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How to become Air Force fighter pilot?

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1 1.एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? का परिचय (Introduction to How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,how to become a female fighter pilot in indian air force?)-

1.एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? का परिचय (Introduction to How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,how to become a female fighter pilot in indian air force?)-

एयरफोर्स में फाइटर पायलट  कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? (How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,How to become a female fighter pilot in indian air force?),के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।
साइंस मैथ से 12th कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने का सुनहरा मौका है।
भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के चयन की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं।
इसके बावजूद भारतीय वायुसेना में बड़ी संख्या में पायलट इस्तीफा दे देते हैं।क्योंकि भारतीय वायुसेना में पायलट जितना वेतन प्राप्त करते है उससे चार-पांच गुना वेतन प्राइवेट एयरलाइंस में प्राप्त कर लेता है। इसलिए भारतीय वायुसेना को पायलटों की भारी कमी का सामना करना पड़ता है।
अधिकतर पायलट वायुसेना में 20 वर्ष की सेवा करने के पश्चात् सेवानिवृत्त हो जाते हैं और सेवानिवृत्त हो जाने के बाद वह पेंशन का हकदार हो जाता है।इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? (How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,how to become a female fighter pilot in indian air force?)
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2.एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें?(How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in AirForce?,how to become a female fighter pilot in indian air force?),भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट कैसे बनें?(How to become fighter pilot in indian air force),फाइटर पायलट कैसे बने (How to become a fighter pilot)-

(A.)प्रथम प्रक्रिया
(1.)भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में आवेदन करने के लिए 12वीं में गणित और भौतिकशास्त्र विषय से उत्तीर्ण होना आवश्यक है यानि फ्लाइंग ब्रांच का हिस्सा बनने के लिए साइंस मैथ स्ट्रीम से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
(2.)यदि आप 12वीं के बाद फाइटर पायलट बनना चाहते हैं तो नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।NDA की परीक्षा UPSC द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। इसके लिए आपको 60% अंकों से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
(3.)यदि आप ग्रेजुएशन के बाद आवेदन करना चाहते हैं तो CDS यानि कंबाइड डिंफेंस सर्विस,AFCAT (एयरफोर्स काॅमन एडमिशन टेस्ट) और NCC (नेशनल कैडेट कोर) के जरिए इंडियन एयरफोर्स की फ्लाइंग ब्रांच के लिए आवेदन कर सकते हैं।
(4.) सीडीएस (CDS) परीक्षा द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। इसमें सम्मिलित होने के लिए 12वीं में साइंस मैथ से 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
(5.)AFCAT (एयरफोर्स काॅमन एडमिशन टेस्ट) इंडियन एयरफोर्स की ओर से वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है।जबकि NCC (नैशनल कैडेट कोर) से स्पेशल एंट्री होती है जिसे डायरेक्ट एंट्री भी कहते हैं।ये एंट्री केवल NCC उम्मीदवारों के लिए ही होती है।शर्त यही है कि NCC का ” C ” सर्टिफिकेट होना आवश्यक है।
(6.)NDA,CDS,AFCAT इन तीनों में लिखित परीक्षा देनी होती है।इसके बाद आगे की प्रक्रिया के लिए आपको भेजा जाएगा।NCC उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं है।
(B) द्वितीय प्रक्रिया
जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा में पास हो जाते हैं, उन्हें शार्टलिस्ट किया जाता है।इसके पश्चात् SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू की प्रक्रिया 5 स्टेज में पूरी होती है।जो उम्मीदवार इन 5 स्टेज को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, उन्हें मेडिकल चेक-अप,PABT टेस्ट (पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट) के लिए भेजा जाता है।
(C) तृतीय प्रक्रिया
PABT टेस्ट पास करने का मौका अभ्यर्थी को केवल एक बार ही दिया जाता है।अगर आप PABT टेस्ट को एक बार में पास नहीं कर पाते हैं तो आप पूरे जीवन में पुनः भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसलिए भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनने के लिए यह सबसे महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है।
(D)चौथी प्रक्रिया
मेडिकल चेक-अप और PABT टेस्ट के बाद एक अन्तिम मैरिट लिस्ट तैयार की जाती है।यह मैरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और SSB इंटरव्यू में दिए गए अंकों के आधार पर तैयार की जाती है।जिन उम्मीदवारों का नाम इस मैरिट लिस्ट में होता है, उन्हें आगे ट्रेनिंग के लिए डूंडीगल एयरफोर्स एकेडमी (Dundigal Air Force Academy) में भेज दिया जाता है।
(E)पांचवी प्रक्रिया
इस स्टेज पर उम्मीदवारों को फाइटर पायलट बनने की ट्रैनिंग दी जाती है। इसमें उम्मीदवार को फाइटर एयरक्राफ्ट को उड़ाने से लेकर हर स्थिति को हैंडिल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। ट्रैनिंग को तीन चरणों में बांटा गया है जो निम्न है-
(1.)पहली ट्रैनिंग में उम्मीदवारों को एयरक्राफ्ट से जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाती है और इसमें उम्मीदवार को 55 घंटे का फ्लाइट एक्सपीरियंस मिलता है।यह प्रक्रिया 6 महीने तक चलती है।
(2.) दूसरी ट्रेनिंग को “intermediate training” भी कहा जाता है।ये पायलट की ट्रेनिंग का महत्त्वपूर्ण भाग है, जिसमें उन्हें एयरक्राफ्ट को उड़ाने का मौका दिया जाता है।इस स्थिति में उन्हें परफेक्ट हैंडलिंग का ध्यान रखना होता है।
(3.)तीसरी ट्रेनिंग की प्रक्रिया 12 माह तक चलती है।इस पीरियड में उम्मीदवारों को HAWK एयरक्राफ्ट के साथ ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवारों को जगुआर,मिग और अन्य एयरक्राफ्ट के साथ ट्रेनिंग दी जाती है।जो उम्मीदवार इन तीनों स्टेज को पार कर लेता है,उसे पायलट का लाइसेंस दे दिया जाता है।
उपर्युक्त सम्पूर्ण प्रक्रिया के द्वारा एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? (How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,How to become a female fighter pilot in indian air force?) को समझा जा सकता है।

3.भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? How to become a female fighter pilot in indian air force?)-

हालांकि महिला को फाइटर पायलट बनने और पुरुष के फाइटर पायलट बनने की प्रक्रिया में कोई अन्तर नहीं है।इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया ऊपर बता दी गई है। परन्तु महिलाओं को फाइटर पायलट बनने के बारे में उन्होंने जो संघर्ष किया है उसका प्रेरणादायक वर्णन यहां किया जा रहा है।
प्रारम्भ में महिलाओं को फाइटर पायलट बनने का मौका नहीं दिया जाता था। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, संघर्ष और इच्छाशक्ति के बल पर पुरुषों के क्षेत्र में प्रवेश किया है।
कुछ लोगों की मान्यता होती है कि सामाजिक, राजनैतिक तथा अन्य क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों के बराबर सफलता प्राप्त करने में अक्षम है क्योंकि वे मानते हैं कि महिलाएं न तो अपने विवेक का उपयोग करती है और न ही महिलाओं में साहसपूर्ण कार्य करने की हिम्मत है।
जबकि वास्तविकता तो यह है कि महिलाएं पुरुषों के समान न केवल सक्षम और समर्थ हैं बल्कि अपने विवेक का उपयोग पुरुषों से भी अधिक सुलझे हुए रूप में करती है। परन्तु विवशता यह है कि उन अवसरों को पुरुष पहले ही हथिया लेता है।अन्यथा इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मिलते हैं जबकि ज्ञान,विद्वता, शौर्य और सेवा क्षेत्रों में कई में पुरुष के वश का ही समझा जाता रहा है, उनमें महिलाओं ने पुरुषों से भी अधिक सफलता प्राप्त की है।
प्राचीनकाल में घोषा,गोधा,विश्ववारा,अपाला, उपनिषद जूहू,अदिति,इंद्राणी,सरमा,रोमशा,उर्वशी, लोपामुद्रा,यमी,शाश्वती,सूर्या, सावित्री, अनसूया आदि कई विदुषी महिलाएं थी जो ज्ञान,तत्त्वविद्या के साथ-साथ बल और शौर्य में पुरुषों से कम नहीं थी।
मध्ययुग में भी रानी लक्ष्मीबाई,दुर्गावती, अहिल्याबाई आदि कई महिलाएं हुई है जिन्होंने पुरुषों के कार्यक्षेत्र में घुसकर उनको पीछे खदेड़ दिया था।
आधुनिक युग में कस्तूरबा, सरोजिनी नायडू,कमला नेहरू,राजकुमारी अमृता कौर, विजयलक्ष्मी पंडित, कमलादेवी चट्टोपाध्याय,भीकाजी कामा, अवंतिका बाई गोखले आदि महिलाओं ने जो कार्य किया है,उसे किसी भी रूप में पुरुषों द्वारा चलाए गए अभियानों से कम नहीं कहा जा सकता है।

4.भारतीय लड़ाकू पायलट के जीवन में एक दिन (A day in the life of an indian fighter pilot)-

मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि फाइटर पायलट बनना क्या होता है।निश्चित रूप से, हम इस बात पर गर्व करते हैं कि हम कितनी तेज़ी से उड़ते हैं, मिसाइलों को कैसे मारते हैं, बम गिराते हैं, और आमतौर पर हमारे गर्म जेट्स में आकाश के चारों ओर झुलसते हैं।लेकिन ईमानदारी से, इसके अलावा भी बहुत कुछ है, जिसमें व्यावसायिकता और पूर्णता की एक हवा शामिल है जो अन्य नौकरियों में दुर्लभ है।
आइए एक फाइटर पायलट के जीवन में एक दिन पर एक गहरी नज़र डालें।
सामान्यतया स्क्वाड्रन के शेड्यूलिंग शॉप का निर्माण और सप्ताह के लिए शेड्यूल प्रकाशित करना होगा।  इस अनुसूची में सभी प्रकार की प्रशिक्षण सवारी, उन्नयन सॉर्टियां, और विभिन्न अन्य ग्राउंड इवेंट और इसके बाद के संस्करण शामिल हैं।  एक पायलट के रूप में, आप शेड्यूल को देख सकते हैं और उचित निश्चितता के साथ जान सकते हैं कि आप उस सप्ताह के लिए क्या कर रहे हैं।

5. क्या फाइटर पायलट बनना मुश्किल है? (Is it hard to become a fighter pilot?)-

पायलट बनने के लिए वास्तव में दो बड़ी बाधाएं हैं:
(1.) केवल अधिकारियों को उड़ान भरने की अनुमति है, इसलिए पहले आपको एक वायु सेना अधिकारी के रूप में कमीशन करना होगा।
(2.) एक को पायलट प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रतिस्पर्धा करना और चुना जाना है।ओह, हाँ, और फिर आपको वास्तव में पायलट प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त करना होगा जो कि एक नहीं है।

6.मैं एक फाइटर पायलट कैसे बना? (How I became a fighter pilot?)-

वायु सेना में पायलट बनने के लिए शैक्षिक योग्यता
आवेदक को एनडीए परीक्षा में उपस्थित होने के लिए या तो भौतिक विज्ञान और गणित के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना चाहिए।सीडीएसई के लिए, एनसीसी स्पेशल एंट्री और एएफसीएटी उम्मीदवारों को स्नातक होना चाहिए।  इंजीनियरिंग डिग्री धारक सीडीएस परीक्षा के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

7.भारतीय वायु सेना पायलट के लिए शारीरिक आवश्यकताएं (physical requirements for indian air force pilot)-

