7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide
1.मैथेमेटिक्स में महारत हासिल करने के लिए 7 गुप्त माइंडसेट:स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड (7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide):
- क्या आप गणित में माहिर बनना चाहते हैं? स्टूडेंट्स के लिए सम्पूर्ण स्टडी गाइड के साथ मैथेमेटिक्स में महारत हासिल करने के लिए 7 गुप्त माइंडसेट:स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड (7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide) जानें।आज ही अपनी स्पीड,सटीकता और आत्मविश्वास बढ़ाएँ!
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2.गणित पर ध्यान केन्द्रित की प्रक्रिया (The Process of Focusing on Mathematics):
- आइए हम ऐसे उपायों की सूची बनाते हैं जो शराब,ड्रग्स या क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग किए आपके मूड को (Mood) बदल सकें तथा आपके मस्तिष्क को गणित सीखने की सकारात्मक स्थिति में वृद्धि कर सके।
- (1.)उन श्रेष्ठ उपायों को लिखें जो आपको गणित सीखने की नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच में बदल सकते हैं।
- (2.)उन नए विचारों/उपायों को भी इसमें शामिल करें,जिन्हें आपने अभी तक नहीं आजमाया है।निश्चित रूप से आप बेहतर महसूस करेंगे।जब तक आप 15 से 30 तक नए विचार न लिख लें तब तक रुके नहीं।हालांकि इस विषय पर सैकड़ों स्वस्थ विचार लिखे जा सकते हैं।इन्हें अभी लिखने की कोशिश करें।प्रसन्नता का अनुभव करने के कितने ही तरीके हैं,किसी एक को चुनें।
- अपना कोई मनपसंद भजन सुनें,कोई कर्णप्रिय धुन बजाएं,कोई हंसी-मजाक वाली कोई गणित की कहानी,चुटकला पढ़ें या कोई वीडियो देखें।दोस्तों के साथ चर्चा करें,अपने रजिस्टर या कॉपी में गणित सीखने के अपने अनुभव लिखें।बहुत देर अध्ययन कर लिया हो तो झपकी लें आदि-आदि।
- वर्षों तक,चार मिनट में एक मील दौड़ना असंभव कार्य (impossible work) माना जाता था।लेकिन रोजर बैनिस्टर ने 3 मिनट 59 सेकंड में एक मील भागकर इस मिथक को तोड़ दिया।उसने इस तरह से अपनी विजय का मानसिक चित्रण किया कि शरीर की नर्वस प्रणाली ने इस प्रकार सिग्नल ग्रहण किए कि उसे यह विश्वास हो गया कि मुझे सफलता अवश्य मिलेगी।बैनिस्टर की सफलता ने औरों का भी रास्ता खोल दिया तथा एक साल में ऐसे कई धावक हो गए जिन्होंने इस असंभव कार्य को कर डाला।
- अगर आप सोचते हैं कि आप की शिक्षा गणित के परिवेश में नहीं हुई है इसलिए आप अच्छी गणित नहीं सीख सकते,तो आपको अपने मस्तिष्क में पड़े रुकावटों (Blockages in the brain) के घेरे को तोड़ने की जरूरत है तथा असंभव को संभव बनाकर चलने की जरूरत है।इससे आपके तथा आपके इर्द-गिर्द के लोगों की जन्म कुण्डली ही बदल जाएगी।
- जब कभी हम किसी घटना से दो-चार होते हैं तो हमारा मस्तिष्क उसे दर्द या आनंद के रूप में ग्रहण कर लेता है।यह वर्गीकरण इस विश्वास पर होता है कि आप किसी घटना को किस तरह दर्द या आनंद के रूप में महसूस करते हैं।यह ठीक है कि हमारी सामान्य स्थिति हमसे कार्य कराती है लेकिन उसकी भी एक सीमा है।कुछ लोग अपने आपको नालायकों की श्रेणी में रखते हैं:क्योंकि वे कई बार असफलता का मुंह देख चुके होते हैं।इस तरह से अपने आपको श्रेणी में बांटना एक आदत बन सकती है,जो संभव को भी असंभव बनाने का रास्ते खोलती है?
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3.सही प्रश्न पूछने की आदत (The habit of asking questions):
- आपने अनेक बार अपना वजन घटाने की कोशिश की होगी लेकिन हो सकता है हर बार असफलता हाथ लगी हो।क्या आपने अपने आपसे पूछा? मेरा पेट कैसे भरेगा? मेरा मनपसंद तला हुआ भोजन कौन-सा है? इसके अलावा अपने आपसे पूछा जाए,किस भोजन से मुझे ताकत मिलेगी? कौन-सा हल्का सूप मुझे ऊर्जा प्रदान करेगा? अगर आप भी खाने के लिए लालायित हों कि इसे खाने से मेरा वजन कितना बढ़ेगा? फिर क्या मैं अपने उद्देश्यों में सफल हो पाऊंगा?
- प्रश्नों में बदलाव आपकी गलत आदतों में बदलाव लाएगा और इससे आपके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।आप क्या चाहते हैं कि इस विषय पर सोचें या न सोचें।उदाहरण के लिए गणित सीखने के बारे में सोचने की बजाय यह सोचें कि किस तरह आप ज्यादातर लोगों से बात कर सकते हैं।इससे आपको मुख्य बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करने में सहायता मिलेगी तथा उद्देश्य को प्राप्त करना आसान होगा।आप क्या चाहते हैं तथा इसमें क्या रुकावट है इसे पहचानिए।
- सही प्रश्न (Right Question):गणित सीखने में आए बदलाव को खुशी से जोड़ें।लेकिन अपने दुःखों को किसी बदलाव से जोड़ने की कोशिश न करें।
(1.)अगर मैं बदलाव नहीं लाऊँ तो इसका मुझ पर क्या असर पड़ेगा?
(2.)मेरे लिए यह बदलाव कितना महत्त्वपूर्ण है? क्या मैं कुछ खोऊंगा?
(3.)अपने भावनात्मक,शारीरिक,आर्थिक तथा आध्यात्मिक पहलू का मूल्यांकन करें।
(4.)क्या यह मेरे कार्य तथा संबंध को प्रभावित करेगा? - अब अपने आपसे प्रश्न पूछें:
(1.)जब मैं बदलाव लाऊंगा तो खुद के बारे में कैसा महसूस करूंगा?
(2.)मेरा सबसे अधिक प्रिय कैसा महसूस करेगा?
(3.) मैं कितना खुश रह पाऊंगा?
- किसी से गणित सीखने की प्रेरणा (Motivation to Learn Mathematics) लेकर या किसी को रोल मॉडल बनाकर इस क्षेत्र में सफलता पाने का प्रयास आपके लिए नया अनुभव है।ऐसा अनुभव,जिसे आप आत्मसात करने की इच्छा रखते हैं।
- सही प्रश्न प्रणाली किस तरह काम करती है? (How the correct question system works):आप जो कुछ ढूंढ़ रहे हैं,उसके प्रति जागरुक रहें।निम्नलिखित अनुभव को उदाहरण के तौर पर अपनाने का प्रयास करें।इसे इस प्रकार करें।कोई गणित का नया शब्द सीखते ही अपने इर्द-गिर्द के माहौल पर विचार करें तथा अपने आपसे पूछेंः”मैं यह शब्द कहां पढ़ता हूँ,देखता या सुनता हूं?” उस शब्द से संबंधित सभी जानकारियां नोट कर लें।फिर अपनी आंखें बंद कर लें।अपने आपको उस शब्द को बोलते हुए महसूस करें।संभावनाएं यह होंगी कि आपको उस शब्द से संबंधित सभी बातें याद रहें। अब अपनी आंखें खोलें,आपको वह शब्द बहुत ही जाना पहचाना प्रतीत होगा।
- “जिसे ढूंढोगे,उसे पा जाओगे।” (Whoever you can find,you will find) इसे अपने स्टडी रूम में शीशे पर चिपकाएं।
(1.)इस समय अपने जीवन में मैं किस वजह से खुश हूं? किस वजह से मुझे खुशी होती है?
(2.)इस समय अपने जीवन में मैं किस वजह से आन्दोलित हूं? वह क्या चीज है,जो मुझे आन्दोलित करती है?
(3.)मैंने आज क्या दिया है? किस तरह मैं उसमें सहयोगी हूं?
(4.)मैंने आज गणित में क्या सीखा? (Learn Mathematics) मैंने क्या खास अनुभव किया है?
(5.)किस तरह आज गणित हल से मेरे जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी हुई है? आज किया गया निवेश भविष्य में किस प्रकार काम आएगा?
4.गणित सीखने के कुछ असरदार तरीके (Some effective ways to learn math):
- प्रश्नों को असरदार बनाएं (Make the questions effective):नकारात्मक क्षणों में व्यवधान डालने के लिए अपने आपसे पूछें “इसमें क्या खासियत है”? याद रखें,हम अपने अनुभव के साथ कोई भी संबंध या अर्थ स्थापित कर सकते हैं।दूसरा पूछा जाने वाला प्रश्न है:’क्यों’ की अपेक्षा ‘कैसे’ पर,केन्द्रित ध्यान (फोकस) का प्रयोग समाधान के लिए किस प्रकार किया जा सकता है?
- इन्हें सुबह के प्रश्नों में शामिल करें।अपने जीवन की विशेष घटनाओं के साथ अर्थ एवं संबंध जोड़ने के लिए सिर्फ हम ही जिम्मेदार हैं।यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम नकारात्मक परिस्थितियों का सामना नकारात्मक तरीके से करते हैं या इसके उलट।अगर आपको दर्द मिला है तो यह चुनना आपके ऊपर है कि बदले में दर्द देना चाहेंगे या संसार को बेहतर जगह बनाने की कोशिश करेंगे।या अगर आपके साथ ठीक व्यवहार किया गया है तो आप दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहेंगे।
- अपने कल्पना संसार में असीमित ब्रह्मांड विकसित करें (Develop an Unlimited Universe in Your Fantasy World):अपने आप पर विश्वास करें।अगर आप यह विश्वास करते हैं कि आप ईमानदार हैं तो आप अवश्य निश्चित रहें कि आप ईमानदार हैं।आपने यह निश्चितता कैसे पाई? अपने विचार को मेज का ऊपरी भाग समझिए।वह मेज,जो चार टांगों पर टिकी हुई है।ये निश्चितता की टांगें आपको अनुभवों के द्वारा प्राप्त हुई हैं।जैसे,जब आपने स्कूल में अच्छा प्रदर्शन किया तो आपको चतुर व तीक्ष्ण बुद्धि वाला कहा गया,लेकिन,फिर भी हम पिछले अनुभवों के संदर्भ पर निर्भर नहीं हैं।हम अपनी कल्पना शक्ति के द्वारा संदर्भों का निर्माण कर सकते हैं।
- गणितज्ञ महावीराचार्य और गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त ने कल्पना शक्ति का प्रयोग किया था।
5.अपने विश्वास को समझें (Understand Your Faith):
- विश्वास/विचार/सिद्धांत (belief/opinion/doctrine):किसी उद्देश्य की सफलता हमारे विश्वास पर निर्भर करती है कि हम उस उद्देश्य की सफलता के लायक हैं या नहीं।आपका विश्वास और फोकस,आपके पिछले अनुभवों पर निर्भर करता है,जो नकारात्मक या भावनात्मक विचारों पर आधारित हो सकते हैं।ज्यादातर सूरतों में दोनों ही तरह के विचार हमारे अंदर समाहित होते हैं।
- कोई भी विचार एक विश्वास का रूप ले सकता है,अगर हम संदर्भों और अनुभवों को इसमें सहायक बनाएं।निम्नलिखित वाक्यों पर विचार करें:
(1.)लोग साधारणतया ईमानदार तथा बेहतरीन होते हैं।
(2.)लोग अपने लिए ही बेईमान होते हैं। - हो सकता है,आपको यह विश्वास करने का पर्याप्त समय हो,लोग दिल के खराब होते हैं।अगर आप अन्य अनुभवों पर ध्यान दें तो आपको आसानी से लगेगा कि लोग दिल के अच्छे और ईमानदार होते हैं।आपके पास यह विश्वास करने के पर्याप्त कारण होते हैं।
- अपने विश्वास को कैसे समझें (How to Understand Your Faith):विश्वास हमें निर्णय लेने में सक्षम बनाता है कि दुःख को कैसे टाला जाए। कभी-कभी सबसे ज्यादा दुःख या डर की घड़ी में,हम विश्वास के रूप में राहत ढूंढ़ते हैं।क्या आप जानते हैं कि अगर कोई जबरदस्त मानसिक यंत्रणा व आघात से गुजरा हो तो उसका प्यार पर से विश्वास उठ जाता है?
- कुछ लोग इस तरह की विचारधारा के कारण बहुत अड़ियल हो जाते हैं तथा इस नकारात्मक विचारधारा को त्यागने के बजाय ये लोग अकेला रहना,अवसाद,यहां तक कि पागलों की तरह हरकतों को गले लगाना ज्यादा पसंद करते हैं।क्या आपका दृढ़ विश्वास आपको शक्तिशाली बनाता है या अशक्तिशाली ?
6.गणित में सफलता का रहस्य (The secret of success in mathematics):
- क्या विशिष्टता सफलता का रहस्य है? सच्ची विशिष्टता अपनी सारी सामर्थ्य को निश्चितता की स्थिति में डालने में है।
- हार्वर्ड में,बिल गेट्स ने कभी कम्प्यूटर देखा भी नहीं था,फिर भी सॉफ्टवेयर देने का वादा किया।यह उसकी निश्चितता की समझ थी,जिससे उसने अपने स्रोतों को गतिशील बनाया तथा अपना भविष्य बनाया।सफलता प्राप्त करने के लिए अपने आपको समर्पित करें।
- कल्पना असंभव को संभव बनाती है? (Imagination makes the impossible possible):प्रायः हमारा मस्तिष्क सच्चे अनुभवों तथा कल्पना में भेद नहीं कर पाता।जैसा कि आइंस्टीन ने कहा था कि “ज्ञान से ज्यादा ताकतवर कल्पना शक्ति है।”
- ऐसे बहुत से लोग हैं जो नए अनुभवों से डरते हैं जबकि अन्य लोग इन अनुभवों को अपनाने का प्रयास करते हैं,क्योंकि उन्होंने इच्छित परिणामों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न कल्पनाओं का सहारा लिया है।
- ऐसा उद्देश्य निश्चित करें जो आपको उद्वेलित करे।एक नया अनुभव होने दें।अपनी सफलता की कल्पना करें।
विपत्ति का सामना (Facing adversity):यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि विपरीत परिस्थितियों का सामना कैसे करें।सफल व्यक्ति परेशानियों को अस्थायी मानते हैं,जबकि असफल व्यक्ति इन्हें स्थायी मानते हैं।डॉ. मार्टिन ने इसे ‘प्रबुद्ध असहाय स्थिति’ की संज्ञा दी है,जो निम्नलिखित सोच का परिणाम हैः
(1.)समस्या अस्थायी की अपेक्षा स्थायी है।
(2.)समस्या व्यापक है।
(3.)समस्या व्यक्तिगत है। - विश्वास सफलता की कुंजी (Trust is the key to success):आशाएं काम करने की क्षमता को बढ़ाती हैं,जिसे ‘पिगमैलियन प्रभाव’ कहते हैं।हमने अपने रिसर्च में अध्यापकों को कहा कि कुछ बच्चे अपनी कक्षा में गणितीय प्रतिभा सम्पन्न हैं तथा उनकी गणितीय प्रतिभा (Mathematical Talent) को विकसित करने के लिए उन्हें लगातार तराशने की जरूरत है।अध्यापकों ने ऐसा किया तथा विद्यार्थी,जिन्हें मेधावी समझ कर छांटा गया था,उन्होंने अच्छे परिणाम दिखाए।यहां यह बताना जरूरी है कि पहले से ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया गया,जो यह बताए कि कौन से बच्चे गणितीय प्रतिभा से सम्पन्न हैं या कौन से कमजोर।यह अध्ययन यह दिखाता है कि विश्वास का कितना महत्त्व है।
- बदली हुई क्रिया विधि (Changed mechanism):बदलाव कैसे होते हैं? जब हम अपने कार्य करने के तरीके में बदलाव लाते हैं तथा अपने को नर्वस सिस्टम से जोड़ते हैं तब ऐसा होता है। फिर अनुभव में भी बदलाव आ जाता है।जब तक मद्यपान आपको खुशी देता है,तब तक आप प्रयोग करते रहेंगे।ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप शराब को अपनी कुंठा,सड़क दुर्घटना और मानसिक तनाव को इसके साथ जोड़ते हैं।पीड़ा तथा खुशी का एहसास होना हमारे नर्वस सिस्टम से जुड़ा होता है।नर्वस सिस्टम से जुड़ाव हमारे व्यवहार को निश्चित करता है।गणित सीखते समय आप विश्वास रखिए कि आप गणित सीख जाएंगे और आप गणित जरूर सीख जाएंगे।
- उपर्युक्त आर्टिकल में मैथेमेटिक्स में महारत हासिल करने के लिए 7 गुप्त माइंडसेट:एक स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड (7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide) के बारे में विस्तार और गहराई के साथ बताया गया है।
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7.छात्र का गणित सीखना (हास्य-व्यंग्य) (Student Learning Mathematics):
- छात्र (टीचर से):गणित की कोचिंग फीस क्या है?
- टीचर:5000 रुपये।
- छात्र:2 रुपये की कोचिंग करा दो।
- टीचर:लाओ 2 रुपये और इस कोचिंग को बाहर से देख जाओ।
8.मैथेमेटिक्स में महारत हासिल करने के लिए 7 गुप्त माइंडसेट:एक स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड (Frequently Asked Questions Related to 7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.गणित सीखने के लिए स्वयं में बदलाव कैसे करें? (How to change yourself to learn math?):
उत्तर:जितनी तेजी से समस्या उत्पन्न होती है,उसका समाधान भी उतनी ही तेजी से निकाला जा सकता है। जब कभी आपने अपनी आदत में बदलाव लाने के लिए ज्यादा समय लिया है तो इसका कारण यह है कि आपने यह महसूस करने में काफी समय लिया है कि आपको अवश्य बदलना चाहिए।विश्वास करें कि आप अभी भी अपने आपको बदल सकते हैं।
प्रश्न:2.विद्यार्थी बदलाव के बारे में क्या सोचते हैं? (What do students think about change?):
उत्तर:विद्यार्थी गणित सीखने की अपनी पिछली असफलताओं के साथ बदलाव को जोड़ते हैं तथा सोचते हैं कि आदत में बदलाव लाने में लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
प्रश्न:3.बदलाव लाने में रुकावटें क्या हैं? (What are the barriers to change?):
उत्तर:मानसिक रुकावटें बदलाव लाने में ज्यादा समय लेती हैं।उन रुकावटों को अभी बाहर निकाल फेंकें तथा महसूस करें कि नए बदलाव या नये कार्य नये परिणामों को जन्म देंगे।यद्यपि आप इसे नकारने की कोशिश करेंगे लेकिन यही सत्य है।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा मैथेमेटिक्स में महारत हासिल करने के लिए 7 गुप्त माइंडसेट:एक स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड (7 Secret Mindset to Master Mathematics:A Step-by-Step Guide) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*










