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Measurement of Seasonal Variation

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1 1.आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation),सांख्यिकी में द्वितीय घात के परवलय द्वारा उपनति की गणना (Computation of Trend by Second Degree Parabola in Statistics):

1.आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation),सांख्यिकी में द्वितीय घात के परवलय द्वारा उपनति की गणना (Computation of Trend by Second Degree Parabola in Statistics):

आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation) के इस आर्टिकल में उपनति रेखा का निरूपण,द्विघात परवलय का निरूपण,अल्पकालीन उच्चावचनों एवं मौसमी परिवर्तन सूचकांक की गणना के बारे में अध्ययन करेंगे।
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2.आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप के साधित उदाहरण (Measurement of Seasonal Variation Solved Examples):

Example:16.2001 को मूलबिन्दु मानते हुए द्विघात परवलय का निरूपण कीजिए:
(Fit the second second degree parabola from the following data by taking 2001 as origin):
Solution:Calculation Table

\begin{array}{|ccccccccc|} \hline \text{Year} & \text{Price} & \text{Deviation} & & & & & & \text{Trend} \\ & Y & (X)& X^2 & XY & X^2Y & X^3 & X^4 & \text{values} \\ \hline 1999 & 25 & -2 & 4 & -50 & 100 & -8 & 16 & 24.886 \\2000 & 28 & -1 & 1 & -28 & 28 & -1 & 1 & 28.257 \\ 2001 & 83 & 0 & 0 & 0 & 0 & 0 & 0 & 32.914 \\ 2002 & 39 & 1 & 1 & 39 & 39 & 1 & 1 & 38.857 \\ 2003 & 46 & 2 & 4 & 92 & 184 & 8 & 16 & 46.086 \\ \hline N=5 & 171 & 0 & 10 & 53 & 351 & 0 & 34 & 171 \\ \hline \end{array}

Equation of second degree of parabola
Y=a+b X+c X^2
Normal Equations:
\Sigma Y=N a+b \Sigma X+c \Sigma X^2 \Rightarrow 171=5 a+10 c \cdots(1)\\ \Sigma XY=a \Sigma X+b \Sigma X^2+c \Sigma X^3 \Rightarrow 53=10 b \cdots(2) \\ \Sigma X^2 Y=a \Sigma X^2+b \Sigma X^3+\Sigma X^4 \Rightarrow 351=10 a+34 c \cdots(3)
समीकरण (2) से: b=\frac{53}{10}=5.3
समीकरण (1) को 2 से गुणा करने पर:
\begin{array}{c} 342=10 a+20 c \cdots(4)\\ 351=10 a+34 c \cdots(3) \\ - \quad \quad - \quad \quad- \quad \quad  \text{ घटाने पर } \\ \hline \end{array} \\ -9=-14 c \Rightarrow c=\frac{9}{14}=0.6428 \approx 0.643
c का मान समीकरण (1) में रखने पर:
171=5 a+10 \times 0.643 \\ \Rightarrow 5 a=171-6.43 \\ \Rightarrow a=\frac{164.57}{5} \\ a=32.914 \\ a=32.914, b=5.3, c=0.643 \\ Y=a+b X+c X^2 \\ \Rightarrow Y=32.914+5.3 X+0.643 X^2
जब X=-2 तो Y=32.914+5.3 \times -2+0.643(-2)^2 \\ =32.914-10.6+2.572 \\ \Rightarrow Y=24.886
जब X=-1 तो Y=32.914+5.3 \times(-1)+0.643(-1)^2 \\ =32.914-5.3+0.643 \\ \Rightarrow Y=28.257
जब X=0 तो Y=32.914+5.3 \times 0+0.643 \times(0)^2 \\ \Rightarrow Y=32.914
जब X=1 तो Y=32.914+5.3 \times 1+0.643 \times(1)^2 \\ =32.914+53+0.643 \\ \Rightarrow Y=38.857
जब X=2 तो Y=32.914+5.3 \times 2+0.643 \times(2)^2 \\ =32.914+10.6+2.572 \\ \Rightarrow Y=46.086
अतः Trend 24.886,28.257,32.914,38.857,46.086
Example:17.निम्न  समंक डेयरी उत्पादों के सूचकांक हैं।एक उपनति रेखा का निरूपण करें:
(Following data gives indices of diary products.Fit a straight line trend):

\begin{array}{|cc|} \hline \text { Year } & \text { Index NO. } \\ \hline 1997-98 & 129.1 \\ 1998-99 & 142.8 \\ 1999-00 & 161.8 \\ 2000-01 & 170.9 \\ 2001-02 & 174.2 \\ 2002-03 & 198.3 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation of Trend Values (Least Square Method)

\begin{array}{|ccccccc|}\hline \text{Year} & \text{Index No.} & \text{Deviation from} & & & & \text{Trend } \\ & Y & \text{mid year 2001}& X & X^2 & XY & \\ \hline 1997-98 & 129.1 & -2.5 & -5 & 25 & -645.5 & 130.73 \\ 1998-99 & 142.8 & -1.5 & -3 & 9 & -428.4 & 143.59\\ 1999-00 & 161.8 & -0.5 & -1 & 1 & -161.8 & 156.45\\ 2000-01 & 170.9 & +0.5 & +1 & 1 & 170.9 & 169.31 \\ 2001-02 & 174.4 & +1.5 & +3 & 9 & 523.2 & 182.17\\ 2002-03 & 198.3 & +2.5 & +5 & 25 & 991.5 & 195.03\\ \hline N=6 & \Sigma Y=977.3 & & \Sigma X=0 & \Sigma X^2=70 & \Sigma XY=449.9 & 977.28 \\ \hline \end{array}

a=\frac{\Sigma Y}{M}=\frac{977.3}{6}=162.88 \\ b=\frac{\Sigma X Y}{\Sigma X^2}=\frac{449.9}{70}=6.427 \\ b \approx 6.43 \\ Y_c=a+b X=162.88+6.43 X
Example:18.निम्नलिखित समंकों से द्वितीय प्रतिघात परवलय उपनति का निरूपण कीजिए तथा उन्हें एवं मूल समंकों को ग्राफ पत्र पर प्रदर्शित कीजिए:
(Fit a second degree parabolic trend from the following data and plot then on the graph along with the original data):

\begin{array}{|cc|}\hline \text{Year} & \text{price} \\ \hline 1998 & 460\\ 1999 & 420 \\ 2000 & 430 \\ 2001 & 520 \\ 2002 & 584 \\ 2003 & 606 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation Table

\begin{array}{|cccccccccc|}\hline \text{Year} & \text{price} & \text{Deviation from} & & & & & & & \text{Trend } \\ & Y & \text{mid year 2000.5}& X & X^2 & XY & X^2Y & X^3 & X^4 & \text{Values} \\ \hline 1998 & 460 & -2.5 & -5 & 25 & -2300 & 11500 & -125 & 625 & 440.97 \\ 1999 & 420 & -1.5 & -3 & 9 & -1260 & 3780 & -27 & 81 & 440.85 \\ 2000 & 430 & -0.5 & -1 & 1 & -430 & 430 & -1 & 1 & 459.53 \\ 2001 & 520 & +0.5 & +1 & 1 & +520 & 520 & +1 & 1 & 497.01 \\ 2002 & 584 & +1.5 & +3 & 9 & +1752 & 5256 & +27 & 81 & +553.29 \\ 2003 & 606 & +2.5 & +5 & 25 & +3030 & 15150 & +125 & 625 & 628.37 \\ \hline N=6 & 3020 & & 0 & \Sigma X^2=70 & \Sigma XY=1312 & \Sigma X^2Y=36636 & \Sigma X^3=0 & \Sigma X^4=1414 & 3020.02 \\ \hline \end{array}
Equation of second degree of parabola

Y=a+b X+c X^2
Normal Equations

\Sigma Y=N a+b \Sigma X+c \Sigma X^2 \Rightarrow 3020=6 a+70 c \cdots(1) \\ \Sigma X Y=a \Sigma X+b \Sigma X^2+c \Sigma X^3 \Rightarrow 1312=70 b \cdots(2) \\ \Sigma X^2 Y=a \Sigma X^2+b \Sigma X^3+c \Sigma X^4 \\ 36636=70 a+1414 c \cdots(3)
समीकरण (2) से:

b=\frac{1312}{70}=18.74
समीकरण (1) को 35 तथा समीकरण (3) को 3 से गुणा करने पर:
\begin{array}{c}105700=210 a+2450 c \cdots(4) \\ 109908=210 a+4242 c \cdots(5) \\ - \quad \quad - \quad \quad- \quad \text{ घटाने पर } \\ \hline \end{array} \\ -4208=-1792 c\\ \Rightarrow c=\frac{4208}{1792}=2.348 \\ \Rightarrow c \approx 2.35
c का मान समीकरण (1) में रखने पर:
3020=6 a+70 \times 2.35 \\ \Rightarrow 3020-164.5=6 a \\ \Rightarrow a=\frac{2855.5}{6}=475.916 \\ \Rightarrow a \approx 475.92 \\ Y=475.92+18.74 X+2.35 X^2
जब X=-5 तब Y=475.92+18.74 \times -5+2.35 \times(-5)^2 \\ =475.92-93.70+58.75 \\ \Rightarrow Y=440.97
जब X=-3 तब Y=475.92+18.74 \times -3+2.35 \times(-3)^2 \\ =475.92-56.22+21.15 \\ \Rightarrow Y=440.85
जब X=-1 तब Y=475.92+18.74 \times -1+2.35 \times(-1)^2 \\ =475.92-18.74+2.35 \\ \Rightarrow Y=459.53
जब X=1 तब Y=475.92+18.74 \times 1+2.35 \times(1)^2 \\ =475.92+18.74+2.35 \\ \Rightarrow Y=497.01
जब X=3 तब Y=475.92+18.74 \times 3+2.35 \times(3)^2 \\ =475.92+56.22+21.15 \\ \Rightarrow X=553.29
जब X=5 तब Y=475.92+18-74 \times 5+2.35 \times(5)^2 \\ =475.92+93.7+58.75 \\ \Rightarrow Y=628.37

Example:19.निम्नलिखित समंकों से द्वितीय परिघात परवलय का निरूपण कीजिए:
(Fit a second degree parabola to the following data):

\begin{array}{|cc|} \hline X & Y \\ \hline 1995 & 4 \\ 1996 & 8\\ 1997 & 9 \\ 1998 & 12\\ 1999 & 11 \\ 2000 & 14 \\ 2001 & 16\\ 2002 & 17 \\ 2003 & 26 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation Table

\begin{array}{|ccccccccc|} \hline \text{Year} & & \text{Deviation } & & & & & & \text{Trend } \\ & Y & X & X^2 & XY & X^2Y & X^3 & X^4 & \text{Values} \\ \hline 1995 & 4 & -4 & 16 & -16 & 64 & -64 & 256 & 5.814 \\ 1996 & 8 & -3 & 9 & -24 & 72 & -27 & 81 & 6.835 \\ 1997 & 9 & -2 & 4 & -18 & 36 & -8 & 16 & 8.188 \\ 1998 & 12 & -1 & 1 & -12 & 12 & -1 & 1 & 9.873 \\ 1999 & 11 & 0 & 0 & 0 & 0 & 0 & 0 & 11.89 \\ 2000 & 14 & 1 & 1 & 14 & 14 & 1 & 1 & 14.239 \\ 2001 & 16 & 2 & 4 & 32 & 64 & 8 & 16 & 16.92 \\ 2002 & 17 & 3 & 9 & 51 & 153 & 27 & 81 & 19.933 \\ 2003 & 26 & 4 & 16 & 104 & 416 & 64 & 256 & 23.278 \\ \hline N=9 & \Sigma Y=117 & \Sigma X=0 & \Sigma X^2=60 & \Sigma XY=131 & \Sigma X^2Y=831 & \Sigma X^3=0 & \Sigma X^4=708 & 116.97 \\ \hline \end{array}
Equation of second degree of parabola

y=a+b X+c X^2
Normal Equations

\Sigma y=N a+b \Sigma X+c \Sigma X^2 \Rightarrow 117=9 a+60 c \cdots(1) \\ \Sigma XY=a \Sigma X+b \Sigma X^2+c \Sigma X^3 \Rightarrow 131=60 b \cdots(2) \\ \Sigma X^2 y=a \Sigma X^2+b \Sigma X^3+c \Sigma X^4 \Rightarrow 831=60 a+708 c \cdots(3)
समीकरण (2) से: b=\frac{131}{60}=2.183
समीकरण (1) को 20 तथा समीकरण (3) को 3 से गुणा करने पर:
\begin{array}{c}2340=180 a+1200 c \cdots(1) \\ 2493=180 a+2124 c \cdots(5)\\ - \quad \quad - \quad \quad- \quad \text{ घटाने पर } \\ \hline \end{array} \\ -153=-924 c \Rightarrow c=\frac{153}{924}=0.1655 \\ \Rightarrow c \approx 0.166
c का मान समीकरण (1) में रखने पर:
117=9 a+60 \times 0.166 \\ \Rightarrow 9 a=117-9.96 \\ \Rightarrow a=\frac{107.04}{9}=11.893 \\ \Rightarrow a \approx 11.89 \\ Y=a+b X+c X^2 \\ \Rightarrow Y=11.8 .9+2.183 X+0.166 X^2
Example:20.निम्नलिखित श्रेणी में अल्पकालीन उच्चावचनों का अध्ययन करें (न्यूनतम वर्ग रीति प्रयुक्त करते हुए):

\begin{array}{|ll|} \hline \text{Year} & \text{Value} \\ \hline 1994 & 239 \\ 1996 & 238 \\ 1997 & 252 \\ 1998 & 257 \\ 1999 & 250 \\ 2000 & 273 \\ 2001 & 270 \\ 2002 & 268 \\ 2003 & 288 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation by least square method

\begin{array}{|lllllll|} \hline \text{Year} & \text{Value} & & & & \text{Trend } & \text{Short time} \\ & Y & X & X^2 & XY & \text{Values} & \text{fluctuation}\\ \hline 1994 & 239 & -4.5 & 20.25 & +1075.5 & 234.84 & 4.16 \\ 1995 & 242 & -3.5 & 12.25 & -847 & 239.92 & 2.08 \\ 1996 & 238 & -2.5 & 6.25 & -595 & 245 & -7 \\ 1997 & 252 & -1.5 & 2.25 & -378 & 250.08 & 1.92 \\ 1998 & 257 & -0.5 & 0.25 & -128.5 & 255.16 & 1.84 \\ 1999 & 250 & +0.5 & 0.25 & +125 & 260.24 & -10.24 \\ 2000 & 273 & +1.5 & 2.25 & +409.5 & 265.32 & 7.68 \\ 2001 & 270 & +2.5 & 6.25 & 675 & 270.4 & -0.40 \\ 2002 & 268 & +3.5 & 12.25 & 938 & 275.48 & -7.48 \\ 2003 & 288 & +4.5 & 20.25 & 1296 & 280.56 & 7.44 \\ \hline N=10 & \Sigma Y=2577 & \Sigma X=0 & \Sigma X^2=82.5 & \Sigma XY=419.5 & 2577 & \\ \hline \end{array}

\Sigma x=0 \quad a=\frac{\Sigma Y}{M}=\frac{2577}{10} \\ \Rightarrow a=257.7 \\ b=\frac{\Sigma XY}{\Sigma X^2}=\frac{419.5}{82.5}=5.08
Trend Equation Y_c=a+b X \\ \Rightarrow Y_c=257.7+5.08 X
जब X=-4.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times -4.5=234.84
जब X=-3.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times-3.5=239.92
जब X=-2.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times-2.5=245
जब X=-1.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times-1.5=250.08
जब X=-0.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times-0.5=255.16
जब X=+0.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times 0.5=260.24
जब X=1.5 तो Y_c=2577+5.08 \times 1.5=265.32 
जब X=2.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times 2.5=270.4
जब X=3.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times 3.5=275.48
जब X=4.5 तो Y_c=257.7+5.08 \times 4.5=280.56
Example:21.निम्न कालश्रेणी में मौसमी परिवर्तन सूचकांक की गणना कीजिए:

\begin{array}{|llll|} \hline \text{Months} & 2001 & 2002 & 2003 \\ \hline \text { Jan. } & 15 & 23 & 25 \\ \text { Feb. } & 16 & 22 & 25 \\\ \text { Mar. } & 18 & 28 & 35 \\ \text { Apr. } & 18 & 27 & 36 \\ \text { may } & 23 & 31 & 36 \\ \text { June } & 23 & 28 & 30\\ \text { July } & 20 & 22 & 30 \\ \text { Aug } & 28 & 28 & 34 \\ \text { See } & 29 & 32 & 38 \\ \text{ Oct.} & 33 & 37 & 47 \\ \text{Nov.} & 33 & 34 & 41 \\ \text{Dec.} & 38 & 44 & 53 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation Table of Seasonal Variation Index

\begin{array}{|lllllll|} \hline \text{Months} & 2001 & 2002 & 2003 & \text{Total} & \text{Ave.} & \text{Index} \\ \hline \text { Jan. } & 15 & 23 & 25 & 63 & 21 & 70 \\ \text { Feb. } & 16 & 22 & 25 & 63 & 21 & 70 \\ \text { Mar. } & 18 & 28 & 35 & 81 & 27 & 90 \\ \text { Apr. } & 18 & 27 & 36 & 81 & 27 & 90 \\ \text { may } & 23 & 31 & 36 & 90 & 30 & 100 \\ \text { June } & 23 & 28 & 30 & 81 & 27 & 90 \\ \text { July } & 20 & 22 & 30 & 72 & 24 & 80 \\ \text { Aug } & 28 & 28 & 34 & 90 & 30 & 100 \\ \text { See } & 29 & 32 & 38 & 99 & 33 & 110 \\ \text{ Oct.} & 33 & 37 & 47 & 117 & 39 & 130 \\ \text{Nov.} & 33 & 34 & 41 & 108 & 36 & 120 \\ \text{Dec.} & 38 & 44 & 53 & 135 & 45 & 150 \\ \hline \text{Total} & & & & & 360 & \\ \hline \end{array}
माध्यों का माध्य =\frac{360}{12}=30
Seasonal Variation Index for Jan.

=\frac{\text { Average of Jan }}{\text { General Average }} \times 100 \\ =\frac{21}{30} \times 100=70
Seasonal Variation Index for Feb. =\frac{21}{30} \times 100=70
Seasonal Variation Index for March=\frac{27}{30} \times 100=90
Example:22.निम्न काल श्रेणी में मौसमी परिवर्तन सूचकांक की परिगणना कीजिए,यह माने की उपनति नहीं है:
(Assuming trend absence,calculate seasonal variation Indices for the following quarterly data):

\begin{array}{|ccccc|} \hline \text{Year} & \text{I Quarter} & \text{II Quarter} & \text{III Quarter} & \text{IV Quarter}\\ \hline 2000 & 75 & 86 & 90 & 100 \\ 2001 & 60 & 65 & 73 & 78 \\ 2002 & 54 & 63 & 66 & 72 \\ 2003 & 59 & 80 & 85 & 93 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation Table of Seasonal Variation Index

\begin{array}{|cccccccc|} \hline \text{Quarter} & 2000 & 2001 & 2002 & 2003 & \text{Toatl} & \text{Avg.} & \text{Index} \\ \hline \text { I } & 75 & 60 & 54 & 59 & 248 & 62 & 82.78 \\ \text { II } & 86 & 65 & 63 & 80 & 294 & 73.5 & 58.13 \\ \text { III } & 90 & 73 & 66 & 85 & 314 & 78.5 & 104.81 \\ \text { IV } & 100 & 78 & 72 & 93 & 343 & 85.75 & 114.49 \\ \hline \text { Total } & & & & & & 299.75 & \\ \hline \end{array}
माध्यों का माध्य =\frac{299.75}{4}=74.9375 \\ \approx 74.9
Seasonal Variation Index for I Quarter =\frac{\text { Average of I Quarter }}{\text { General Average }} \times 100 \\ =\frac{62}{74.9} \times 100 \\ =82.777 \approx 82.78
Example:23.निम्नलिखित से मौसमी परिवर्तन सूचकांक की गणना कीजिए:
(Calculate the seasonal variation Indices from the following):

