Menu

Simultaneous equation of first order

प्रथम कोटि तथा प्रथम घात के युगपत समीकरण (Simultaneous Equation of First Order and First Degree):

  • प्रथम कोटि तथा प्रथम घात के युगपत समीकरण (Simultaneous Equation of First Order and First Degree):साधारण अवकल समीकरणों जिनमें युगपत समीकरणों की संख्या आश्रित चर राशियों की संख्या के बराबर होती है तथा समस्त समीकरण रैखिक होते हैं। इस प्रकार के समीकरण अचर गुणांकों वाले युगपत रैखिक अवकल समीकरण (Simultaneous Linear Differential Equation with Constant Coefficient) कहलाते हैं तथा इन्हें प्रतीकात्मक रूप से निम्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है:
    f_{1}\left(D\right)x+f_{2}\left(D\right)y=\phi\left(t\right)
    तथा g_{1}\left(D\right)x+g_{2}\left(D\right)y=\psi\left(t\right)
    जहाँ f_{1},f_{2},g_{1}\text{ तथा }g_{2},D में बहुपद है और \phi(t)\text{ तथा }\psi(t) स्वतन्त्र चर t के फलन है। यहाँ x और y आश्रित चर राशियाँ हैं।
  • आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

Also Read This Article:Differential equation

प्रथम कोटि तथा प्रथम घात के युगपत समीकरण (Simultaneous Equation of First Order and First Degree):

  • (Simultaneous Differential Equation):
  • युगपत अवकल समीकरण को हल करने की विधि (Method of Solving Simultaneous Differential Equations) दो हैं :(1.) प्रतीकात्मक विधि (Symbolic Method) (2.)अवकलन विधि (Differential Method)
  • उपर्युक्त आर्टिकल में प्रथम कोटि तथा प्रथम घात के युगपत समीकरण (Simultaneous Equation of First Order and First Degree) के बारे में बताया गया है।
No.Social MediaUrl
1.Facebookclick here
2.you tubeclick here
3.Instagramclick here
4.Linkedinclick here
5.Facebook Pageclick here
6.Twitterclick here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *