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Why is career counseling important?

1.कैरियर परामर्श महत्वपूर्ण क्यों है?(Why is career counseling important?)-

कैरियर परामर्श महत्वपूर्ण क्यों है(Why is career counseling important) इसके बारे में जानने की आवश्यकता कब तथा क्यों है।कैरियर काउंसलिंग को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो अब आपको इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए तथा सही दिशा में अपना जाॅब प्रारंभ करने के लिए कैरियर परामर्श लेना आवश्यक है।

बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद ही केरियर बनाना और सही चुनाव करने की आवश्यकता है।बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद ही छात्र ऐच्छिक विषय का चुनाव करते हैं। हालांकि अधिकांश विद्यार्थी अपने करियर का चुनाव ठीक से परामर्श किए बिना तथा अपने साथियों की देखा-देखी कर लेते हैं।बाद में जब करियर में वे असफल हो जाते हैं तो पश्चाताप करते हैं।अगर आप भी कैरियर काउंसलिंग को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो अब अच्छे करियर के लिए इसे गंभीरता से लें।

कई विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में असफल हो जाते हैं। असफलता का कोई भी कारण हो सकता है जैसे विद्यार्थी के बीमारी, पारिवारिक वातावरण अनुकूल न होने, कोई अचानक दुर्घटना घटित होने, विद्यार्थी के कमजोर होने इत्यादि कई कारण हो सकते हैं।इन सभी कारणों की समीक्षा करने के लिए अर्थात् विद्यार्थी को पुनः बोर्ड परीक्षा के लिए पढ़ना चाहिए या नहीं पढ़ना चाहिए अथवा कोई जाॅब सीखना चाहिए ,के लिए भी कैरियर काउंसलिंग की आवश्यकता होती है।

बहुत से छात्रों को अपनी वास्तविक क्षमता, रुझान और करियर ऑप्शन का ठीक से पता नहीं होता है।ऐसे छात्रों के लिए करियर चुनना और उस पर आगे बढ़ना मुश्किल है।इस प्रकार के छात्रों को यह समझने में जिंदगी का काफी समय व्यतीत हो जाता है कि उनकी रुचि क्या है और उनके अंदर कैसी प्रतिभा छुपी हुई है? कुछ छात्र तो अपने कैरियर का सही चुनाव कर लेते हैं परंतु कुछ छात्र यह निर्णय नहीं ले पाते हैं कि क्या करें ,क्या न करें? उनके पास कोई सटीक आईडिया नहीं होता है जिसके आधार पर केरियर के चुनाव का निर्णय ले सकें।कई छात्र करियर का चुनाव करने के बाद मार्ग में कठिनाइयां आते ही अपने लिए गए निर्णय को बदल देते हैं और वे किसी दूसरे करियर का चुनाव कर लेते हैं ऐसे छात्र कंफ्यूज रहते हैं।

कैरियर काउंसलिंग तथा कैरियर कोचिंग में दो तीन घंटे के आधार पर आपको यह बताया जाता है कि आपको कौनसा करियर चुनना चाहिए।हमारे अनुभव के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि किसी छात्र की रुचि और क्षमता को दो-तीन घंटे में नहीं परखा जा सकता है।इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कैरियर परामर्श क्यों महत्वपूर्ण है(Why is career counseling important)और उसमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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2.कैरियर परामर्श क्यों महत्त्वपूर्ण है तथा करियर कोचिंग की आवश्यकता क्यों है?(Why is career counseling important and why is career coaching needed?)-

आपको अपनी रुचि और क्षमता का सही तरीके से पता चल सके और आगे बढ़ने का सही रास्ता मिल सके, इसके लिए कैरियर कोचिंग की आवश्यकता होती है।कैरियर काउंसलिंग और कैरियर कोचिंग में सबसे महत्वपूर्ण है सही परामर्शदाता अर्थात शिक्षक की ।परामर्शदाता अर्थात् कोच की आपके कैरियर के चुनाव में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आपको उपर्युक्त विवरण के आधार पर यह तो समझ में आ गया होगा कि कैरियर काउंसलिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

3.कैरियर काउंसलर या कैरियर कोच (Career Counselor or Career Coach)-

करियर काउंसलिंग क्यों महत्त्वपूर्ण है,इसको जानने के बाद अगला पॉइंट है कि छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ केरियर काउंसलर या कैरियर कोच कौन-कौन हो सकते हैं।हमारे विचार ये चार कैरियर काउंसलर या कोच हो सकते हैं जिनके परामर्श के आधार पर आप अपने कैरियर का चुनाव कर सकते हैं।
(1.)छात्र स्वयं (2.)माता-पिता (3.)शिक्षक (4.)छात्र के मित्र।

4.छात्र स्वयं (Student himself)-

कैरियर का चुनाव छात्र से ही शुरू होता है। सबसे अधिक छात्र के व्यक्तित्व, रुचि, क्षमता को कोई जान सकता है तो वो आप स्वयं है।आप यदि अपने आपका निरीक्षण करें तो आप अपनी पसंद,व्यक्तित्व तथा क्षमता का सही-सही मूल्यांकन कर सकते हैं।यदि आप अपना मूल्यांकन नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपने माता-पिता, शिक्षक तथा मित्रों से परामर्श लेना चाहिए।

5.माता-पिता (Parents)-

आप अपनी रुचि ,क्षमता व व्यक्तित्व की एक लिस्ट तैयार करें ।उस लिस्ट के आधार पर आप अपने माता-पिता से पूछे कि आपकी रुचि जिस क्षेत्र में हैं उनमें कौनसा ऑप्शन तथा उसका स्काॅप अच्छा है।साथ ही यह भी पूछे कि यह फील्ड आपको क्यों उचित लगता है।यदि आपके माता-पिता आप द्वारा तैयार की गई लिस्ट में कोई जानकारी नहीं रखते हैं ,तो आपके माता-पिता के जो मित्र जानकारी रखते हैं उनसे परामर्श लें।

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6.शिक्षक (Teacher)-

यदि आपके माता-पिता के बाद सबसे अधिक कोई जानकारी रखते हैं तो वे हैं शिक्षक।आपकी जिस क्षेत्र में रुचि है उसकी लिस्ट के आधार पर उनसे परामर्श लें। आपके शिक्षक से आपने अपनी रुचि की जो लिस्ट बनाई है उस लिस्ट के आधार पर उनसे परामर्श लें।उस लिस्ट में से आपके शिक्षक जिस क्षेत्र का आपको परामर्श दें,तो उनसे उस क्षेत्र तक पहुंचने के लिए आपको कितनी मेहनत करनी पड़ेगी ,आप का स्टेटस क्या है, उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किस तरह पढ़ना होगा, यह संपूर्ण जानकारी अपने शिक्षक से लें।जैसे आपकी आईएएस में रुचि है तो आपके शिक्षक आपको सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।आपको किन-किन पुस्तकों को पढ़ना चाहिए?परीक्षा को क्लियर करने की क्या रणनीति हो सकती है ? आपको क्या पढ़ना है और कितना पढ़ना है?इन सभी बातों की जानकारी आपके शिक्षक दे सकते हैं।

कैरियर परामर्श क्यों महत्त्वपूर्ण है(Why is career counseling important) तथा काउंसलर की क्या भूमिका है, इसमें शिक्षक भी आपको ठीक से गाइड कर सकते हैं।आपने अपनी रुचि के जो क्षेत्र चुने हैं उनमें शार्टलिस्ट करने में शिक्षक सहयोगी हो सकते हैं। माता-पिता तथा शिक्षक से परामर्श करने के बाद आपको अपनी रुचि,क्षमता तथा व्यक्तित्व के बारे में निर्णय लेने में काफी मदद मिल सकती है।

7.छात्र के मित्र (Friend of student)-

कैरियर परामर्श क्यों महत्त्वपूर्ण है(Why is career counseling important) तथा केरियर काउंसलर माता-पिता व शिक्षक के अतिरिक्त कौन हो सकता है तो इसका सटीक उत्तर है आपके मित्र।संभव है आपके अनेक मित्र होंगे लेकिन यह पहचान आपको ही करनी होगी कि सच्चा मित्र कौन है?सच्चे मित्र की पहचान मोटे रूप से यह है कि सच्चा मित्र आपके पीठ पीछे तथा अन्य लोगों के सामने आपके गुणों का वर्णन करता है ,आपकी प्रशंसा करता है।आपके सामने आपके अवगुणों को बताता है और उसमें सुधार करने का सुझाव देता है।इसके आधार पर आप सच्चे मित्र की पहचान कर सकते हैं।सच्चे मित्रों में से उस मित्र की पहचान करनी है जिनका करियर लक्ष्य आपके ही समान हो या आपके लक्ष्य से मिलता-जुलता हो।

जैसे अगर आपका रुझान योगासन में हैं तो इसके लिए आपको शारीरिक रूप से फिट रहने की आवश्यकता है।यदि आपका मित्र भी ऐसे ही किसी खेलकूद में रुचि रखता है तो आप अपने दोस्त से फिट रहने के टिप्स , खान-पान, प्रेक्टिस करने का समय तथा एक्सरसाइज करने में ध्यान रखने वाली सावधानियों के बारे में जान सकते हैं।

खेलकूद तथा शारीरिक व्यायाम के स्थान पर यदि पढ़ाई से संबंधित रुचि का उदाहरण लें।माना कि आप और आपका दोस्त किसी काॅम्पीटिशन की तैयारी कर रहे हैं तथा आप दोनों ने कोचिंग ज्वाइन किया हुआ है। यदि किसी कारणवश किसी दिन आप नहीं जा सके तो उस दिन जो टाॅपिक पढ़ाया गया है,उसके बारे में आप अपने मित्र से जानकारी ले सकते हैं।इसके अलावा ओर भी फायदे हैं। आप दोनों मिलकर एक साथ अच्छी तैयारी कर सकते हैं। एक दूसरे की मदद कर सकते हैं।आप एक दूसरे के अच्छे कोच साबित हो सकते हैं।तो आपने देखा कि आपका दोस्त किस प्रकार कैरियर काउंसलिंग क्यों महत्वपूर्ण है(Why is career counseling important) में काउंसलर की किस प्रकार भूमिका निभा सकता है।

8.निष्कर्ष (Conclusion)-

कैरियर काउंसलिंग क्यों महत्वपूर्ण है(Why is career counseling important) तथा काउंसलर की क्या भूमिका होती है ,यह जानने के बाद अन्त में यह प्रश्न उठता है कि काउंसलिंग का उपयुक्त समय कौनसा होता है। वैसे तो यह कहावत है कि,” जब जागो तभी सवेरा “मानकर यह प्रक्रिया अपना लेनी चाहिए।लेकिन यदि उपयुक्त समय की बात करें तो 9th व 10th का समय ऐसा है जिसमें छात्रों को गंभीरता पूर्वक कैरियर काउंसलिंग के बारे में निर्णय लेना चाहिए।कक्षा दसवीं के बाद ही कैरियर के लिहाज से छात्रों को ऐच्छिक विषय का चुनाव करना होता है।कई माता-पिता व छात्रों का यह मानना है कि इतनी कम उम्र में करियर को लेकर बच्चों का डिसीजन आगे चलकर परेशानी में न डाल दे।

दरअसल दसवीं के बाद ही केरियर के लिहाज से अपने ऐच्छिक विषय का चुनाव करना होता है ।इसलिए यदि 9th क्लास में वे डिसीजन ले लें कि उन्हें किस क्षेत्र में जाना है तो वे 9th तथा 10th में गंभीरतापूर्वक तैयारी कर सकते हैं तथा परीक्षा परिणाम के आधार पर लिए गए निर्णय का मूल्यांकन कर सकते हैं कि उन्होंने जो निर्णय लिया है वो सही है या गलत है।

9thऔर 10वीं के बाद अपने निर्णय को वास्तविकता में बदलने का समय होता है।इसलिए अपने निश्चित किए गए लक्ष्य के बारे में निर्णय ले सकते हैं।
उपर्युक्त आर्टिकल के आधार पर आप यह जान सकते हैं कैरियर काउंसलिंग क्यों महत्वपूर्ण है(Why is career counseling important) तथा काउंसलर की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है?

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