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Female Mathematician Hypatia

1.महिला गणितज्ञा हाइपेटिया का परिचय (Intriduction to Female Mathematician Hypatia):

  • महिला गणितज्ञा हाइपेटिया (Female Mathematician Hypatia) प्राचीन जगत् की एकमात्र स्त्री-गणितज्ञा थी।उसकी मृत्यु बहुत ही दर्दनाक और हृदय विदारक है।महिला गणितज्ञा हाइपेटिया के बारे में अध्ययन करने से पहले सिकंदरिया (अलेक्जेंड्रिया) के पुस्तकालय के बारे में पढ़ना आवश्यक है क्योंकि वह इसी विश्वविद्यालय से जुड़ी हुई थी।
  • सिकंदरिया (अलेक्जेंड्रिया) का संग्रहालय:बादशाह सिकंदर (अलेग्जेंडर) मकदूनिया (यूनान) के राजा फिलिप का बेटा था और जिसका भारत की भूमि पर राजा पुरु (पोरस) से कड़ा मुकाबला हुआ था। पुरु से युद्ध करने के बाद सिकंदर को साम्राज्य-विस्तार के अपने सपने त्यागने पड़े थे। भारत आने के पहले सिकंदर ने मिश्र,बेबीलोन,ईरान आदि देशों पर अधिकार प्राप्त कर लिया था।
  • सिकंदर केवल विजय से ही संतुष्ट नहीं था।उसकी महत्वाकांक्षाएँ बड़ी ऊँची थी।वह जानता था कि साम्राज्य मिट जाते हैं,सम्राट बदलते रहते हैं परंतु कुछ चीजें ऐसी होती है जो सदियों तक कायम रहती है।
  • उदाहरण के लिए किसी शहर के नाम को ही ले लो शहर का नाम सदियों तक कायम रह सकता है। सिकंदर इस बात को अच्छी तरह जानता था। इसलिए उसने जिस देश में भी विजय हासिल की वहाँ अपने नाम पर नगर बसाए।उसने बेबीलोन में सिकंदरिया (अलेक्जेंड्रिया) नाम से कई नगर बसाए।ईरान में भी इसी नाम से कई नगर बसाए। उसने भारत में भी,प्राचीन तक्षशिला नगरी के नजदीक (अलेक्जेंड्रिया) नाम का एक नगर बसाया था।
  • लेकिन सिकंदर का सपना अधूरा ही रह गया।वह भारत से मकदूनिया लौट रहा था।रास्ते में ही ईसा पूर्व 323 में उसकी मृत्यु हो गई।उस समय सिकंदर की आयु केवल 33 वर्ष की थी।
  • उसने एक दर्जन से भी अधिक अलेक्जेंड्रिया नगरों की नींव डाली थी।उनमें से अधिकांश सिकंदर की मृत्यु के बाद ही मिट गए।लेकिन एक नगर की शान सदियों तक बनी रही।सिकंदर ने मिस्र पर विजय प्राप्त करके नील नदी के किनारे पर 332 ईसवी पूर्व में अलेक्जेंड्रिया (सिकंदरिया) नगरी की स्थापना की थी।
  • सिकंदर की मृत्यु के बाद उसका मित्र तोलेमाइओस-सोतेर मिस्र का शासक बना।उसे तोलेमी प्रथम का जाता है।सिकंदर की मृत्यु के कुछ दिनों बाद ही तोलेमी ने अपने को मिस्र का राजा घोषित किया।उसके बाद उसका पुत्र तोलेमी द्वितीय (फिलाडेल्फुस) राजा बना।
  • प्रथम तोलेमी ने अलेक्जेंड्रिया में एक म्यूजियम (संग्रहालय) की स्थापना की।परंतु अलेक्जेंड्रिया का यह संग्रहालय आज के संग्रहालयों जैसा नहीं था। वह एक जीवित संग्रहालय था।वह एक ‘विश्वविद्यालय’ था।हमारे नालंदा विश्वविद्यालय की तरह था।तोलेमी ने यूनान के प्रसिद्ध कवियों,कलाकारों,ज्योतिषियों और गणितज्ञों को अलेक्जेंड्रिया के इस संग्रहालय में आमंत्रित किया। राज्य की ओर से इनको वेतन मिलता था और इनका काम था स्वतंत्र रूप से अध्ययन और अध्यापन करना।
  • राजा की ओर से इन्हें किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं थी।इन्हें स्वतंत्र चिंतन की छूट थी।राजा की केवल यही मनोकामना थी कि उसकी राजधानी में महापुरुषों का निवास रहे और ज्ञान-विज्ञान की उन्नति हो।
  • जब बहुत से विद्वान एक स्थान पर जमा होते हैं तो उनके लिए पुस्तकें भी चाहिए।कवि लोग अपने पहले के कवियों की रचनाएं पढ़ना चाहेंगे।ज्योतिषी जानना चाहेंगे कि पहले के ज्योतिषियों ने ग्रह-नक्षत्रों के बारे में क्या लिखा है?गणितज्ञ जानना चाहेंगे कि उनके पहले के दूसरे गणितज्ञों ने गणितशास्त्र में क्या कुछ खोजा है।
  • यह सब जानने के लिए पुस्तकें चाहिए और जब बहुत सी पुस्तकें जमा हो जाएं तो उन्हें ठीक से रखने के लिए एक बहुत बड़ी इमारत चाहिए।तब जाकर ‘ग्रंथालय’ तैयार होता है।
  • अलेक्जेंड्रिया के संग्रहालय (म्यूजियम) में भी धीरे-धीरे इस तरह का विशाल ग्रंथालय बन गया। इस ग्रंथालय में 20000 से भी अधिक पुस्तकें थी।
  • कुछ विद्वानों को का अनुमान है कि बाद में जाकर यह संख्या 70000 तक पहुंची थी।अलेक्जेंड्रिया के ‘म्यूजियम’ के नजदीक ही इस ग्रंथालय के लिए विशाल भवन का निर्माण हुआ था।इस भवन के 10 बड़े कक्षों में ये सारे ग्रंथ रखे हुए थे।उस समय दुनिया में इतना बड़ा पुस्तकालय ओर कहीं नहीं था।यूनान की सांस्कृतिक नगरी एथेंस तथा एशिया माइनर के पेरगामम नगर के पुस्तकालय प्रसिद्ध थे। परंतु अलेक्जेंड्रिया के इस पुस्तकालय ने उन सबको पीछे छोड़ दिया था।
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2.महिला गणितज्ञा हाइपेटिया (Female Mathematician Hypatia):

  • इतनी प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके सिकंदरिया (अलेक्जेंड्रिया) के पुस्तकालय का हाल हमारे देश के नालंदा महाविद्यालय की तरह ही हुआ।अर्थात् सभी पुस्तकें नष्ट कर दी गई,जला दी गई।यह कैसे हुआ?रोमन सम्राट सीजर ने 48 ईसवी पूर्व मिस्र देश पर आक्रमण किया था।उस समय क्लिओपेट्रा मिस्र देश की मलिका थी।कहा जाता है कि अलेक्जेंड्रिया को हथियाने के लिए सीजर ने अलेक्जेंड्रिया के बंदरगाह के नजदीक मकानों को आग लगा दी थी।ग्रंथालय भी आग की लपेट में आ गया।काफी ग्रंथ नष्ट हो गए।
  • सीजर के बाद मार्कस-एंटोनियस रोम का शासक बना।वह क्लिओपेट्रा के प्रेम में फंस गया।सीजर के हाथों नष्ट हुए ग्रंथों की पूर्ति करने के लिए मार्कस-एंटोनियस ने क्लिओपेट्रा को पेरगामम के ग्रंथालय से 200000 ग्रंथ भेंट किए।रोमन शासन काल में अलेक्जेंड्रिया का पुस्तकालय अभी सुरक्षित था।
  • अंत में थियोफिलस (अलेक्जेंड्रिया के बिशप:385-412 ईस्वी) की आज्ञा से अलेक्जेंड्रिया के इस विशाल ग्रंथालय में आग लगा दी गई।प्राचीन जगत की अमूल्य बौद्धिक संपत्ति जलकर राख हो गई।न केवल अलेक्जेंड्रिया का विशाल पुस्तकालय जलाया गया बल्कि लगभग उसी समय अलेक्जेंड्रिया के एक गणितज्ञ को भी जिंदा जला दिया गया।
    वह पुरुष नहीं, वह स्त्री थी।प्राचीन जगत की एकमात्र स्त्री गणितज्ञा।उसका नाम था हाइपेटिया।
  • हाइपेटिया अलेक्जेंड्रिया की अकादमी में अरस्तू का दर्शन पढ़ाती थी।वह एक उच्च कोटि की गणितज्ञा थी।ईसा की दूसरी शताब्दी के उतरार्द्ध में अलेक्जेंड्रिया में डायोफैंटुस् नाम के एक बहुत बड़े गणितज्ञ थे।वे अपने बीजगणित के सिद्धांतों के लिए प्रसिद्ध थे।हाइपेटिया ने डायोफैंटुस् के बीजगणित पर टीका लिखी थी।ऐसी विदुषी हाइपेटिया को धर्मांध ईसाइयों ने 415 ईसवी में अलेक्जेंड्रिया नगर में जिंदा ही जला दिया।
  • अलेक्जेंड्रिया के विशाल ग्रंथालय तथा हाइपेटिया के दहन के साथ यूनानी संस्कृति का लोप हो गया।
    हाइपेटिया (Hypatia)
  • हाइपेटिया का जन्म 4 वीं शताब्दी के मध्य में हुआ था और वह अलेक्जेंडरियन दार्शनिक और गणितज्ञ थॉन की बेटी थी।Theon उस समय सबसे सफल शिक्षाविदों में से एक था और अलेक्जेंड्रिया में पुस्तकालय के अंतिम सदस्यों में से एक था।उच्च श्रेणी के दार्शनिक की बेटी होने के नाते,उन्होंने अपने सामाजिक वर्ग में लड़कों के समान शिक्षा प्राप्त की।
