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How to avoid peer pressure?

1.साथियों के दबाव से कैसे बचें? (How to avoid peer pressure?)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure)का तात्पर्य है कि जब साथियों का दबाव नकारात्मक प्रभाव डालता है तो उससे बचें। साथियों के दबाव से दो प्रकार के प्रभाव पड़ते हैं ।यह दो प्रकार हैं -सकारात्मक प्रभाव तथा नकारात्मक प्रभाव। सकारात्मक प्रभाव से विद्यार्थी खेल या पढ़ाई में पहले की बजाय अधिक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित होता है क्योंकि उसके साथी भी ऐसा कर रहे होते हैं ।लेकिन कभी-कभी बालक पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है जिससे वे गलत चीजों का प्रयोग करने लगते हैं।इस आर्टिकल में साथियों के दबाव से बचने(to avoid peer pressure) के नकारात्मक प्रभाव की जानकारी दी गई है।
बच्चे अपने दोस्तों से काफी प्रभावित होते हैं क्योंकि वे दोस्तों के साथ रहते हैं तथा उनसे अलग रहना नहीं चाहते हैं और अपना मजाक नहीं बनाना चाहते हैं।कई बार उत्सुकता के कारण से भी प्रभावित होने लगते हैं।
कुछ सकारात्मक प्रभाव तथा नकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं-
(1.)सकारात्मक प्रभाव-
(1.)छात्र स्कूल में नियमित रूप से जाते हैं।
(2.)पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन हो जाता है।
(3.)शिक्षा को पूरा करने या आगे की शिक्षा के लिए प्रेरणा मिलती है।
(4.)खेल तथा पाठ्यसहगामी क्रियाओं में भाग लेने की प्रेरणा मिलती है।
लेकिन कभी-कभी दोस्तों का गलत प्रभाव भी पड़ सकता है। जिससे बच्चे गलत चीजों का प्रयोग करने लगते हैं। माता-पिता के अत्यधिक दबाव के कारण बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और बच्चे आक्रामक हो जाते हैं।साथियों के दबाव से पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव-
(1.)धूम्रपान या गुटखा का सेवन करना।
(2.)शराब पीने की कोशिश करना।
(3.) मादक पदार्थों का सेवन करना।
(4.)माता-पिता ,अभिभावकों को बिना बताए स्कूल या काॅलेज न जाना।
(5.)परीक्षा में नकल करना।
(6.) सेक्स संबंधी बातों में रुचि लेना।
(7.)वजन कम करने या सुन्दर दिखने की चाहत में दवाइयों का अनुचित तरीके से सेवन करना।
(8.)अस्वास्थ्यकर सौंदर्य या फैशन टिप्स को अपनाने की कोशिश करना।
(9.)कभी-कभी छात्र अपने माता-पिता को फोन ,लैपटॉप या महंगे गैजेट्स खरीदने के लिए मजबूर करना क्योंकि उनके मित्रों के पास यह चीजें होती है।
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2.साथियों के दबाव से बचने का प्रथम तरीका है ,मना करना सीखें (The first way to avoid peer pressure is to learn to refuse)-

यहां साथियों के दबाव से बचने ( to avoid peer pressure) के नकारात्मक तरीकों को बताया जा रहा है‌।यदि आपको ऐसा प्रतीत हो रहा हो कि आपके मित्र आपको गलत तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है तो आप बेझिझक व बिना डरे ऐसा करने से मना कर दें ।लेकिन आप गलत व सही का निर्णय तभी कर पाएंगे जब आप अपने विवेक का प्रयोग करेंगे। विवेक का उपयोग करने का अर्थ है कि आप अपनी अंतरात्मा की आवाज सुने।अंतरात्मा की आवाज कभी गलत नहीं होती है।

3.माता-पिता ,अभिभावक व शिक्षकों से वार्ता करें (Talk to parents, guardians and teachers)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) की अगली टिप्स है कि अपने से बड़ों से वार्ता करें।साथियों तथा मित्रों का लगातार दबाव बढ़ रहा हो तो अपने माता-पिता ,अभिभावकों व शिक्षकों से परामर्श लें। आपसे बड़ों को जीवन का तजुर्बा होता है इसलिए वे आपको गलत परामर्श नहीं देंगे।