IAF पायलट उम्मीदवारों के लिए आवश्यक शारीरिक मानक
सीडीएस प्रविष्टि के माध्यम से पुरुषों के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊंचाई 162.5 सेमी है और एनडीए के उम्मीदवारों के लिए यह 152 सेमी है।सशस्त्र बलों में सामान्य रूप से ally 10% फॉर्म औसत वजन स्वीकार्य है।भारतीय वायु सेना के लिए तालिका में मिलीमीटर में उम्मीदवार की ऊंचाई 1520 मिमी से शुरू होने और 1930 मिमी तक समाप्त होने का उल्लेख किया गया है।जबकि अधिकतम और न्यूनतम वजन का उल्लेख तालिका 46 किलोग्राम से 82 किलोग्राम है।  और जब यह आयु सीमा की बात आती है, तो उम्र कुछ सीमाएं 15 साल से शुरू होती हैं और 48 साल में समाप्त होती हैं।लेकिन एक पायलट के लिए आवश्यक आयु एनडीए से सीडीएस, एनसीसी प्रविष्टि और एएफसीएटी प्रविष्टि के लिए 15-24 वर्ष है।
फ्लाइंग ब्रांच IAF
ऊंचाई और वजन: न्यूनतम ऊंचाई: 162.5 सेमी सहसंबंधित वजन के साथ, पैर की लंबाई: न्यूनतम – 99 सेमी। अधिकतम – 120 सेमी।उच्च लंबाई: अधिकतम – 64 सेमी। बैठने की ऊँचाई: न्यूनतम – 81.5 सेमी.मैक्स – 96 सेमी।
विजन:
एक दृश्य में न्यूनतम दृश्य तीक्ष्णता 6/6 और दूसरे में 6/9, केवल हाइपरमेट्रोपिया के लिए 6/6 के लिए सही है।
मैनिफेस्ट मायोपिया – नील.(c) दृष्टि सुधार के लिए LASIK सर्जरी लघु सेवा आयोग (उड़ान शाखा) के परिवहन और हेलीकाप्टर धाराओं में स्वीकार्य है यदि निम्नलिखित शर्तें वायु सेना चिकित्सा परीक्षा के समय पूरी की जाती हैं: –
LASIK सर्जरी 20 साल की उम्र से पहले नहीं की जानी चाहिए थी।
ऑल्मास्टर द्वारा मापी गई आंख की अक्षीय लंबाई 25.5 मिमी से अधिक नहीं होनी चाहिए।

8.भारतीय वायुसेना पायलट वेतन (Indian air force pilot salary)-

(1.)Airforce Pilot salaries – 7 salaries reported-    ₹ 1,14,351/mo
(2.)Airman salaries – 5 salaries reported-₹ 53,509/mo
(3.)Senior Non Comissioned Officer salaries – 4 salaries reported-      ₹ 55,057/mo
(4.)Aeronautical Engineer salaries – 3 salaries reported-      ₹ 18,00,000/yr

9.पायलट किस तरह के गणित का इस्तेमाल करते हैं? (what kind of math do pilots use?)-

पायलट दैनिक आधार पर गणित का उपयोग करते हैं।बेसिक अंकगणित,बीजगणित और कैलकुलस के अलावा, ज्यामिति की गहन समझ पायलटों को अपना काम अच्छी तरह से करने की अनुमति देती है।
9.10 वीं के बाद भारतीय वायुसेना में एक पायलट कैसे बनें? (How to become a pilot in indian air force after 10th?)-
IAF में पायलट बनने के लिए, उम्मीदवारों को राष्ट्रीयता से भारतीय होना चाहिए।आवेदक को एनडीए परीक्षा में उपस्थित होने के लिए या तो भौतिक विज्ञान और गणित के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना चाहिए।सीडीएसई के लिए, एनसीसी स्पेशल एंट्री और एएफसीएटी उम्मीदवारों को स्नातक होना चाहिए।इंजीनियरिंग डिग्री धारक सीडीएस परीक्षा के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

10.भारत में वायु सेना अधिकारी कैसे बनें? (How to become air force officer in india?)-

चार तरीके हैं जिनके माध्यम से उम्मीदवार भारतीय वायु सेना (IAF) पायलट बन सकते हैं।नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA),कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जाम (CDSE), NCC एंट्री और शॉर्ट सर्विस कमीशन एंट्री (SSC) ऐसे कोर्स हैं, जो एक फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में IAF में जाने के लिए एकमात्र रास्ता हैं।
उपर्युक्त विवरण तथा प्रश्नों के उत्तर के द्वारा हंस हमने एयरफोर्स में फाइटर पायलट कैसे बनें?,भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलट कैसे बनें? (How to become Air Force fighter pilot?,How to become fighter pilot in Air Force?,How to become a female fighter pilot in indian air force?),के बारे में जानकारी प्राप्त की।

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