्रिया तथा मनोवेग को संचालित तथा नियंत्रित करती है।
- विचार,जो भावनाओं के साथ मिश्रित हो जाते हैं चुम्बकीय शक्ति का निर्माण करते हैं।फिर उसी तरह के अन्य विचारों को यह शक्ति अपनी ओर आकर्षित करती है।
- इस प्रकार विचारों को भावना के साथ चुम्बकीय बल प्रदान करें।उसके बाद बीज के साथ उसकी तुलना करें,उपजाऊ मिट्टी में दबा दिए जाने के बाद अंकुरित हो जाता है और धीरे-धीरे विभिन्न शाखाओं व बीजों में फैलता जाता है।यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है,जब तक कि उस एक बीज के असंख्य बीज न बन जाएँ।इसी प्रकार अगर आप नकारात्मक विचार दिमाग में लाएंगे तो यह कई गुणा पल्लवित होकर दिमाग को घेरे रखेगा।तो क्यों न सकारात्मक सोच अपनाई जाए।
हम विभिन्न परिस्थितियों को परिभाषित करने के लिए लगातार विभिन्न अलंकरणों का प्रयोग करते हैं जैसे जिंदगी एक जुआ है या जिंदगी एक युद्ध है,आदि।इस तरह के अलंकरण हमारी जिन्दगी के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।अगर जीवन युद्ध होता तो जीना मुश्किल होता।इसका मतलब है कि आपके जीवन में युद्ध का अर्थ हारने या मारे जाने का प्रतीक है। - क्या प्राकृतिक ताल के साथ जिंदगी का गाना और नाचना भी हो सकता है? सफल व्यक्तियों के शब्दकोश में नकारात्मक शब्द बहुत कम होते हैं।शब्द भावनाओं को अधिक शक्तिशाली बनाते हैं।आप जैसे ही भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करते हैं,तो यह आपकी भावना को एक अर्थ प्रदान करते हैं।सफलता की डगर पर चलने के लिए जहां तक संभव हो नकारात्मक शब्दों को अपने जीवन में इस्तेमाल करने से परहेज करें।
प्रयोग न करें प्रयोग करें।
- मैं चिंतित हूँ। मैं आनंदित हूँ।
- मैं अवसाद की स्थिति में हूँ। मैं स्थिर हूँ।
- मैं गुस्से में हूँ। मैं विचारवान हूँ।
- मैं बोर हो रहा हूँ। सुधार की जरूरत है।
- मैं असफल हूँ। मैं सफल हूँ।
- नकारात्मक सोच के लोगों ने थॉमस एडीसन को समझाने की पूरी कोशिश की कि वह मनुष्य की आवाज को रिकार्ड करने की मशीन नहीं बना सकता।उनका कहना था कि अभी तक किसी ने भी मशीन नहीं बनाई है।
- एडीसन ने उनकी बातों की परवाह नहीं की।वह जानता था कि मस्तिष्क एक ऐसा यंत्र है,जो किसी भी असंभव को संभव बना दे।यह कुछ भी खोज सकता है,सृजन कर सकता है।ज्ञान तथा समझ ने महान एडीसन को सामान्य झुण्ड से ऊपर उठा दिया।जो लोग आपको समझाते हैं कि आप अच्छी गणित नहीं सीख पाएंगे क्योंकि आपने बचपन से इसका अभ्यास नहीं किया है, उन्हें नकारना सीखिए।अपने मार्ग पर लगातार आगे बढ़कर दूसरे लोगों से अलग बनिए।
4.परिवर्तन में दक्षता (Proficiency in adaptation):
- क्या आपने कभी कमरे की खिड़की में मक्खी को फंसते हुए देखा है? वह बच निकलने की कोशिश में लगी रहती है तथा खिड़की से टकराती रहती है।यही स्थिति विद्यार्थी के साथ भी है।जैसे कि हो सकता है कि वे प्रेरित हों लेकिन यदि वे गणित सीखने के लिए ऐसी दिशा में कोशिश करेंगे,जहां असफलता निश्चित हो तो अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं हो सकते।
- अपनी व्यावहारिक आदतों को छोड़ें।मौजपूर्ण तरीके से इन सीमाओं को तोड़ें।जहाँ भी मौका मिले,गणित सीखने का अभ्यास करें।
हम अपने दिमाग तथा शरीर को तब तक ढालने की कोशिश करते रहते हैं,जब तक वह हमारी आदत न बन जाएं।हम रोजाना बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ते का प्रयोग करते हैं फिर दूसरे रास्ते पर निकल पड़ते हैं तथा इस पर चलते जाते हैं। - हमारी भावना तथा व्यवहार संबंधी आदतें वैसी ही होती हैं,जैसी हम कल्पना करते हैं।नकारात्मक प्रतिक्रिया,गुस्सा और अवसाद आदि हमारी आदतों में शामिल हैं।अपने आपको खुश रखने व आभार व्यक्त करने के लिए प्रशिक्षित करें।
- आप अपनी पुरानी भावना-संबंधी आदतों की जगह नए बदलावों को अपनाएं।
- अपने आपको पारितोषिक दें।
- क्या आप बंदर को नाचना सिखा सकते हैं? अचम्भे की बात तो यह है कि आप अवश्य सिखा सकते हैं,क्योंकि इंसानों तथा जानवरों में परिवर्तनशील व्यावहारिकता होती है।ये नई परिस्थितियों के अनुसार ढलना जानते हैं।
प्रशिक्षक बंदर को बारीकी से देखते हैं।जब वह भोजन की तरफ बढ़ता है तो वे डंडे का प्रयोग करते हुए भोजन की दिशा बदल देते हैं तथा अधिक भोजन से ललचाते हैं। - इस प्रकार बंदर इच्छित दिशा में पलटने के लिए आदत में आ जाता है तथा इस तरह उसके उलटने-पलटने की हरकतें नाच की तरह नजर आती हैं।
खुशनुमा पारितोषिक की एक सूची बनाएं।जब आप गणित का कोई नियम या शब्द सीखें तो उन पारितोषिकों का निर्माण करें,जिन्हें आप अपने मन से अपने आपको प्रदान कर सकें।
5.पढ़ने की मेज पर चिपकाएं (Stick this on your study desk):
- (1.)अपनी पुरानी भावनात्मक या व्यावहारिक आदतों के बारे में सोचें जिन्हें आप अपने दुःख-दर्द के साथ जोड़ते हों।
- (2.)अपने नए अंदाजों को,खुशी या आनंददायक परिस्थितियों के साथ जोड़ें।
- (3.)क्या आपका नया अंदाज या पैटर्न आपके उद्देश्य तथा विश्वास के साथ मेल खाता है तथा उन्हें प्राप्त करने में सहायक है?
- (4.)पुराने पैटर्न के फायदों को सम्भाल कर रखें।अगर आप पहले अपने तनाव को कम करने के लिए धूम्रपान करते थे तो अब उसके स्थान पर कोई स्वास्थ्यवर्धक उपाय करें।
- (5.)कल्पना करें कि आप बदली हुई प्रकृति के अनुसार व्यवहार कर रहे हैं तथा आपकी पुरानी आदतें बदल रही हैं।
6.गणित सीखने में आप कभी असफल नहीं हो सकते (You can never fail at learning mathematics):
- कोई भी विद्यार्थी जीवन में सफलता का स्वाद चखने से पहले निश्चित रूप से असफलता,अस्थायी सामना करता है।जब हार विद्यार्थी पर हावी हो जाती है तो विद्यार्थी सबसे आसान तरीका ढूंढ़ते हैं कि मैदान से हट जाओ।
ज्यादातर विद्यार्थी यही करते हैं। - सफल विद्यार्थियों के बारे में एक सर्वे में यह पता चला है कि बड़ी सफलता,असफलता के एक पीछे होती है। असफलता में ही सफलता छिपी होती है।इसी तरह यदि आप अच्छी गणित सीखना चाहते हैं तो अपनी असफलता की दर दुगुनी कर दें अर्थात् उद्देश्य प्राप्ति तक प्रयासरत रहें।अगर कोई कार्य आपके अनुसार ठीक है तथा आपका उसमें पूर्ण विश्वास है तो आगे बढ़कर उसे शीघ्र आरंभ करें।अपने उद्देश्य सामने रखें। यदि अस्थायी हार या असफलता का सामना करना पड़े तो विचलित न हों।कोई भी तब तक नहीं हारता,जब तक कि वह मन से वास्तव में हार स्वीकार नहीं कर लेता।
- 25,000 से अधिक ऐसे पुरुषों तथा महिलाओं का विश्लेषण किया गया,जिन्होंने असफलता का सामना किया था।उन्होंने यह बताया कि निश्चय तथा निर्णय लेने में कमी उनकी असफलता के कारणों में मुख्य थी।विभिन्न विश्लेषणों से ज्ञात हुआ कि लगभग सभी में तुरंत परिणाम तक पहुंचने की जल्दी थी।जब उन्होंने धीरे-धीरे रवैए में बदलाव किया तो वे भी आगे बढ़ते गए।कुछ अपवादों को छोड़कर ज्यादातर लोगों में तुरंत परिणाम तक पहुँचने की प्रवृत्ति थी।
- जो लोग तुरन्त निर्णय लेना जानते हैं वे इस बारे में निश्चिंत होते हैं कि वे क्या चाहते हैं।ऐसे लोग साधारणतया सफलता पा लेते हैं।नेता जीवन के हर क्षेत्र में तुरन्त निर्णय लेता है।यही कारण है कि वह नेता है।दुनिया में ऐसे लोगों के लिए जगह होती है जिनके कर्म और बातें यह बताते हैं कि उन्हें कहाँ जाना है।
