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Read other topics with Maths to increase opportunities

Read these topics with Mathematics, opportunities will increase in seven areas

1.मैथेमैटिक्स के साथ इन विषयों को पढ़ें, सात क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर(Read these topics with Mathematics, opportunities will increase in seven areas)-

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गणित विषय का हर क्षेत्र में स्काॅप होने का जिक्र अक्सर हम आर्टिकल्स में कर चुके हैं परंतु केवल मैथमेटिक्स के आधार पर ही हमारे जीवन की नैया पार नहीं लग सकती है। आज हर विषय की विविधता के साथ अन्य विषयों का ज्ञान होना आवश्यक है ।इस आर्टिकल में उन विषयों के बारे में बताया गया है जिनका ज्ञान गणित के ज्ञान के साथ होना आवश्यक है ।ये विषय है क्रिप्टोग्राफी ,एक्चुअरी मैथमेटिक्स, टेक्नोलॉजी ,मार्केटिंग रिसर्च ,डेटा एनालिसिस और प्रॉब्लम सॉल्विंग, इकोनॉमिस्ट्स ,रोबोट्स डिजाइनिंग। यदि इन विषयों का ज्ञान गणित के ज्ञान के साथ-साथ हो जाता है तो आपका भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित हो सकता है।

आधुनिक युग में बहुत तीव्र गति से बदलाव तथा परिवर्तन हो रहे हैं ।यदि उन परिवर्तनों के साथ आप अपने आप में बदलाव नहीं करेंगे तो पिछड़ जाएंगे। फिर आप यह कहते हुए पाए जाएंगे कि गणित से बीएससी ,एमटेक, बी-टेक आईआईटी करने के लिए अच्छे सब्जबाग दिखाए गए थे परंतु ये सब करने के बाद भी आत्मनिर्भर नहीं हो पाए तो गणित विषय को लेने तथा उसे इतनी ऊंची डिग्रियां हासिल करने से क्या फायदा हुआ? इसलिए हम अभी से गणित के विद्यार्थियों को आगाह,सजग और सावधान करना चाहते हैं कि वे शुरू से ही गणित पढ़ने के साथ-साथ अन्य स्किल्स को भी विकसित करते जाएं।

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2.सरकारी सेवाएं करने के फ़ायदे और नुकसान(Advantages and disadvantages of doing government services)-

सामान्यअध्ययन,मानसिक योग्यता ,तर्कशक्ति इत्यादि विषयों को शुरू से ही थोड़ा-थोड़ा तैयार करते रहें ।इन विषयों को तैयार करना उन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगा जो विद्यार्थी गणित विषय से डिग्री हासिल करके सरकारी नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं।
सरकारी नौकरी करने के अपने फायदे भी हैं तो नुकसान भी हैं ।फायदा तो यह है कि आपका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा ,आप को सरकारी सेवा से कोई हटाने वाला नहीं है। एक बार यदि आप सरकारी नौकरी प्राप्त कर लेते हैं तो इसमें दूसरा फायदा यह है कि आप अतिरिक्त स्किल्स को विकसित भी नहीं करते हैं तो भी आपको कोई ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकारी सेवा से आपको नहीं निकाला जाएगा। तीसरा फायदा यह है कि आप पर काम का कोई प्रेशर नहीं रहता है। चौथा फायदा यह है कि रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन मिलती रहेगी। पांचवां फायदा है कि सरकारी सर्विस करने वाले कर्मचारी को समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।छठा फायदा यह है कि आपको अपने पारिवारिक और सांसारिक कर्त्तव्यों के निर्वाह के लिए छुट्टियां मिल जाती है जिनका वेतन भी नहीं कटता है ।इसका सबसे बड़ा नुकसान तो यह है कि आप कितना ही परिश्रम करें तो भी वेतन उतना ही मिलेगा जितना सरकार द्वारा निर्धारित है ।दूसरा नुकसान यह है कि आपका स्थानांतरण आपके घर-परिवार से दूर भी किया जा सकता है ।
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3.प्राइवेट सेवाएं करने के लाभ और नुकसान (Advantages and disadvantages of doing private services)-

जो गणित विषय लेकर निजी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं वे बीटेक, एमटेक,आईआईटी जैसी डिग्रियां हासिल करते हैं। परंतु आधुनिक युग में इनकी सीमित आवश्यकताएं हैं। इसलिए कई बीटेक व एमटेक जैसी डिग्रियां हासिल किए हुए युवा बेरोजगार रहते हैं।ऐसे युवाओं को हमारा परामर्श है कि वे आधुनिक युग की आवश्यकताओं को समझते हुए अपने आप में बदलाव करेंगे तो निजी सेवाओं में अच्छी सर्विस प्राप्त कर सकते हैं।इसलिए आप गणित के ज्ञान के साथ-साथ अतिरिक्त स्किल्स को विकसित करें ।ऐसे ही सात विषयों का इस आर्टिकल में वर्णन किया गया है। यदि आप इन विषयों में डिग्री हासिल कर लेते हैं तो आपका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।क्रिप्टोग्राफी की डिमांड है अतः क्रिप्टोग्राफी का ज्ञान प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर साइंस या आईटी का नॉलेज भी प्राप्त करें और इससे संबंधित कोर्सेज करें ।एक्चुअरी मैथमेटिक्स के लिए एक्चुअरियल साइंस से बीएससी व अन्य डिग्री हासिल कर सकते हैं।डेटा एनालिसिस की मांग बढ़ती जा रही है लेकिन डेटा एनालिसिस के साथ गणित का ज्ञान भी आवश्यक है इसके लिए आपको डेटा साइंस का कोर्सेज करना चाहिए।मार्केट रिसर्चर की भी आज मांग है अतःमार्केट रिसर्च में ग्रेजुऐशन या पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं।अथवा इससे संबंधित कोर्सेज भी कर सकते हैं। तकनीकी का विस्तार होने के कारण कोडिंग के जानकार की भी मांग है परंतु कोडिंग तथा कैलकुलेशन के लिए गणित का ज्ञान आवश्यक है। कोडिंग सीखने के लिए बी-टेक,बीई या आईआईटी कर सकते हैं। इकोनॉमिक्स्ट्स को मार्केट डेटा,मैथमेटिकल्स एनालिसिस के जरिए काम करना होता है। इसके लिए आप मैथमेटिक्स से ग्रेजुएशन करने के बाद इकोनॉमिक्स बेसिक्स का ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं ।रोबोट्स की डिजाइनिंग,एप्लीकेशन और कंस्ट्रक्शन में जॉब पाने के लिए रोबोटिक्स या मेकाट्रा‌‌निक्स में बी-टेक,एमटेक कर सकते हैं।
प्राइवेट नौकरी करने के फायदे हैं कि यदि आप परिश्रम अधिक करतें हैं तो आपको अधिक वेतन मिल सकता है। यदि कंपनी आनाकानी करती है तो आप अन्य कंपनी ज्वाइन कर सकते हैं ।इसलिए जितना परिश्रम करोगे उतना ही फायदा होगा। प्राइवेट नौकरी में आपको अपनी स्किल्स बढ़ाओगे तो आपको उच्च पद पर नियुक्त किया जा सकता है।इस प्रकार छोटे कर्मचारी से लेकर निदेशक के पद तक अपनी योग्यता के बल पर आगे बढ़ सकते हैं ।यदि आप विदेश में सेवा करने की इच्छुक हैं तो विदेश में भी जा सकते हैं । ज्यों-ज्यों योग्यता व पद में आगे बढ़ते जाते हैं तो कंपनी में आपका सम्मान बढ़ेगा ।यदि आपमें योग्यता है तो रिटायरमेंट के बाद भी आपको उसी कंपनी में या अन्य कंपनी में जॉब कर सकते हैं। प्राइवेट सेवाओं में आपको एक से एक चुनौतीपूर्ण कार्य मिलते रहते हैं इसलिए आप में जुनून है तो आप उनका समाधान करते हुए आगे बढ़ सकते हैं। प्राइवेट सेवा में नुकसान यह है कि यदि आप में योग्यता व स्किल का अभाव है तो आपका जीवन व्यापन बहुत मुश्किल से ही हो पाएगा ।यदि आपको ₹100 प्राप्त करने हैं तो दुगुना,तिगुना काम करना पड़ेगा ।लेकिन यदि आपने इस बात को पहचान लिया कि यहां प्रतिभा को ही मौका दिया जाता है तो आप में अपनी प्रतिभा को तराशने की प्रेरणा मिलेगी । ज्यों-ज्यों आप आगे बढ़ते जाएंगे तो आपके लिए नए-नए रास्ते खुलते जाएंगे ।आप स्वयं चकित रह जाएंगे कि इतनेअवसर उपलब्ध हैं।प्राइवेट जॉब में अनुभव व प्रतिभा को वरीयता दी जाती है।
प्राइवेट नौकरी करने का नुकसान यह है कि आपको अपने पारिवारिक व सांसारिक कर्त्तव्यों का पालन करने के लिए छुट्टियां बहुत कम मिलती है। दूसरा नुकसान यह है कि यदि आपमें प्रतिभा नहीं है तो जा‌ॅब से निकाले जा सकते हैं। सारांश यह है कि यदि आप गणित के साथ  अपनी स्किल्स बढ़ा सकते हैं तो आसानी से जाॅब पा सकते हैं अन्यथा प्राइवेट जॉब में पापड़ ही बेलने पड़ते हैं। व्यावहारिक रूप में यदि आप सावधान,सतर्क है तथा आप अपने आपमें विवेक, धैर्य तथा साहस जैसे गुणों को विकसित करते हैं तो  न तो आपको किसी से डरने की जरूरत है,न आप किसी को डराएंगे।न आप अपना गलत इस्तेमाल होने देंगे, न किसी का गलत इस्तेमाल करेंगे।
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4.मैथेमैटिक्स के साथ इन विषयों को पढ़ें, सात क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर(Read these topics with Mathematics, opportunities will increase in seven areas)-

