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Satyam Archive

Moral Values of Mathematics

1.गणित के नैतिक मूल्य (Moral Values of Mathematics),गणित शिक्षा के नैतिक मूल्य (Moral Values of Maths गणित के नैतिक मूल्य (Moral Values of Mathematics) में नैतिक शब्द का अर्थ है कि मनुष्य द्वारा किए गए ऐसे ऐच्छिक तथा आदतन कर्म जिनको अच्छा-बुरा,शुभ-अशुभ,उचित-अनुचित,कर्तव्य आदि कहा जाता है।ये कर्म जानबूझकर या सोच-विचारकर किए जाते हैं।नैतिक मूल्य विद्यार्थी

Enveloping Cone

1.अन्वालोपी शंकु (Enveloping Cone),अन्वालोपी शंकु की समीकरण (Enveloping Cone Equation): अन्वालोपी शंकु परिभाषा (Enveloping Cone Definition):किसी दिए हुए बिन्दु से गुजरने वाली तथा किसी दिए हुए पृष्ठ को स्पर्श करनेवाली रेखाएँ जिस पृष्ठ को जनित करती है उसे अन्वालोपी शंकु (Enveloping Cone) कहते हैं।गोले के अन्वालोपी शंकु का समीकरण ज्ञात करना जिसका शीर्ष बिन्दु है।(To

Lecture Method in Mathematics

1.गणित में व्याख्यान विधि (Lecture Method in Mathematics),गणित शिक्षण की व्याख्यान विधि (Lecture Method of Teaching Mathematics): गणित में व्याख्यान विधि (Lecture Method in Mathematics) विद्यार्थियों के अनुकूल नहीं है परंतु फिर भी वर्तमान में यह गणित में ही नहीं बल्कि सभी विषयों में सर्वाधिक उपयोग की जाती है।इस विधि को अधिक प्रयोग करने का

Probability Examples

1.प्रायिकता के उदाहरण का परिचय (Introduction to Probability Examples),प्रायिकता (Probability): प्रायिकता के उदाहरण (Probability Examples) के इस आर्टिकल से पूर्व सप्रतिबन्ध प्रायिकता,प्रायिकता का गुणन नियम,स्वतन्त्र घटनाएं,कुल प्रायिकता,बेज प्रमेय,यादृच्छिक चर का माध्य तथा प्रसरण,बरनौली परीक्षण तथा द्विपद बंटन की थ्योरी तथा उस पर आधारित उदाहरणों का अध्ययन कर चुके हैं।इस आर्टिकल में उपर्युक्त पर आधारित केवल

English Essential for Study of Maths?

1.गणित के अध्ययन के लिए अंग्रेजी जरूरी (English Essential for Study of Maths?),गणित में अंग्रेजी भाषा का महत्त्व (Importance of English Language in Mathematics): गणित के अध्ययन के लिए अंग्रेजी जरूरी (English Essential for Study of Maths?):1757 में प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला की हार से अंग्रेजों की नींव पड़ी अर्थात् ब्रिटिश राज्य स्थापित हो

Sets Class 11

1.समुच्चय कक्षा 11 (Sets Class 11),गणित में समुच्चय (Sets in Maths): समुच्चय कक्षा 11(Sets Class 11):वर्तमान समय में गणित के अध्ययन में समुच्चय की परिकल्पना आधारभूत है।आजकल इस परिकल्पना का प्रयोग गणित की प्राय: सभी शाखाओं में होता है।समुच्चय का प्रयोग संबंध एवं फलन को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।ज्यामिति,अनुक्रम,प्रायिकता आदि के अध्ययन

Methods of Evaluation in Mathematics

1.गणित में मूल्यांकन की विधियाँ (Methods of Evaluation in Mathematics): गणित में मूल्यांकन की विधियों (Methods of Evaluation in Mathematics) द्वारा छात्र-छात्राएं अपनी कमजोरी तथा सबल पक्ष के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।मूल्यांकन की विधियों का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसके द्वारा बालक के व्यवहार परिवर्तन की कितनी स्पष्ट

LCM of Integers by Prime Factorisation

1.अभाज्य गुणनखण्डन विधि द्वारा पूर्णांकों का LCM (LCM of Integers by Prime Factorisation),अभाज्य गुणनखण्डन विधि द्वारा पूर्णांकों का HCF (HCF of Integers by Prime Factorisation Method): अभाज्य गुणनखण्डन विधि द्वारा पूर्णांकों का LCM (LCM of Integers by Prime Factorisation) ज्ञात करने के लिए पूर्णांकों के अभाज्य गुणनखण्डों के गुणनफल के रूप में रखा जाता है।जैसे:1771=7×11×23,5313=3×7×11×23,10626=2×3×7×11×23

Errors Due to Lack of Practice in Math

1.गणित में अभ्यास की कमी के कारण त्रुटियाँ (Errors Due to Lack of Practice in Math),मैथेमेटिक्स में अभ्यास की कमी के कारण त्रुटियाँ (Errors Due to Lack of Practice in Mathematics): गणित में अभ्यास की कमी के कारण त्रुटियाँ (Errors Due to Lack of Practice in Math) अक्सर देखने में आती है।अन्य विषयों के बजाय

Law of Exponents for Real Numbers

1.वास्तविक संख्याओं के लिए घातांक नियम (Law of Exponents for Real Numbers),रीयल नम्बर्स के लिए घातांक नियम (Law of Indices for Real Numbers): वास्तविक संख्याओं के लिए घातांक नियम (Law of Exponents for Real Numbers) सर्वप्रथम फ्रांसीसी गणितज्ञ रेने देकार्त ने ज्ञात किया था।सत्रहवीं शताब्दी में रेने देकार्त ने एक ही संख्या का कई बार