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How to Become Professional Career Counselor in India?

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1.भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर कैसे बनें? (How to Become Professional Career Counselor in India?):

  • भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर कैसे बनें? (How to Become Professional Career Counselor in India?) के द्वारा जानिए कि एक काउंसलर के लिए क्या-क्या पात्रता होनी चाहिए और कैसे एक प्रोफेशनल काउंसलर बना जा सकता है? इसके लिए क्या योग्यता की आवश्परता है?

2.भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर की आवश्यकता (Need for Professional Career Counsellor in India):

  • एक करियर काउंसलर का काम सिर्फ डिग्री बताना नहीं बल्कि विद्यार्थियों और माता-पिता (parents) के बीच दबाव को खत्म करना होता है।वैसे विद्यार्थी के आस-पास भी काउंसलर के रूप में मौजूद हैं।विद्यार्थी स्वयं,माता-पिता,शिक्षक और विद्यार्थी के मित्र भी काउंसलर की भूमिका निभाते हैं।यदि आप इनकी काउंसलिंग के बारे में विस्तृत रूप से समझना चाहते हैं कि ये किस प्रकार एक विद्यार्थी की काउंसलिंग में मदद कर सकते हैं,तो हमारा आर्टिकल “Why is career counseling important?” जरूर पढ़ें।
  • आर्थिक उदारीकरण तथा वैश्वीकरण के दौर में युवाओं के सामने कैरियर के ऐसे नए विकल्प भी सामने आ रहे हैं जिनके बारे में एक-डेढ दशक पूर्व सोचना भी मुनासिब नहीं था।’कैरियर काउंसलिंग'(Career Counseling) एक ऐसा ही कैरियर है,जो रोजगार के उभरते हुए क्षेत्रों में शामिल हो रहा है।
  • यद्यपि पश्चिम देशों में करियर काउंसलिंग की अवधारणा लगभग तीन-चार दशक पूर्व मूर्त रूप ले चुकी थी,मगर भारत जैसे देश में यह अवधारणा डेढ़-दो दशक से है,परन्तु भारत में इसके शानदार आगाज से पता चलता है कि आने वाले कुछ वर्षों में ही इससे रोजगार के अवसर काफी बढ़ जाएंगे,ताजा सर्वेक्षणों के अनुसार कैरियर काउंसलिंग के क्षेत्र में वर्ष 2030 तक सिर्फ भारत में ही तीन लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी,जबकि वैश्विक स्तर पर 25 लाख से भी ऊपर होगा,सच तो यह है कि वर्तमान में भारत में शिक्षा,अर्थव्यवस्था,उद्योग एवं विज्ञान व प्रौद्योगिकी का जिस तेजी से विकास व विस्तार हो रहा है,उस हिसाब से स्किल्ड कैरियर काउंसलर उपलब्ध नहीं है,कैरियर काउंसलिंग का काम नया तो है ही,बेहद चुनौतीपूर्ण भी है.क्योंकि इसके लिए सभी विषयों एवं उससे सम्बद्ध कैरियर ऑप्शंस की गहरी जानकारी तो होनी ही चाहिए,मनोविज्ञान की अच्छी समझ,अच्छी तार्किक व विश्लेषण क्षमता,अंग्रेजी तथा हिन्दी भाषा पर बेहतर कमांड,आकर्षक व्यक्त्तित्व तथा प्रभावशाली कम्युनिकेशन स्किल व प्रजेंटेशन का होना बेहद जरूरी है।
  • यदि आपको आध्यात्मिक और ध्यान-योग का व्यावहारिक ज्ञान भी है तो सोने पर सुहागा का काम हो जाएगा।अगर आपमें यह सब गुण मौजूद है,तो आप दूसरों को उनकी मंजिल तक पहुंचा सकते हैं।
  • आज एआई (Artificial Intelligence) और सूचना प्रौद्योगिकी (information technology) का युग है,लोगों पर चारों ओर से सूचनाओं की बौछार हो रही है,सैकड़ों कोर्सेज तथा कैरियर ऑप्शंस युवाओं के समक्ष मौजूद है,अतः ऐसे में युवा अपने कैरियर की दिशा तय करने को लेकर स्वयं को चौराहे पर पाता है,ऐसे में उसको ऐसे आदमी की सलाह (Suggestion) की जरूरत होती है,जो उसे सही राय देकर मंजिल तक पहुँचाने में सहीं मार्गदर्शन (Counsel) करे और कैरियर काउंसलर यही सब काम करता है,स्टडी के लिए कौनसा कोर्स किया जाए,जो उन्हें अच्छा कैरियर बनाने में मददगार हो?
    कौनसा कैरियर चुना जाए जो उनकी रुचियों से मेल खाता हो तथा उन्हें आत्मसंतुष्टि देता हो साथ ही अच्छी वेतन-सुविधाएं दिलवाता हो? कौनसा जॉब या व्यवसाय किया जाए,जॉब को प्राथमिकता दी जाए अथवा व्यवसाय को? भविष्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पढ़ाई के अलावा कौनसा अतिरिक्त प्रशिक्षण या दक्षता हासिल की जाए? लक्ष्यों को कैसे तय किया जाए तथा उन्हें कैसे हासिल किया जाए? शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए कौनसे संस्थान (institutions) चुने जाए?
  • इन सभी सवालों का जवाब जगह-जगह पूछने या भटकने से नहीं मिल सकता,बल्कि इन सारे प्रश्नों का जवाब एक ही जगह तथा व्यक्ति द्वारा दिया जा सकता है और वह है कैरियर काउंसलर (career counselor),बस इसके लिए आपको काउंसलर को निश्चित भुगतान करना पड़ता है।निश्वित रूप से आज का किशोर वय तथा युवा और उसके अभिभावक यही चाहते हैं कि उन्हें एजुकेशन और करियर के विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी एक जगह हासिल हो.अतः इस रूप में कैरियर काउंसलर की भूमिका एक मॉडिवेटर,मार्गदर्शक,सलाहकार तथा शिक्षक की होती है,निश्चित रूप से इस क्षेत्र में प्रतिष्ठित कैरियर तथा समाज सेवा दोनों हैं।

3.कैरियर काउंसलर की भूमिका (The Role of a Career Counsellor):

 

  • आज का युवा बहुत दिग्भ्रमित है इसलिए उसे सही दिशा देने की महती आवश्यकता है।प्रत्येक शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेन्टर्स को अपने विद्यार्थियों का दर्द बाँटने की,उसे कम,खत्म करने की पहल करनी चाहिए।इसके लिए शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेन्टर्स में काउंसलर की व्यवस्था होनी चाहिए।यदि आप इसके बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो हमारा विस्तृत लेख “5Techniques of How to Counsel Students” को पढ़ें।
  • कैरियर काउंसलर केवल कैरियर के बारे में ही नहीं बताता,बल्कि यह भी बताता है कि एकेडमिक परीक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में उच्चतम अंक कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं? वह कैरियर के प्रत्येक फील्ड का महत्त्व तथा सम्भावनाएं जानता है और उसी हिसाब से दूसरों को ‘कैरियर मैनेजमेंट’ (career management) के गुर बताकर सही कोर्स,जॉब तथा प्रोफेशन तलाशने में मदद करता है।कैरियर काउंसलर को एप्टीट्‌यूड की अच्छी परख होती है।किस तरह के कैरियर के लिए किस तरह की की एबिलिटी (ebility for career counselor),स्किल तथा शिक्षण-प्रशिक्षण की जरूरत होती है,वह इसकी भी समुचित जानकारी देता है,वह व्यक्तिगत तौर पर प्रत्येक के ज्ञान,एबिलिटी तथा स्किल की परख या मूल्यांकन करके यह भी बताता है कि आप किस क्षेत्र में जाने के लिए उपयुक्त हैं।मसलन अगर किसी का एकेडमिक रिकॉर्ड,कम्युनिकेशन स्किल,प्रजेंटेशन तथा विश्लेषण क्षमता अच्छी है,तो वह टीचिंग,रिसर्च तथा मीडिया की लाइन में जा सकता है,जो बहिर्मुखी है मनोविज्ञान की अच्छी जानकारी रखता है तथ्यों का विश्लेषण कर जल्दी निर्णय लेने की क्षमता रखता है व्यवसाय की बारीकियाँ जानता है तथा बदलते मार्केट ट्रेंड को समझता है उसके लिए मैनेजमेंट मार्केटिंग,सेल्स,रिटेल,बीपीओ,केपीओ,एलपीओ,आरपीओ,एचआर जैसी फील्ड उपयुक्त है।
  • जो घूमने-फिरने का शौकीन होने के साथ-साथ प्रत्येक स्थान की अच्छी भौगोलिक तथा ऐतिहासिक जानकारी रखता है,नए लोगों से मिलने-जुलने,संवाद करने एवं उनसे अच्छा तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है वह टूरिज्म के क्षेत्र में करियर बना सकता है।
  • कैरियर काउंसलर इस स्वभाव की भी अच्छी परख कर लेता है कि आप अंतर्मुखी हैं अथवा बहिर्मुखी और उस हिसाब से आपके लिए कौनसा व्यवसाय या रोजगार उपयुक्त रहेगा,परीक्षा की तैयारी कैसे करनी है? यह काम काउंसलर छात्रों के एप्टीट्‌यूड को देखकर भी बखूबी करता है,परीक्षाओं के अंतिम दिनों में तनाव को दूर करते हुए काउंसलर स्टूडेंट्स को सही प्रिपेरेशन,टाइम मैनेजमेंट,स्टडी मेथड के सम्बन्ध में बेहतर गाइडलाइन देता है।
  • कई व्यक्ति ऐसे भी हैं,जो अपने वर्तमान व्यवसाय तथा जाॅब से संतुष्ट नहीं है अथवा एक ही काम को करते-करते ऊब से गए हैं,उनके लिए भी काउंसलर मोटिवेशन तथा गाइडलाइन का काम करता है और अगर वे दूसरा कोई क्षेत्र भी अपनाना चाहते हैं,तो उस क्षेत्र की सही तलाश में भी काउंसलर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है।बाजार में किस प्रकार के जॉब व प्रोफेशन हैं,उस क्षेत्र की क्या-क्या चुनौतियों हैं,उन चुनौतियों से पार कैसे पाया जा सकता है? इन सबके बारे में कैरियर काउंसलर से बेहतर राय या जानकारी और कहीं नहीं मिल सकती।
  • बच्चों में हीन भावना तथा नकारात्मकता को दूर करने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में भी कैरियर काउंसलर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।अतः इस मायने में काउंसलर से संवेदनशीलता (Counselor se sensitiveness) तथा सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा भी होती है।

4.कैरियर काउंसलर के लिए योग्यताएँ (Qualifications for Career Counsellor):

  • भारत में कैरियर काउंसलिंग हालाँकि गुरुकुल संस्थाओं में प्रचलित था परन्तु वह लुप्तप्रायः हो गया इसलिए इसे नया कॉन्सेप्ट समझा जाता है।अतः इसमें अभी विद्यालय या विश्वविद्यालयी स्तर पर काउंसलर की नियुक्ति का अभाव है।इससे सम्बन्धित कुछ संस्थानों द्वारा इससे सम्बन्धित डिप्लोमा,सर्टिफिकेट,वोकेशनल प्रोग्राम और डिग्री कोर्सेज अवश्य चलाए जाते हैं।
  • आमतौर पर इसमें एमए मनोविज्ञान तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े ऐसे लोगों की डिमाण्ड रहती है,जो न सिर्फ मानव मनोविज्ञान (ethnopsychology) की अच्छी जानकारी रखते हों,बल्कि कैरियर के विभिन्न क्षेत्रों की ऑलराउंड जानकारी भी रखते हो,इस क्षेत्र में आने वाले युवाओं को विभिन्न कोर्सेज,रोजगार तथा व्यवसायों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।इस क्षेत्र में आने वाले व्यक्ति को अच्छा वक्ता,भाषा ज्ञान,स्पष्ट संवाद क्षमता,दूसरों की बातों को ध्यान से सुनने,विश्लेषण करने एवं सही ढंग से समझने की कला आनी चाहिए।कैरियर काउंसलर के पास निम्नवत् स्किल्स होनी जरूरी है:
  • (1) कम्युनिकेशन स्किल (Comunication Skill), (2) साइकोमेट्रिक में महारत (Mastery of Psychometrics), (3) शिक्षण-प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न कोर्सेज तथा उस हिसाब से रोजगार या व्यवसाय की अच्छी जानकारी (Various courses related to teaching and training and according to that information about employment or business), (4) सहानुभूति पूर्ण व्यवहार तथा संवेदनशीलता (Empathetic Behavior and Sensitivity), (5) चीजों के त्वरित मूल्यांकन तथा विश्लेषण की क्षमता (Ability to quickly evaluate and analyze things), (6) हंसमुख तथा मिलनसार (Cheerful and friendly), (7) सेल्फ अवेयरनेस तथा प्राब्लम्स सॉल्व करने का हुनर (Self-awareness and problem-solving skills), (8) विश्वसनीय तथा बाल-मनोविज्ञान का पारखी (Connoisseurs of credibility and child psychology),(9) प्रेरणामयी तथा प्रभावी संवाद कौशल और समन्वय स्थापित करना (Establish motivational and effective communication skills and coordination), (10) डीलिंग विद इमोशंस (Dealing with Emotions),(11) विभिन्न प्रश्नों के सटीक एवं संतोषजनक उत्तर देना (Giving accurate and satisfactory answers to various questions),(12) क्रिएटिव सोच (Creative Thinking)