\begin{array}{|l|llll|} \hline \text{Month} & \text{year} & & & \\ \cline{2-5} & \text{I} & \text{II} & \text{III} & \text{IV} \\ \hline \text { January } & 18 & 20 & 22 & 24 \\ \text { Febuary } & 20 & 22 & 19 & 24 \\ \text { March } & 18 & 19 & 20 & 22 \\ \text { April } & 17 & 18 & 18 & 20 \\ \text { May } & 15 & 16 & 17 & 18 \\ \text { June } & 16 & 20 & 18 & 22 \\ \text { July } & 17 & 24 & 24 & 25 \\ \text { August } & 19 & 23 & 25 & 26 \\ \text { September } & 21 & 23 & 26 & 27 \\ \text { Netober } & 23 & 24 & 24 & 26 \\ \text { November } & 23 & 24 & 25 & 27 \\ \text { December } & 24 & 26 & 27 & 29 \\ \hline \end{array}
Solution:Calculation Table of Seasonal Indices Variation

\begin{array}{|llllllll|} \hline \text{Month} & & \text{year} & & & & & \text{Seasonal} \\ \cline{2-5} & \text{I} & \text{II} & \text{III} & \text{IV} & \text{Total} & \text{Ave.} & \text{vari. Index}\\ \hline \text { January } & 18 & 20 & 22 & 24 & 84 & 21 & 96.46 \\ \text { Febuary } & 20 & 22 & 19 & 24 & 84 & 21.25 & 97.61 \\ \text { March } & 18 & 19 & 20 & 22 & 79 & 19.75 & 90.72 \\ \text { April } & 17 & 18 & 18 & 20 & 73 & 18.25 & 83.83 \\ \text { May } & 15 & 16 & 17 & 18 & 66 & 16.5 & 75.79 \\ \text { June } & 16 & 20 & 18 & 22 & 76 & 19 & 87.28 \\ \text { July } & 17 & 24 & 24 & 25 & 90 & 22.5 & 103.25 \\ \text { August } & 19 & 23 & 25 & 26 & 93 & 23.25 & 106.80 \\ \text { September } & 21 & 23 & 26 & 27 & 97 & 24.25 & 111.39 \\ \text { october } & 23 & 24 & 24 & 26 & 97 & 24.25 & 111.39 \\ \text { November } & 23 & 24 & 25 & 27 & 99 & 24.75 & 113.70 \\ \text { December } & 24 & 26 & 27 & 29 & 106 & 26.5 & 121.73 \\ \hline \text { Total } & & & & & 261.25 & & \\ \hline \end{array}
माध्यों का माध्य=\frac{261.25}{12}=21.77
Seasonal Variation Index for January=\frac{\text { Average of January }}{\text { Creneral Average }} \times 100 \\ =\frac{21}{21.77} \times 100=96.46
Seasonal Variation Index for February=\frac{21.25}{21.77} \times 100 =97.61
Seasonal Variation Index for March=\frac{19.75}{21.77} \times 100 =90.72
Seasonal Variation Index for April=\frac{18.25}{21.77} \times 100=83.83
Seasonal Variation Index for May=\frac{16.5}{21.77} \times 100=75.79
Seasonal Variation Index for June=\frac{19}{21.77} \times 100=87.28
Seasonal Variation Index for July=\frac{22.5}{21.77} \times 100=103.35
Seasonal Variation Index for August=\frac{23.25}{21.77} \times 100=106.80
Seasonal Variation Index for September=\frac{24.25}{21.77} \times 100=111.39
Seasonal Variation Index for October=\frac{24.25}{21.77} \times 100=111.39
Seasonal Variation Index for November=\frac{24.75}{21.77} \times 100=113.70
Seasonal Variation Index for December=\frac{26.50}{21.77} \times =121.73

उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation) को समझ सकते हैं।

3.आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप पर आधारित समस्याएँ (Problems Based on Measurement of Seasonal Variation):

