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Complementary Function in DE

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1.अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE),पूरक फलन (Complementary Function):

अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE) के इस आर्टिकल में अचर-गुणांकों वाले रैखिक अवकल समीकरण का पूरक फलन ज्ञात करने के बारे में अध्ययन करेंगे।
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2.अवकल समीकरण में पूरक फलन पर आधारित उदाहरण (Examples Based on Complementary Function in DE):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equations):
Example:2. \frac{d^3 y}{d x^3}-3 \frac{d^2 y}{d x^2}+4 y=0 
Solution: \frac{d^3 y}{d x^3}-3 \frac{d^2 y}{d x^2}+4 y=0 
दिए हुए समीकरण को हम निम्न प्रकार लिख सकते हैं:

\left(D^3-3 D^2+4\right) y=0
इसलिए इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^3-3 m^2+4=0 \\ \Rightarrow m^3+m^2-4 m^2+4=0 \\ \Rightarrow m^2(m+1)-4\left(m^2-1\right)=0 \\ \Rightarrow m^2(m+1)-4(m+1)(m-1)=0 \\ \Rightarrow (m+1)\left(m^2-4 m+4\right)=0 \\ \Rightarrow (m+1)(m-2)^2=0 \\ \Rightarrow m=-1,2,2
यहाँ एक मूल दो बार पुनरावृत्त हुआ है इसलिए दिए हुए अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=\left(c_1+c_2 x\right) e^{2 x}+c_3 e^{-x}
Example:4. \frac{d^3 y}{d x^3}-4 \frac{d^2 y}{d x^2}+5 \frac{d y}{d x}-2 y=0
Solution: \frac{d^3 y}{d x^3}-4 \frac{d^2 y}{d x^2}+5 \frac{d y}{d x}-2 y=0
दिए हुए समीकरण को हम निम्न प्रकार लिख सकते हैं:

\left(D^3-4 D^2+5 D-2\right) y=0
इसलिए इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^3-4 m^2+5 m-2=0 \\ \Rightarrow m^3-m^2-3 m^2+3 m+2 m-2=0 \\ \Rightarrow m^2(m-1)-3 m(m-1)+2(m-1)=0 \\ \Rightarrow(m-1)\left(m^2-3 m+2\right)=0 \\ \Rightarrow(m-1)\left[m^2-2 m-m+2 \right]=0 \\ \Rightarrow(m-1)[m(m-2)-1(m-2)]=0 \\ \Rightarrow(m-1)(m-1)(m-2)=0 \\ \Rightarrow(m-1)^2(m-2)=0 \\ \Rightarrow m=1,1,2
यहाँ एक मूल दो बार पुनरावृत्त हुआ है इसलिए दिए हुए अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=\left(c_1+c_2 x\right) e^x+c_3 e^{2 x}
Example:5. \frac{d^2 y}{d x^2}-2 \frac{d y}{d x}+y=0 
Solution: \frac{d^2 y}{d x^2}-2 \frac{d y}{d x}+y=0 
दिए हुए समीकरण को हम निम्न प्रकार लिख सकते हैं:

\left(8 D^2-2 D+1\right) y=0
इसलिए इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^2-2 m+1=6 \\ (m-1)^2=0 \\ \Rightarrow m=1,1
यहाँ एक मूल दो बार पुनरावृत्त हुआ है इसलिए दिए हुए अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=\left(c_1+c_2 x\right) e^x
Example:6. \left(D^2+5 D+4\right) y=0
Solution: \left(D^2+5 D+4\right) y=0
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^2+5 m+y=0 \\ \Rightarrow m^2+4 m+m+4=0 \\ \Rightarrow m(m+4)+1(m+4)=0 \\ \Rightarrow (m+1)(m+4)=0 \\ \Rightarrow m=-1,-4
अतः अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=c_1 e^x+c_2 e^{-4 x}
Example:8. \left\{(D+2)(D-1)^3\right\} y=0
Solution: \left\{(D+2)(D-1)^3\right\} y=0
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

(m+2)(m-1)^3=0 \\ \Rightarrow m=-2,1,1,1
यहाँ एक मूल तीन बार पुनरावृत्त हुआ है इसलिए दिए हुए अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=c_{1} e^{-2 x}+\left(c_2+c_3 x+c_1 x^2\right) e^x
Example:9. \frac{d^4 y}{d x^4}-2 \frac{d^3 y}{d x^3}+2 \frac{d^2 y}{d x^2}-2 \frac{d y}{d x}+y=0
Solution: \frac{d^4 y}{d x^4}-2 \frac{d^3 y}{d x^3}+2 \frac{d^2 y}{d x^2}-2 \frac{d y}{d x}+y=0
दिए हुए समीकरण को हम निम्न प्रकार लिख सकते हैं:

\left(D^4-2 D^3+2 D^2-2 D+1\right) y=0
इसलिए इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^4-2 m^3+2 m^2-2 m+1=0 \\ \Rightarrow m^4-m^3-m^3+m^2+m^2-m-m+1=0 \\ \Rightarrow m^3(m-1)-m^2(m-1)+m(m-1)-1(m-1)=0 \\ \Rightarrow (m-1)\left(m^3-m^2+m-1\right)=0 \\ \Rightarrow (m-1)\left[m^2(-n-1)+1(m-1)\right]=0 \\ \Rightarrow (m-1)(m-1)\left(m^2+1\right)=0 \\ \Rightarrow (m-1)^2\left(m^2+1\right)=0 \\ \Rightarrow m=1,1, i, i
यहाँ एक मूल दो बार पुनरावृत्त हुआ है इसलिए दिए हुए अवकल समीकरण का व्यापक हल होगा:

y=\left(c_1+c_2 x\right) e^x+c_3 \cos x+c_4 \sin x

Example:12. \left(D^2+1\right) y=0 ,दिया है कि (given that) y=2,जब (when) x=0 और (and) y=-2,जब (when) x=\frac{\pi}{2}
Solution: \left(D^2+1\right) y=0

इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:
m^2+1=0 \\ \Rightarrow m = \pm i
अतः समीकरण का व्यापक हल होगा:
y=c_1 \cos x+c_2 \sin x
जब x=0 तो y=2

2=c_1 \cos 0+c_2 \sin \theta \\ \Rightarrow c_1=2

जब x=\frac{\pi}{2} तो y=-2

-2=c_{1} \cos \frac{\pi}{2}+c_{2} \sin \frac{\pi}{2} \\ \Rightarrow c_2=-2
अतः व्यापक हल: 

y=2 \cos x-2 \sin x \\ =2(\cos x-\sin x) \\ =2 \sqrt{2}\left(\frac{1}{\sqrt{2}} \cos x-\frac{1}{\sqrt{2}} \sin x\right) \\ =2 \sqrt{2}\left(\cos \frac{\pi}{4} \cos x-\sin \frac{\pi}{4} \sin x\right) \\ \Rightarrow y =2 \sqrt{2} \cos \left(x+\frac{\pi}{4}\right)
Example:13. \frac{d^2 x}{d t^2}+\mu x=0, \mu>0 ,दिया है कि (given that) x=a तथा \frac{d x}{d t}=0 (and) जबकि (when) t=\frac{\pi}{\sqrt{\mu}}
Solution: \frac{d^2 x}{d t^2}+\mu x=0
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\left(D^2+\mu\right) x=0
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

m^2+\mu=0 \\ \Rightarrow m^2=-\mu \\ \Rightarrow m= \pm \sqrt{\mu} i
अतः समीकरण का व्यापक हल होगा:

x=c_1 \cos (\sqrt{\mu} t)+c_2 \sin (\sqrt{\mu} t) \cdots(1)
जब t=\frac{\pi}{\sqrt{\mu}} तो x=a

a=c_1 \cos \left(\sqrt{\mu} \times \frac{\pi}{\sqrt{\mu}}\right)+c_2 \sin \left(\sqrt{\mu} \times \frac{\pi}{\sqrt{\mu}}\right) \\ a=c_1 \cos \pi+c_2 \sin \pi \\ a=c_1(-1)+c_2(0) \\ \Rightarrow c_{1}=-a
समीकरण (1) का t के सापेक्ष अवकलन करने पर:

\frac{d x}{d t}=-c_{1} \sqrt{\mu} \sin (\sqrt{\mu} t)+c_2 \sqrt{\mu} \cos (\sqrt{\mu} t)
जब t=\frac{\pi}{\sqrt{\mu}} तो \frac{d x}{d t}=0 \\ 0=-c_{1} \sqrt{\mu} \sin \left( \sqrt{\mu} \times \frac{\pi}{\sqrt{\mu}}\right)+c_{2} \sqrt{\mu} \cos \left(\sqrt{\mu} \times \frac{\pi}{\sqrt{\mu}}\right) \\ 0=-c_{1} \sqrt{\mu} \sin (\pi)+c_{2} \sqrt{\mu} \cos \pi \\ 0=-c_{1} \sqrt{\mu}(0)+c_2 \sqrt{\mu}(-1) \\ \Rightarrow c_2=0 \\ c_{1}c_{2} का मान समीकरण (1) में रखने पर:

x=-a \cos (\sqrt{\mu} t)
Example:15. \ell \frac{d^2 \theta}{d t^2}+g \theta=0
दिया है कि (given that) \theta=\theta_0 और (and) \frac{d \theta}{d t}=0 जबकि (when) t=0
Solution: \ell \frac{d^2 \theta}{d t^2}+g \theta=0
दिए हुए समीकरण को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:

\left(l D^2+g\right) \theta=0
इसका सहायक समीकरण (A.E.) होगा:

\ell m^2+g=0 \\ \Rightarrow m^2=-\frac{g}{l} \\ \Rightarrow m= \pm \sqrt{\frac{g}{l}} i
अतः समीकरण का व्यापक हल होगा:

\theta=c_1 \cos \left(\sqrt{\frac{g}{l}} t\right)+c_2 \sin \left(\sqrt{\frac{g}{l}} t\right) \cdots(1)
जब t=0 तो \theta=\theta_0 \\ \theta_0=c_1 \cos 0+c_2 \sin 0 \\ \Rightarrow c=\theta_0
समीकरण (1) का t के सापेक्ष अवकलन करने पर:

\frac{d \theta}{d t}=-c_{1} \sqrt{\frac{g}{l}} \sin \left(\sqrt{\frac{g}{l}} t\right)+c_2 \sqrt{\frac{g}{l}} \cos \left(\sqrt{\frac{g}{l}} t\right)

जब t=0 तो \frac{d \theta}{d t}=0 \\ 0=-c_{1} \sqrt{\frac{g}{l}} \sin 0+c_2 \sqrt{\frac{g}{l}} \cos 0 \\ \Rightarrow c_2=0
c_{1}c_{2} का मान समीकरण (1) में रखने पर:

\theta=\theta_0 \cos \left(\sqrt{\frac{g}{l}} t\right)
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE),पूरक फलन (Complementary Function) को समझ सकते हैं।

3.अवकल समीकरण में पूरक फलन पर आधारित सवाल (Questions Based on Complementary Function in DE):

निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए:
(Solve the following differential equations):

(1.) \frac{d^4 y}{d x^4}-\frac{d^3 y}{d x^3}-9 \frac{d^2 y}{d x^2}-11 \frac{d y}{d x}-4 y=0
(2.) \left(D^4+5 D^2+6\right) y=0
उत्तर (Answers): (1.)y=\left(c_1+c_2 x+c_3 x^2\right) e^{-x}+c_4 e^{4x}
(2.) y=c_1 \cos (\sqrt{3} x)+c_2 \sin (\sqrt{3} x)+c_3 \cos (\sqrt{2} x)+ c_4 \sin (\sqrt{2} x)
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE),पूरक फलन (Complementary Function) को ठीक से समझ सकते हैं।

Also Read This Article:- Singular Solution in DE

4.अवकल समीकरण में पूरक फलन (Frequently Asked Questions Related to Complementary Function in DE),पूरक फलन (Complementary Function) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.क्या अवकल संकारक पर बीजगणित के मूल नियमों पर आधारित संक्रियाएँ लागू की जा सकती हैं? (Can Operations Based on Fundamental Laws of Algebra Be Applied to Differential Operators?):

