9 Top Tips for Employee to Perform Job
1.एम्प्लॉई के लिए जॉब करने की 9 टॉप टिप्स (9 Top Tips for Employee to Perform Job),एम्प्लाॅईज जाॅब में निपुणता कैसे हासिल करें? (How to Master Employees Job?):
- एम्प्लॉई के लिए जॉब करने की 9 टॉप टिप्स (9 Top Tips for Employee to Perform Job) पर अमल करने पर जॉब में सिद्धहस्त हो सकेंगे।जाॅब जीवन का एक अहम हिस्सा होता है।पारिवारिक जीवन का जाॅब पर और जाॅब की कार्यशैली का पारिवारिक जीवन पर असर पड़ता है।परंतु एक कुशल एम्प्लाॅई जॉब में कुशलता तो प्राप्त करता है ही साथ ही पारिवारिक दायित्वों को भी बखूबी निभाता हैं।
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2.फाइलों को सही और उचित स्थान पर रखें (Keep the files in the right and proper place):
- हालाँकि आधुनिक युग में काम ऑनलाइन होते जा रहे हैं अतः काम पेपरलेस और कम से कम फाइलों के द्वारा होते जा रहे हैं।फिर भी मैन्युअल काम बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है।अपनी टेबल पर फाइलों को बिखरी हुई ना रखें।यदि आलमारी या रेक है तो उनको यथास्थान रखें। जो ज्यादा जरूरी फाइलें हैं वे ही टेबल पर रखें।फाइलों को ढंग से और उचित प्रकार से रखें,बिखरी हुई या बेतरतीब न रखें।इससे आपका मन जॉब करने में लगेगा।
- यथास्थान फाइलों को रखने से आपको ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।अनुभवी और समझदार एम्प्लाॅई की टेबल,अलमारी में रखी फाइल ही सूचना दे देती है।जो एम्प्लाॅई लापरवाह व बेपरवाह होते हैं वे फाइलों को इधर-उधर पटक देते हैं,बिखरी हुई रखते हैं और फिर जरूरत के समय ढूंढते रहते हैं।
- डॉक्यूमेंट और ऑफिशियल ऑर्डर्स को यथास्थान फाइलों में नत्थी करके रखें ताकि जरूरत पड़ने पर नियम,निर्देश व आदेशों को देखा जा सके।फाइल के ऊपर विषय डाल दें ताकि आपको पता चल सके कि कौन-सी फाइल किस विषय से संबंधित है।किस फाइल में कौन-से नियम व आदेश नत्थी किए हुए हैं आदि।
3.समय प्रबंधन की कला सीखें (Learn the Art of Time Management):
- ऑफिस को मौज-मस्ती और वक्त गुजारने का अड्डा न समझें।याद रखें आज सब काम ऑनलाइन होते जा रहे हैं अतः आपके सीनियर्स व ऑफिसर्स तत्काल पता लगा लेते हैं कि कौन एम्प्लाॅई कितना काम करता है और कितना काम निपटाने में दिलचस्पी लेता है।आपके काम के आधार पर ही आपकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार होती है और उसी के आधार पर आपकी तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
- आप पुराने कर्मचारी हैं तो इसका यह मतलब नहीं है कि ऑफिस के समय को गाॅसिप,मनोरंजन व इधर-उधर की बातों में व्यतीत करें।यदि ऑफिस का काम निपटाने के बाद आपके पास समय बचता है तो आप अपने जाॅब से संबंधित कोई नई बात सीख सकते हैं।काम को स्मार्ट तरीके से कैसे निपटाएँ इसके बारे में कुछ नई बातों को सीख सकते हैं।अपने जाॅब में परफेक्शन लाने की कोशिश करें।अपने सहकर्मियों की मदद कर सकते हैं या कोई नया एम्प्लाॅई है तो उसकी मदद कर सकते हैं इससे आपके अनुभव में वृद्धि होगी ही साथ ही आपकी अच्छी इमेज बनेगी।आप ऑफिसर्स और सीनियर्स की गुड बुक में आ जाएंगे।आदमी का काम ही प्यारा होता है उसका शरीर या रंग रूप नहीं।काम के साथ-साथ आपका व्यवहार मधुर व विनम्र होगा तो सोने पर सुहागा हो जाएगा।
4.अपनी बात रखने का तरीका (How to make your point):
- आपकी कोई समस्या है तो उसे पेपर या नोटबुक पर लिख लें।बार-बार सहकर्मी,सीनियर्स को पूछना सही तरीका नहीं है।सहकर्मी तथा सीनियर्स भी अपने काम का निपटारा कर रहे होते हैं अतः बार-बार पूछने से वे डिस्टर्ब होते हैं और उनका काम भी प्रभावित होता है।
- यदि किसी मुद्दे या समस्या को पहले निपटाना जरूरी है और आप उसे सुलझा नहीं पा रहे हैं तो अपने सीनियर्स से विनम्रता से अपनी समस्या बताएं और यह भी बताएं कि इसे बाद के लिए टाला जाना उचित नहीं है,इस कार्य को जल्दी निपटाना अत्यावश्यक है।
- किसी भी मुद्दे या मुद्दों को रखते समय स्वयं भी तैयार होकर जाएं,उसके हर पहलू को समझें और फिर रखें।आपस में वार्ता करने से किसी समस्या एवं मुद्दे को सुलझाना आसान होता है।जहां तक हो सके स्वयं ही किसी भी समस्या या मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करें।यदि प्रयास करने पर भी सुलझ नहीं रहा है तो ऐसे मुद्दों को नोटबुक में लिख लें और एक साथ मौका देखकर अपने सहकर्मी या सीनियर से पूछें।मौका देखने से तात्पर्य है कि वह खाली बैठे हों या बहुत ज्यादा व्यस्त ना हों।उनकी व्यस्तता को देखते हुए मुद्दों को उनके पास सुलझाएं।आप भी अनुभवी हैं और इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि यदि आप स्वयं व्यस्त होंगे तो दूसरों की सहायता करना आपके लिए असंभव होगा।
- अपनी व्यक्तिगत बातों,समस्याओं या ऑफिस के बाहर,जाॅब से हटकर किसी विषय को लेकर किसी से वार्ता करने से बचें।ऑफिस कार्य ही निपट नहीं पाता है और वैसे भी व्यक्तिगत बातों की चर्चा करना ऑफिस समय को बर्बाद करने की समान है,भले ही वह बात या समस्या आपके लिए कितनी ही महत्त्वपूर्ण हो।आजकल ऑनलाइन प्लेटफार्म भी है जहां आप अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
5.निजी जीवन का जॉब पर प्रभाव न पड़ने दें (Don’t let personal life affect your job):
- अक्सर जिन एम्प्लाॅईज की निजी जिंदगी में कोई समस्या होती है,लड़ाई-झगड़ा होता है उसका प्रभाव ऑफिस के कार्य पर भी पड़ने लगता है।स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है,ऑफिस के काम को दिलचस्पी से नहीं करते हैं।इसका कारण होता है निजी जीवन और ऑफिस के काम को संतुलित नहीं कर पाना।ऑफिस वर्क जितना महत्त्वपूर्ण है उतना ही महत्त्वपूर्ण पारिवारिक और निजी जीवन भी है।
- किसी भी एक पक्ष को महत्त्व देना जीवन में असंतुलन पैदा कर देता है।यदि आप किसी व्यक्तिगत समस्या से जूझ भी रहे हैं तो तनाव प्रबंधन करें,कुछ समय ध्यान व योगासन को भी दें।इससे आपके निजी जीवन में समस्याओं का ऑफिस वर्क पर प्रभाव नहीं पड़ेगा और ऑफिस के वर्कलोड का निजी जीवन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।घर-परिवार को भी समय दें,उनकी समस्याओं को भी सुलझाएं।
- ऑफिस वर्क को प्राथमिकता के अनुसार निपटाएंगे तो ऑफिस में वर्कलोड नहीं बढ़ेगा।अक्सर हम ऑफिस में गाॅसिप या इधर-उधर की बातों में अपना वक्त बरबाद कर देते हैं,ऐसी स्थिति में वर्कलोड तो बढ़ेगा ही उसका प्रभाव एम्प्लाॅई की मानसिक स्थिति पर पड़ेगा और उससे निजी जीवन भी प्रभावित होगा।अतः पहले जरूरी काम निपटाएँ और फिर कुछ समय मनोरंजन के लिए दें।
6.जाॅब को यूनिक तरीके से करें (Do the job in a unique way):
- तकनीक बदल रही है,काम करने के ढंग बदल रहे हैं,कस्टमर की पसंद बदल रही है अर्थात् हर चीज में,सोच में,पसंदगी आदि में बदलाव देखने को मिल रहा है।आपको भी जिस जाॅब का चार्ज दिया गया है उस जाॅब के बारे में सोचें कि इसको हटकर और स्मार्ट तरीके से कैसे किया जा सकता है ताकि सीनियर्स को,ऑफिसर्स को,कस्टमर को वह पसंद आए।
- शुरू-शुरू में हो सकता है कि आपको इसका आईडिया नहीं सूझ रहा हो परंतु यदि आप अपने चिंतन-मनन करने की क्षमता बढ़ाएंगे और ज्ञान तथा स्किल सीखने पर अपने आप को फोकस करेंगे तो धीरे-धीरे आपको भी नए-नए आइडिया और ढंग सूझने लगेंगे।
- केवल रुटीन तरीके से काम को समाप्त करके या एक ही ढर्रे से काम में नवीनता नहीं आएगी और न आपका काम प्रोग्रेसिव हो सकेगा।किसी भी काम को करने में नवीनता,प्रगतिशीलता (progressive),परिवर्तनशीलता (changebility) ये तीन तत्त्व होते हैं तो काम हटकर,स्मार्ट और यूनीक लगता है।
- अगर आप इन तीनों तत्त्वों को ध्यान में रखेंगे तो आपका काम जीवन्त हो उठेगा,आपके अनुभव में उत्तरोत्तर वृद्धि होती जाएगी।इन तीनों तत्त्वों के अभाव में कोई भी काम निर्जीव सा लगता है।आधुनिक युग का यह फ़लसफा है कि इसे यूनिक तरीके से करें।यह केवल तरक्की के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि जॉब सेटिस्फेक्शन के लिए भी जरूरी है।किसी काम को निर्जीव,बोझ समझ कर,हताशा या निराशा के साथ करें और जिंदादिली,हर्षोल्लास,उत्साह,उमंग के साथ करें तो दोनों में बहुत फर्क होगा।दूसरे तरीके से करने पर किए गए कार्य से हम स्वयं,ऑफिसर,सीनियर्स या कस्टमर सभी प्रसन्न होंगे जबकि पहले तरीके में ऐसा नहीं होगा।एम्प्लाॅई का काम ही बोल देगा कि उसे किस मानसिकता के साथ किया गया है।
7.छवि को लेकर सजग रहे (Be aware of the image):
- अक्सर एम्प्लाॅईज उसके (स्वयं) बारे में सहकर्मियों व सीनियर्स या ऑफिसर्स के बीच क्या इमेज बन रही है इसके प्रति जागरूक नहीं रहते हैं।अतः यह जानने की कोशिश करें कि आपके प्रति ऑफिस में कैसी धारणा बन रही है।यदि धारणा अच्छी बन रही है तो उसे और बेहतर कैसे बनाई जा सकती है,इस पर विचार-चिंतन करें।जिन कार्यों की वजह से आपकी इमेज अच्छी बन रही है उनको आगे और बढ़ायें तथा ऐसे ही अन्य कार्यों को शामिल करें।