(1.)एक बड़े अल्मोनियम (Aluminium) कारखाने में कुछ वर्षों के उत्पादन के निम्नलिखित आँकड़ों से द्विघातीय परवलयिक उपनति (second degree parabola) का अन्वायोजन कीजिए तथा मूल समंकों और प्रवृत्ति-मूल्यों को बिन्दु रेखीय चित्र द्वारा प्रस्तुत कीजिए।
\begin{array}{|ll|} \hline \text{ वर्ष } & \text{उत्पादन} \\ & \text{ (हजार टनों में) } \\ \hline 1961 & 12 \\ 1962 & 20 \\ 1963 & 10 \\ 1964 & 11 \\ 1965 & 12\\ 1966 & 13\\ 1967 & 10 \\ 1968 & 21 \\ 1969 & 30 \\ 1970 & 35 \\ 1971 & 40 \\ 1972 & 37 \\ 1973 & 40 \\ \hline \end{array}
(2.)निम्नलिखित समंकों को न्यूनतम वर्ग रीति द्वारा सरल रेखा उपनति प्रदान कीजिए।
\begin{array}{|ll|} \hline \text{ वर्ष } & \text{ पद-आकार } \\ \hline 1 & 110 \\ 2 & 125 \\ 3 & 115 \\ 4 & 135 \\ 5 & 150 \\ 6 & 165 \\ 7 & 155 \\ 8 & 175 \\ 9 & 180 \\ 10 & 200 \\ \hline \end{array}
उत्तर (Answers):(1.) Y=17.9+2.69X+0.32X^2  Trend 13.28,12.45,12.26,12.71,13.80,15.53,17.90,20.91,24.56,28.85,33.78,39.35,45.56
(2.)Y=151+4.76X

Trend 108.16,117.68,127.20,136.72,146.24,155.76,165.28,174.80,184.32,193.84
Shot time oscillation +1.84,+7.32,-12.20,-1.72,+3.76,+9.24,-10.78,+0.20,-4.32,+6.16

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4.आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Frequently Asked Questions Related to Measurement of Seasonal Variation),सांख्यिकी में द्वितीय घात के परवलय द्वारा उपनति की गणना (Computation of Trend by Second Degree Parabola in Statistics) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न:1.अल्पकालीन उच्चावचन से क्या अभिप्राय है? (What is Meant by short time fluctuations?):

उत्तर:अल्पकालीन उच्चावचन (Short Time Fluctuations):
काल श्रेणी में अल्पकाल में जो उतार-चढ़ाव होते रहते हैं उन्हें अल्पकालीन उच्चावचन कहते हैं।इन्हें नियतकालिक (periodic) परिवर्तन भी कहा जाता है।उदाहरण के लिए वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि या कमी के साथ वस्तुओं की मूल्यों में कमी-वृद्धि होती रहती है।अल्पकालीन उच्चावचनों का अध्ययन करने के लिए दीर्घकालीन परिवर्तनों को हटा दिया जाता है।अर्थात् श्रेणी में से दीर्घकालीन उच्चावचनों को निकाल देने पर जो कुछ बचेगा वही अल्पकालीन उच्चावचन होगा।

प्रश्न:2.आवर्त या मौसमी विचरण से क्या अभिप्राय है? (What is Meant by seasonal variations?):

