Examples of Probability Class 9
1.प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण का परिचय (Introduction to Examples of Probability Class 9),कक्षा 9 में प्रायिकता (Probability in Class 9):
प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Examples of Probability Class 9) के इस आर्टिकल में प्रायिकता पर आधारित कुछ विशिष्ट सवालों को हल करके समझने का प्रयास करेंगे।
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2.प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Examples of Probability Class 9):
Example:1.एक अच्छी तरह फेंटी गई ताश की गड्डी से एक ताश निकाला गया।ताश निकालने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए जिसमें (i)एक सामने का ताश (ii)एक लाल रंग का ताश हो।
Solution:(i).गड्डी में सामने के ताश 12 हैं।4 राजा,4 रानी,4 गुलाम अर्थात् 12 हैं।
घटनाओं की कुल संख्या=52
घटनाओं की अनुकूल संख्या=12
P(सामने के ताश)=\frac{12}{52}=\frac{3}{13}
(ii).घटनाओं की कुल संख्या=52
घटनाओं की अनुकूल संख्या (लाल ताश)=26
P(लाल ताश के लिए)=\frac{26}{52}=\frac{1}{2}
Example:2.एक डिब्बे के अन्दर 2 से 101 अंक के कार्ड रखकर अच्छी तरह मिलाए गए।इनमें से एक कार्ड का चुनाव किया गया।वह प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि कार्ड की संख्याः
(i)सम संख्या।
(ii)4 से कम संख्या।
(iii)संख्या जो पूर्ण वर्ग हो।
(iv)20 से कम संख्या।
Solution:(i).परिणामों की कुल संख्या=100
परिणामों की अनुकूल संख्या (सम संख्या)=50
(2,4,6,8,10,…….,100 आदि)
\therefore P(सम संख्या के लिए)=\frac{50}{100}=\frac{1}{2}
(ii)2 से 13 तक की संख्याएँ=12
परिणामों की कुल संख्या=100
P(14 से कम संख्या)=\frac{12}{100}=\frac{3}{25}
(iii)जो पूर्ण वर्ग हैं वे संख्याएँ=4,9,16,25,36,49,64,81,100
घटनाओं की अनुकूल संख्या=9
अतः P(वह संख्या जो पूर्ण वर्ग है)=\frac{9}{100}
(iv)2 से 20 तक कुल मुख्य संख्याएँ (prime numbers) 2,3,5,7,11,13,17,19 हैं।
परिणामों की अनूकुल संख्या=8
अतः P(20 से कम मुख्य संख्या)=\frac{8}{100}=\frac{2}{25}
Example:3.एक बड़ी टायर बनाने वाली एक कम्पनी तय की गई उन दूरियों का एक रिकाॅर्ड रखती थी,जिसके पहले टायर को बदल देने की आवश्यकता पड़ी।सारणी में 1000 स्थितियों के परिणाम दिखाए गए हैं।
\begin{array}{|c|c|c|c|c|} \hline \text{ दूरी (km में) } & 4000 & 4000 \text{ से} & 9001 \text { से } & 14000 \text { से } \\ & \text { से कम } & 9000 \text { तक } & 14000 \text{ तक} & \text { अधिक } \\ \text{ बारम्बारता } & 20 & 210 & 325 & 445 \\ \hline \end{array}
यदि आप इस कम्पनी से एक टायर खरीदते हैं,तो इस बात की प्रायिकता क्या होगी कि
(i)4000 km की दूरी तय करने से पहले ही इसे बदलना आवश्यक होगा?
(ii)यह 9000 km से अधिक दूरी तक चलेगा?
(iii)4000 km और 14000 km के बीच की कोई दूरी तय करने के बाद इसे बदलना आवश्यक होगा?
