Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips
1.गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? आसान तरीके और टिप्स (Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips):
- गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? (Ganit Me 90% Marks Kaise Layein?) अक्सर छात्र-छात्राएँ गणित से डरते हैं,लेकिन अगर सही तरीके से तैयारी की जाए तो ये सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय बन सकता है।
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2.सिलेबस को देखें और अधिक अंक को वेटेज दें (syllabus ko dekhen aur adhik ank ko waitej dein):
- जिन प्रश्नावलियों से या सेक्शन से अधिक अंक के सवाल आते हैं,उन्हें पहले हल करें।अवसर विद्यार्थी पहली प्रश्नावली से हल करना प्रारम्भ करते हैं जिससे उन्हें कम मार्क्स प्राप्त होते हैं।किस प्रश्नावली को वेटेज अधिध दें,इसे जानने के लिए सिलेबस,सॉल्वड पेपर्स को देखें या अपने गणित शिक्षक से पूछें।कम मार्क्स वाली प्रश्नावली को बाद में सॉल्व करें।गणित में एक प्रश्नावली दूसरी पर डिपेन्ड नहीं रहती है।हाँ,अप्रत्यक्ष रूप जरूर जुड़ी रहती है।जैसे पहली प्रश्नावली नम्बर थ्योरी,बहुपद से और बहुपद की प्रश्नावली समान्तर माध्य से,समान्तर माध्य की द्विघात समीररण से जुड़ी हुई नहीं होती है। अतः गणित पढ़ने में इस यूनीक तरीके से करें।
3.गणित से डरे नहीं (ganit se daren nahin):
- गणित एक ऐसा विषय है जिसे अक्सर छात्र-छात्राएं डरते हैं,लेकिन अगर सही तरीके से तैयारी की जाए तो ये सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय बन सकता है।डर के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे गणित के कुछ सवालों या प्रश्नावली को हल न कर पाना।गणित का डर मित्रों या शिक्षक द्वारा घुसा देना।गणित की बेसिक्स का क्लियर न हो पाना।
- इन सबके कारण की वजह से डरने की जरूरत नहीं है। उन सब डर का समाधान किया जा सकता है।बेसिक्स को समझें,सवाल समझ में नहीं आता है तो उन्हें पुनः हल करें या किसी से समझें।निगेटिव छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से सम्पर्क न करें क्यों कि वे आपकी बची हुई हिम्मत को भी तोड़ देंगे।
4.सूत्रों की नोटबुक बनाएं (sutron ki notebook banayein):
- गणित में सबसे बड़ा खेल सूत्रों का होता है।Algebra,Trigonometry,Mensuration Ya calculus इन सभी में important formulas को एक छोटी-सी नोटबुक में अलग से नोट कर लें।रोज सुबह 10 मिनट इन सूत्रों की पुनरावृति करने से ये आपके लिए दिमाग में स्थायी रूप में बैठते हैं।
सूत्रों को याद करने से पहले उन्हें समझें और लिखे तथा फिर याद करें।ऐसा करने तथा पुनरावृत्ति से सूत्र मस्तिष्क में स्थायी रूप से संचित हो जाते हैं।इसके बाद इन सूत्रों को नोटबुक से समय-समय पर पुनरावृत्ति करते रहें ताकि सूत्र विस्मरण न हों।
5.गणित में सवालों को रटने की कोशिश न करें (ganit mein sutro ko ratne ki koshish na karen):
- मैथ्स में सवालो को रटने की कोशिश बिल्कुल न करें।स्टेप-बाइ-स्टेप लॉजिक को समझें की कोई फॉमूला कहाँ से और कैसे लग रहा है।जब एक बार कॉन्सेप्ट क्लियर हो जाता है,तो आप किसी भी नए सवाल से आसानी से हल कर सकते हैं।सवालों को रटने से मस्तिष्क पर अनावश्यक दबाव पड़ता है जिससे मस्तिष्क का संतुलन बिगड़ जाता है और गणित से अरुचि होने लगती है।रटने पर आप सूत्रों व सवालों को कुछ समय बाद भूलने लगते हैं।रटने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता घटती जाती है और इसीलिए ऐसे विद्यार्थी उच्च कक्षाओं तक नहीं पढ़ पाते हैं।
6.लिखकर प्रैक्टिस करें (ganit mein likhit abhyas karna):
- मैथ्स सिर्फ पढ़ने या देखने का सबजेक्ट नहीं है।आप जितनी ज्यादा लिखकर प्रैक्टिस करें,जितने सवाल नोटबुक में हल करेंगे,उतनी ही आपकी कैलकुलेशन स्पीड और एक्यूरेसी बढ़ेगी।हर चैप्टर के अंत में दिए गए अनसुलझे प्रश्नों को खुद से हल करके जरूर देखें।
- मैथ्स केवल पढ़कर,समझकर याद करने का विषय नहीं है बल्कि मैथ्स के सूत्रों को समझें,थ्योरम की एक-एक स्टेप्स को समझें और फिर सवालों को नोटबुक में हल करें।यानी समझने और प्रैक्टिस करने का विषय है।अन्य विषयों से मैथ्स की प्रकृति अलग प्रकार की है।अन्य विषय थ्योरीटिकल विषय है जबकि मैथ्स प्रैक्टिकल विषय है।यों लिखने का अभ्यास तो अन्य विषयों में भी करना चाहिए परन्तु मैथ्स पूरी तरह अभ्यास पर ही आधारित है।जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे उतनी इस पर मजबूत पकड़ होती जाएगी।
7.सहयोग दें:
- मैथ्स विषय स्वयं के प्रयास से हल नहीं हो पाती है। क्योंकि इसकी शब्दावली आम बोलचाल में प्रयुक्त नहीं होती है।इसलिए अपने मित्रों,टीचर से सहयोग लेने में बिलकुल भी संकोच नहीं करें।यदि आप गणित में ज्यादा कमजोर हैं और समर्थ हैं तो कोचिंग लेनी चाहिए।कोचिंग से आप अधिक प्रतियोगी बन सकते हैं।विषय पर मजबूत पकड़ के लिए यह जरूरी है।
- हाँ,यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि कोचिंग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है या नहीं इसकी जाँच कर लें।कुछ विद्यार्थी संकोची स्वभाव के होते हैं वे अपने सहपाठियों से,शिक्षक से मदद लेने में संकोच करते हैं,ऐसे विश्वार्थी फिसड्डी रह जाते हैं,आगे नहीं बढ़ पाते हैं।ड़ाउट्स को क्लियर नहीं करते हैं और आगे की कक्षाओं में गणित विषय उन्हें कठिन से कठिनतर होता जाता है।वे समझ ही नहीं पाते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है और इसके लिए वे क्या करें।
8.मॉक टेस्ट दें:
- चैप्टर या प्रश्नावली पूरी होने पर उस चैप्टर का माॅक टेस्ट दें।उसमें जहाँ पर कठिनाई महसूस हो,उसे पुनः दूर करें।इस प्रकार बार-बार माॅक टेस्ट,हर उस प्रश्नावली के मॉक टेस्ट देने से गणित के कठिनाई वाले बिन्दुओं को समझ सकेंगे और उस कठिनाई को या तो सन्दर्भ पुस्तकों से या मित्रों तथा शिक्षकों से या कोचिंग जाते है तो कोचिंग के टीचर से मिलकर हल करें।माॅक टेस्ट से आपकी कठिनाई का पता चल सकेगा और उसे आप हल करते जाएंगे।एक बार आपको अपनी कमजोरी पता चल जाए तो।उसको आप जी तोड़ मेहनत करके या किसी की मदद से दूर कर सकेंगे।
- यदि आपको अपनी कमजोरी या वीक पाईंट्स ही पता नहीं चलेगा तो उसे आप कैसे दूर करेंगे।मुख्य समस्या यही तो है कि गणित में हमें हमारी कमजोरी पता नहीं चलती है और हम सिर धुनते रहते हैं।सब करते का करतब है।आप प्रयास ही नहीं करेंगे प्रयत्न ही नहीं करेंगे,सही रणनीति को फोलो ही नहीं करेंगे तो अपने वीक पाईंट्सको भी दूर न कर सकेंगे।
9.अपने सहपाठियों को सवाल बतायें:
- स्थिति यह है कि हम अपनी ही दुनिया में खोये रहते हैं। कुछ विद्यार्थी तो नकारात्मक सोच रखते हैं कि यदि अपने सहपाठियों को सवाल हल करने में मदद कर दी तो वे मेरे से आगे बढ़ जाएंगे।इस प्रकार के विद्यार्थियों में निगेटिव ऊर्जा संचित होती रहती है जो उनकी प्रतिभा को विकसित नहीं होने देती है।
- जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि ज्ञान को जितना खर्च करेंगे,जितना बाँटेंगे उतना ही बढ़ता जाएगा। सहपाठियों को आप जितना बताएंगे,आपके गणित के ज्ञान में उतनी ही वृद्धि होती जाएगी।जो दूसरे की वैसाखियों के सहारे चलता है वे वैसाखियों का सहारा हटते ही गिर पड़ते हैं।अतः अपने पैरों पर खड़ा होना सीखें।दूसरों का सहारा बने तो आपका ज्ञान बढ़ता जाएगा।दूसरे क्या करते हैं या करेंगे इसका चिन्तन करके आप दुबले न हों।आप तो अपना कर्त्तव्य पूरा करें।
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10.अपने काम में निष्ठा रखें:
- अपने विषयों को कोसते न रहें कि यह गणित विषय कहाँ पल्ले पड़ी हैं।इससे कब पिण्डा छूटेगा,कब मुक्ति मिलेगी।इस प्रकार की सोच रखने से आप गणित में महारत हासिल नहीं कर पाएंगे।गणित में पारंगत और महारत हासिल करने के लिए उसमें निष्ठा रखना होगा।जिस विद्यार्थी की जैसी निष्ठा होती है,वह वैसा ही करता है,वैसे ही सहायक ढूँढता है और वैसे ही सहायक मिलते जाएंगे।यदि आपकी गणित में निष्ठा होगी तो ही गणित में अच्छे मार्क्स प्राप्त कर पाएंगे।गणित में वैसे ही सहायक मिलते जाएंगे।यदि गणित में निष्ठा नहीं होगी तो आप कितने ही धुरन्धर होंगे तो आपके ग्रहण लगना शुरू होता जायेगा।
11.गणित में 90% मार्क्स कैसे लायें का निष्कर्ष (Conclusion of Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips):
- अगर ऊपर दी गई टिप्स को इस्तेमाल करेंगे तो निश्चित ही 90% मार्क्स प्राप्त कर सकेंगे।90% मार्क्स पाना कोई मुश्किल टास्क नहीं है पर इसके लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है और सही रणनीति के साथ।हमने बोर्ड परीक्षा के लिए और भी आर्टिकल्स पोस्ट किए हुए हैं।उनमें भी सटीक रणनीति के बारे में लिखा है उन पर अमल करें।
- गणित एक स्कोरिंग सब्जेक्ट है वहीं तैयारी न करने पर प्रतिशत मार्क्स को गिरा भी देती है।मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए यह प्रतिशत को बढ़ाने का काम करती है तो कमजोर छात्र-छात्राओं के प्रतिशत को और गिरा देती है।औसत विद्यार्थी भी यदि इसकी तैयारी करते हैं तो अन्य विषयों की तुलना में अच्छे मार्क्स प्राप्त करते हैं।गणित विषय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कि इसे याद करने की जरूरत नहीं होती बस अभ्यास करने और नोटबुक में सवालों को हल करने की जरूरत है।
- इसमें दिमाग का इस्तेमाल करना पड़ता है यानी एक सवाल करने का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरा सवाल भी हल कर ही लेंगे।भले उसी टाॅपिक का सवाल हो।अतः इसमें बार-बार अभ्यास की जरूरत होती है।बार-बार अभ्यास करने से इसके सवालों को हल करने की तकनीक मालूम पड़ जाती है।
आधुनिक गणित का अधिकांश भाग (90%) तो संकेत और चिह्नों पर आधारित है इसलिए इसे हल करने में आसानी है अथवा सूत्रों का प्रयोग किया जाता है।सूत्र भी संकेत और चिह्नों पर आधारित होते हैं।
- स्टेप-बाइ-स्टेप हल करें,हर स्टेप लिखें क्योंकि स्टेप्स को चूकने या न लिखने पर उनके अंक काट लिए जाते हैं।
तात्पर्य यह है कि गणित में सूत्रों,संकेतों और चिह्नों का खेल है यदि आप इसे समझ लेते हैं तो 90% अंक प्राप्त करने से आपको कोई नहीं रोक सकता है।ऊपर दी गई टिप्स को फोलो करेंगे तो आपको गणित में पूरे अंक मिलने की पूरी सम्भावना है।
अर्द्धवार्षिक परीक्षा तो आपकी चालू हो गई होगी परन्तु वार्षिक परीक्षा चालू होने में अभी समय है अतः आपको अब तो सचेत और जागरूक हो जाना चाहिए।गणित और विज्ञान जैसे विषयों की तैयारी एकाएक और परीक्षा के निकट करना बहुत मुश्किल कार्य है।
12.गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? आसान तरीके और टिप्स का सारांश (Summary of Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips):
- (A)अर्द्धवार्षिक परीक्षा में छात्र-छात्राओं से गणित से सम्बन्धित तार्किक प्रश्न (ardhvarshik pariksha mein chhatra-chhatra se ganit se sambandhit prashn):
(1)क्या आपको गणित से भय लगता है? (kya aapko ganit se dar lagta hai?)
(2.)यदि भय लगता है तो इसके क्या कारण है? (yadi bhay lagta hai to iska karan kya hai?)
(3.)शिक्षक द्वारा गणित पढ़ाने का कौनसा तरीका पसन्द है? (shikshak dwara ganit padhne ka kaun sa tarika pasand hai?)
(4.)अर्द्धवार्षिक परीक्षा में गणित के किस तरह के सवाल पसन्द करते है? (ardhvarshik pariksha mein ganit ke kis prakar ke prashn pasand karate han?)
(5.)क्या अर्द्धवार्षिक परीक्षा या वार्षिक परीक्षा में गणित स्कोरिंग विषय है? (kya ardhvarshik pariksha ya varshik pariksha mein ganit scoring vishay hai?)
(6.)अर्द्धवार्षिक परीक्षा में गणित के प्रश्न-पत्र में क्या बदलाव करना चाहिए? (ardhvarshik pariksha mein ganit ke prashn-patra mein kya badlav karna chahiye?)
(7.)अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आप गणित की परीक्षा की तैयारी कैसे करते हैं? (ardhvarshik pariksha mein aap ganit ki pariksha ki taiyari kaise karte han?)
(8.)अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आप गणित की तैयारी हेतु शिक्षक से किस तरह की मदद चाहिए? (ardhvarshik pariksha mein aapko ganit ki taiyari ke liye shikshak se kis tarah ki madad milni chahiye?)
(9.)क्या आप परीक्षा की तैयारी हेतु कोचिंग करना पसन्द करते हैं? (kya aap pariksha ki taiyari ke liye coaching karna pasand karte han?)
(10.)गणित के कौनसे टॉपिक आपको विशेष रूप से पसन्द है? (ganit ke baare mein kaun sa topic aapko vishesh roop se pasand hai?)
- (B)अर्द्धवार्षिक परीक्षा हेतु कुछ मुख्य बिन्दु (ardhvarshik pariksha hetu kuch mukhya bindu):
(1.)सूत्रों की नोटबुक बनाएं (sutron ki notebook banayein)
(2.) गणित में सवालों को रटने की कोशिश न करें (ganit mein sutro ko ratne ki koshish na karen)
(3.)गणित में लिखित अभ्यास करें (ganit mein likhit abhyas karna)
(4.)सिलेबस को देखें और अधिक अंक को वेटेज दें (syllabus ko dekhen aur adhik ank ko waitej dein)
(5.)गणित से डरें नहीं (ganit se daren nahin)
उपर्युक्त आर्टिकल में गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? आसान तरीके और टिप्स (Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips) के बारे में गहराई और विस्तार से जानकारी दी गई है। - ### 📢 यदि आपको यह गणित का आर्टिकल पसंद आया हो:
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13.माँ की सही बात छात्रा को उपदेश लगती है (हास्य-व्यंग्य) (Mother’s right words seem to be preaching to the student)(humor-satire):
- माँ (छात्र से): इतनी रात गये क्या कर रहे हो?
- छात्र : दिख नहीं रहा पढ़ रही हूँ?
- माँ: ऐसे उल्टी क्यों बोल रही हो,दिन को पढ़ना पर्याप्त होता है।
- छात्रः गणित कठिन विषय है।इसलिए पढ़ना पड़ता है।
- माँ: तो क्या हुआ कठिन विषय को भी पढ़ा जा सकता है।
- छात्र: परीक्षा सिर पर है।
- माँ:तो सत्रारम्भ से पढ़ना चाहिए।
- पुत्री: माँ,आप जब देखो तब उपदेश देने लगती हो।
- माँ : तुम्हें सही बात भी उपदेश लगती हैं।
14.गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? आसान तरीके और टिप्स (Frequently Asked Questions Related to Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.शिक्षक छात्र-छात्राओं के मन से गणित विषय का डर दूर कैसे करे? (How do teachers remove the fear of mathematics from the minds of students?):
उत्तर:Maths ke dar (Math phobia) को हटाने के लिए अच्छे टीचर्स कुछ खास तरीक़े अपनाते हैं:
वास्तविक जीवन कनेक्शन: कॉन्सेप्ट को ऐसी चीजों से जोड़ना जो बच्चे रोजाना देखते हैं (जैसे शॉपिंग,कुकिंग, या स्पोर्ट्स में नंबर का उपयोग)।
Mistakes ko Learning Banana: गलतियों पर डांटने के बजाए ये समझायें की गलती करने से दिमाग सीखता है।
चरण-दर-चरण दृष्टिकोण: बड़े और मुश्किल सवालों को छोटे-छोटे आसान चरणों में तोड़ना।
मज़ा और खेल: पजल (पहेलियाँ),रिडल्स (Riddles) और इंटरैक्टिव गणित के खेल का उपयोग करके पढ़ाई को बोरिंग के बजाए मज़ेदार बनाना।
सकारात्मक प्रोत्साहन: बच्चों का कॉन्फिडेंस बढ़ाने की कोशिश करना।
प्रश्न:2.गणित में रुचि कैसे पैदा हो? (How did you develop an interest in mathematics?):
उत्तर:गणित दुनिया की सबसे सार्वभौमिक भाषा है।
प्रकृति में भी एक पैटर्न होता है (जैसे फाइबोनैचि अनुक्रम,समरूपता)।
जब एक मुश्किल लॉजिक या इक्वेशन सॉल्व होती है,तो उसका जो सटीक और परफेक्ट रिजल्ट मिलता है,वही चीज मुझे गणित को प्रोसेस करने में सबसे ज्यादा आकर्षक लगती है।
गणित में जाॅब और भविष्य को देखें,ये बात हमारी गणित में रुचि पैदा करती है।
प्रश्न:3.अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए गणित में छात्र-छात्राएँ क्या करें? (What should students do in mathematics for the half-yearly exam?):
उत्तर:अर्धवार्षिक परीक्षाओं में अच्छे मार्क्स लाने के लिए ये रणनीति अपनाई जाए:
पाठ्यपुस्तक अवधारणाएं स्पष्ट करें:पहले अपने पाठ्यक्रम के सभी अध्यायों के मूल सूत्र और प्रमेय अच्छे से समझ लें।
Important Formulas ki List Banaye: एक अलग छोटी नोटबुक या पेज पर सारे फॉर्मूले लिखें और रोज़ सुबह उन्हे रिवीजन करें।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: पिछले सालों के पेपर्स या सैंपल पेपर्स को हल करें ताकि परीक्षा पैटर्न और समय प्रबंधन का अन्दाजा हो सके।
कागज पर प्रैक्टिस करें: सवाल पढ़ने या देखने से गणित नहीं आती,खुद अपने हाथ से पेन-पेपर लेकर लिख कर प्रैक्टिस करें।
डाउट्स क्लियर करें:जो सवाल या कॉन्सेप्ट समझ ना आए,उसे अपने टीचर या दोस्तों से तुरंत पूछकर क्लियर करें।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा गणित में 90% मार्क्स कैसे लाएं? आसान तरीके और टिप्स (Ganit Me 90% Marks Kaise Layein? Asan Tarike Aur Tips) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*
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Lekhak Ke Baare Mein (About the Author) **Satyam Narain Kumawat** **Website Name:Satyam Mathematics** *Owner:satyamcoachingcentre.in* *Sthan:Manoharpur,Jaipur (Rajasthan)* **Teaching Mathematics aur Anya Anubhav** ***Shiksha:**B.sc.,B.Ed.,(M.sc. star Ke Mathematics Ko Padhane ka Anubhav),B.com.,M.com. Ke vishayon Ko Padhane ka Anubhav,Philosophy,Psychology,Religious,sanskriti Mein Gahri Ruchi aur Adhyayan ***Anubhav:**phichale 23 varshon se M.sc.,M.com.,Angreji aur Vigyan Vishayon Mein Shikshaka Ka Lamba Anubhav ***Visheshagyata:*Maths,Adhyatma (spiritual),Yog vishayon ka vistrit Gyan* ****In Brief:I have read about M.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 23 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science. Updated on 18.06.2026










