Integration by use of standard formula
1.मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल का परिचय (Introduction to Integration by use of standard formula)-
मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल (Integration by use of standard formula) ज्ञात करने के साथ-साथ अन्य सूत्रों का परिचय भी करा देते हैं।
(1.)समाकल के मानक सूत्र (Standard formula of Integration)-
हम बहुत से मानक फलनों के अवकलज जानते हैं जिनसे हम उनके संगत समाकल सूत्र लिख सकते हैं जो विभिन्न फलनों के समाकलन में मानक सूत्रों के रूप में प्रयोग किए जाते हैं।
फलन दो प्रकार के होते हैं निश्चित और अनिश्चित। निश्चित फलन में सीमाएं दी हुई होती है जबकि अनिश्चित फलन में सीमाएं नहीं दी हुई होती है। किसी अनिश्चित फलन के समाकल के अवकलज तथा अवकलज के समाकल में समाकल अचरांक का अन्तर होता है।
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(2.)अवकलन तथा समाकलन की तुलना(Between differentiation and integration)-
(क) दोनों संक्रियाएं फलनों पर होती है तथा प्रत्येक का परिणाम एक फलन होता है।
(ख) दोनों संक्रियाएं रैखिक है।
(ग)प्रत्येक फलन अवकलनीय या समाकलनीय होना आवश्यक नहीं है।
(घ) प्रत्येक फलन का अवकलज (यदि इसका अस्तित्व हो) अद्वितीय होता है परन्तु किसी फलन का समाकल (यदि इसका अस्तित्व है) अद्वितीय नहीं होता है।
(ङ) किसी फलन के अवकलज का मान एक बिन्दु पर होता है जबकि फलन के समाकल का मान परिभाषित अन्तराल पर होता है।
(च) किसी फलन के अवकलज का ज्यामितीय अर्थ यह होता है कि यह वक्र के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा की प्रवणता होती है जबकि किसी फलन के समाकलन का ज्यामितीय अर्थ यह है कि यह किसी क्षेत्र के क्षेत्रफल (area of some region) के बराबर होता है।
(छ) अवकलज का उपयोग कण के वेग,त्वरण आदि भौतिक राशियों को ज्ञात करने में जबकि समाकल का उपयोग द्रव्यमान केन्द्र,संवेग जैसी भौतिक राशियां ज्ञात करने में किया जाता है।
(ज) अवकलज तथा समाकलन एक दूसरे की व्युत्क्रम प्रक्रियाएं है।
(3.)समाकलन की विधियां(Methods of integration)-
समाकलन ज्ञात करने के लिए मुख्यत: निम्न विधियां प्रयोग में लाई जाती है।
(क) मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा
(ख) प्रतिस्थापन द्वारा
(ग) आंशिक भिन्नों में वियोजन द्वारा
(घ) खण्डश: विधि द्वारा
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2.मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल ( Integration by use of standard formula)-
इस विधि में किसी भी फलन को मानक सूत्रों या फिर अन्य सूत्रों,त्रिकोणमितीय सूत्रों इत्यादि का प्रयोग कर समाकल्य को मानक रूप में लाने के पश्चात् समाकलन किया जाता है। यदि फलन मानक सूत्र में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है तो उसे अन्य विधियों द्वारा हल किया जाता है। परन्तु फलन को सर्वप्रथम मानक सूत्र में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाता है।मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल को ठीक से समझने के लिए निम्न उदाहरणों का अवलोकन करें-
उदाहरण -1 . निम्न फलन का x के सापेक्ष समाकलन कीजिए-
\int \cot x(\tan x-\operatorname{cosec} x) d x
solve:-\int \cot x(\tan x-\operatorname{cosec} x) d x \\ I =\int \cot x \tan x d x-\int \cot x \operatorname{cosec} x d x \\I =\int-1 \cdot d x-\int \operatorname{cosec} x \cot x d x \\ =x+\operatorname{cosec} x+c
उदाहरण -2 . निम्न फलन का x के सापेक्ष समाकलन कीजिए-
\int \frac{3 \cos x+4}{\sin ^{2} x} d x
solve:- I= \int \frac{3 \cos x+4}{\sin ^{2} x} d x \\I= \int \frac{3 \cos x}{\sin ^{2} x} d x+\int \frac{4}{\sin ^{2} x} d x \\ I= 3 \int \cot x \operatorname{cosec} x d x+4 \int \operatorname{cosec}^{2} x d x \\ =-3 \operatorname{cosec} x-4 \cot x+c
उपर्युक्त उदाहरणों की तरह अन्य सवालों को भी मानक सूत्र में परिवर्तित करके उसका समाकलन किया जा सकता है। शुरू में मानक सूत्र के रूप में फलन को परिवर्तित करने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। परन्तु धीरे-धीरे अभ्यास से मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल (Integration by use of standard formula) किया जा सकता है। सामान्यतः समाकलन करते समय जिस अन्तराल में फलन परिभाषित है उस अन्तराल को नहीं लिखते हैं। विशेष प्रश्न के संदर्भ में हल करते समय अन्तराल का ध्यान रखा जाना चाहिए। उपर्युक्त विवरण में मानक सूत्रों के प्रयोग द्वारा समाकल (Integration by use of standard formula) के बारे में बताया गया है।
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Lekhak Ke Baare Mein (About the Author)
**Satyam Narain Kumawat**
**Website Name:Satyam Mathematics**
*Owner:satyamcoachingcentre.in*
*Sthan:Manoharpur,Jaipur (Rajasthan)*
**Teaching Mathematics aur Anya Anubhav**
***Shiksha:**B.sc.,B.Ed.,(M.sc. star Ke Mathematics Ko Padhane ka Anubhav),B.com.,M.com. Ke vishayon Ko Padhane ka Anubhav,Philosophy,Psychology,Religious,sanskriti Mein Gahri Ruchi aur Adhyayan
***Anubhav:**phichale 23 varshon se M.sc.,M.com.,Angreji aur Vigyan Vishayon Mein Shikshaka Ka Lamba Anubhav
***Visheshagyata:*Maths,Adhyatma (spiritual),Yog vishayon ka vistrit Gyan*
****In Brief:I have read about M.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 23 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.