उत्तर:साधारण बीजगणित में जो क्रियाएँ लागू की जाती हैं,वे निम्नलिखित तीन नियमों पर आधारित हैं:
(1.)बंटन नियम (Distributive Law):
m (a+b)=ma+mb
(2.)क्रम-विनिमेय का नियम (Commutative Law):
ab=ba
(3.)घातांक का नियम (Index Law):
a^m a^n=a^{m+n}
अवकल संकारक D इनमें से प्रथम और तृतीय नियमों की तुष्टि (satisfy) करता है,क्योंकि
D(u+v)=Du+Dv या D^m D^n u=D^{m+n} u
जहाँ m और n धन पूर्णांक हैं।
जहाँ तक द्वितीय नियम का प्रश्न है
D(cu)=cDu
सत्य है यदि c अचर (constant) है और असत्य है यदि c एक चर (variable) है,जैसे
D(xu)=xDu+uDx या D(xu)=xDu+u
अर्थात् D(x u) \neq x D u
परन्तु D^m\left(D^n u\right)=D^n\left(D^m u\right)
जहाँ m और n धन पूर्णांक हैं।
अतः D बीजगणित के मूल नियमों को मानता है,सिवाय इसके कि वह चरों के साथ क्रम-विनिमेय (commutative) नहीं है।इसलिए जब a_1, a_2 \cdots a_n अचर है,हम f(D) के गुणनखण्ड कर सकते हैं तथा वे सब क्रियाएँ भी लागू कर सकते हैं जो बीजगणित के मूल नियमों पर आधारित होती है,अतः
(D-\alpha)(D-\beta) y=(D-\alpha)(D y-\beta y) \\ =\left[D^2-(\alpha+\beta) D+\alpha \beta\right] y
तथा (D-\beta)(D-\alpha) y=\left[D^2-(\alpha+\beta) D+\alpha \beta\right] y
और (D-\alpha)(D-\beta) y=(D-\beta)(D-\alpha) y
इससे यह विदित होता है कि हम f(D) को n गुणनखण्डों में विभाजित कर सकते हैं और यदि अचर हैं और उनको किसी भी क्रम में ले सकते हैं।

प्रश्न:2.1/D की परिभाषा दीजिए। (Define 1/D)

उत्तर: \left ( \frac{1}{D} \right )[Q(x)] या D^{-1}[Q(x)] ,स्वेच्छ अचर से स्वतन्त्र,x का एक ऐसा फलन है,जिसका यदि x के सापेक्ष अवकलन किया जाए अथवा दूसरे शब्दों में उसे D ऑपरेट (operate) किया जाए तो हमको मूल फलन Q(x) प्राप्त होता है अर्थात्
D\left[\left(\frac{1}{D}\right) {Q(x)} \right ]=D\left[D^{-1}{Q(x)}\right]=Q(x)
अतः D तथा D^{-1} एक-दूसरे के प्रतिलोम (inverse) ऑपरेटर हैं और जब वे किसी फलन पर क्रिया करते हैं तो एक-दूसरे का प्रभाव नष्ट कर देते हैं।यह केवल तभी सम्भव है जब D^{-1} समाकलन प्रदर्शित करता हो।

प्रश्न:3.1/D से क्या तात्पर्य है? (What Do You Mean by 1/D?):

उत्तर:विद्यार्थियों को ऐसा प्रतीत हो सकता है,कि जैसे \left ( \frac{1}{D} \right )[Q(x)] में,हमने D से भाग दिया है।यह सत्य नहीं है,क्योंकि D एक संख्या ना होकर,संकारक अथवा ऑपरेटर (operator) है।यद्यपि इसके अनेक गुण एक बीजगणितीय संख्या (Algebraic quantity) जैसे हैं।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE),पूरक फलन (Complementary Function) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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अवकल समीकरण में पूरक फलन
(Complementary Function in DE)

Complementary Function in DE

अवकल समीकरण में पूरक फलन (Complementary Function in DE) के इस आर्टिकल में
अचर-गुणांकों वाले रैखिक अवकल समीकरण का पूरक फलन ज्ञात करने के बारे में अध्ययन करेंगे।

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