उत्तर:अल्पकालीन उच्चावचन (1.)नियमित अथवा (2.)अनियमित हो सकते हैं।
(1.)क्राॅक्सटन एवं काउडेन के अनुसार,”एक नियमित या नियतकालिक परिवर्तन वह है जो एक निश्चित समयावधि में नियमितता के कुछ अंश (Degree) के साथ आवर्तित होता है।” नियमित अल्पकालीन उच्चावचनों को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
(i)आवर्त या मौसमी विचरण (Seasonal Variations):
काल श्रेणी में एक ही वर्ष के अंदर होने वाले नियमित अल्पकालीन उच्चावचनों को आवर्त या मौसमी विचरण कहते हैं।ये एक माह,सप्ताह,एक दिन या प्रति घंटा हो सकते हैं।ऐसे परिवर्तन दो कारणों से होते हैं-जलवायु तथा रीति रिवाज।मौसमी परिवर्तन का प्रभाव उत्पादन,बिक्री,आय,खर्च पर अलग-अलग पड़ता है जैसे सर्दियों में गर्म कपड़ों के मूल्य बढ़ जाते हैं और गर्मियों में गर्म कपड़ों के दाम कम हो जाते हैं तथा ठंडे पेय पदार्थों व बर्फ के मूल्य बढ़ जाते हैं।
परम्परा,रीति-रिवाज व आदतों का भी मौसमी विचरण पर प्रभाव पड़ता है,उदाहरण के लिए-भारत में मई-जून या फरवरी-मार्च में शादी विवाह के मौसम के कारण सोना,चांदी,आभूषण,वस्त्र,बर्तन आदि के दाम बढ़ जाते हैं।जुलाई व अगस्त के महीनों में कापियों व पुस्तकों की मांग बढ़ जाती है।इस प्रकार वस्तुओं की बिक्री मौसमी होती है।अतः उत्पादन,उपभोग,वस्तुओं के मूल्य,ब्याज की दरें आदि सभी में वर्ष-प्रतिवर्ष मौसमी कारणों के फलस्वरुप घट-बढ़ होती रहती है।
अतएव आवर्त विचरण अधिकतर एक वर्ष के विभिन्न महीनों और सप्ताहों में दृष्टिगोचर होते हैं।इनकी प्रतिवर्ष प्रायः उसी प्रकार पुनरावृत्ति होती रहती है इसलिए इन विचरणों का पूर्वानुमान लगाना संभव है।

प्रश्न:3.चक्रीय उच्चावचन से क्या अभिप्राय है? (What is Meant by cyclical fluctuations?):

उत्तर:(ii)चक्रीय उच्चावचन (Cyclical Fluctuations):
चक्रीय उच्चावचन भी आवर्त विचरणों की भाँति नियतकालिक होते हैं परंतु इसकी अवधि एक वर्ष से अधिक होती है।ये व्यापार चक्रों के कारण उत्पन्न होते हैं।इसका स्वरूप सामान्यतया एक लहर की तरह होता है।इन लहरों के शीर्ष से तह तक की दूरी असमान होती है।बर्न्स व मिचेल के अनुसार,”अनेक आर्थिक क्रियाओं में लगभग एक साथ आने वाली प्रसार संकुचन की क्रमिक तरंगों को को ही व्यापार चक्र कहा जाता है।” व्यापारिक चक्र आर्थिक जगत में बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं और वे मूल्यों,उत्पादन,श्रमिकों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक इत्यादि सभी को प्रभावित करते हैं।व्यापार चक्रों की क्रमानुसार चार अवस्थाएं होती हैं-समृद्धि (Prosperity),प्रतिसार (Recession),अवसाद (Depression) तथा पुनरुत्थान (Recovery)।
जब अर्थव्यवस्था में समृद्धि की अवस्था होती है अर्थात् उत्पादन,रोजगार,क्रय शक्ति,मूल्य आदि में वृद्धि चरम सीमा पर पहुंच जाती है तो प्रतिसार की अवस्था प्रारंभ होती है।जब व्यावसायिक क्रियाओं की अवनति की निम्न सीमा आ जाती है तो प्रतिसार,अवसाद में परिवर्तित हो जाता है।जब अवसाद के बाद पुनः समृद्धि की ओर प्रगति होती है तो उसे पुनरूत्थान कहते हैं।ये चारों अवस्थाएं एक वक्र को जन्म देती हैं।वक्र की अवधि अलग-अलग होती है।सामान्यतः एक व्यापार चक्र 3 वर्ष से अधिक व 10 या 12 वर्ष की अवधि में पूरा होता है।
उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation),सांख्यिकी में द्वितीय घात के परवलय द्वारा उपनति की गणना (Computation of Trend by Second Degree Parabola in Statistics) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Measurement of Seasonal Variation

आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप
(Measurement of Seasonal Variation)

Measurement of Seasonal Variation

आवर्त विचरण या मौसमी परिवर्तन का माप (Measurement of Seasonal Variation) के
इस आर्टिकल में उपनति रेखा का निरूपण,द्विघात परवलय का निरूपण,अल्पकालीन
उच्चावचनों एवं मौसमी परिवर्तन सूचकांक की गणना के बारे में अध्ययन करेंगे।

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