5.कैरियर काउंसलर का बढ़ता दायरा (Growing Scope of Career Counsellors):

  • करियर काउंसलर विद्यार्थी की जिन्दगी बदल सकता है। एक सच्चा करियर काउंसलर वही है जो विद्यार्थी की न सिर्फ शैक्षणिक बल्कि उसकी व्यावहारिक समस्याओं का भी समाधान करे।हमने एक कहानी के माध्यम से बताया है कि कैसे एक काउंसलर के आने से पूरे विश्वविद्यालय का वातावरण स्वर्ग जैसा बन गया था।इस प्रेरणादायक कहानी को पढ़ने के लिए हमारे आर्टिकल “Mathematician Showed Right Path” को पढ़ें।
    करियर काउंसलर क्षमता तथा योग्यता के मुताबिक युवाओं को सही कोर्स,जॉब या प्रोफेशन दिलाने में मदद करता है साथ ही कैरियर मैनेजमेंट तथा मोटिवेशन के गुर भी सिखाता है।
  • कॉर्पोरेट सेक्टर में भी कस्टमर डीलिंग,मोटिवेशन डेवलपमेंट आदि के लिए काउंसलरों की मदद ली जा रही है।कहने का तात्पर्य यह है कि सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ कैरियर काउंसलर के कार्यक्षेत्र का दायरा (Dayara of Work Area) बढ़ता जा रहा है,इसलिए कैरियर काउंसलर को समय के साथ-साथ बहुआयामी प्रतिभा तथा व्यक्तित्व (Multi Talented and Personality) का धनी होना आवश्यक है।
    निजी स्कूलों,विश्वविद्यालयों,बी-स्कूलों,कम्पनियों,औद्योगिक इकाइयों व कॉर्पोरेट सेक्टर में कैरियर काउंसलरों तथा मॉटिवेटरों की डिमाण्ड लगातार बढ़ती जा रही है।निजी स्कूलों में कैरियर काउंसलर बच्चों की क्षमता का मूल्यांकन करने,लक्ष्य निर्धारित करने,सही कोर्सेज व कैरियर चुनने,समय-समय पर आने वाली परेशानियों को दूर कर बच्चों को प्रोत्साहित करने तथा उनके व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।यूजीसी ने भी अपने प्लान में कॉलेजों को अलग से अपना कैरियर काउंसलिंग एण्ड प्लेसमेंट सेल के गठन के निर्देश दिए हैं जिसमें एजुकेटेड तथा स्किल्ड काउंसलरों की काफी जरूरत है,कॉर्पोरेट जगत भी अपने यहाँ समय-समय पर कर्मचारियों को सही गाइडलाइन,एसेसमेंट टेनिंग पर्सनैलिटी डेवलपमेंट,मोटिवेशन तथा लीडरशिप डेवलपमेंट के लिए काउंसलरों की नियुक्तियाँ करता है।
  • कुछ समय तक व्यावहारिक तथा प्रोफेशनल एक्सपीरेंस लेने के बाद बतौर कैरियर काउंसलर स्वतन्त्र रूप से भी अपनी फर्म बनाकर काम किया जा सकता है।आज कैरियर काउंसलिंग से जुड़े कई निजी संस्थान तथा एजेंसियों मौजूद हैं,जो कैरियर तथा मोटिवेशन से जुड़ी विभिन्न सेवाएं मुहैया करवाकर अच्छी कमाई कर रही हैं,बतौर कैरियर काउंसलर निजी तौर पर रेडियो,टी.वी. तथा प्रिंट मीडिया में सेवाएं उपलब्ध करवाकर भी काम किया जा सकता है,आज कई मीडिया समूह हैं,जो कैरियर काउंसलर को पार्ट टाइम तथा लौंग टाइम अनुबन्धित करके सम्मानजनक पारिश्रमिक देते हैं।कैरियर से जुडी पत्रिकाएं तथा टीवी कार्यक्रमों में बतौर राइटर,मोटिवेटर,काउंसलर तथा प्रेजेंटर के रूप में कैरियर काउंसलरों को काफी अवसर उपलब्ध हैं।इंटरनेट पर चल रही कैरियर या शिक्षा सम्बन्धी वेबसाइटें भी अच्छे भुगतान पर कैरियर काउंसलर की सेवाएं ले रही हैं।

6.करियर काउंसलिंग कोर्सेज के लिए प्रमुख संस्थान (Premier Institutes for Career Counselling Courses):

  • (1.)एनसीईआरटी अजमेर,भोपाल,भुवनेश्वर,मैसूर,जयपुर तथा दिल्ली इससे सम्बन्धित कोर्सेज चलाती है,लॉग-इन करें
    साइट:www.ncert.nic.in/edu-courses
    (2.)यूनिवर्सिटी ऑफ मुम्बई www.mu.a.c.in
    (3.)कर्नाटक यूनिवर्सिटी,धारवाड www.kud.ernet.in
    (4.)पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ www.puchd. ac.in
    (5.)टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज,मुम्बई www.tiss.edu
    (6.)इग्नू,नई दिल्ली www.ignou.ac.in/edu
    (7.)दिल्ली यूनिवर्सिटी www.du.ac.in/edu
    (8.)कैरियर डेवलपमेंट एसोसिएशन,नई दिल्ली www.icda.nic. in/edu
    करियर काउंसलर एक विद्यार्थी का जीवन बदल सकता है।जहाँ नैतिक व धार्मिक शिक्षा से तथाकथित सेकुलर व्यक्तियों के पेट में दर्द चालू हो सकता है वहाँ कैरियर काउंसलर एक ऐसा दिव्य ब्रह्मास्त्र है जो एक क्रांतिकारी बदलाव कर सकता है।आज के तकनीकी और आर्थिक युग में करियर काउंसलर की महती आवस्यकता है।
  • * **UG / PG Degree:** Psychology, Applied Psychology, ya Education mein **B.A./B.Sc.** ya **M.A./M.Sc.**
    * **Specialized Diploma:** Graduation ya Post Graduation ke baad **Diploma in Guidance and Counseling** (1 saal ka program).
    * **Global Certifications:** Kuch sansthan international certifications bhi dete hain (jaise Global Career Counsellor-GCC).
    ### Mukhhya Sansthan (Jahan se degree/diploma liya ja sakta hai) Table:
    \begin{array}{|l|l|l|}  \hline  \textbf{Sansthan ka Naam} & \textbf{Location} & \textbf{Course} \\   \hline  \textbf{(1.)**NCERT** (National Council of } & \textbf{New Delhi} & \textbf{Advanced Diploma in Guidance and Counseling} \\ \textbf{ Educational Research and Training)} & & \textbf{(Ye sabse zyada maana jata hai)} \\  \textbf{(2.)**NIMHANS** (National Institute of} & \textbf{Bengaluru} & \textbf{Post Graduate Courses / Workshops} \\ \textbf{ Mental Health and Neurosciences)} & \\  \textbf{(3.)**Jamia Millia Islamia**} & \textbf{New Delhi} & \textbf{Advanced Diploma in Counseling Psychology} \\ \textbf{(4.)**Tata Institute of Social Sciences } & \textbf{Mumbai} & \textbf{M.A. in Lifelong Learning } \\ \textbf{(TISS)**} & & \textbf{(with Counselling focus)} \\  \textbf{(5.)**Banaras Hindu University (BHU)**} & \textbf{Varanasi} & \textbf{M.A. / Diploma in Counseling}  \\  \hline \end{array}
  • एनसीईआरटी का **एडवांस्ड डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग (डीसीजीसी)** स्कूल के बच्चों और अध्यापकों के लिए एक बेहतर और बहुत प्रतिष्ठित कोर्स है।क्योंकि आप पहले से ही शिक्षण कर रहे हैं और इस क्षेत्र के अनुभव से जुड़े हैं,तो आपके लिए इसकी पूरी प्रक्रिया को समझना बहुत उपयोगी होगा।
  • एनसीईआरटी एक साल का कोर्स है जो एक **मिश्रित/हाइब्रिड मॉडल** पर चलता है:
    * **चरण 1 (6 महीने):** दूरस्थ शिक्षा (घर बैठे पढाई)।
    * **चरण 2 (3 महीने):** आमने-सामने संपर्क कार्यक्रम (एनसीईआरटी के केंद्रों पर जाकर गहन प्रशिक्षण)।
    * **चरण 3 (3 महीने):** इंटर्नशिप (आपके अपने शहर या कार्यस्थल पर पर्यवेक्षित व्यावहारिक काम)।
    कोर्स से जुड़ी पूरी जानकारी जैसी पात्रता,शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया नीचे दी गई है और चरणों में समझ आ गई है:
    Eligibility Criteria (Yogyata) Table:
    \begin{array}{|l|l|} \hline \text{Category} & \text{Educational Qualification and Experience} \\   \hline  \text{(1.)**In-service Teachers**} & \text{Kisi bhi manyata-prapt university se Graduate hone ke sath-sath} \\ & \text{ **Teaching Degree (B.Ed. / B.El. Ed.)** honi chahiye, aur kam se kam} \\ & \text{**1 saal ka teaching experience** compulsory hai.}  \\  \text{(2.)**Teacher Educators / Administrators**} & \text{Graduation ke sath **B.Ed. / M.Ed.** hona chahiye aur minimum} \\ & \text{ **2 saal ka experience** teacher education ya school administration mein zaroori hai.} \\  \text{(3.)**Untrained Guidance Personnel / Private Candidates**} & \text{Psychology, Education, Social Work, Child Development, ya Special Education mein} \\ & \text{ **Post Graduation (M.A. / M.Sc. / M.Ed.)** hona chahiye jisme kam se kam **50 \% marks** hon.} \\ \hline \end{array}
  • ### 2. कोर्स फीस (Fees ka Vivran)
    एनसीईआरटी इसमें अभ्यर्थियों की पृष्ठभूमि के अनुसार फीस लेता है।प्योर सेशन के लिए फीस का ढाँचा इस प्रकार है:
    * **केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त उम्मीदवार** (जैसा कि केवीएस/एनवीएस के सरकारी शिक्षक): **₹19,500**
    * **राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त उम्मीदवार** (राज्य बोर्ड के सरकारी शिक्षक): **₹6,000**
    * **निजी/खुले उम्मीदवार** (जो किसी सरकारी स्कूल से प्रतिनियुक्त नहीं हैं): **₹30,000**
    *(नोट: चरण-2 के दौरन जो 3 महीने का संपर्क कार्यक्रम होता है,उसमें छात्रावास और खाने का खर्च (बोर्डिंग और लॉजिंग) के उम्मीदवारों को अलग से देना होता है।)*
    ### 3. प्रवेश प्रक्रिया (प्रवेश प्रक्रिया)
  • एनसीईआरटी हर साल सितंबर/अक्टूबर के आस-पास इसके फॉर्म निकलता है (जैसा कि पिछले सत्र के लिए अंतिम तिथि 5 नवंबर थी)।इसका प्रवेश प्रक्रिया तीन अलग-अलग चरणों में पूरा होता है:
    1.ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेज़ जमा करना
    स्टेप 1
  • सबसे पहले एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट dcgc.ncert.org.in पर अपना अकाउंट बनाना होता है।वहां ऑनलाइन फॉर्म भरें,अपने सारे शैक्षणिक प्रमाण पत्र,अनुभव पत्र और अगर सरकारी स्कूल से हैं तो एनओसी/प्रतिनियुक्ति पत्र अपलोड करना होगा।फॉर्म भरते वक्त आपका अपना पसंदीदा अध्ययन केंद्र (दिल्ली,अजमेर,भोपाल,भुवनेश्वर,मैसूर या शिलांग) चुनना होता है।
    2. स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग
    चरण दो
  • एनसीईआरटी की विशेषज्ञ समिति सभी प्रपत्रों की जांच करती है।योग्यता और अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।सरकारी स्कूल में प्रतिनियुक्त उम्मीदवारों को थोड़ी प्राथमिक (वरीयता) मिलती है।
    3.लिखित निबंध और व्यक्तिगत साक्षात्कार
    चरण 3
  • शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को एक लिखित निबंध परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।टेस्ट का मकसद आपकी बाल मनोविज्ञान की समझ, काउंसलिंग के प्रति आपका झुकाव (योग्यता),और आपकी संचार कौशल को समझना होता है। इसके बाद अंतिम मेरिट सूची बनती है और हर केंद्र पर अधिकतम 50 सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।
    अगर आप इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं तो एनसीईआरटी की वेबसाइट पर नजर रखें।काउंसलिंग का ये डिप्लोमा स्कूलों में ‘स्कूल काउंसलर’ के तौर पर काम करने के लिए एक बेहद मजबूत आधार प्रदान करता है।