अपनी सोच में हमेशा दृढ़ता रखें।जरा स्टोन कटर के बारे में सोचें।किस प्रकार बड़े से बड़े पत्थर को वह दो भागों में बांट देता है? वह पूरी ताकत से इस पर प्रहार करता है।अगर पहले प्रहार से पत्थर पर निशान न भी पड़े तब भी प्रहार करता जाता है। - वह जानता है कि उसकी कोशिश बेकार हो रही है फिर भी दृढ़ता से अपने कार्य में लगा रहता है।केवल इसलिए कि हमें परिणाम तुरन्त नजर नहीं आया,इसका यह मतलब नहीं कि हमें कुछ प्राप्त नहीं हो रहा है।
- पत्थर तोड़ने वाला लगातार प्रहार करता रहता है,एक समय ऐसा आता है कि पत्थर टुकड़ों में बँट जाता है।क्या यह उसका आखिरी प्रहार था,जिससे कार्य को अंजाम मिला? निश्चित रूप से नहीं।यह प्रहारों का संयुक्त प्रभाव था,जिससे पत्थर दो हिस्सों में टूट गया।दूसरों शब्दों में यह लगातार कोशिश ही थी,जिसके कारण आखिर में सफलता मिली।
7.गणित सीखने में सफलता को कैसे परिभाषित करेंगे? (How would you define success in learning mathematics?):
- 10,000 असफल परीक्षण करने के बाद लीड बैटरी का आविष्कार करने पर एक पत्रकार ने थॉमस एडीसन से पूछा कि आप अपने असफल परीक्षणों के बारे में कैसा महसूस करते हैं।एडीसन ने जवाब दिया,यह असफलता नहीं है,अब मुझे उन 10,000 तरीकों का पता चल गया है,जिनसे बैटरी का आविष्कार नहीं किया जा सकता।
नियंत्रित शब्दकोश
अपनी बातचीत में से निम्नलिखित सात शब्दों को भी निकाल दें:
(1.)काम के बोझ से दबा हुआ
(2.)अकेलापन
(3.)अपराध बोध
(4.)अपूर्णता
(5.)हताशा
(6.)निष्फल - निम्नलिखित शब्दों को याद कर अपना जीवन मजबूत बनाएं।
(1.)प्यार
(2.)गर्मजोशी
(3.)आत्मविश्वास
(4.)लचीलापन
(5.)सामर्थ्य
(6.)उत्तेजना
(7.)कामोन्माद
(8.)प्रशंसा
(9.)आभार
(10.)दृढ़ संकल्प
(11.)उत्सुकता
Also Available in English:Mathematical anxiety
8.गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में: 6 आसान तरीके और सही तरीका का सारांश (Summary of How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way):
- (A)गणित सीखने की तकनीक से सम्बन्धित छात्र-छात्राओं से सरल प्रश्न (Simple questions for students regarding mathematics learning techniques):
(1.) छात्र-छात्राएँ गणित के सवाल हल करने से क्यों डरते हैं? (Why do students fear solving mathematics problems?)
(2.) छात्र-छात्राओं के मन से गणित का भय दूर कैसे करें? (How can the fear of mathematics be dispelled from students’ minds?)
(3.)गणित का व्यावहारिक जीवन में क्या महत्त्व है? (What is the importance of mathematics in practical life?)
(4.) उच्च गणित का हमारे जीवन में महत्त्व नहीं है फिर भी क्यों पढाई जाती है? (Why is higher mathematics taught even though it may not seem relevant to our daily lives?)
(2.) गणित शिक्षा से हमारे अन्दर कौनसे गुणों का विकास होता है? (What qualities are developed within us through mathematics education?)
(6.) शिक्षक से गणित सीखते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (What points should be kept in mind while learning mathematics from a teacher?)
(7.) गणित सीखने के लिए हमें अपने अन्दर कौनसे गुण विकसित करने चाहिए? (What qualities should we cultivate in ourselves to learn mathematics effectively?)
(8.) तुम गणित का अध्ययन किस तरह करते हो? (How do you study mathematics?)
(9.) गणित के अध्ययन के लिए तुम अपने व्यवहार में किस तरह का परिवर्तन करना चाहोगे? (What changes would you like to make in your habits regarding the study of mathematics?)
(10.)तुम गणित के अध्ययन के बारे में क्या सोचते हो? (What are your thoughts on studying mathematics?)