  • जैसे-जैसे वह एक किशोर बनती गई, हाइपेटिया ने अपने पिता की तुलना में गणित में खुद को अधिक सक्षम साबित किया। और किसी समय,वह अपने पिता की छात्रा होने से पहले से ही उनकी सहकर्मी थी।13 साल की उम्र तक, उसने खुद को अलेक्जेंड्रिया में एक दुर्जेय बौद्धिक शक्ति के रूप में स्थापित कर लिया था।उसने एक शिक्षक और प्रशिक्षक के रूप में अपने पिता की भूमिका निभाई। बहुत से लोग उसकी बुद्धिमत्ता से प्रभावित थे और काफी युवा लोग जो उसके आध्यात्मिक और बौद्धिक उपहारों से प्रभावित थे और उन्हें अपने गुरु के रूप में स्वीकार किया।तब छात्रों का एक घेरा उसके आस-पास और उसके आसपास जमा हो गया था और उनमें से कई लोग रोमन साम्राज्य में उच्च स्थानों पर कब्जा करने के लिए आए जैसे कि गणमान्य व्यक्ति और बिशप बनना।
  • उसने इन विषयों में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों जैसे एस्ट्रोलाबे के बारे में भी दूसरों को सिखाया।
  • गणित के क्षेत्र में, उन्होंने अपने काम के साथ शंकु खण्डों (Conic sections) पर कई प्रगति की, ऑनॉल के कॉन्फिक्स ऑफ एपोलोनियस के संपादन से और हाइपरबोलस,परवल और ईलिप्स के विचारों को विकसित किया। इन विचारों को विभिन्न तरीकों से समतलों के साथ एक शंकु को विभाजित करके स्थापित किया गया था। गणित के पूरे इतिहास में एक फैशनेबल विचार।
  • उसके समय के दौरान,मिस्र में ईसाई धर्म इष्ट धर्म बन गया।अफवाहें फैलाई गई थीं कि हाइपेटिया अपने सार्वजनिक दार्शनिक व्याख्यानों के कारण विश्वास के खिलाफ थे जो गैर-ईसाई माने जाते थे। दुर्भाग्य से,ईसाई उत्साह ने इन अफवाहों को बहुत गंभीरता से लिया और 415 ईस्वी पूर्व में अपनी बहुत दुखद मौत के लिए हाइपेटिया को लाया।उसे अपनी गाड़ी से खींच लिया गया, उसे मार डाला गया और पीटा गया और जला दिया गया।
  • यद्यपि उनके जीवन को एक दर्दनाक और अनावश्यक अंत में लाया गया था लेकिन यह गणित और विज्ञान में उच्च उपलब्धि और उन्नति से भरा एक प्रेरणादायक था।
    हाइपोटिया के बारे में किताबें:
    हाइपेटिया: द लाइफ एंड लेजेंड ऑफ ए एन प्राचीन दार्शनिक
    नंबरों और सितारों की
    द विजडम ऑफ हाइपेटिया: प्राचीन आध्यात्मिक अभ्यास एक अधिक सार्थक जीवन के लिए
    हाइपैटिया: एक्सप्लोरर ऑफ़ ज्योमेट्री
    हाइपेटिया: रोमन ऑस डे अल्टरटम
    अलेक्जेंड्रिया का हाइपेटिया: गणितज्ञ और शहीद
    उपर्युक्त विवरण में महिला गणितज्ञा हाइपेटिया (Female Mathematician Hypatia) के बारे में बताया गया है।