उपर्युक्त आर्टिकल में भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर कैसे बनें? (How to Become Professional Career Counselor in India?) की सम्पूर्ण प्रक्रिया बताई गई है।

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7.छात्र की काउंसलिंगर (हास्य-व्यंग्य) (Frequently Asked Questions Related to Student Counseling) (Humour-Satire):

  • काउंसलर (छात्र से):क्या दिक्कत है?
  • छात्रःकुछ मेरे बारे में बताइए।
  • काउंसलरःचलो तुम्हारी काउंसलिंग करते हैं।
  • छात्रःसर और कुछ कीजिए क्योंकि रोज-रोज काउंसलिंग कराते-कराते ऊब गया हूँ।

8.भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर कैसे बनें? (How to Become Professional Career Counselor in India?) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्नः1.करियर काउंसलर कैसा होना चाहिए? (What should a career counselor be like?):

उत्तरःकरियर काउंसलर प्रोफेशनल होने के साथ-साथ ऐसा होना चाहिए जो छात्र-छात्रा की सटीक चिकित्सा कर सके।उसे अपने विषय के ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक,आध्यात्मिक और योग-साधना में निपुण होना चाहिए।

प्रश्न:2.आज कैसे काउंसलर मिलते हैं? (How do you get counselors today?):

उत्तर:आज के युग में विद्यार्थी की बिना स्क्रीनिंग,जाँच पड़ताल ऐसे परामर्श देते हैं जो उसकी प्रतिभा से मेल नहीं खाते है क्योंकि उन्होंने काउंसलर को केवल धन्धा बना रखा है।

प्रश्न:3.विद्यार्थी की सही काउंसलिंग कौन कर सकता है? (Who can provide the right counselling to the student?):

उत्तर:जिसे आत्मज्ञान हो,जो विद्यार्थी के बारे में बहुत कुछ जानता हो,जो मल्टीटेलेन्टेड हो,जिसे व्यावहारिक ज्ञान हो।

  • उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा भारत में प्रोफेशनल करियर काउंसलर कैसे बनें? (How to Become Professional Career Counselor in India?) की प्राइमरी टर्म्स के बारे में बताया गया है।
  • *”यह आर्टिकल **Satyam Mathematics** ब्लॉग पर **Satyam Coaching Centre** के द्वारा तैयार किया गया है।”*
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