4.नजरअंदाज करना सीखें (Learn to ignore)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) की तीसरी टिप्स है कि आपको अपने साथियों की सभी गतिविधियों में शामिल होने की जरूरत नहीं है।विशेषकर वे देर रात कोई पार्टी वगैरह करते हैं तो उनमें शामिल न हों।यदि हानिकारक गतिविधियों में शामिल होते हैं तो उनको नजरअंदाज करें। जैसे परीक्षा प्रश्न-पत्र की चोरी करना या प्राप्त करने की जुगत लगाना, नकल करने के उपाय बताना इत्यादि।

5.सही मित्र चुने (Choose the right friend)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) की चौथी टिप्स है कि मित्र का सोच समझकर चुनाव करें।अच्छे व सही मित्र की पहचान यह है कि जो मित्र दूसरों के सामने आपकी अच्छाइयों को बताता है तथा आपको गलत रास्ते पर जाने से रोकता है अर्थात् आपकी गलत आदत को बताता है वह सच्चा मित्र होता है।
पीठ पीछे आपको नुकसान पहुंचाता है तथा आपके सामने मीठी-मीठी और गोल गोल बातें करता है ऐसे मित्र को त्याग देना चाहिए।
माता-पिता तथा अभिभावकों द्वारा साथियों के दबाव से बचने के नकारात्मक प्रभाव से दूर करने के टिप्स

6.बच्चों से वार्ता करें (Talk to children)-

माता-पिता हमेशा अपने काम में ही व्यस्त न रहें ,बच्चों के लिए भी समय निकाल कर उनसे बातचीत करें।बच्चों के जीवन में सही निर्णय लेने में मदद करें। बच्चों की दिनचर्या,स्कूल व मित्रों के बारे में जानकारी रखें और उनसे पूछे जिससे बच्चे अपने मन की बात आपको बता सके।

7.बच्चों को मना करना सिखाएं (Teach children to refuse)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) के लिए माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को मना करना सिखाएं।बच्चों को बताएं कि साथियों को खुश करने के लिए उनकी हर बात मानना जरूरी नहीं है।अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेकर मित्रों की बात मान सकते हो और मना भी कर सकते हो।

8.गलत आदतों के बारे में बताएं (Explain the wrong habits)-

माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को गलत आदतें अपनाने से क्या-क्या हानिकारक प्रभाव होते हैं, उनके बारे में बताएं। जैसे सिगरेट पीने से स्वास्थ्य पर क्या गलत प्रभाव पड़ता है? साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) के लिए इस तरह की गलत आदतों के बारे में बताएं और सजग करें जिससे वह अपने साथियों को मना कर सके।

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9.विश्वास दिलाएं (make believe)-

माता-पिता अपने बच्चों को हमेशा यह एहसास दिलाएं कि आप उनके साथ हैं अर्थात् आप किसी भी परिस्थिति में उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।इस तरह का व्यवहार करने से बच्चे माता-पिता से अपनी कोई बात नहीं छुपाएंगे और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।वे अपने आप को अकेला महसूस नहीं करेंगे।

10.निष्कर्ष (Conclusion)-

साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) के लिए नकारात्मक प्रभावों से दूर रहना है तथा सकारात्मक प्रभावों को जीवन में अपनाना है।सकारात्मक प्रभाव को अपनाने से जीवन सुखद, आनंददायक बनता है जबकि नकारात्मक प्रभावों को अपनाने से जीवन दुखद हो जाता है। जो हमें पतन के मार्ग की ओर ले जाता है ।उपर्युक्त तरीके से छात्र ,साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) में सफल हो सकते हैं।नकारात्मक गतिविधियां छात्रों के भविष्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालती हैं।
माता-पिता व अभिभावकों को भी चाहिए कि छात्रों को साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) के लिए नकारात्मक प्रभावों से दूर रहने के लिए उनसे आत्मीय संबंध रखें ।जिससे छात्र हर बात आपके साथ शेयर कर सके ।छात्रों को ग़लत व सही की परख करना सिखाएं।
उपर्युक्त सुझाव,साथियों के दबाव से बचने ( to avoid peer pressure) में मदद करेंगे।इन सुझावों के अतिरिक्त ओर भी तरीके हो सकते हैं जो आपको साथियों के दबाव से बचने (to avoid peer pressure) में सहायता कर सकते हैं, उन्हें भी अपनाना चाहिए।

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