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Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains

1.मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा का परिचय (Introduction to Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains)-

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains) अर्थात प्रभुत्व दिखाई दिया।
(1.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के बारे में हम पहले दो आर्टिकल पोस्ट कर चुके हैं।

इसलिए यदि आरके श्रीवास्तव के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो आपको वे दोनों आर्टिकल्स क्रमशः ” मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव की सफलता का राज” तथा “आरके श्रीवास्तव ने शिक्षा चैनल की मांग की” को पढ़ना चाहिए।
(2.)ज्ञातव्य है कि मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव सिर्फ ₹1 गुरु दक्षिणा लेकर गणित पढ़ाने के लिए मशहूर है।
सैकड़ों आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी ,बीसीईसीई सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला दिलवा कर उनके सपनों को साकार कर चुके हैं।
मैथमेटिक्स गुरु को जादुई तरीके से गणित पढ़ाने के लिए जाना जाता है।
(3.)कबाड़ की जुगाड़ से खिलौने बनाकर प्रैक्टिकल कर गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है।
(4.)उनकी पढ़ाने की शैली सरल व स्वाभाविक है कि हर कमजोर से कमजोर गणित के विद्यार्थी के गणित समझ में आ सकती है।
(5.)गणित के चुटकुले बनाकर सवाल हल करना आरके श्रीवास्तव की पहचान बन चुकी है।
(6.)गणित के लिए मैथमेटिक्स के द्वारा चलाया जा रहा निःशुल्क नाइट क्लासेज भी पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
(7.)पूरे रात लगभग 12 घंटे लगातार स्टूडेंट्स को गणित पढ़ाना कोई मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव से सीखे।
(8.)आमतौर पर गणित के छात्र 1 घंटे या 2 घंटे में बोरियत महसूस करने लगते हैं।परंतु मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव द्वारा लगातार गणित पढ़ाना हर कोई चमत्कार से कम नहीं समझता है।
(9.)कई गणितज्ञ, विद्वान्,छात्रों के अभिभावक तथा गणित के शिक्षक उनकी गणित पढ़ाने की कार्यशैली को देखने के लिए इंस्टिट्यूट में आते हैं।
(10.)छात्रों तथा माता-पिता व अभिभावकों को छात्रों में सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने से और गणित को आसान बनाने के लिए यह नाइट क्लासेज बहुत पसंद किया जा रहा है।

यह है मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains)। 
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2.मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains)-

आइए जानते है कि मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains) का रहस्य क्या है ? 

(1.) आरके श्रीवास्तव द्वारा अवसर ट्रस्ट और मगध सुपर-30 के द्वारा छात्रों को नाइट क्लासेज के द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करा रहे हैं।
(2.)कई वर्षों से छात्रों के रोल मॉडल मैथमेटिक्स गुरु उनकी प्रतिभा को साकार रूप प्रदान कर रहे हैं।
(3.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव ने जेईई-मेंस,एनआईटी ,एनडीए ,बीसीईसीई में सफलता दिलवाकर यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत,दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
(4.)बिहार का मान-सम्मान बढ़ाने वाले मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव हजारों छात्रों के लिए आज रोल मॉडल हैं।
(5.)अमेरिकी विश्वविद्यालय ने उनकी पढ़ाने की शैली से प्रभावित होकर उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान कर चुका है।
(6.)पिछले 10-20 वर्षों में कड़ी प्रतिस्पर्धा, व्यावसायिक कोचिंग सेंटर के कारण गरीब स्टूडेंट्स का चयन नहीं हो पा रहा था।
(7.)शिक्षा में व्यवसायिकता की घुसपैठ के कारण कोचिंग संस्थानों ने फीस वसूली के नाम पर लूट मचा रखी है। आरके श्रीवास्तव ने उस पर ब्रेक लगाया है।
(8.)हालांकि शिक्षा में व्यवसायिक दृष्टिकोण रखना बुरा नहीं है यदि छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखा जाए तथा आम छात्रों द्वारा चुका सकने की लिमिट में फीस हो।
(9.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव ने शिक्षा के बाजारीकरण तथा घोर व्यावसायिकता को बुरा माना है।
(10.)कोचिंग तथा शिक्षा संस्थानों के द्वारा मोटी-मोटी फीस वसूल करने के कारण उसका जवाब देने के लिए मैथमेटिक्स गुरु ने गुरु दक्षिणा के रूप में ₹1 लेना स्वीकार किया है।
(11.)पिछले कई वर्षों से आरके श्रीवास्तव ने शिविर लगाकर इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों निर्धन स्टूडेंट्स को नाइट क्लासेज के माध्यम से पूरे रात लगातार 12 घंटे तक गणित के सवाल हल करने की नई-नई तकनीकों और बारीकियों की जानकारी दे रहे हैं।
(12.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का दावा है कि इस शिविर में पढ़ने वालों में से प्रत्येक वर्ष 60% से अधिक छात्र-छात्राएं आईआईटी ,एनआईटी ,एनडीए सहित तकनीकी प्रवेश परीक्षाओं में सफल होते हैं।
(13.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव को गूगल बॉय कौटिल्य पंडित के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

3.आरके श्रीवास्तव के नाइट क्लासेज का परिणाम सुपर रहा है (Night classes of RK Srivastava have resulted in super)-

(1.)आर के श्रीवास्तव द्वारा अवसर ट्रस्ट तथा मगध सुपर-30 के छात्र-छात्राएं जेईई-मेन में 90 परसेंटाइल से ऊपर स्कोर प्राप्त करके सफलता पाई है।
(2.) जेईई-मेन 2020 का परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका है।
(3.)जेईई-मेन 2020 का परसेंटाइल निम्न प्रकार रहा है-
दिवाकर-99.53,यशराज- सत्यम- 98.33 ,संदीप कुमार -98, रौनक-97 ,आशुतोष- 96.18 ,रुपा-96,रविरंजन-95,

अभिषेक कुमार-95,सुमित- 94.55,आयुष कुमार-95.6,शुभम कुमार- 94,अर्पित कुमार- 93.5,रितुराज-93.5,हर्ष कुमार-93,राज आर्यन-92.77, अंकित-92.57, अभिषेक शाह-91,

वैष्णवी- 88.9,आस्था कुमारी- 86,अनंत कुमार-86,प्रकाश- 85,क्रिति कुमारी-80,गोविंद-76.4,हिमांशु-75.5 और अनन्या कुमारी-71 परसेंटाईल है।
(4.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव ने जेईई एडवांस की अग्रिम सफलता हेतु छात्रों को ओर कड़ी मेहनत और संकल्पशक्ति के साथ तैयारी करने के लिए कहा है।

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains) का देखा परिणाम । 

4.अवसर ट्रस्ट में निर्धन छात्रों को जेईई-मेंस में मौका दिया (Opportunity Trust gives poor students a chance in JEE-Mains,Avasar Trust gives poor students a chance in JEE-Mains)-

(1.)अवसर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिक्षाविद पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के. सिन्हा हैं।
(2.)अवसर ट्रस्ट 2018 से आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को आईआईटी में प्रवेश की तैयारी हेतु नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करा रहा है।
(3.)अवसर ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ रहने व खाने की व्यवस्था प्रदान कराता है।
(4.)वर्ष 2020 में पहला बेच प्रवेश परीक्षा में शामिल हुआ। रिजल्ट काफी बेहतर रहा।
(5.)अवसर ट्रस्ट महान् शिक्षाविद् डाॅ. के.सी. सिन्हा और
वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संचालित है।
(6.)अवसर ट्रस्ट में गुरुकुल परम्परा के तहत शिक्षा प्रदान की जाती है।
(7.)ऊपर अवसर ट्रस्ट में शिक्षा प्राप्त छात्रों के जेईई-मेंस का परसेंटाइल दिखाया गया है।
(8.)जेईई-मेंस का रिजल्ट अच्छा प्राप्त होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 13 सितंबर को आयोजित NEET के रिजल्ट की प्रतीक्षा है।
(9.)NEET में लगभग 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
(10.) कोरोनावायरस से फैली महामारी के कारण NEET परीक्षा को आयोजित करने का विरोध किया जा रहा था।
(11.) सुप्रीम कोर्ट ने नीट( NEET) परीक्षा टालने से इनकार कर दिया था।

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains) की यह है कार्य प्रणाली । 

5.शिक्षा के स्तर में गिरावट के कारण (Due to the decline in the level of education)-

(1.)आधुनिक युग में अर्थ को प्रधानता देने के कारण शिक्षा में व्यवसायिकता का प्रवेश हो चुका है।
(2.)कोचिंग तथा शिक्षा संस्थान छात्रों से मोटी-मोटी फीस तो वसूल कर लेते हैं परंतु उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती है।
(3.)छात्रों ,माता-पिता व अभिभावकों को आकर्षित करने कोचिंग सेंटर व शिक्षा संस्थान सुसज्जित भवन,फर्नीचर, शानदार हॉस्टल जैसी व्यवस्था प्रदान की जाती है।
(4.)छात्र ,माता-पिता व अभिभावक चकाचौंध को देखकर वैसे शिक्षण संस्थान में प्रवेश ले लेते हैं।
(5.)इस प्रकार की कोचिंग सेंटर व शिक्षा संस्थानों का एक ही मिशन है कि इंस्टीट्यूट को फेमस किया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा धनार्जन किया जा सके।
(6.) इंस्टीट्यूट को फेमस करने के लिए वे विज्ञापन का सहारा लेते हैं।
इसके अलावा विज्ञापन में दस-पंद्रह छात्रों के चयन को दर्शाकर लोगों को आकर्षित किया जाता है।
(7.)जो शिक्षा संस्थान मध्यम वर्ग के छात्रों द्वारा भुगतान करने वाली फीस लिमिट रखते हैं,वे इस तरह का विज्ञापन तथा हाई-फाई खर्चा नहीं कर सकते हैं।
(8.)इसलिए इस प्रकार के शिक्षा संस्थानों का प्रचार-प्रसार नहीं होता है।फलस्वरुप उत्कृष्ट तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थानों तथा कोचिंग सेंटर में बहुत कम छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं।
(9.)मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव ने इस बात को समझा है और कोचिंग संस्थानों द्वारा जो लूटपाट की जा रही है, उसके खिलाफ मौनरूप से तथा अपने कार्यशैली से आंदोलन छेड़ रखा है।
(10.) मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के इस आंदोलन को सफलता मिल रही है।परंतु इसके लिए उन्हें कठिन संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है।
(11.)आमतौर पर शिक्षा स्तर के गिरावट का सबसे बड़ा खामियाजा इंजीनियरिंग तथा मेडिकल जैसे तकनीकी विषयों की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
उन्हें कोचिंग के लिए लाखों रुपए देने पड़ रहे हैं।

हमारे अनुसार यह है मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains)। 

6.सारांश (Conclusion)-

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains) के बारे में हम दो शब्द कहना चाहते हैं।
मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव जैसी महान हस्तियों का सफलता का रहस्य निम्न है-
(1.)सामान्यतः अविकसित प्रतिभा वाले कठिनाइयों ,परेशानियों का रोना रोते देखे जाते हैं।उनके अनुसार प्रतिभावान न बन पाने का कारण जीवन की जटिलताएं हैं।
(2.)समूची अविकसित स्थिति का बोझ जटिलताओं व परेशानियों के मत्थे पर मढ़कर छुट्टी पाने का प्रयास किया जाता है।
(3.)ऐसे लोग हमेशा यही सोचा करते हैं कि अमुक परेशानी न होती तो हमारा इस तरह का विकास हो जाता।
(4.)जबकि यथार्थता यह है कि इस तरह की सोच शत-प्रतिशत भ्रामक है।
(5.)विश्व के विभिन्न विचारक एक स्वर से स्वीकार करते हैं कि अवरोध एवं विकसित प्रतिभा दोनों एक-दूसरे के घनिष्ठतम सहयोगी हैं।
(6.)प्रसिद्ध भारतीय चिंतक रामचंद्र दत्तात्रेय रानाडे का मानना है कि हमारी क्षमताओं के द्वार इन्हीं के कारण खुलते हैं।इसी वजह से निष्क्रिय पड़ी क्षमताएं विकसित होती है।
(7.)विख्यात चीनी दार्शनिक जांगत्यांग के अनुसार मानवीय विकास का समूचा इतिहास कठिनाइयों द्वारा जगाई गई क्षमताओं से भरा पड़ा है।
(8.)सोने की शुद्धता भीषण आग में तपने पर ही दिखाई देती है।उसे तपाया न जाए तो मटमैला और गंदला बना रहेगा।
(9.)मनुष्य भी कठिनाइयों में तप कर उत्कृष्ट प्रतिभायुक्त, प्रभावशाली और महत्वपूर्ण बनता है।उनका मनुष्य के विकास में महत्वपूर्ण स्थान है।
(10.)किंतु कठिनाइयां दुधारी तलवार है।जो व्यक्ति इनसे घबराकर गिर जाता है ,वह हार जाता है।

जबकि खिलाड़ी की तरह अपनाने वाला व्यक्ति सफलता प्राप्त करता है।दोनों ही स्थितियों के लिए मनुष्य स्वयं उत्तरदाई है।
(11.)वह चाहे कठिनाइयों को वरदान बनाए या अभिशाप बनाए।जो व्यक्ति खुले दिल से स्वागत करता है, उनके साथ खेलता है,वह न केवल उनसे मिलने वाला लाभ प्राप्त करता है अपितु दूसरों के लिए प्रेरणा व आदर्श बन जाता है।
(12.) महापुरुषों में अधिकांश कठिन परिस्थितियों में पैदा हुए।

जिन्होंने सुख-सुविधाओं में जन्म भी लिया उन्होंने बुद्ध ,महावीर की तरह राज-सुख को तिलांजलि देकर जटिलताओं को स्वेच्छा से स्वीकार किया क्योंकि इसके बिना कोई भी अपने लक्ष्य को पा नहीं सकता है।
(13.)सांसारिक जीवन में टाटा ,फोर्ड ,जमनालाल बजाज आदि समृद्ध व्यक्तियों के जो उदाहरण मिलते हैं,उनके मूल में भी यही रहस्य है।

उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन में सुख-सुविधाओं की अपेक्षा परेशानियों को ही गले लगाया।
(14.)जो धनिक और समृद्ध इस बात को नहीं समझ पाते , वे अधिकांशतया व्यसनी और विलासी होते देखे जा सकते हैं।
(15.)जटिलताओं को अपनाकर अपनी प्रतिभा को निखारने,उभारने व चमकाने पर व्यक्ति को संसार की फिजूल बातों के लिए अवकाश कहां मिलेगा?
(16.)इनका मूल्य बहुत गहरा है जिसे पुरुषार्थी,परिश्रमी और उत्साही लोग समझ कर अनेकानेक लाभ और अकूत सम्पदा प्राप्त करते हैं।
(17.)किंतु कायर ,आत्मबल से हीन हैं,वे परीक्षा बिन्दु मात्र देख कर डर जाते हैं। फलस्वरूप “हाय-हाय” करते हुए किसी तरह जीवन के दिन पूरे करते हैं।
(18.) अवरोधों,कठिनाइयों ,परेशानियों के बिना गति नहीं, विकास नहीं का सिद्धांत सुनने-सुनाने में विचित्र लग सकता है, किंतु सोचने पर इनका महत्व समझ में आ जाता है।
(19.)यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि अवरोध के बिना हम एक तिल भी आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
(20.)यदि जमीन के घर्षण को समाप्त कर इसे पूरी तरह चिकना कर दें तो फिसल कर गिर पडेंगे।
(21.)अवरोध न होने के कारण रुई में कील नहीं गाड़ी जा सकती है।
(22.)महान चिंतक इब्नसिना ने समूचे संसार को मां प्रकृति द्वारा संचालित प्रतिभा विकास की प्रयोगशाला कहां है।
(23.) उनके अनुसार प्रकृति अपनी गोद में हम सभी को लेकर तरह-तरह की परेशानियां,जटिलताएं उत्पन्न कर हमें विकसित कर रही है।
(24.)हमारे अपने प्रतिभाशाली बनने के चित्र-विचित्र भयानक दिखने वाली स्थितियां प्रकृति द्वारा उपलब्ध उपकरण मात्र हैं।
(25.)जिस तरह स्कूल में छोटे बच्चों का बौद्धिक विकास तरह-तरह के उपकरणों के सहारे करते हैं,ठीक उसी तरह प्रकृति भी रोज-रोज नई परिस्थितियां पैदाकर मनुष्य की प्रतिभा को ,क्षमता को जाग्रत करना चाहती है।
(26.)उचित यही है कि इन्हें इसी रूप में स्वीकारें, अपनाएं।इस ढंग से इन्हें अपनाकर हम में से प्रत्येक स्वयं में उसके अंदर छिपी हुई प्रतिभा को जाग्रत और विकसित कर सकता है।
उक्त तथ्यों के आधार पर मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का जेईई-मेन में जलवा (Sovereignty of RK Srivastava in JEE Mains)।

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