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3.महिला गणितज्ञा हाइपेटिया (Female Mathematician Hypatia) के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.प्राचीन जगत की एकमात्र प्रसिद्ध महिला गणितज्ञ कौन थी? (Who was the only famous female mathematician in the ancient world?):

उत्तर:प्राचीन जगत की एकमात्र प्रसिद्ध महिला गणितज्ञ हाइपेटिया (Hypatia) थी।

प्रश्न:2.प्रसिद्ध महिला गणितज्ञ कौन हैं? (Who are the famous female mathematicians?):

उत्तर:5 प्रसिद्ध महिला गणितज्ञ जिन्होंने दुनिया को बदल दिया (5 famous women mathematicians who changed the world)
Hypatia(हाइपेटिया)
Sophie Germain (सोफी जर्मेन)
Ada Lovelace (ऐडा लवलेस )
Sofya Kovalevskaya (सोफिया कोवालेवस्काया )
Emmy Noether (एमी नोथेर)

प्रश्न:3.किस प्रसिद्ध गणितज्ञ की हत्या कर दी गई? (Which famous mathematician was murdered?):

उत्तर:प्रसिद्ध गणितज्ञ आर्किमिडीज (Archimedes) की हत्या सेनापति मार्सेलिस ने कर दी थी।
आर्किमिडीज साइराक्यूज (सिसली) के निवासी थे परन्तु उनकी शिक्षा सिकदंरिया के विश्वविद्यालय में हुई थी।

प्रश्न:4.गणित में किसने योगदान दिया है? (Who has made a contribution to math?):

उत्तर:यहां उन 8 दिमाग के सबसे प्रतिभाशाली और गणित की महान श्रृंखला के लिए उनके योगदान के कुछ नाम हैं ।
पाइथागोरस (5 वीं शताब्दी ईसा पूर्व) [The Pythagoreans (5th Century BC)]
यूक्लिड (Euclid)
आर्किमिडीज (Archimedes)
मोहम्मद इब्न मूसा अल-ख्वारीज़्मी (Muhammad ibn Musa al-Khwarizmi)
जॉन नेपियर (1550-1617) [John Napier (1550-1617)]
जोहानेस केपलर (1571-1630) [Johannes Kepler (1571-1630)]
रेने डेसकार्टेस (1596-1650) [Rene Descartes (1596-1650)]
ब्लेज़ पास्कल (1623-1662) [Blaise Pascal (1623-1662)]

उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा महिला गणितज्ञा हाइपेटिया (Female Mathematician Hypatia) के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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