- यदि आपके बारे में धारणा या इमेज गलत बन रही है तो आपको सतर्क और सावधान हो जाना चाहिए।यदि आपकी कार्यशैली में कुछ गलत है तो उसका मूल्यांकन करें।सही कार्य करने की वजह से गलत इमेज बन रही है तो चुपचाप अपना काम करते रहें।जैसे कोई ईमानदार एम्प्लॉई है तो बेईमान एम्प्लाॅईज को अखरता है,वे उसे पसंद नहीं करते हैं।अच्छे,नेक कार्य की एक न एक दिन पूछ होती है और उसकी इमेज स्थायी बनती है।आपके सीनियर्स और ऑफिसर्स इसे जरूर समझेंगे।परंतु यदि आप कुछ गलत कर रहे हैं तो उसमें तुरंत सुधार कर लें।जैसे ऑफिस में देरी से आना,ऑफिस में गाॅसिप में समय बर्बाद करना आदि। आप को आत्मनिरीक्षण करते रहना चाहिए।हमेशा सजग,जागरूक और सावधान रहें।
8.करियर को ऊंचाइयों पर ले जाएं (Take career to new heights):
- करियर को टॉप पर पहुंचाने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना जरूरी है।करियर में ग्रोथ करने के लिए अपनी योग्यता,क्षमता और रुचि के अनुसार कैरियर का चुनाव करना जरूरी है।यदि आपने इन सब बातों पर गौर किया है और अपनी मौलिक प्रतिभा के अनुसार ही कैरियर का चुनाव किया है तो अब बारी आती है इसमें ग्रोथ करने की।
- करियर में ग्रोथ करने के लिए केवल प्रोफेशनल डिग्री होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अपने करियर से संबंधित लोगों से कनेक्टिविटी रखना भी जरूरी है ताकि आपको पता लग सके कि आपके जॉब में क्या कुछ बदलाव हो रहा है और भविष्य में क्या बदलाव हो सकता है।इसे पहचान कर आप अपने आप में बदलाव कर सकें और समय के साथ चल सकें।क्योंकि जो समय के साथ,आधुनिक युग के साथ अपने आप में बदलाव नहीं करता है वह पिछड़ जाता है।
- जाॅब से संबंधित स्किल,टेक्नोलॉजी सीखें,लगातार सीखते रहें।सीखते रहेंगे तो पिछड़ेंगे नहीं,आगे बढ़ते रहेंगे।आप अपने आस-पास नजर दौड़ा कर देख लें कि जो एम्प्लाॅई अपने अंदर बदलाव नहीं करता है,नई टेक्निक नहीं सीखता है,नई बातों और काम करने के ढंग में बदलाव करने में आनाकानी करता है,ऐसे एम्प्लाॅई की छँटनी कर दी जाती है।
- आज के युग में केवल जॉब प्राप्त करना और उससे संबंधित प्रोफेशनल डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है।उस जाॅब में उपयोग होने वाली नई से नई टेक्निक को भी सीखना जरूरी है,भविष्य की आहट को समझना जरूरी है।हर कार्य को छोटा न समझ कर पूरी दिलचस्पी के साथ करना होता है।आपकी छोटी-छोटी बातों,छोटे-छोटे कार्यों को देखा जाता है और परखा जाता है।
- अपनी विफलता के कारणों को जानकर उन्हें दूर करना जरूरी है।आपके जॉब में जो अनुभवी (एक्सपर्ट्स) हैं उनसे सीखते रहें,वे शीर्ष पर कैसे पहुँचे इसे जाने और स्वयं भी उन बातों पर अमल करें।अपनी पहचान बनाएं।पहचान बनती है किसी भी काम को बेस्ट तरीके से करने से,पूर्ण दिलचस्पी से करने पर,अपना 100% एफर्ट (efforts) लगाने पर।
- जो भी काम दिया जाए उसे परफेक्शन के साथ करें। उसके बारे में जानकारी हासिल करें कि किस लेवल से यह कार्य किया जा रहा है और उसे ऊँचे लेवल पर कैसे किया जा सकता है जिससे यह कार्य यूनिक लगे।यदि आपको आपके जाॅब से हटकर जिम्मेदारी दी गई है तो भी धैर्य और अनुभव से उस कार्य को इस तरह से करें जैसे आप एक सिद्धहस्त उस काम के जानकार हैं।यदि आप पूर्ण समर्पण के साथ करेंगे तो कोई कारण नहीं है कि किसी काम की क्वालिटी हल्की होगी।किसी काम को हम बेमन से करते हैं,तभी ऐसी स्थिति पैदा होती है।