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Satyam Archive

Differential Equation

अवकल समीकरण का परिचय (Introduction to Differential Equation): अवकल समीकरण (Differential Equation):अवकल समीकरणों का उपयोग मुख्य रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मानव विज्ञान, भूविज्ञान, अर्थशास्त्र आदि विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है।अतः सभी अत्याधुनिक वैज्ञानिक अन्वेषणों के लिए अवकल समीकरणों के गहन अध्ययन की अत्यंत आवश्यकता है। इस आर्टिकल में कुछ आधारभूत संकल्पनाओं,

Definite Integration by substitution method

प्रतिस्थापन विधि से निश्चिंत समाकलन का परिचय (Introduction to Definite Integration by substitution method): प्रतिस्थापन विधि से निश्चिंत समाकलन (Definite Integration by substitution method):किसी फलन के निश्चित समाकल का मान ज्ञात करने के लिए पहले उस फलन का ज्ञात विधियों से अनिश्चित समाकलन निकाला जाता है फिर परिणाम में चर के स्थान पर उच्च सीमा

undetermined coefficients method

अनिर्धारित गुणांकों की विधि का परिचय (Introduction to Undetermined Coefficients Method): अनिर्धारित गुणांकों की विधि (Undetermined Coefficients Method):इससे पूर्व आर्टिकल में अध्ययन किया है कि किस प्रकार पूरक-फलन के प्राचल परिवर्तन से विशिष्ट समाकल ज्ञात किया जाता है जबकि यह पूर्ण रूप से ज्ञात हो।फिर भी कुछ समीकरणों के विशिष्ट समाकल ज्ञात करने में प्राचल

What is illusion in hindi

1.भ्रम क्या है? का परिचय (Introduction to What is illusion in hindi),मोह क्या है? (What is attachment): भ्रम क्या है? (What is illusion in hindi),मोह क्या है? (What is attachment):भ्रम ज्ञान से दूर होता है।हरेक मनुष्य जानता है कि मोह नही करना चाहिए।तुलसीदास जी ने कहा कि मोह व्याधिन कर सममूला अर्थात् सभी व्याधियों का

applications of cauchy’s theorem

कोशी प्रमेय के अनुप्रयोग का परिचय (Introduction to Applications of cauchy’s Theorem): कोशी प्रमेय के अनुप्रयोग (Applications of cauchy’s Theorem):इस आर्टिकल में सम्मिश्र विश्लेषण की प्रमुख प्रमेय कोशी प्रमेय के अनुप्रयोग पर बताया गया है।यहाँ हम कोशी समाकल सूत्र,विश्लेषिक फलनों के अवकलज,मोरेरा प्रमेय (कोशी प्रमेय का विलोम),टेलर एवं लोरां श्रेणी,महत्तम मापांक प्रमेय और कई अन्य

Simultaneous Differential Equation

युगपत अवकल समीकरण का परिचय (Introduction to Simultaneous Differential Equation): युगपत अवकल समीकरण (Simultaneous Differential Equation):इससे पूर्व आर्टिकल में हमने उन अवकल समीकरणों का अध्ययन किया है जिनमें दो चर राशियाँ हुआ करती थी।अब हम समीकरणों का अध्ययन करेंगे जिनमें दो से अधिक चर राशियाँ होंगी।इस प्रकार के अवकल समीकरण या तो साधारण (ordinary) या

Linear Inequalities

रैखिक असमिकाएँ का परिचय (Introduction to Linear Inequalities): रैखिक असमिकाएँ (Linear Inequalities):पिछली कक्षाओं में हम एक चर और दो चर राशियों के समीकरणों तथा शाब्दिक प्रश्नों को समीकरणों में परिवर्तित करके हल करना सीख चुके हैं।अब हमारे मस्तिष्क में स्वभावतः यह प्रश्न उठता है कि “क्या शाब्दिक प्रश्नों को सदैव एक समीकरण के रूप में

Partial Differentiation Euler Theorem

ऑयलर प्रमेय से आंशिक अवकलन का परिचय (Introduction to Partial Differentiation Euler Theorem): ऑयलर प्रमेय से आंशिक अवकलन (Partial Differentiation Euler Theorem):इससे पूर्व आर्टिकल में हमने केवल एक ही स्वतन्त्र चर (Independent Variable) वाले फलनों पर विचार किया था और उन्हीं के अवकलन ज्ञात कि थे।परन्तु व्यवहार में बहुधा हमको ऐसे फलनों का सामना करना

Triple Integral

त्रि-समाकल का परिचय (Introduction to Triple Integral): त्रि-समाकल (Triple Integral):इसके द्वारा आयतन का मान आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।आयतन त्रिविम समष्टि का क्षेत्र होता है इसलिए इसमें तीन बार समाकलन करके आयतन का मान ज्ञात किया जाता है।नीचे त्रि-समाकल का अर्थ बताया गया है। आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने

Triple integral

त्रि-समाकल का परिचय (Introduction to Triple Integral): त्रि-समाकल (Triple Integral):किसी भी त्रिविमीय आकृति का आयतन ज्ञात करने में त्रि-समाकल का अनुप्रयोग किया जाता है।कितनी भी जटिल आकृति हो उसका आयतन त्रि-समाकलन द्वारा आसानी ज्ञात किया जा सकता है।त्रि-समाकल का मान ज्ञात करने की विधि नीचे दी गई है। आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे