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Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat

1.सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat)-

सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत  (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) दोनों की चर्चा विश्व स्तर पर हो रही है।सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) ने अपने कार्यों के द्वारा विश्व गणितज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कुछ लोग अपने कार्यों द्वारा अपना नाम ही प्रसिद्ध नहीं करते हैं बल्कि परिवार,समाज व देश का गौरव भी बढ़ाते हैं।सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) गणित के क्षेत्र में बिहार के ऐसे रत्न हैं जिनकी कीर्ति चारों ओर फैल रही है।वे लाखो युवाओं के राॅल माॅडल बन चुके हैं।
इस आर्टिकल में सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) का परिचय, कार्य और उपलब्धियों के बारे में वर्णन किया गया है।
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2.सत्यम कुमार (Satyam Kumar)-

सत्यम् कुमार ने बिहार के साथ-साथ भारत का नाम व गौरव बढ़ाया है।मात्र 12 वर्ष की आयु में दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा समझी जाने वाली आईआईटी जेईई (IIT JEE) को क्रैक कर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया। बिहार के यह सत्यम कुमार फ्रांस में इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए उदाहरण बन चुके थे।
12 वर्ष की उम्र में आईआईटी परीक्षा को पास करने वाले सत्यम् के कार्य से फ्रांस में इंजीनियरिंग के छात्र भी बहुत प्रभावित हैं।सत्यम कुमार अपनी मेधा के कायल फ्रांसीसी छात्रों को भारतीय शिक्षा पद्धति के गुर भी सीखा चुके हैं।
सत्यम कुमार भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के बाखोरापुर निवासी रामलाल सिंह के पोते हैं।

3.सत्यम कुमार वर्तमान में क्या कर रहे हैं?(What are Satyam Kumar doing in current?)-

आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान फ्रांस में समर रिसर्च इन्टर्न के अवसर पर ‘ब्रेन कम्प्यूटर इन्टरफेसेज’ विषय पर रिसर्च करने के लिए सत्यम् का चयन कर लिया गया था। सत्यम् कुमार का चयन फ्रांस के चार्पैक स्काॅलरशीप तथा भारत सरकार में ‘ए सर्विस आफ दी एम्बेसी ‘ के संयुक्त तत्वावधान में ‘टू प्रमोट हायर एजुकेशन इन फ्रांस ‘ के लिए भी हो चुका था।वही दूसरी तरफ फ्रांस के डीयू लैब के डायरेक्टर गिल्स कौपीन ने फोन से सत्यम् से बात कर छात्रों को मोटीवेट करने का प्रस्ताव भी भेजा था जिस पर सत्यम् ने अपनी सहमति दे दी। सत्यम् फिलहाल फ्रांस के ब्रीस्ट शहर में टेलिकाॅम डी सी ब्रीटेग्नी में रिसर्च का काम डीयू के लैब निर्देशक गिल्स कौपीन व फ्रांसिस्को एन्ड्रयूली के सानिध्य में भी कर चुके हैं।
सत्यम् कुमार आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से बीटेक कर चुके हैं। वर्तमान में सत्यम् The University of Taxes at austin से पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं।

4.तुलसी अवतार तथागत (Tulsi Avatar Tathagat)-

सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) में से सत्यम् कुमार के बारे में ऊपर उल्लेख किया जा चुका है।अब तुलसी अवतार तथागत के बारे में जानते हैं।
तुलसी अवतार तथागत ने मात्र 9 साल की उम्र में मैट्रिकुलेशन ,11 साल की उम्र में बीएससी और 12साल की उम्र में एमएससी की डिग्री हासिल कर इतिहास रच दिया था।मात्र 22 साल की उम्र में ही आईआईटी, मुंबई में उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का गौरव हासिल हुआ था। तुलसी आईआईटी के युवा प्रोफेसर माने जाते हैं।डाॅ.तुलसी अवतार तथागत ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से पीएचडी कर भारत के सबसे युवा पीएचडी होल्डर और सबसे कम पेज का (मात्र 30 पेज) पीएचडी थीसिस लिखने का रिकॉर्ड बनाया।
तुलसी अवतार तथागत की उपलब्धियों पर ही 2002 में आई हाॅलीवुड फिल्म ‘ए ब्यूटीफुल माइंड ‘ प्रेरित थी।इस फिल्म को चार आस्कर अवार्ड भी मिले थे।
तुलसी अवतार तथागत ने कहा कि आईआईटी, पटना ने मेरे आफर को ठुकरा दिया था। तुलसी अवतार तथागत को कनाडा की वाटरलू यूनिवर्सिटी ने भी अच्छे खासे पैकेज पर अपने यहां प्रोफेसर बनने का आफर दिया था। लेकिन तथागत देश के लिए ही काम करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। तथागत को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, भोपाल ने भी नौकरी की पेशकश की थी।2003 में उन्हें टाइम पत्रिका ने विश्व के सात सर्वाधिक चमत्कारिक युवाओं की लिस्ट में शामिल किया था।

5.सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) के बारे में दो शब्द-

हमारे देश में प्राचीनकाल तथा वर्तमान काल में कई ऐसे महान् गणितज्ञ हुए हैं जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
इससे पूर्व हम मैथेमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के बारे में आर्टिकल लिख चुके हैं।वे जादुई तरीके से गणित पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। कबाड़ की जुगाड़ से खिलौने बनाकर प्रैक्टिकल करके गणित पढ़ाने का तरीका लाजवाब है।उनकी पढ़ाई की खासियत है कि वह बहुत ही स्पष्ट और सरल तरीके से समझाते हैं। सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, चुटकुले बनाकर सवाल हल करना आरके श्रीवास्तव की पहचान है।
गणित के लिए इनके द्वारा चलाया जा रहा नि:शुल्क नाईट क्लासेज अभियान पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।पूरे रात लगातार 12 घंटे स्टूडेंट्स को गणित के गुर सिखाना कोई चमत्कार से कम नहीं।इस क्लास को देखने और उनकी कार्यशैली को समझने के लिए कई विद्वान उनका इंस्टीट्यूट देखने आते हैं।नाईट क्लासेज अभियान हेतु स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरुक करने और गणित को आसान बनाने के लिए यह नाईट क्लासेज अभियान अभिभावकों को खूब भा रहा है।
सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) में जन्मजात प्रतिभा थी।इस प्रतिभा के लक्षण शुरू में ही प्रकट हो गए थे।उनकी प्रतिभा को निखारने और उभारने पर उन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी को चमत्कृत कर दिया है।वे अपनी प्रतिभा से गणित के नए-नए रहस्य तथा कार्यशैली ईजाद कर रहे हैं। गणित के क्षेत्र में भारत का गौरव सत्यम् कुमार तथा तुलसी अवतार तथागत (Satyam kumar and Tulsi Avatar Tathagat) जैसी गणितीय प्रतिभाओं के द्वारा बढ़ा है तथा बढ़ाया जा सकता है।

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