News – 22 दिसंबर को देश भर में नेशनल मैथेमैटिक्स डे के रूप में मनाया जाएगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई)…
Dec 20, 2019

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22 दिसंबर को देश भर में नेशनल मैथेमैटिक्स डे के रूप में मनाया जाएगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा 2018 में आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के आंकड़ों के अनुसार देशभर के कुल 11,62,645 स्टूडेंट्स में से 5,52,131 ने मैथेमैटिक्स को विषय के रूप में चुना था जबकि बायोलॉजी लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 2,50,189 थी। वहीं ग्लोबल एजुकेशन सेंसस 2018 के अनुसार मैथेमैटिक्स दुनियाभर में कॉमन सब्जेक्ट के रूप में सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला विषय है। इसे 88 प्रतिशत स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। हालांकि कुछ स्टूडेंट्स मानते हैं कि मैथेमैटिक्स में कॅरिअर के सीमित विकल्प हैं। यही वजह है कि मैथ्स बैकग्राउंड के ज्यादातर स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग या गवर्नमेंट जॉब को प्राथमिकता देते हैं। जो स्टूडेंट्स इनमें रुचि नहीं रखते वे बीएससी में एडमिशन ले लेते हैं पर यूजी या पीजी के बाद कॅरिअर की शुरुआत उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। चेन्नई मैथेमैटिकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राजीव करंदिकर की मानें तो मैथेमैटिक्स से डेवलप होने वाली स्किल्स से स्टूडेंट्स के लिए ढेरों अवसर हैं। लेकिन इसके लिए स्टूडेंट्स को मैथ्स के साथ नई स्किल्स को भी डेवलप करना जरूरी है। साथ ही अन्य सब्जेक्ट्स का बेसिक नॉलेज भी बढ़ाना होगा। जानिए मैथ्स की पढ़ाई के बाद उन सात ऑफबीट फील्ड्स के बारे में जहां से आप कॅरिअर की शुरुआत कर सकते हैं। साथ ही मैथ्स के साथ एड किए जाने वाले उन विषयों के बारे में जो इन फील्ड्स में आपके काम आएंगे।
(1.)क्रिप्टोग्राफी का उपयोग डेटा को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। इसमें डेटा को सिम्पल टेक्स्ट से ऐसे टेक्स्ट में बदला जाता है जिसे कोई अन्य व्यक्ति न तो समझ सकता है न ही उसका इस्तेमाल कर सकता है। हैकिंग और साइबर क्राइम बढ़ने के चलते डेटा सिक्योरिटी से जुड़े एक्सपर्ट्स की मांग बढ़ रही है। यही वजह है कि क्रिप्टोग्राफी में जॉब के अवसर पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। इसके लिए मैथेमैटिक्स के साथ कम्प्यूटर एप्लीकेशंस या आईटी का बेसिक नॉलेज होना जरूरी है। इससे प्राइवेट सेक्टर में भी जॉब के अवसर बढ़ेंगे। आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट कोलकाता से क्रिप्टोग्राफी के विभिन्न कोर्स किए जा सकते हैं।
(2.)एक्चुअरी मैथेमैटिक्स का ऐसा स्पेशलाइजेशन है जिसके जरिए इंश्योरेंस, फायनेंस और म्यूचुअल फंड सेक्टर में जॉब के अवसर मिलते हैं। एक्चुअरिस्ट्स अपने मैथेमैटिकल और स्टेटिस्टिकल विशेषज्ञता का उपयोग कर कंपनी के रिस्क का आकलन करते हैं। बिजनेस और क्लाइंट्स के लिए फायनेंशियल रिस्क को कम करने की प्लानिंग करना भी एक्चुअरिस्ट्स का ही काम होता है। यहां कॅरिअर की शुरुआत करने के लिए एक्चुरियल साइंस से बीएससी कर सकते हैं। नॉर्थ महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी जलगांव, एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे इंस्टीट्यूट्स से इसकी पढ़ाई की जा सकती है।
(3.)टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ने के साथ ही डेटा एनालिस्ट्स के रूप में कॅरिअर के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं । स्टार्टअप्स और मल्टीनेशनल कंपनियों में इन स्पेशलिस्ट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है जो बिजनेस से संबंधित डेटा को एकत्रित करने के बाद उसका एनालिसिस कर सकें। कंपनी द्वारा लिए जाने वाले फैसलों में डेटा का उपयोग करने का काम भी डेटा एनालिस्ट का ही होता है। एनालिटिक्स इंडिया के सर्वे के अनुसार 2017 से 2018 के बीच में डेटा साइंस और डेटा एनालिस्ट्स की फील्ड में नौकरियों के अवसरों में 45 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। बीए या बीटेक करने के बाद डेटा एनालिस्ट के रूप में कॅरिअर की शुरुआत की जा सकती है। डेटा साइंस अथवा डेटा एनालिस्ट के लिए अलग से डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। आईआईएम कोलकाता, चेन्नई मैथेमैटिकल इस्टीट्यूट में अलग से डेटा साइंस के कोर्स कराए जाते हैं।
(4.)किसी कंपनी के प्रॉडक्ट के प्रमोशन, लॉन्चिंग आदि में मार्केट रिसर्चर का बड़ा रोल होता है। मार्केटिंग रिसर्च में कराए गए सर्वे और अन्य सोर्सेज से मिले डेटा का स्टेटिस्टिकल एनालिसिस मार्केट रिसर्चर करता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को ग्राहकों के फीडबैक की जानकारी मिलती है। 10+2 के बाद मार्केट रिसर्च में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एक्सीलेंस, सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी पुणे, शारदा यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा जैसे इंस्टीट्यूट्स से मार्केटिंग रिसर्च का कोर्स किया जा सकता है।
(5.)यह इंजीनियरिंग की ही एक ब्रांच है। लेकिन यहां कोडिंग और कैल्क्युलेशन के लगातार बढ़ रहे उपयोग से मैथ्स एक्सपर्ट्स को प्राथमिकता दी जाती है। इसमें कॅरिअर बनाने के लिए मैथ्स में स्पेशलाइजेशन के साथ ही डेटा एनालिसिस और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स का होना भी जरूरी है। पीसीएम स्ट्रीम से 10+2 के बाद सिस्टम इंजीनियरिंग से बीटेक, बीई किया जा सकता है। आईआईटी खड़गपुर, मद्रास, गुवाहाटी और जादवपुर यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों से इसमें यूजी या पीजी किया जा सकता है। सिस्टम इंजीनियर के लिए मिलिट्री डिफेंस, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक पॉवर सिस्टम और आईटी सिस्टम जैसे सेक्टर्स में जॉब के अवसर रहते हैं।
(6.)इकोनॉमिस्ट्स को मार्केट डेटा, मैथेमैटिकल मॉडल्स और स्टेटिस्टिकल एनालिसिस के जरिए काम करना होता है। यही वजह है कि मैथ्स बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के लिए इकोनॉमिस्ट भी कॅरिअर का एक बेहतर विकल्प है। मैथेमैटिक्स सब्जेक्ट से बैचलर डिग्री के जरिए आप इकोनॉमिस्ट के रूप में कॅरिअर की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए मैथ्स के साथ इकोनॉमिक्स का बेिसक नॉलेज भी जरूरी है। मैथेमैटिक्स से ग्रेजुएशन करने के बाद इकोनॉमिक्स बेसिक्स का ऑनलाइन कोर्स किया जा सकता है।
(7.)इंजीनियरिंग की इस ब्रांच में रोबोट्स की डिजाइनिंग, एप्लीकेशन और कंस्ट्रक्शन का काम किया जाता है। मैन्युफैक्चरिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने और आउटपुट बढ़ाने में रोबोट्स की अहम भूमिका होती है। रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहे विस्तार से इस फील्ड में कॅरिअर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। पीसीएम स्ट्रीम के बाद रोबोटिक्स या मेकाट्रॉनिक्स में बीटेक और एमटेक कर सकते हैं। आईआईटी बॉम्बे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंग्लुरु , बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद जैसे टॉप संस्थानों से कोर्स किए जा सकते हैं।

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