Solution:अभिप्रयोगों की कुल संख्या=1000
(i)उस टायर की बारम्बारता,जिसे 4000 km की दूरी तय करने से पहले बदलना आवश्यक हो,20 है।
अतः P(4000 km की दूरी तय करने से पहले टायर बदलना आवश्यक हो)
=\frac{20}{1000}=\frac{1}{50}=0.02
(ii)उस टायर की बारम्बारता जो 9000 km से अधिक दूरी तय करेगा
=325+445=770
अतः P(टायर 9000 km से भी अधिक दूरी तक चलेगा)
=\frac{770}{1000}=\frac{77}{100}=0.77
(iii)उस टायर की बारम्बारता जिसे 4000 km और 14000 km के बीच की कोई दूरी तय कर लेने के बाद बदलना आवश्यक होगा=210+325=535
अतः P(4000 km और 14000 km के बीच की दूरी तय करने के बाद टायर को बदलना आवश्यक हो)=\frac{535}{1000}=\frac{107}{200}=0.535
Example:4.एक थैली में 5 लाल गेंद तथा कुछ नीली गेंदें हैं।यदि थैली में से नीली गेंद निकालने की प्रायिकता लाल गेंद निकालने की दुगुनी है तो नीली गेंदों की संख्या इस थैली में ज्ञात कीजिए।
Solution:लाल गेंदों की संख्या=5
माना नीली गेंदों की संख्या=x
घटना के अनुकूल संख्या=x
थैली में कुल गेंदें=x+5
P(लाल गेंद के लिए)=\frac{5}{5+x}
P(नीली गेंद के लिए)=2\left(\frac{5}{5+x}\right)=\frac{10}{5+x} \\ \Rightarrow \frac{5}{5+x}+\frac{10}{5+x}=1 \\ \Rightarrow \frac{5+10}{5+x}=1 \\ \Rightarrow \frac{15}{5+x}=1 \\ \Rightarrow 5+x=15 \\ \Rightarrow x=15-5=10
अर्थात् थैली में 10 नीली गेंदें हैं।
Example:5.बारम्बारता बंटन सारणी देखिए जिसमें एक कक्षा के 38 विद्यार्थियों के भार दिए गए हैं।
(i)इस बात की प्रायिकता ज्ञात कीजिए जिसमें कक्षा के एक विद्यार्थी का भार (kg में) अन्तराल 46-50 स्थित हो।
(ii)इस संदर्भ में ऐसी दो घटनाएँ बताइए जिनमें एक की प्रायिकता 0 हो और दूसरी की प्रायिकता 1 हो।
\begin{array}{|ll|} \hline \text{ भार (kg में) } & \text{ विद्यार्थियों की संख्या } \\ 31-35 & 9 \\ 36-40 & 5 \\ 41-45 & 14 \\ 46-50 & 3 \\ 51-55 & 1 \\ 56-60 & 2 \\ 61-65 & 2 \\ 66-70 & 1 \\ 71-75 & 1\\ \hline \text{ } & 38 \\ \hline \end{array}
Solution:(i)विद्यार्थियों की कुल संख्या 38 है और 46-50 kg के भार वाले विद्यार्थियों की संख्या 3 है।
अतः P(विद्यार्थी का भार 46-50 kg है)=\frac{3}{38}
(ii)उदाहरण के लिए वह घटना लीजिए जिसमें विद्यार्थी का भार 30 kg है।क्योंकि किसी भी विद्यार्थी का भार 30 kg नहीं है,इसलिए इस घटना के घटने की प्रायिकता 0 होगी।
इसी प्रकार,एक विद्यार्थी का 30 kg से अधिक भार होने की प्रायिकता=\frac{38}{38}=1 है।
Example:6.बीजों के 5 थैलों में से प्रत्येक थैले से पचास बीज यदृच्छया चुनकर उन्हें ऐसी मानकीकृत अवस्थाओं में रखा गया जो अंकुरण के अनुकूल हैं।20 दिन बाद प्रत्येक संग्रह में अंकुरित हुए बीजों की संख्या गिनकर नीचे दर्शाए अनुसार इस सारणी में लिखी गई।
\begin{array}{|cccccc|} \hline \text{थैला} & 1 & 2 & 3 & 4 & 5 \\ \hline \text{अंकुरित बीजों की संख्या} & 40 & 48 & 42 & 39 & 41 \\ \hline \end{array}
निम्नलिखित बीजों के अंकुरण की प्रायिकता क्या होगी?
(i)एक थैले में 40 से अधिक बीज।
(ii)एक थैले में 49 बीज।
(iii)एक थैले में 35 से अधिक बीज।
Solution:थैलों की कुल संख्या 5 है।
(i)उन थैलों की संख्या,जिनमें 50 बीजों में से 40 से अधिक बीज अंकुरित हुए हैं,3 हैं।
अतः P(एक थैले में 40 से अधिक बीजों का अंकुरण)=\frac{3}{5}=0.6
(ii)उन थैलों की संख्या जिनमें 49 बीज अंकुरित हुए हैं,0 है।
अतः P(एक थैले के 49 बीजों का अंकुरण)=\frac{0}{5}=0
(iii)उन थैलों की संख्या जिनमें 35 से अधिक बीज अंकुरित हुए हैं,5 हैं।
अतः अपेक्षित प्रायिकता=\frac{5}{5}=1
उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Examples of Probability Class 9),कक्षा 9 में प्रायिकता (Probability in Class 9) को समझ सकते हैं।
3.प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Examples of Probability Class 9):
(1.)एक डिब्बे के अन्दर 1 से 50 अंक के कार्ड रखकर अच्छी तरह हिलाया गया।इनमें से एक कार्ड निकाला गया।इस कार्ड के सम संख्या होने की प्रायिकता लिखिए।
(2.)एक पासे को फैंकने पर 4 से अधिक संख्या पाने की प्रायिकता लिखिए।
उत्तर (Answers):(1.) \frac{1}{2} (2.)\frac{1}{3}
उपर्युक्त सवालों को हल करने पर प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Examples of Probability Class 9),कक्षा 9 में प्रायिकता (Probability in Class 9) को ठीक से समझ सकते हैं।
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4.प्रायिकता का संक्षिप्त इतिहास (Brief History of Probability):
प्रायिकता (probability) की संकल्पना का विकास एक आश्चर्यजनक ढंग से हुआ था।1654 में शेवेलियर डि मेरे नामक जुआरी पासा संबंधी कुछ समस्याओं को लेकर 17वीं शताब्दी के एक सुप्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ ब्लेज पास्कल के पास पहुंचा।पास्कल को इन समस्याओं को हल करने में काफी रुचि आने लगी,वह इन समस्याओं पर अध्ययन करने लगा और एक अन्य फ्रांसीसी गणितज्ञ पियरे दि फर्मा के साथ चर्चा भी की।पास्कल और फर्मा ने इन समस्याओं को स्वतंत्र रूप से अलग-अलग हल किया।यह कार्य ही प्रायिकता सिद्धांत (probability theory) का प्रारंभ था।
इस विषय पर पहली पुस्तक इतालवी गणितज्ञ जे. कार्डन (1501-1576) ने लिखी थी।इस पुस्तक का शीर्षक ‘Book on Games of Chance’ (Liber de Ludo Aleae) था जोकि 1663 में प्रकाशित हुई थी।इस विषय पर गणितज्ञों जे. बर्नूली (1654-1705),पी.लाप्लास (1749-1827),ए. ए. मार्कोव (1856-1922) और ए. एन. कोल्मोगोरोव (जन्म 1903) का भी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।
5.प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Frequently Asked Questions Related to Examples of Probability Class 9),कक्षा 9 में प्रायिकता (Probability in Class 9) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.प्रायिकता की मुख्य बातें लिखिए। (Write Down HIGHLIGHTS of Probability):
उत्तर:(1.)एक प्रयोग की एक घटना प्रयोग के कुछ परिणामों का संग्रह होती है।
(2.)एक घटना E की आनुभविक (या प्रायोगिक) प्रायिकता P(E) है।
P(E)=\frac{\text{अभिप्रयोगों की संख्या जिनमें E घटी है}}{\text{अभिप्रयोगों की कुल संख्या}}
(3.)किसी घटना के घटने की प्रायिकता 0 से 1 के बीच (जिसमें 0 और 1 सम्मिलित हैं) होती है।
प्रश्न:2.यादृच्छिक प्रयोग को स्पष्ट करें। (Clarify the Random Experiment):
उत्तर:एक प्रयोग जिसके बारे में सभी सम्भव परिणाम पहले से ही ज्ञात हों तथा प्रयोग के किसी विशेष परिणाम के आने का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सके,यादृच्छिक प्रयोग कहलाता है।जैसे एक सिक्के के उछाल में चित्त या पट दो परिणाम पहले से ज्ञात हैं,लेकिन निश्चित परिणाम नहीं बताया जा सकता।अतः सिक्के को उछालना यादृच्छिक प्रयोग है।
प्रश्न:3.सरल घटना किसे कहते हैं? (What is a Simple Event?):
उत्तर:किसी अभिप्रयोग में एक समय में केवल एक घटना घटित हो तो उसे सरल घटना कहते हैं।उदाहरणार्थ एक थैले में कुछ काली तथा सफेद गेदें हैं उनमें से एक गेंद निकालना सरल घटना है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा प्रायिकता कक्षा 9 के उदाहरण (Examples of Probability Class 9),कक्षा 9 में प्रायिकता (Probability in Class 9) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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(1.)**Satyam Narain Kumawat** **Website Name:Satyam Mathematics** *Owner:satyamcoachingcentre.in* *Sthan:Manoharpur,Jaipur (Rajasthan)* **Teaching Mathematics aur Anya Anubhav** ***Shiksha:**B.sc.,B.Ed.,(M.sc. star Ke Mathematics Ko Padhane ka Anubhav),B.com.,M.com. Ke vishayon Ko Padhane ka Anubhav,Philosophy,Psychology,Religious,sanskriti Mein Gahri Ruchi aur Adhyayan ***Anubhav:**phichale 23 varshon se M.sc.,M.com.,Angreji aur Vigyan Vishayon Mein Shikshaka Ka Lamba Anubhav ***Visheshagyata:*Maths,Adhyatma (spiritual),Yog vishayon ka vistrit Gyan* ****In Brief:I have read about M.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.A dedicated math expert with 23+ years of teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.After guiding thousands of students through Satyam Coaching Center,now share Mathematics,Trigonometry (Upto M.sc) and Educational Strategies in simple language on this blog from December 2018.* (2.)**(Technical Expert & Co-Admin):** ***Name:Sanjay Kumawat* *Qualification:Graduate in Mechanical Engineering (B.Tec) in 2013* *Profession:Physics Lecturer* *Teaching Experience:15 Years and Teaching to NEET,JEE Students* *Technical Experience:5 Years Coding and Article Editing,Classic Photo Editing by Laptop in Satyam Coaching Centre Blog* *A school lecturer and digital content strategist.On this blog,he handles all the responsibility of coding,image editing,SEO, and technical management,so that the mathematical content reaches the readers in a very accurate and beautiful form.*



