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keep these things in mind when choosing a course after 12th

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1 keep these things in mind when choosing a course after 12th

keep these things in mind when choosing a course after 12th

1.12वीं के बाद कोर्स चुनते वक्त ध्यान रखें ये बातें(Keep these things in mind when choosing a course after 12th)-

keep these things in mind when choosing a course after 12th

keep these things in mind when choosing a course after 12th

12वीं के बाद कोर्स चुनते वक्त ध्यान रखें ये बातें(Keep these things in mind when choosing a course after 12th) के बाद कुछ बातों का ध्यान रखें तो तो जाब का चुनाव अपने मन मुताबिक कर सकते हैं । 12वीं के बाद जॉब को लेकर काफी छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक एवं माता-पिता परेशान रहते हैं।इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि 12वीं के बाद क्या-क्या जॉब के ऑप्शन हैं? केवल साइंस के लिए ही नहीं बल्कि आर्ट्स, कॉमर्स वालों के लिए भी जॉब के ऑप्शन हैं।अब से बहुत समय पहले 12वीं के बाद जॉब के ज्यादा कोई ऑप्शन नहीं थे परंतु आज के समय में 12वीं के बाद काफी जॉब ऑप्शन है।आपमें यदि स्किल है तो निश्चित रूप से जाॅब प्राप्त कर सकते हैं।12वीं के बाद जॉब ऑप्शन चुनने के कई कारण हैं।परिवार में कोई ऐसी दुर्घटना घटित हो गई जिससे आगे अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकते हो,परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो,तीसरा कारण है कि विद्यार्थी पढ़ने के बजाय जॉब करने में रुचि रखता हो चौथा कारण है कि विद्यार्थी पढ़ाई में कमजोर हो।इस प्रकार और भी कई कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से विद्यार्थी को जॉब की आवश्यकता हो।अब हम कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जिनका ध्यान रखकर आप जॉब का ठीक तरह से चुनाव कर सकते हैं।12वीं के बाद उसी कोर्स का चुनाव करना चाहिए जिससे आपको आसानी से तथा जल्दी जाॅब मिल जाए।

वे दिन लद गए जब छात्रों के पास 12वीं के बाद कोई खास विकल्प नहीं होते थे और वे इसी उधेड़-बुन में रहते कि 12वीं के बाद क्या कोर्स चुनें, किसमें करियर बनाएं। लेकिन अब स्काॅप ही स्काॅप है।
एक वक्त था जब 12वीं करने के बाद छात्रों के पास ज़्यादा विकल्प नहीं होते थे और वे यह सोचकर टेंशन में रहते थे कि आखिर वे ऐसा क्या विषय या कोर्स चुनें जो उनके भविष्य को संवारने में मदद कर सकता है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब 12वीं के बाद विभिन्न कोर्सों और विकल्पों की असीम लाइनें खुली हैं, जिनमें से छात्र अपनी पसंद और स्काॅप के हिसाब से चुन सकते हैं। लेकिन चुनाव करते वक्त छात्रों को यह भी ध्यान रखने की ज़रूरत है कि जो कोर्स या फिर लाइन वे चुन रहे हैं उसमें कितनी संभावनाएं हैं। कुछ बातें हैं जिनका छात्र कोर्स का चयन करते वक्त ज़रूर ध्यान रखें।
यहां आपको कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप 12वीं के बाद अपने करियर के तौर पर चुन सकते हैं।
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2.अपनी रुचि का कोर्स चुनें(Choose your course of interest)-

विभिन्न अध्ययनों में यह जाहिर हुआ है कि मनुष्य अपनी रूचि के क्षेत्र में बेहतर तरीके से कार्य करता है तथा उसके परिणाम भी अच्छे प्राप्त होते हैं।यदि विद्यार्थी आधुनिक युग में किसका अधिक ट्रेंड है, इस बात को देखकर अपने कोर्स का चुनाव करता है तो ऐसी स्थिति में विद्यार्थी की सफलता की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं।इसलिए अपनी रुचि व जिज्ञासा के अनुसार ही कोर्स का चयन करें।यदि आपकी रुचि गणित विषय में है तो गणित विषय से संबंधित कोर्स को चुनें।यदि गणित के बजाय आपने कॉमर्स तथा आर्ट्स विषय को चुन लिया तो उसमें सफलता संदिग्ध ही रहेगी।
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3.अपनी योग्यता के अनुसार कोर्स का चयन करें(Select the course to the best of your ability)