आप यह न सोचें कि उसके जाॅब से हटकर जिम्मेदारी क्यों दी गई है? आप यह सोचें कि जाॅब से हटकर जो जिम्मेदारी दी गई है उसे स्वयं को प्रूव करने का अवसर है और ऐसे अवसर को हाथ से न जाने दें।उसे प्राणपण से पूरा करें।चुनौतियां ही हमारे लिए अवसर होती है और यदि चुनौतियों को स्वीकार नहीं करेंगे तो न तो हमारी ग्रोथ हो सकेगी और न हमारी पर्सनैलिटी डवलप होगी। अपनी छिपी प्रतिभा को उभारे और अवसर को किसी भी कीमत पर हाथ से न जाने दें।आप देखेंगे आपकी यह क्वालिटी ही आपको शीर्ष (टॉप) पर पहुंचा देगी,आप स्वयं चकित रह जाएंगे।
- उपर्युक्त आर्टिकल में एम्प्लॉई के लिए जॉब करने की 9 टॉप टिप्स (9 Top Tips for Employee to Perform Job),एम्प्लाॅईज जाॅब में निपुणता कैसे हासिल करें? (How to Master Employees Job?) के बारे में बताया गया है।
Also Read This Article:जाॅब में ग्रोथ बढ़ाने की 9 तकनीक
9.एम्पलाॅई की काबिलियत (हास्य-व्यंग्य) (Employee Competence) (Humour-Satire):
- एम्प्लॉई:मैनेजर साहब ज्यादा काबिल कौन है मैं या आप?
- मैनेजर:मैं क्योंकि एक तो मैं तुमसे सीनियर हूं,दूसरा मेरा पद भी बड़ा है और तीसरा मेरा तजुर्बा भी तुमसे ज्यादा है।
- एम्प्लाॅई:फिर तो आप जानते होंगे कि कस्टमर लोन चुकाते हैं उसकी एंट्री कैसे की जाती है और डिफाल्टर रहने पर पेनल्टी कितनी लगाई जाती है।
- मैनेजरःमेरा काम हस्ताक्षर करना है।
- एम्प्लाॅईःइसे ही काबिलियत का हैजा कहते हैं।
10.एम्प्लॉई के लिए जॉब करने की 9 टॉप टिप्स (Frequently Asked Questions Related to 9 Top Tips for Employee to Perform Job),एम्प्लाॅईज जाॅब में निपुणता कैसे हासिल करें? (How to Master Employees Job?) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.अलग पहचान कैसे बनें? (How to become a different identity?):
उत्तर:अपनी मौलिक प्रतिभा को उभारे और अपनी स्किल इस तरह से डवलप करें जो बिल्कुल हटकर और यूनिक दिखाई दे।अपने जॉब को डूब कर करें,अलग लुक दें।
प्रश्न:2.क्या प्लानिंग जरूरी है? (Is planning necessary?):
उत्तर:किसी भी कार्य को पूरी प्लानिंग के साथ करना चाहिए परंतु सबसे जरूरी चीज है उसका क्रियान्वयन। बिना अमल किये योजना का कोई महत्त्व नहीं है।योजना हमें केवल यह बताती है कि किस दिशा में और कितना आगे बढ़ना है।
प्रश्न:3.एम्पलाई की ग्रोथ का मुख्य आधार क्या है? (What is the main basis of employee growth?):
उत्तर:जाॅब का प्रेक्टिकल अनुभव,नई स्किल सीखने की ललक,हमेशा सीखते रहना,भविष्य का पूर्वानुमान लगाने की क्षमता,कनेक्टिविटी आदि मुख्य आधार है।
- उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा एम्प्लॉई के लिए जॉब करने की 9 टॉप टिप्स (9 Top Tips for Employee to Perform Job),एम्प्लाॅईज जाॅब में निपुणता कैसे हासिल करें? (How to Master Employees Job?) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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Satyam
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