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NASA named HQ after Mary Jackson

1.मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा का परिचय (Introduction to NASA named HQ after Mary Jackson)-

मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson) जो कि एक अश्वेत महिला इंजीनियर थी।अमेरिका आज सर्वाधिक विकसित देश इसीलिए है क्योंकि वहां आकर्षक वेतनमान तथा सुविधाएं तो दी जाती ही है।साथ ही प्रतिभाओं का सम्मान भी किया जाता है।
नासा ने बुधवार को इस मुख्यालय का नाम गणितज्ञ और एयरोस्पेस इंजीनियर मैरी डब्ल्यू जैक्सन (Mary W. Jackson) पर रखने की घोषणा की।
मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson),इसकी कुछ खास वजह हैं। सबसे महत्त्वपूर्ण कारण तो यह है कि मेरी जैक्सन ने महिलाओं को नासा से जोड़ने का अभूतपूर्व कार्य किया था।उसने मार्ग में आनेवाली बाधाओं की कोई चिन्ता नहीं की।उसने यथास्थिति को स्वीकार नहीं किया बल्कि उसमें परिवर्तन पर जोर दिया।
मेरी जैक्सन ने नासा की सफलताओं में अहम योगदान दिया है।इसलिए नासा को यह उचित लगा कि मुख्यालय का नाम इस अश्वेत महिला से बेहतर ओर कोई नहीं हो सकता है।
अमेरिका विश्वशक्ति और विकसित देश ऐसे ही नहीं बन गया है। अमेरिका में अन्य देशों से जानेवाली प्रतिभाओं को भी आकर्षक वेतनमान, सुविधाएं और सम्मान दिया जाता है।आज तुलनात्मक रूप से हर देश के प्रतिभाशाली युवा अमेरिका में रहना,बसना और काम करना चाहते हैं।
अन्य देशों में विदेशी प्रतिभाओं के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्हें वो सम्मान नहीं दिया जाता है जिसके वे हकदार हैं। परन्तु अमेरिका में ऐसा नहीं किया जाता है।
कुछ समय पूर्व तक यह सुना जाता था कि श्वेत अर्थात् गोरे लोगों द्वारा अश्वेत लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। परन्तु अमेरिका में बहुत से अश्वेत प्रतिभाओं ने अमेरिका का नाम रोशन किया है।अभी वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से पूर्व अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा थे।वे दो बार राष्ट्रपति चुने गए। जबकि बराक ओबामा अश्वेत ही थे।
इसी प्रकार कई प्रतिभाओं ने जो अश्वेत थे खेल जगत में कई पुरस्कार अमेरिका के लिए जीते थे।इस प्रकार धीरे-धीरे अश्वेत लोगों के प्रति घृणा, नफरत तथा असम्मान की भावना थी,वह समाप्त होने लगी है।
ऐसी बात नहीं है कि अमेरिका में अश्वेतों के साथ भेदभाव नहीं हुआ है। परन्तु अश्वेत लोगों के त्याग,समर्पण और उनके अतुलनीय योगदान के कारण धीरे-धीरे यह भावना समाप्त हो रही है।
मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson) , इसके लिए नासा वाकई में प्रशंसा का पात्र है।
कोई भी इन्सान अपने कर्मों के द्वारा ही अमर और महान् बनता है।मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson) ,इसके पीछे मेरी जैक्सन के कर्म और साधना ही थी जिसने नासा को यह नाम रखने के लिए प्रेरित किया।वरना नासा में हजारों लोग कार्य करते हैं परन्तु उनके नाम पर मुख्यालय का नाम नहीं रखा गया।
मनुष्य अपने कर्म,साधना और समर्पण के बल पर आगे बढ़ता है और ऐसी कीर्ति अर्जित करता है।किसी विदेशी नागरिक द्वारा यह सम्मान प्राप्त करने के लिए दो चीजें जरूरी है।पहली उस देश की नागरिकता हासिल हो और दूसरा अपने कर्म के प्रति समर्पण का भाव।
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2.मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson)-

नासा ने मुख्यालय का नाम पहली अश्वेत महिला इंजीनियर,’ हिडन फिगर ‘मैरी डब्ल्यू जैक्सन के नाम पर रखा
वाशिंगटन, डीसी (नासा) में मैरी डब्ल्यू जैक्सन नासा का मुख्यालय भवन
24 जून, 2020
वॉशिंगटन, डी.सी. – नासा ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने वाशिंगटन, डी.सी. मुख्यालय का नामकरण गणितज्ञ और एयरोस्पेस इंजीनियर मैरी डब्ल्यू जैक्सन के पर कर रहा है, जो एजेंसी की पहली अश्वेत महिला इंजीनियर है।
“मैरी डब्ल्यू जैक्सन बहुत महत्वपूर्ण महिलाओं के समूह का हिस्सा थीं जिन्होंने नासा को अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में लाने में सफल होने में मदद की। मैरी ने कभी भी यथास्थिति को स्वीकार नहीं किया, उन्होंने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अफ्रीकी अमेरिकियों और महिलाओं के लिए बाधाओं को तोड़ने और अवसरों को खोलने में मदद की, ”नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टाइन ने एक बयान में मानदेय की घोषणा की।
जैक्सन, जिसे 2016 की फिल्म “हिडन फिगर्स” में चित्रित किया गया था, को 1951 में नासा के पूर्ववर्ती के लिए काम करने के लिए भर्ती किया गया था, जो कि वर्जीनिया, हंगरी में अलग-अलग पश्चिम क्षेत्र कम्प्यूटिंग इकाई में एरोनॉटिक्स के लिए राष्ट्रीय सलाहकार समिति है।CBS न्यूज़ ने बताया कि “हिडन फिगर” डोरोथी वॉन के तहत काम करने के दौरान, वह एक शोध केंद्र के मानव कंप्यूटर के रूप में जाना जाने लगा।
एजेंसी ने कहा कि 1958 तक, जैक्सन ने एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपने श्वेत सहयोगियों में शामिल होने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करने के बाद गणितज्ञ से इंजीनियर तक की पदोन्नति हासिल की। फिर उन्होंने नासा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग और गणित, या एसटीईएम में महिलाओं की अगली पीढ़ी को काम पर रखने और बढ़ावा देने में एक अभिन्न भूमिका निभाई।
जैक्सन 1985 में सेवानिवृत्त हुई और उन्हें मरणोपरांत 2019 में कांग्रेस के स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया,यह स्वर्णपदक उनके “हिडन फिगर्स” सहकर्मियों वॉन, कैथरीन जॉनसन और क्रिस्टीन डार्डन के साथ दिया गया, सीबीएस न्यूज़ ने बताया।
उचित रूप से, मैरी डब्ल्यू जैक्सन नासा मुख्यालय बिल्डिंग हिडन फिगर्स वे पर बैठती है, जिसे ब्रिडेनस्टाइन ने “अनुस्मारक” कहा कि मैरी जैक्सन नासा के इतिहास में कई अविश्वसनीय और प्रतिभाशाली पेशेवरों में से एक है जिन्होंने इस एजेंसी की सफलता में योगदान दिया।और नहीं, हम महिलाओं, अफ्रीकी अमेरिकियों और सभी पृष्ठभूमि के लोगों के योगदान को पहचानना जारी रखेंगे जिन्होंने नासा के सफल इतिहास का पता लगाने में मदद की है। “
जैक्सन की बेटी, कैरोलिन लुईस द्वारा जारी एक बयान में, नासा द्वारा उसकी माँ की विरासत का सम्मान करने की सराहना की।
“वह एक वैज्ञानिक, मानवतावादी, पत्नी, माँ और ट्रेलब्लेज़र थी, जिन्होंने हजारों अन्य लोगों के सफल होने का मार्ग प्रशस्त किया, न केवल नासा में, बल्कि इस पूरे राष्ट्र में,” लुईस ने कहा।
मैरी जैक्सन के नाम पर नासा ने मुख्यालय का नाम रखा (NASA named HQ after Mary Jackson), इसके आधार पर वे हमेशा अमर रहेगी और याद की जाती रहेगी।

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