अभ्यर्थियों की गणित व साइंस में रुचि तो होती है और वे गणित व साइंस से संबंधित कोर्स का चयन करना चाहते हैं ।परंतु उनमें गणित को हल करने जितनी योग्यता नहीं होती है। वे जैसे-तैसे दसवीं-बारहवीं परीक्षा पास करते हैं। गणित में अध्ययन करने के बावजूद कम अंक प्राप्त करते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अपनी योग्यता व प्रतिभा को ठीक से पहचानकर ही 12वीं के बाद कोर्स का चयन करना चाहिए। आज का युग कड़ी प्रतिस्पर्धा का युग है और इस युग में आपने अपनी रूचि के अनुसार गणित का चयन कर लिया परंतु गणित व साइंस जैसे विषयों को पढ़ने के लिए
कड़ी मेहनत व अच्छी बौद्धिक क्षमता की जरूरत होती है। यदि आपमें गणित व साइंस का कोर्स करने जितनी बौद्धिक क्षमता नहीं है तो आप केवल रुचि के बल पर इन कोर्सेज को नहीं कर पाएंगे ।इसलिए 12वीं के बाद अपनी योग्यता व क्षमता के अनुसार कोर्स का चयन करें।

4.कोर्स का भविष्य कैसा है ?(How is the future of the course?)-

कोर्स का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस कोर्स को चुनने से आपको क्या-क्या लाभ हो सकता है और क्या-क्या हानियां हो सकती है ?यदि इन बातों पर पहले ही गौर कर लेंगे तो आपको बाद में पछताना नहीं पड़ेगा।जिस कोर्स का चयन करने जा रहे हैं उसका भविष्य भी देखें अर्थात् भविष्य में उस कोर्सेज से करने वाले अभ्यर्थियों की डिमांड बढ़ने वाली है या घटने वाली है।यदि उस कोर्सेज का भविष्य उज्ज्वल हो तो ही उस कोर्सेज को करने का फायदा है ।जिस कोर्स की मांग भविष्य में खत्म होने वाली हो उसे करने में फायदा नहीं है। जैसे आज कंप्यूटर साइंस व तकनीकी का क्षेत्र बढ़ता जा रहा है इसलिए इन विषयों से कोर्स करते हैं तो भविष्य उज्ज्वल ही होगा।

5.विज्ञापनों के झांसी से बचें (Avoid ads)

आजकल छात्रों को लुभाने के लिए विज्ञापन और कैंपेन चलाए जाते हैं। उन्हें फीस में छूट देने जैसे प्रलोभन दिए जाते हैं ।इसके अलावा उन्हें बताया जाता है कि आप अमुक कोर्स कर लेंगे तो हम आपका प्लेसमेंट करवा देंगे।इस प्रकार के झांसे में न आकर वस्तुस्थिति का आप अपने स्तर पर जांच पड़ताल करें तभी निर्णय लें।कई कोर्सेज कराने वाले संस्थान कोर्स कराने के बाद पल्ला झाड़ लेते हैं। आपसे फीस पहले ही वसूल कर चुके होते हैं इसलिए बाद में उस संस्थान के खिलाफ कुछ भी नहीं कर सकते हैं।ऐसे संस्थान लिखित रूप में कुछ भी नहीं देते हैं ।इसलिए वास्तविक स्थिति की जांच पड़ताल करके ही कोर्सेज व संस्थान का चयन करें।

6.अपने दोस्तों को देखकर चुनाव न करें(Do not choose to see your friends)-

कई विद्यार्थी अपने मित्रों या  सहपाठियों को देखकर कोर्स या जाॅब का चयन कर लेते हैं और बाद में पछताते हैं।यह जरूरी नहीं है कि जिस क्षेत्र में आपके मित्र की रुचि है उसी क्षेत्र में आपकी भी रुचि हो।आपका स्वभाव,गुण और रुचि जिस क्षेत्र के लिए अलाऊ करता है वही क्षेत्र चुने।अपने विवेक और बुद्धि का प्रयोग करें ।अपने मित्रों के कहने से किसी क्षेत्र या जाॉब का चुनाव न करें। यदि आप अपने विवेक व बुद्धि का प्रयोग करेंगे तो ज्यादा चांस है कि वह निर्णय सही होगा। मित्रों के कहने के आधार पर चुनाव करेंगे और विपरीत परिणाम आएगा तो मित्र दूर हट जाएंगेे और उसके लिए आपको ही जिम्मेदार ठहराएंगे। सफलता का श्रेय लेने के लिए तो कई तैयार हो जाएंगे परन्तु असफलता में अपने खास भी साथ छोड़ देते हैं।
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7.अनुभवी व्यक्तियों से सुझाव लें(Get tips from experienced people)-

यदि आप सोच समझकर कोर्स तथा जाॅब का चयन करेंगे तो आपको बाद में पछताना नहीं पड़ेगा।अनुभवी व्यक्तियों जैसे माता-पिता ,शिक्षकों से भी सुझाव लें और उसके अनुसार निर्णय लें।विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के संबंध में तो जानकारी रखते हैं परंतु विद्यार्थियों में परिपक्वता और अनुभव की कमी होती है। इसलिए अपने ज्ञान में अनुभवी व्यक्तियों के सुझावों को शामिल करके निर्णय लेंगे तो पछताना नहीं पड़ेगा ।अनुकरण ,ज्ञान और अनुभव में अनुभवी श्रेष्ठ होता है।इसलिए अनुभवी व्यक्तियों के सुझाव को वरीयता दें ।

8.अपने कौशल(स्किल) को पहचाने(Recognize your skill)-

विद्यार्थियों में शुरू से ही किसी न किसी क्षेत्र में रुचि होती है और उस रुचि के अनुसार वे प्रारंभ से ही कुछ ना कुछ करते रहते हैं। जैसे किसी विद्यार्थी की खेलकूद में ,किसी की भजन में ,किसी की संगीत में ,किसी की मॉडल्स बनाने में, किसी की चिंतन-मनन में रुचि व जिज्ञासा होती है।अपनी रुचि व जिज्ञासा के अनुसार वे भजन,खेलकूद,संगीत, मॉडल्स,चिंतन-मनन,लेखन में कुछ ना कुछ करते रहते हैं। शिक्षा संस्थान उनके इस कौशल को निखारने में किसी न किसी माध्यम से कोशिश करते रहते हैं। इसलिए अपनी स्किल को पहचान कर उसके अनुसार 12वीं के बाद कोर्स व जाॅब को चुनें।

9.कोर्स व जाॅब से संबंधित जानकारी पता करें(Know the information related to the course and job)-

जो भी कोर्स व जाॅब चुनें उसकी मान्यता ,फैकल्टी और प्लेसमेंट, परफाॅर्मेंस की जानकारी हासिल करें ।इससे आप धोखा खाने से बच जाएंगे ।इस दुनिया में सब तरह के काम होते हैं ,कुछ लोग व संस्थान लोगों को बेवकूफ बनाकर ही अपना व्यवसाय चलाते हैं, ऐसे लोगों को दूसरों को धोखा देकर कमाने में ही आनंद आता है । ऐसे लोग व संस्थान अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए धोखाधड़ी को जायज मानते हैं ।इसलिए आपको ऐसे लोगों और संस्थानों से सजग ,सतर्क और चौकस रहना है पूरी तरह से जांच पड़ताल करके ही संस्थान का चयन करें।

10.निष्कर्ष(Conclusion)-

12वीं के बाद कोर्स या जाॅब का चुनाव करना चुनौतीपूर्ण कार्य है क्योंकि एक निर्णय से आपका भविष्य बर्बाद हो सकता है और आबाद भी हो सकता है।इसलिए 12वीं के बाद निर्णय लेने में अपनी समझ,सोच, बुद्धि व विवेक का उपयोग करें।इस कोर्स व जाॅब से आपका पूरा जीवन संवर भी सकता है तो बिखर भी सकता है।कई लोग बाद में जाकर पश्चाताप करते रहते हैं कि काश यदि हमने अमुक निर्णय ले लिया होता तो हमारा जीवन सुखद, शुभ व कल्याणकारी होता ।परंतु बाद में पश्चाताप करने से क्या फायदा ?क्योंकि बाद में उसमें सुधार की बहुत कम संभावनाएं रह जाती है।