- (B)गणित सीखने के महत्त्वपूर्ण शीर्षक (Important topics for learning mathematics):
(1.)गणित के भय पर काबू पाएं।(Overcoming the fear of mathematics.)
(2.)नकारात्मक सोचना क्यों गलत है? (Why is negative thinking detrimental?)
(3.)परिवर्तन में दक्षता (Proficiency in adaptation)
(4.)पढ़ने की मेज पर चिपकाएं (Stick this on your study desk.)
(5.)गणित सीखने में आप कभी असफल नहीं हो सकते (You can never fail at learning mathematics.)
(6.)गणित सीखने में सफलता को कैसे परिभाषित करेंगे? (How would you define success in learning mathematics?)
उपर्युक्त आर्टिकल में गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में: 6 आसान तरीके और सही तरीका (How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way) के बारे में विस्तार और गहराई से बताया गया है। - ### 📢 यदि आपको यह गणित का आर्टिकल पसंद आया हो:
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Also Available in Hindi:6 Best Tricks to Master Maths | A Complete Study Guide for Students
9.गणित का भय (हास्य-व्यंग्य) (The Fear of Mathematics) (Humour and Satire) (Humour-Satire): टीचर (छात्र से): देखो बोर्ड परीक्षा है और ध्यान से पढ़ना। छात्र (टीचर से): आप टीचर है और गणित का डर हमारे अन्दर पैदा कर रहे है जबकि आपको गणित इस तरह पढ़ाना चाहिए कि गणित का भय न रहे। टीचर: देखो गणित पर ध्यान न दिया जाए तो जीरो नम्बर और ध्यान देने पर हीरो बना देती है। छात्रः वो तो ठीक है पर उसके लिए हमारे अन्दर गणित का डर पैदा करने की जरूरत कहाँ है? आपके इस तरह से कहने पर छात्र अधमरा हो जाता है। टीचर: आप गणित पढ़ने पर ध्यान नहीं देते है इसलिए ऐसा कहना पड़ता है। छात्र : हम ध्यान नहीं दे रहे हैं तो गणित का डर घुसाने की जरूरत कहाँ है? इसके लिए तो गणित पढ़ाने की तकनीक बदलने की जरूरत है। छात्र (पुनः): गणित को इतने रोचक तरीके से पढ़ाने की जरूरत है ताकि छात्र खुद-ब-खुद रुचि लेने लगे।केवल गणित की माला जपने से काम नहीं चलेगा।:
10.गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में: 6 आसान तरीके और सही तरीका (Frequently Asked Questions Related to How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.गणित का डर क्यों पैदा होता है? (Why does the fear of mathematics arise?):
उत्तर:नकारात्मक सोच,साथी छात्र-छात्राओं और अध्यापक द्वारा परीक्षा में फेल होने का भय दिखाना और सवालों को हल न कर पाने के कारण भय पैदा होता है।
प्रश्न:2.छात्र-छात्राओं में गणित का भय कैसे दूर किया जा सकता है? (How can the fear of mathematics be overcome in students?):
उत्तर:बेसिक मजबूत करें,समझ में नहीं आए तो मदद माँगे,रोजाना अभ्यास करें,डर को लिखें,सकारात्मक सोच रखें।
प्रश्न:3.क्या गणित में महारत हासिल की जा सकती है? (Can mathematics be mastered?):
उत्तर:बिल्कुल हासिल की जा सकती है।कमजोर छात्र को सयय लगता है और नियमित रूप से पढ़ना होता है।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित का डर कैसे दूर करें हिन्दी में: 6 आसान तरीके और सही तरीका (How to Overcome Fear of Maths in Hindi:6 Easy Ways and Right Way) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*
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Satyam
Lekhak Ke Baare Mein (About the Author) **Satyam Narain Kumawat** **Website Name:Satyam Mathematics** *Owner:satyamcoachingcentre.in* *Sthan:Manoharpur,Jaipur (Rajasthan)* **Teaching Mathematics aur Anya Anubhav** ***Shiksha:**B.sc.,B.Ed.,(M.sc. star Ke Mathematics Ko Padhane ka Anubhav),B.com.,M.com. Ke vishayon Ko Padhane ka Anubhav,Philosophy,Psychology,Religious,sanskriti Mein Gahri Ruchi aur Adhyayan ***Anubhav:**phichale 23 varshon se M.sc.,M.com.,Angreji aur Vigyan Vishayon Mein Shikshaka Ka Lamba Anubhav ***Visheshagyata:*Maths,Adhyatma (spiritual),Yog vishayon ka vistrit Gyan* ****In Brief:I have read about M.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 23 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science. Updated on 18.06.2026