13.12वीं के बाद कोर्स चुनते वक्त ध्यान रखें ये बातें, भविष्य में होगा फायदा(Keep these things in mind while choosing the course after 12th, it will be beneficial in future)-

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प्रोफेशनल कोर्सेज
प्रोफेशनल कोर्सेज़ का अपना ही जलवा है। छात्र चाहें तो 12वीं के बाद इन कोर्सेज़ का चुनाव कर सकते हैं। वे चाहें तो आईटी और मैनेजमेंट से जुड़े कोई कोर्स कर सकते हैं। बैचलर ऑफ बिजनस मैनेजमेंट (बीबीए), बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशंस (बीसीए), डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोपा इन होटल मैनेजमेंट ऐंड कैटरिंग टेक्नॉलजी, बैचलर इन इन्फॉरमेशन टेक्नॉलजी (बीआईटी), प्रमोशन ऐंड सेल्स मैनेजमेंट, ट्रैवल ऐंड टूरिज्म, फैशन डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन जैसे कई प्रोफेशनल कोर्सेज़ हैं, जो खूब डिमांड में हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें नौकरी का काफी स्काॅप है।
डिफेंस सर्विसेज़
अगर आप देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो इसके लिए भी विभिन्न कोर्सेज़ हैं। जैसे कि नैशनल डिफेंस सर्विसेज़। कई स्कूल एनडीए की परीक्षी की तैयारी 11वीं कक्षा से ही कराने लग जाते हैं। छात्र 12वीं कक्षा में भी इस एग्जाम को दे सकते हैं। क्लियर होने पर आपकी एनडीए में सीधे ट्रेनिंग और उससे संबंधित पढ़ाई शुरू हो जाती है।
मेडिकल फील्ड में स्कोप
अगर छात्र मेडिकल फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं तो वे 12वीं के बाद किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीएससी (पास) या बीएससी (ऑनर्स) कर सकते हैं। आजकल बायोटेक्नॉलजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों में भी ग्रैजुएशन करने का विकल्प है। आप 12वीं के बाद इंजिनियरिंग या मेडिकल कोर्स भी कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए एंट्रेंस एग्जाम को पास करना जरूरी है।
कॉमर्स और कंप्यूटर साइंस की बढ़ती डिमांडकॉमर्स के फील्ड में भी काफी विकल्प हैं, जिनमें से छात्र अपनी पसंद से चुन सकते हैं। इस स्ट्रीम के छात्र भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशल ऐनालिस्ट जैसे क्षेत्रों में सुनहरा करियर बना सकते हैं। कंप्यूटर साइंस कोर्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। कई कॉलेजों में बीएससी (ऑनर्स) कंप्यूटर साइंस कोर्स है। यह कोर्स करने के बाद करियर ऑप्शन की कोई कमी नहीं है।
आर्ट्स का भी है बोलबाला
भले ही कई छात्र और पैरंट्स आर्ट्स को अन्य स्ट्रीम्स के मुकाबले कमतर आंकते हों, लेकिन सच तो यही है कि आर्ट्स के क्षेत्र में भी असीम संभावनाएं हैं। आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र 12वीं के बाद सिविल सर्विसेज़ की तैयारी कर सकते हैं। पहले लोग मानते थे कि आर्ट्स के क्षेत्र में ज्यादा संभावनाएं नहीं हैं, लेकिन आज इसमें करियर के लिए ढेरों ऑप्शन्स उपलब्ध हैं। आर्ट्स में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढ़ाई करके आप सरकारी और निजी क्षेत्रों में अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आप इकनॉमिक्स, साइकॉलजी, हिस्ट्री, फिलॉसफी आदि में ग्रेजुएट कर सकते हैं। आर्ट्स से ग्रैजुएशन के बाद आप सिविल सर्विसेज में जा सकते हैं। इसके अलावा एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट ऐनालिसिस, टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स, एमएसडब्यू आदि में भी आपके सामने कई विकल्प मौजूद हैं।
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